ई-मेल के इस्तेमाल में ‘लालच’ या ‘लापरवाही’ पड़ सकती है भारी
Friday - November 22, 2019 2:02 pm ,
Category : WTN HINDI
ई-मेल के ज़रिये हो सकता है फ्रॉड
लॉटरी ऑफर और प्रोमोशनल ई-मेल से रहें सावधान!
NOV 22 (WTN) – आप यदि ई-मेल का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको रोज़ कई तरह के मेल आते ही होंगे। रोज़ाना आने वाले मेल में से मेल भेजने वाले कई लोगों को तो आप जानते होंगे, लेकिन कई मेल आपको ऐसे आते होंगे जिनके सेण्डर के बारे में आप नहीं जानते हैं। यानी कि इस तरह के मेल प्रोमोशन वाले या किसी कम्पनी की तरफ़ से सूचना सम्बन्धित होते हैं। लेकिन कई बार प्रोमोशन वाले ई-मेल धोखा देने वाले ज़्यादा होते हैं। यदि कोई भी ई-मेल यूज़र इस तरह के धोखा देने वाले ई-मेल के लालच में आ जाता है या फ़िर इन ई-मेल के साथ लापरवाही बरतता है, तो उसे काफ़ी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
जीहां यदि आपको भी इस तरह के प्रोमोशन वाले ई-मेल आते हैं तो ज़रा सावधान हो जाइये, क्योंकि प्रोमोशन वाले ई-मेल में कुछ मेल फ्रॉड मेल भी हो सकते हैं और इन फ्रॉड मेल के चक्कर में आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आज हम आपको बताते हैं कि ई-मेल का इस्तेमाल करते समय आपको किस तरह की सावधानी का प्रयोग करना चाहिए, जिससे आप ई-मेल फ्रॉड से बच सकें।
सबसे पहले तो ई-मेल का इस्तेमाल करते समय पूरी तरह से सतर्क रहें और कभी भी ऐसे ई-मेल को ओपन ना करें जिसके सेण्डर के बारे में आप नहीं जानते हैं। सेण्डर संदिग्ध लगने या फ़िर प्रोमोशनल ई-मेल होने की स्थिति में बिना ई-मेल ओपन किये ही मेल को डिलिट कर दीजिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि कुछ मेल ऐसे भी हो सकते हैं जिन्हें क्लिक करने के बाद आपका सिस्टम या मोबाइल हैक हो जाए। आपका सिस्टम या मोबाइल हैक होने की स्थिति में हैकर्स आपकी डेटा चुरा सकते हैं।
वहीं लॉटरी के ज़रिये पैसा जीतने वाले ई-मेल पर तो कतई भी भरोसा नहीं करें। इस तरह के मेल के ज़रिये ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले आपकी बैंक डिटेल और आपकी निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। और अपनी इस कोशिश में कामयाब होने के बाद ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले आपके बैंक अकाउण्ट को और डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड को हैक कर सकते हैं। याद रखिये कि जब भी आपको किसी भी तरह का कोई भी ई-मेल आए, तो सबसे पहले उस ई-मेल की सब्जेक्ट लाइन को ध्यान से पढ़ना चाहिए। ई-मेल की सब्जेक्ट लाइन से स्पष्ट हो जाता है कि ई-मेल किस कैटिगिरी का है।
वहीं यदि आपको क्रेटिट कार्ड बनवाने के नाम से कोई ई-मेल आता है, तो आपको और भी ज़्यादा सतर्क रहने की ज़रूरत है। देखा गया है कि कई लोगों को ई-मेल पर ऐसे मेल आते हैं कि किसी बैंक ने उनका क्रेडिट कार्ड अप्रूव कर दिया है और इसके लिए एक फॉर्म भरने की ज़रूरत है। लेकिन हमेशा में ध्यान में रखिए कि कोई भी बैंक कभी भी क्रेडिट कार्ड अप्रूवल का किसी भी तरह का कोई भी मैसेज ई-मेल पर नहीं भेजती है। यदि आपने ग़लती से भी ऐसे किसी फॉर्म को ऑनलाइन भर दिया, तो आपकी बैंक सम्बन्धित और निजी जानकारियां हैकर्स को पता लग सकती हैं।
ध्यान रखिए कि क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए इस तरह के मेल ज़्यादातर ऐसे लोगों के पास आते हैं जो कि ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड के बारे में सर्च करते हैं और जो क्रेडिट कार्ड बनवाने की प्रक्रिया के बारे में ऑनलाइन जानकारी जुटाते हैं। लेकिन हमारी आपको सलाह है कि इस तरह के ई-मेल पर कभी भी भरोसा नहीं करें और इनके साथ कभी भी बैंक डिटेल या फ़िर निजी जानकारी शेयर ना करें। इस तरह के ई-मेल सेण्ड करने वाले आपके बैंक अकाउण्ट को हैक कर सकते हैं और आपको आर्थिक हानि हो सकती है।
यदि आपको ई-मेल पर रिक्वेस्ट ई-मेल आती हैं तो भी आपको सावधान रहने की ज़रूरत है। दरअसल, देखा गया है कि कई लोगों को इनबॉक्स या स्पैम में किसी तरह के अनुरोध के लिए कुछ मेल आते हैं। यह ज़्यादातर मेल एनजीओ के नाम से आते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि शायद ही इस तरह के ई-मेल एनजीओ द्वारा भेजे जाते हैं। यदि आपको इस तरह के रिक्वेस्ट ई-मेल आते हैं तो बेहतर यही होगा कि आप इस तरह के किसी भी ई-मेल पर तुरन्त ही क्लिक ना करें। इस तरह के ई-मेल को हो सके तो तुरन्त ही डिलिट कर दें।
NOV 22 (WTN) – आप यदि ई-मेल का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको रोज़ कई तरह के मेल आते ही होंगे। रोज़ाना आने वाले मेल में से मेल भेजने वाले कई लोगों को तो आप जानते होंगे, लेकिन कई मेल आपको ऐसे आते होंगे जिनके सेण्डर के बारे में आप नहीं जानते हैं। यानी कि इस तरह के मेल प्रोमोशन वाले या किसी कम्पनी की तरफ़ से सूचना सम्बन्धित होते हैं। लेकिन कई बार प्रोमोशन वाले ई-मेल धोखा देने वाले ज़्यादा होते हैं। यदि कोई भी ई-मेल यूज़र इस तरह के धोखा देने वाले ई-मेल के लालच में आ जाता है या फ़िर इन ई-मेल के साथ लापरवाही बरतता है, तो उसे काफ़ी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
जीहां यदि आपको भी इस तरह के प्रोमोशन वाले ई-मेल आते हैं तो ज़रा सावधान हो जाइये, क्योंकि प्रोमोशन वाले ई-मेल में कुछ मेल फ्रॉड मेल भी हो सकते हैं और इन फ्रॉड मेल के चक्कर में आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आज हम आपको बताते हैं कि ई-मेल का इस्तेमाल करते समय आपको किस तरह की सावधानी का प्रयोग करना चाहिए, जिससे आप ई-मेल फ्रॉड से बच सकें।
सबसे पहले तो ई-मेल का इस्तेमाल करते समय पूरी तरह से सतर्क रहें और कभी भी ऐसे ई-मेल को ओपन ना करें जिसके सेण्डर के बारे में आप नहीं जानते हैं। सेण्डर संदिग्ध लगने या फ़िर प्रोमोशनल ई-मेल होने की स्थिति में बिना ई-मेल ओपन किये ही मेल को डिलिट कर दीजिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि कुछ मेल ऐसे भी हो सकते हैं जिन्हें क्लिक करने के बाद आपका सिस्टम या मोबाइल हैक हो जाए। आपका सिस्टम या मोबाइल हैक होने की स्थिति में हैकर्स आपकी डेटा चुरा सकते हैं।
वहीं लॉटरी के ज़रिये पैसा जीतने वाले ई-मेल पर तो कतई भी भरोसा नहीं करें। इस तरह के मेल के ज़रिये ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले आपकी बैंक डिटेल और आपकी निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। और अपनी इस कोशिश में कामयाब होने के बाद ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले आपके बैंक अकाउण्ट को और डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड को हैक कर सकते हैं। याद रखिये कि जब भी आपको किसी भी तरह का कोई भी ई-मेल आए, तो सबसे पहले उस ई-मेल की सब्जेक्ट लाइन को ध्यान से पढ़ना चाहिए। ई-मेल की सब्जेक्ट लाइन से स्पष्ट हो जाता है कि ई-मेल किस कैटिगिरी का है।
वहीं यदि आपको क्रेटिट कार्ड बनवाने के नाम से कोई ई-मेल आता है, तो आपको और भी ज़्यादा सतर्क रहने की ज़रूरत है। देखा गया है कि कई लोगों को ई-मेल पर ऐसे मेल आते हैं कि किसी बैंक ने उनका क्रेडिट कार्ड अप्रूव कर दिया है और इसके लिए एक फॉर्म भरने की ज़रूरत है। लेकिन हमेशा में ध्यान में रखिए कि कोई भी बैंक कभी भी क्रेडिट कार्ड अप्रूवल का किसी भी तरह का कोई भी मैसेज ई-मेल पर नहीं भेजती है। यदि आपने ग़लती से भी ऐसे किसी फॉर्म को ऑनलाइन भर दिया, तो आपकी बैंक सम्बन्धित और निजी जानकारियां हैकर्स को पता लग सकती हैं।
ध्यान रखिए कि क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए इस तरह के मेल ज़्यादातर ऐसे लोगों के पास आते हैं जो कि ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड के बारे में सर्च करते हैं और जो क्रेडिट कार्ड बनवाने की प्रक्रिया के बारे में ऑनलाइन जानकारी जुटाते हैं। लेकिन हमारी आपको सलाह है कि इस तरह के ई-मेल पर कभी भी भरोसा नहीं करें और इनके साथ कभी भी बैंक डिटेल या फ़िर निजी जानकारी शेयर ना करें। इस तरह के ई-मेल सेण्ड करने वाले आपके बैंक अकाउण्ट को हैक कर सकते हैं और आपको आर्थिक हानि हो सकती है।
यदि आपको ई-मेल पर रिक्वेस्ट ई-मेल आती हैं तो भी आपको सावधान रहने की ज़रूरत है। दरअसल, देखा गया है कि कई लोगों को इनबॉक्स या स्पैम में किसी तरह के अनुरोध के लिए कुछ मेल आते हैं। यह ज़्यादातर मेल एनजीओ के नाम से आते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि शायद ही इस तरह के ई-मेल एनजीओ द्वारा भेजे जाते हैं। यदि आपको इस तरह के रिक्वेस्ट ई-मेल आते हैं तो बेहतर यही होगा कि आप इस तरह के किसी भी ई-मेल पर तुरन्त ही क्लिक ना करें। इस तरह के ई-मेल को हो सके तो तुरन्त ही डिलिट कर दें।