मध्यमवर्ग को मोदी सरकार देने जा रही ‘सौगात’
Tuesday - November 19, 2019 3:41 pm ,
Category : WTN HINDI
मध्यमवर्ग को मिलेगी मोदी सरकार की तरफ़ से बड़ी राहत
पीएम मोदी की पहल से अब पब्लिक हेल्थ केयर कवर योजना का लाभ उठा सकेगा मध्यमवर्ग
NOV 19 (WTN) – 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में जीत हासिल कर नरेन्द्र मोदी ने साबित कर दिया है कि वे राजनीति के कितने बड़े रणनीतिकार हैं। दोनों ही लोकसभा चुनाव में भाजपा को अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल हुआ, और कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष का सूपड़ा साफ़ हो गया। प्रखर राष्ट्रवाद के दम पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दोनों ही चुनावों में जनता का विश्वास हासिल किया और इतनी बड़ी जीत हासिल की। लेकिन राजनीतिक के जानकार मोदी जानते हैं कि चुनाव में जीत हासिल करना अलग बात है और जीत के बाद जनता के विश्वास पर खरा उतरना अलग बात। इसी कारण से प्रधानमंत्री मोदी अपने अभी तक के कार्यकाल में इसी कोशिश में हैं कि ऐसे काम किये जाएं जो कि जनता के हित में हों।
किसी भी देश की जनता अपने देश की सरकार से आशा करती है सरकार उनकी स्वास्थ्य सम्बन्धित ज़रूरतों को पूरा करे। यानी कि जनता की मांग है कि उनको स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से तुरन्त और कम से कम दाम पर उपलब्ध हो सकें। जैसा कि आप जानते हैं कि एक आम मध्यमवर्गीय व्यक्ति का ज़्यादातर पैसा इलाज पर ख़र्च होता है। ग़रीबी रेखा के नीचे जीवन जी रहे लोगों के लिए तो सरकारों की तरफ़ से कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन मध्यववर्गीय लोगों के लिए ना तो सरकार की तरफ़ से कोई उचित पब्लिक हेल्थ केयर कवर स्कीम उपलब्ध हो पाती है और ना ही उनके पासा पैसा इतना पैसा होता है कि वे किसी बड़ी बीमारी में अपना इलाज किसी बड़े अस्पताल में करा सकें।
जैसा कि आप जानते हें कि भारत का मध्यवर्गीय दुनिया का सबसे बड़ा मध्यमवर्ग है। वहीं यही मध्यमवर्ग भारत में सरकार बनाने में बहुत बड़ी भूमिका अदा करता है। राजनीति के जानकारों के मुताबिक़, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत में इसी मध्यमवर्ग की काफ़ी बड़ी भूमिका रही है। अब इसी मध्यमवर्ग को सहूलियतें देने और इस बड़े वोट बैंक को अपनी तरफ़ बनाए रखने के लिए मोदी सरकार उन्हें एक बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है। जानकारी के मुताबिक़, मोदी सरकार मध्यमवर्ग के लिए पहली बार एख पब्लिक हेल्थ केयर कवर देने जा रही है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हेल्थ केयर की यह व्यवस्था उन लोगों के लिए होगी जो अब तक किसी पब्लिक हेल्थकेयर सिस्टम के दायरे में नहीं आते हैं। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, नीति आयोग ने इस योजना का ड्रॉफ्ट तैयार कर लिया है। इस नई स्वास्थ्य प्रणाली में उनको शामिल नहीं किया जाएगा जो आयुष्मान भारत योजना के दायरे में नहीं आते हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि आयुष्मान भारत योजना का लाभ उन ग़रीब लोगों को मिलता है, जो ख़ुद कोई स्वास्थ्य बीमा योजना लेने की स्थिति में नहीं हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के तहत देश की कुल जनसंख्या का क़रीब 40 प्रतिशत हिस्सा कवर होता है और इसमें ग़रीबों को 5 लाख रुपये तक का बीमा मिलता है।
आंकड़ों के मुताबिक़, देश की क़रीब 50 प्रतिशत जनसंख्या अभी भी किसी सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ी हुई नहीं है। इसी के मद्देनजऱ मोदी सरकार ऐसे ही लोगों के लिए उनसे मामूली राशि लेकर ऐसी प्रणाली तैयार कर रही है, जिससे मध्यमवर्गीय लोगों की स्वास्थ्य सम्बन्धित ज़रूरतों को पूरा किया जा सके। कहा जा रहा है कि मोदी सरकार की इस योजना के मुताबिक़, मध्यम वर्गीय लोगों को इस योजना में बेहतर पब्लिक हेल्थ केयर कवर की व्यवस्था के लिए 200 से 300 रुपये देने पड़ सकते हैं, जो कि उनके लिए कोई ज़्यादा रक़म नहीं है। अभी तक मध्यमवर्गीय लोगों के लिए सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है। ऐसे में मोदी सरकार की इस पहल से देश में ऐसा पहली बार होगा, जब मध्यमवर्गीय लोग सरकार की किसी योजना के तहत पब्लिक हेल्थ केयर कवर का फायदा उठा सकेंगे।
NOV 19 (WTN) – 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में जीत हासिल कर नरेन्द्र मोदी ने साबित कर दिया है कि वे राजनीति के कितने बड़े रणनीतिकार हैं। दोनों ही लोकसभा चुनाव में भाजपा को अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल हुआ, और कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष का सूपड़ा साफ़ हो गया। प्रखर राष्ट्रवाद के दम पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दोनों ही चुनावों में जनता का विश्वास हासिल किया और इतनी बड़ी जीत हासिल की। लेकिन राजनीतिक के जानकार मोदी जानते हैं कि चुनाव में जीत हासिल करना अलग बात है और जीत के बाद जनता के विश्वास पर खरा उतरना अलग बात। इसी कारण से प्रधानमंत्री मोदी अपने अभी तक के कार्यकाल में इसी कोशिश में हैं कि ऐसे काम किये जाएं जो कि जनता के हित में हों।
किसी भी देश की जनता अपने देश की सरकार से आशा करती है सरकार उनकी स्वास्थ्य सम्बन्धित ज़रूरतों को पूरा करे। यानी कि जनता की मांग है कि उनको स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से तुरन्त और कम से कम दाम पर उपलब्ध हो सकें। जैसा कि आप जानते हैं कि एक आम मध्यमवर्गीय व्यक्ति का ज़्यादातर पैसा इलाज पर ख़र्च होता है। ग़रीबी रेखा के नीचे जीवन जी रहे लोगों के लिए तो सरकारों की तरफ़ से कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन मध्यववर्गीय लोगों के लिए ना तो सरकार की तरफ़ से कोई उचित पब्लिक हेल्थ केयर कवर स्कीम उपलब्ध हो पाती है और ना ही उनके पासा पैसा इतना पैसा होता है कि वे किसी बड़ी बीमारी में अपना इलाज किसी बड़े अस्पताल में करा सकें।
जैसा कि आप जानते हें कि भारत का मध्यवर्गीय दुनिया का सबसे बड़ा मध्यमवर्ग है। वहीं यही मध्यमवर्ग भारत में सरकार बनाने में बहुत बड़ी भूमिका अदा करता है। राजनीति के जानकारों के मुताबिक़, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत में इसी मध्यमवर्ग की काफ़ी बड़ी भूमिका रही है। अब इसी मध्यमवर्ग को सहूलियतें देने और इस बड़े वोट बैंक को अपनी तरफ़ बनाए रखने के लिए मोदी सरकार उन्हें एक बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है। जानकारी के मुताबिक़, मोदी सरकार मध्यमवर्ग के लिए पहली बार एख पब्लिक हेल्थ केयर कवर देने जा रही है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हेल्थ केयर की यह व्यवस्था उन लोगों के लिए होगी जो अब तक किसी पब्लिक हेल्थकेयर सिस्टम के दायरे में नहीं आते हैं। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, नीति आयोग ने इस योजना का ड्रॉफ्ट तैयार कर लिया है। इस नई स्वास्थ्य प्रणाली में उनको शामिल नहीं किया जाएगा जो आयुष्मान भारत योजना के दायरे में नहीं आते हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि आयुष्मान भारत योजना का लाभ उन ग़रीब लोगों को मिलता है, जो ख़ुद कोई स्वास्थ्य बीमा योजना लेने की स्थिति में नहीं हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के तहत देश की कुल जनसंख्या का क़रीब 40 प्रतिशत हिस्सा कवर होता है और इसमें ग़रीबों को 5 लाख रुपये तक का बीमा मिलता है।
आंकड़ों के मुताबिक़, देश की क़रीब 50 प्रतिशत जनसंख्या अभी भी किसी सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ी हुई नहीं है। इसी के मद्देनजऱ मोदी सरकार ऐसे ही लोगों के लिए उनसे मामूली राशि लेकर ऐसी प्रणाली तैयार कर रही है, जिससे मध्यमवर्गीय लोगों की स्वास्थ्य सम्बन्धित ज़रूरतों को पूरा किया जा सके। कहा जा रहा है कि मोदी सरकार की इस योजना के मुताबिक़, मध्यम वर्गीय लोगों को इस योजना में बेहतर पब्लिक हेल्थ केयर कवर की व्यवस्था के लिए 200 से 300 रुपये देने पड़ सकते हैं, जो कि उनके लिए कोई ज़्यादा रक़म नहीं है। अभी तक मध्यमवर्गीय लोगों के लिए सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है। ऐसे में मोदी सरकार की इस पहल से देश में ऐसा पहली बार होगा, जब मध्यमवर्गीय लोग सरकार की किसी योजना के तहत पब्लिक हेल्थ केयर कवर का फायदा उठा सकेंगे।