सावधान! अब OTP चुराकर हो रहे हैं ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड
Wednesday - November 13, 2019 10:25 am ,
Category : WTN HINDI
आपकी ग़लतियों का फ़ायदा उठाते हैं ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले
ग़लती, लालच और लापरवाही से आप बन सकते हैं ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार
NOV 13 (WTN) – आजकल के आधुनिक युग में बैंक सम्बन्धित कामों के लिए आप ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल तो करते ही होंगे। एक समय था जब बैंक सम्बन्धित किसी छोटे से काम के लिए भी आपका काफ़ी समय बर्बाद होता था। लेकिन ऑनलाइन बैंकिंग सुविधा होने से बैंक सम्बन्धित काम घर बैठे मोबाइल से हो जाते हैं। लेकिन ऑनलाइन बैंकिंग सुविधा जितनी सुविधाजनक है, यह उतनी ही रिस्की भी है। ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल करते समय यदि यूज़र ने जल्दबाज़ी में ग़लती की या फ़िर लालच या लापरवाही दिखाई तो उसके साथ ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड हो सकता है।
देखा गया है कि ज़्यादातर यूज़र्स की ग़लतियों के कारण ही ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड के मामले बढ़ते जा रहे हैं। यदि आप भी ऑनलाइनन बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं तो आपको काफ़ी सतर्क रहने की ज़रूरत है। वहीं ऑनलाइन शॉपिंग के समय तो यूज़र्स को और भी ज़्यादा सतर्क रहने की ज़रूरत है। दरअसल, फ्रॉड करने वालों के निशाने पर ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले यूज़र्स आजकल ज़्यादा है। क्या है यह पूरा मामला, आइये आपको विस्तार से बताते हैं।
जैसा कि आप जानते हैं कि ऑनलाइन शॉपिंग करते समय OTP (One Time Password) को सबसे सुरक्षित तरीक़ा माना जाता है। लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आजकल ओटीपी भी सुरक्षित नहीं रहा है। इन दिनों कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें फ्रॉड करने वालों ने ऑनलाइन बैंकिंग यूज़र्स से चालाकी से ओटीपी मांग लिया या फ़िर उसके स्मार्टफ़ोन को हैक करके ओटीपी चुरा लिया।
कुछ मामलों में तो फ्रॉड करने वाले इतने दुस्साही हो गये हैं कि ओटीपी हासिल करने के लिए वे बैंक जाकर ख़ुद को असली अकाउण्ट होल्डर बताकर बैंक अकाउण्ट में दर्ज रजिस्टर्ड फ़ोन नम्बर ही बदलवा दे रहे हैं। रजिस्टर्ड नम्बर बदलने के बाद ओटीपी, फ्रॉड करने वाले के मोबाइल नम्बर पर आने लगता है और इस तरह से चालाकी करके फ्रॉड करने वाले सम्बन्धित अकाउण्ट होल्डर के बैंक अकाउण्ट का अनाधिकृत रूप से इस्तेमाल करने लगते हैं।
इतना ही नहीं, फ्रॉड करने वाले ओटीपी हासिल करने के लिए एक दूसरा तरीक़ा भी अपना रहे हैं। इसके लिए फ्रॉड करने वाले मोबाइल ऑपरेटर के पास फर्जी आईडी प्रूफ जमा करके डुप्लीकेट सिम ले लेते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान मोबाइल ऑपरेटर नई सिम जारी करते समय ही पुराने सिम को डीऐक्टिवट कर देते हैं। इस तरह फ्रॉड करने वाले डुप्लीकेट सिम पर ओटीपी हासिल कर पीड़ित बैंक अकाउण्ट होल्डर के अकाउण्ट का अनाधिकृत तरीक़े से इस्तेमाल करते हैं।
इस तरह का फ्रॉड आपके साथ भी हो सकता है, इसलिए हमारी आपसे गुज़ारिश है कि ऑनलाइन बैंकिंग का यदि आप इस्तेमाल कर रहे हैं तो सावधानी बरतें। सबसे पहले तो जिस स्मार्टफ़ोन, लैपटॉप या डेस्कटॉप का इस्तेमाल आप ऑनलाइन बैंकिंग के लिए कर रहे हैं उसमें एंटी वायरस और सॉफ्टवेयर की सुरक्षा के लिए नवीनतम उपाय होने चाहिए। हमेशा ही अपने बैंकिंग पासवर्ड को मजबूत बनाएं और समय-समय पर उसे बदलते रहें।
कभी भी किसी भी फ़ोन कॉल, मैसेज या ई-मेल के लालच में ना पड़ें और फिशिंग और विशिंग से सतर्क और सावधान रहें। किसी को भी अपना ओटीपी, पासवर्ड और बैंक अकाउण्ट सम्बन्धित या निजी जानकारी ना बताएं। ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल कभी भी साइबर कैफे या फ़िर पब्लिक वाईफाई का इस्तेमाल करके ना करें। अपने स्मार्टफ़ोन और उसमें इन्स्टॉल बैंकिंग ऐप के साथ-साथ वॉलेट को हमेशा लॉक रखें। याद रखिए आपकी सावधानी से ही आपका बैंक अकाउण्ट सुरक्षित रह सकता है, यदि आपने ग़लती या लापरवाही की या लालच दिखाया तो आप ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड का शिकार हो सकते हैं।
NOV 13 (WTN) – आजकल के आधुनिक युग में बैंक सम्बन्धित कामों के लिए आप ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल तो करते ही होंगे। एक समय था जब बैंक सम्बन्धित किसी छोटे से काम के लिए भी आपका काफ़ी समय बर्बाद होता था। लेकिन ऑनलाइन बैंकिंग सुविधा होने से बैंक सम्बन्धित काम घर बैठे मोबाइल से हो जाते हैं। लेकिन ऑनलाइन बैंकिंग सुविधा जितनी सुविधाजनक है, यह उतनी ही रिस्की भी है। ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल करते समय यदि यूज़र ने जल्दबाज़ी में ग़लती की या फ़िर लालच या लापरवाही दिखाई तो उसके साथ ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड हो सकता है।
देखा गया है कि ज़्यादातर यूज़र्स की ग़लतियों के कारण ही ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड के मामले बढ़ते जा रहे हैं। यदि आप भी ऑनलाइनन बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं तो आपको काफ़ी सतर्क रहने की ज़रूरत है। वहीं ऑनलाइन शॉपिंग के समय तो यूज़र्स को और भी ज़्यादा सतर्क रहने की ज़रूरत है। दरअसल, फ्रॉड करने वालों के निशाने पर ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले यूज़र्स आजकल ज़्यादा है। क्या है यह पूरा मामला, आइये आपको विस्तार से बताते हैं।
जैसा कि आप जानते हैं कि ऑनलाइन शॉपिंग करते समय OTP (One Time Password) को सबसे सुरक्षित तरीक़ा माना जाता है। लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आजकल ओटीपी भी सुरक्षित नहीं रहा है। इन दिनों कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें फ्रॉड करने वालों ने ऑनलाइन बैंकिंग यूज़र्स से चालाकी से ओटीपी मांग लिया या फ़िर उसके स्मार्टफ़ोन को हैक करके ओटीपी चुरा लिया।
कुछ मामलों में तो फ्रॉड करने वाले इतने दुस्साही हो गये हैं कि ओटीपी हासिल करने के लिए वे बैंक जाकर ख़ुद को असली अकाउण्ट होल्डर बताकर बैंक अकाउण्ट में दर्ज रजिस्टर्ड फ़ोन नम्बर ही बदलवा दे रहे हैं। रजिस्टर्ड नम्बर बदलने के बाद ओटीपी, फ्रॉड करने वाले के मोबाइल नम्बर पर आने लगता है और इस तरह से चालाकी करके फ्रॉड करने वाले सम्बन्धित अकाउण्ट होल्डर के बैंक अकाउण्ट का अनाधिकृत रूप से इस्तेमाल करने लगते हैं।
इतना ही नहीं, फ्रॉड करने वाले ओटीपी हासिल करने के लिए एक दूसरा तरीक़ा भी अपना रहे हैं। इसके लिए फ्रॉड करने वाले मोबाइल ऑपरेटर के पास फर्जी आईडी प्रूफ जमा करके डुप्लीकेट सिम ले लेते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान मोबाइल ऑपरेटर नई सिम जारी करते समय ही पुराने सिम को डीऐक्टिवट कर देते हैं। इस तरह फ्रॉड करने वाले डुप्लीकेट सिम पर ओटीपी हासिल कर पीड़ित बैंक अकाउण्ट होल्डर के अकाउण्ट का अनाधिकृत तरीक़े से इस्तेमाल करते हैं।
इस तरह का फ्रॉड आपके साथ भी हो सकता है, इसलिए हमारी आपसे गुज़ारिश है कि ऑनलाइन बैंकिंग का यदि आप इस्तेमाल कर रहे हैं तो सावधानी बरतें। सबसे पहले तो जिस स्मार्टफ़ोन, लैपटॉप या डेस्कटॉप का इस्तेमाल आप ऑनलाइन बैंकिंग के लिए कर रहे हैं उसमें एंटी वायरस और सॉफ्टवेयर की सुरक्षा के लिए नवीनतम उपाय होने चाहिए। हमेशा ही अपने बैंकिंग पासवर्ड को मजबूत बनाएं और समय-समय पर उसे बदलते रहें।
कभी भी किसी भी फ़ोन कॉल, मैसेज या ई-मेल के लालच में ना पड़ें और फिशिंग और विशिंग से सतर्क और सावधान रहें। किसी को भी अपना ओटीपी, पासवर्ड और बैंक अकाउण्ट सम्बन्धित या निजी जानकारी ना बताएं। ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल कभी भी साइबर कैफे या फ़िर पब्लिक वाईफाई का इस्तेमाल करके ना करें। अपने स्मार्टफ़ोन और उसमें इन्स्टॉल बैंकिंग ऐप के साथ-साथ वॉलेट को हमेशा लॉक रखें। याद रखिए आपकी सावधानी से ही आपका बैंक अकाउण्ट सुरक्षित रह सकता है, यदि आपने ग़लती या लापरवाही की या लालच दिखाया तो आप ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड का शिकार हो सकते हैं।