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सनस्क्रीन के ग़लत इस्तेमाल की नासमझी साबित हो सकती है जानलेवा

Friday - November 22, 2019 3:58 pm , Category : WTN HINDI
सोच समझकर करें सनस्क्रीन का प्रयोग
सोच समझकर करें सनस्क्रीन का प्रयोग

कहीं आप तो नहीं करते सनस्क्रीन इस्तेमाल करने में ग़लतियां?

NOV 22 (WTN) - यदि आप सनस्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं, तो यह लेख आपके काफ़ी काम का है। यदि आप नासमझी या लापरवाही के चलते सनस्क्रीन का सही तरीक़े से इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो आपकी यही नासमझी और लापरवाही आपकी त्वचा के लिए हानिकारक हो सकती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ज़रूरत से ज़्यादा सनस्क्रीन के इस्तेमाल से आपकी हड्डियों कमज़ोर हो सकती हैं। दरअसल, हाल ही में चीन के झेजियांग प्रांत में रहने वाली 20 साल की युवती जियाओ माओ ने दावा किया है कि सनस्क्रीन के ज़्यादा इस्तेमाल से उसकी हड्डियां कमज़ोर हो गई हैं और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है।
 
माओ का कहना है कि ज़्यादा सनस्क्रीन के इस्तेमाल से उसकी 10 पसलियां टूट चुकी हैं। हालांकि, माओ के इस दावे को डॉक्टर्स ने पूरी तरह से खारिज नहीं किया है। डॉक्टर के मुताबिक़, सनस्क्रीन लोशन का ज़्यादा इस्तेमाल करने से माओ को सूर्य की रोशनी से मिलने वाला विटामिन डी पर्याप्त रूप से नहीं मिल पाया और इसी कारण से उसकी हड्डियां कमज़ोर हो गईं।
 
चीन की इस घटना के बारे में पढ़ने के बाद आप भी सतर्क हो जाएं, क्योंकि यदि आपने अपनी त्वचा के अनुकूल सनस्क्रीन नहीं लगाई, तो हो सकता है कि आपको परेशानी का सामना करना पड़े। सबसे पहले तो पूरी कोशिश करें कि सनस्क्रीन का आप इस्तेमाल ना ही करें। यदि धूप से बचना है तो इसके लिए सूती कपड़ा सबसे बढ़िया विकल्प है।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कुछ सनस्क्रीन प्रोडक्ट में Aminobenzoic acid or para-aminobenzoic acid/PABA मौजूद होते हैं, जो कि आपके चेहरे पर दाग़ बना सकते हैं। दरअसल, सनस्क्रीन में मौजूद कुछ तत्व आपकी त्वचा को बहुत अधिक सेंसेटिव बना देते हैं। वहीं यदि किसी सनस्क्रीन को लगाने के बाद आपको अपनी त्वचा पर लाल दाग़ या खुजली महसूस होती है, तो उसे तुरंत धो लेना ही बेहतर है और भूलकर भी ऐसी क्रीम का इस्तेमाल ना करें।
 
वहीं यदि आपको किसी डॉक्टर ने मेडिकेशन के तौर पर सनस्क्रीन का इस्तेमाल करने के लिए कहा है तो ही सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना आपके लिए बेहतर है। यदि डॉक्टर द्वारा प्रिस्कावइ की गई सनस्क्रीन को लगाने से आपको कोई भी परेशान होती है तो इस बारे में डॉक्टर को तुरन्त ही बताएं।
 
देखा गया है कि कई बार सनस्क्रीन से त्वचा पर कई तरह की एलर्जी भी हो जाती है। दरअसल, सबकी त्वचा अलग होती है इसलिए क्रीम का रिएक्शन भी सभी की त्वचा पर अलग प्रकार का होता है। सनस्क्रीन लगाने के बाद यदि आपकी त्वचा पर किसी भी प्रकार की जलन, खुजली या दाद होती है या फ़िर आपको आलस आता है या फ़िर सांस लेने में परेशानी होती है, तो तुरन्त ही इस बारे में डॉक्टर से सम्पर्क करें।
 
वहीं यदि आपकी त्वचा तैलीय है तो जेल या स्प्रे में उपलब्ध सनस्क्रीन ही लगाएं, लेकिन इस तरह की सनस्क्रीन का बार-बार इस्तेमाल न करें। वहीं अगर आपकी त्वचा तैलीय की बजाय त्वचा रूखी है, तो लोशन या क्रीम के रूप में उपलब्ध सनस्क्रीन ही लगाएं। हमेशा ऐसी सनस्क्रीन ही लगाएं जो आपको स्वाभाविक और प्राकृतिक लुक दे और साथ ही आपके चेहरे को चिपचिपा ना रखे और पसीना आने से रोक सके।

यदि आप सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना ही चाहते हैं, तो हमेशा UVA और UVB से सुरक्षा प्रदान करने वाले सनस्क्रीन का ही प्रयोग करें, क्योंकि UVA किरणों के कारण झुर्रियां पड़ जाती हैं और चेहरे का रंग काला पड़ने लगता है। वहीं UVB किरणों से टैनिंग होने के साथ ही त्वचा सम्बन्धी कैंसर होने की आशंका रहती है। इसलिए दोनों हानिकारक किरणों से सुरक्षा प्रदान करने वाली सनस्क्रीन का सही तरीक़े से इस्तेमाल ही आपके लिए बेहतर होगा। लेकिन फ़िर भी हम एक बार आपको सलाह देंगे कि सनस्क्रीन का इस्तेमाल करने से अच्छा होगा कि आप धूप से बचने के लिए सूती कपड़े का ही इस्तेमाल करें।