मोदी सरकार के ‘इस’ फ़ैसले से देश को होगी क़रीब 12,000 करोड़ रुपयों की बचत
Friday - November 29, 2019 3:28 pm ,
Category : WTN HINDI
नेशनल हाइवे पर एक दिसम्बर से फास्टैग होगा अनिवार्य
फास्टैग से बचेगा ईंधन और वक़्त, देश को होगा हज़ारों करोड़ रुपयों का फ़ायदा
NOV 29 (WTN) - परिवर्तन प्रकृति का नियम है, और समय-समय पर परिवर्तन होना ज़रूरी भी है। परिवर्तन से ही नये युग का सूत्रपात होता है, और परिवर्तन से ही मनुष्य जीवन की परेशानियां दूर होती हैं या फ़िर आसान होती हैं। कुछ इसी तरह का परिवर्तन अब नेशनल हाइवे के टोल प्लाज़ा पर होने जा रहा है। इस परिवर्तन की सहायता से ना केवल देश का करोड़ों रूपयों का ईंधन बचेगा, बल्कि तेज़ी से विकसित होते भारत के लोगों का काफ़ी समय पर बचेगा। हम बात कर रहे हैं एक दिसम्बर से नेशनल हाइवे पर अनिवार्य किये जा रहे फास्टैग के बारे में।
जैसा कि आप जानते हैं कि जब भी आप टोल प्लाज़ा से गुजरते हैं, तो आपको टोल प्लाज़ा पर कुछ टोल टैक्स चुकाना पड़ता है और तभी आपका वाहन टोल नाके को क्रास कर सकता है। टोल प्लाज़ा पर टोल टैक्स का भुगतान फ़िलहाल आप नक़द करते हैं। लेकिन एक दिसम्बर से टोल प्लाज़ा पर टोल टैक्स का भुगतान ऑटोमैटिक तरीक़े से फास्टैग के ज़रिये होगा। दरअसल, फास्टैग एक ऐसी डिवाइस जो कि वाहनों के विण्ड स्क्रीन पर लगी रहेगी। टोल प्लाज़ा पर लगे स्कैनर फास्टैग डिवाइस को स्कैन करेंगे और जैसे ही वाहन टोल प्लाज़ा से क्रास होगा, वाहन पर लगे फास्टैग से अपने आप टोल टैक्स का भुगतान नेशनल हाइवे ऑथोरिटी को हो जाएगा। दरअसल, फास्टैग यूज़र के बैंक अकाउण्ट से कनेक्ट रहेगा या फ़िर यूज़र इसे समय-समय पर रिचार्ज भी करा सकते हैं।
अब आप सोच रहे होंगे कि फास्टैग के इस्तेमाल के क्या कुछ फ़ायदे सरकार को और वाहन चालकों को होंगे, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एक रिसर्च के मुताबिक़, फास्टैग के इस्तेमाल से भारत को क़रीब 12,000 करोड़ रुपयों की वार्षिक बचत होगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आईआईटी से पढ़े विद्यार्थियों ने बुल्सआई टेक्नोलॉजी नाम से एक स्टार्टअप शुरू किया है। इस स्टार्टअप की रिपोर्ट के अनुसार, फास्टैग के इस्तेमाल से वाहन टोल प्लाज़ा पर रुकेंगे नहीं, जिससे ईंधन की बचत होगी। वहीं टोल प्लाज़ा पर वाहनों के ना रुकने से लोगों का क़ीमती समय भी बचेगा। ईंधन और समय की बचत के हिसाब से देश को क़रीब 12,000 करोड़ रुपयों की बचत का अनुमान लगाया जा रहा है।
टोल प्लाज़ा पर फास्टैग के इस्तेमाल का सबसे ज़्यादा फ़ायदा वाहन चालकों को ही होगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि उन्हें टोल टैक्स के भुगतान के लिए रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे उनके वाहन का ईंधन बचेगा और साथ ही उनके क़ीमती वक़्त की भी बचत होगी। नेशनल हाइवे से फास्टैग लगे वाहन अब बिना रुके टोल प्लाज़ा क्रास कर सकते हैं। वहीं यदि किसी टोल प्लाज़ा पर स्कैनर में कोई ख़राबी आ जाती है और स्कैनर वाहन पर लगे फास्टैग को स्कैन नहीं कर पाता है तो इस परिस्थिति के लिए वाहन चालक ज़िम्मेदार नहीं रहेगा। स्कैनर द्वारा फास्टैग स्कैन ना करने की स्थिति में वाहन चालक टोल प्लाज़ा से बिना कोई टोल टैक्स चुकाए गुजरने का हक़दार होगा। लेकिन यदि कोई वाहन एक दिसम्बर के बाद फास्टैग के बिना “फास्टैग लेन” में प्रवेश करता है, तो उसे दोगुना टोल टैक्स चुकाना पड़ेगा।
आंकड़े बता रहे हैं कि दिनों दिन फास्टैग की बिक्री में इज़ाफ़ा होता जा रहा है। जानकारी के मुताबिक़, अभी तक क़रीब 70 लाख से ज़्यादा फास्टैग की बिक्री हो चुकी है। मोदी सरकार ने राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (NETC) कार्यक्रम को पूरे देशभर में लागू किया है, जिससे टोल प्लाज़ा पर होने वाली बाधाओं को कम या ख़त्म करके यातायात को सरल और टोल टैक्स कलेक्शन को आसान बनाया जा सके।
कहा जा सकता है मोदी सरकार की इस दूरदर्शी और महात्वाकांक्षी योजना से देश को क़रीब 12,000 करोड़ रुपयों की बचत होगी। यदि आपका भी नेशनल हाइवे से गुजरना होता है और आपने अभी तक अपने वाहन में फास्टैग नहीं लगवाया है, तो फ़िर जल्द ही अपने वाहन में फास्टैग लगा लें, जिससे आपकी गाड़ी के ईंधन की बचत तो होगी ही साथ ही आपका क़ीमती वक़्त भी बचेगा।
NOV 29 (WTN) - परिवर्तन प्रकृति का नियम है, और समय-समय पर परिवर्तन होना ज़रूरी भी है। परिवर्तन से ही नये युग का सूत्रपात होता है, और परिवर्तन से ही मनुष्य जीवन की परेशानियां दूर होती हैं या फ़िर आसान होती हैं। कुछ इसी तरह का परिवर्तन अब नेशनल हाइवे के टोल प्लाज़ा पर होने जा रहा है। इस परिवर्तन की सहायता से ना केवल देश का करोड़ों रूपयों का ईंधन बचेगा, बल्कि तेज़ी से विकसित होते भारत के लोगों का काफ़ी समय पर बचेगा। हम बात कर रहे हैं एक दिसम्बर से नेशनल हाइवे पर अनिवार्य किये जा रहे फास्टैग के बारे में।
जैसा कि आप जानते हैं कि जब भी आप टोल प्लाज़ा से गुजरते हैं, तो आपको टोल प्लाज़ा पर कुछ टोल टैक्स चुकाना पड़ता है और तभी आपका वाहन टोल नाके को क्रास कर सकता है। टोल प्लाज़ा पर टोल टैक्स का भुगतान फ़िलहाल आप नक़द करते हैं। लेकिन एक दिसम्बर से टोल प्लाज़ा पर टोल टैक्स का भुगतान ऑटोमैटिक तरीक़े से फास्टैग के ज़रिये होगा। दरअसल, फास्टैग एक ऐसी डिवाइस जो कि वाहनों के विण्ड स्क्रीन पर लगी रहेगी। टोल प्लाज़ा पर लगे स्कैनर फास्टैग डिवाइस को स्कैन करेंगे और जैसे ही वाहन टोल प्लाज़ा से क्रास होगा, वाहन पर लगे फास्टैग से अपने आप टोल टैक्स का भुगतान नेशनल हाइवे ऑथोरिटी को हो जाएगा। दरअसल, फास्टैग यूज़र के बैंक अकाउण्ट से कनेक्ट रहेगा या फ़िर यूज़र इसे समय-समय पर रिचार्ज भी करा सकते हैं।
अब आप सोच रहे होंगे कि फास्टैग के इस्तेमाल के क्या कुछ फ़ायदे सरकार को और वाहन चालकों को होंगे, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एक रिसर्च के मुताबिक़, फास्टैग के इस्तेमाल से भारत को क़रीब 12,000 करोड़ रुपयों की वार्षिक बचत होगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आईआईटी से पढ़े विद्यार्थियों ने बुल्सआई टेक्नोलॉजी नाम से एक स्टार्टअप शुरू किया है। इस स्टार्टअप की रिपोर्ट के अनुसार, फास्टैग के इस्तेमाल से वाहन टोल प्लाज़ा पर रुकेंगे नहीं, जिससे ईंधन की बचत होगी। वहीं टोल प्लाज़ा पर वाहनों के ना रुकने से लोगों का क़ीमती समय भी बचेगा। ईंधन और समय की बचत के हिसाब से देश को क़रीब 12,000 करोड़ रुपयों की बचत का अनुमान लगाया जा रहा है।
टोल प्लाज़ा पर फास्टैग के इस्तेमाल का सबसे ज़्यादा फ़ायदा वाहन चालकों को ही होगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि उन्हें टोल टैक्स के भुगतान के लिए रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे उनके वाहन का ईंधन बचेगा और साथ ही उनके क़ीमती वक़्त की भी बचत होगी। नेशनल हाइवे से फास्टैग लगे वाहन अब बिना रुके टोल प्लाज़ा क्रास कर सकते हैं। वहीं यदि किसी टोल प्लाज़ा पर स्कैनर में कोई ख़राबी आ जाती है और स्कैनर वाहन पर लगे फास्टैग को स्कैन नहीं कर पाता है तो इस परिस्थिति के लिए वाहन चालक ज़िम्मेदार नहीं रहेगा। स्कैनर द्वारा फास्टैग स्कैन ना करने की स्थिति में वाहन चालक टोल प्लाज़ा से बिना कोई टोल टैक्स चुकाए गुजरने का हक़दार होगा। लेकिन यदि कोई वाहन एक दिसम्बर के बाद फास्टैग के बिना “फास्टैग लेन” में प्रवेश करता है, तो उसे दोगुना टोल टैक्स चुकाना पड़ेगा।
आंकड़े बता रहे हैं कि दिनों दिन फास्टैग की बिक्री में इज़ाफ़ा होता जा रहा है। जानकारी के मुताबिक़, अभी तक क़रीब 70 लाख से ज़्यादा फास्टैग की बिक्री हो चुकी है। मोदी सरकार ने राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (NETC) कार्यक्रम को पूरे देशभर में लागू किया है, जिससे टोल प्लाज़ा पर होने वाली बाधाओं को कम या ख़त्म करके यातायात को सरल और टोल टैक्स कलेक्शन को आसान बनाया जा सके।
कहा जा सकता है मोदी सरकार की इस दूरदर्शी और महात्वाकांक्षी योजना से देश को क़रीब 12,000 करोड़ रुपयों की बचत होगी। यदि आपका भी नेशनल हाइवे से गुजरना होता है और आपने अभी तक अपने वाहन में फास्टैग नहीं लगवाया है, तो फ़िर जल्द ही अपने वाहन में फास्टैग लगा लें, जिससे आपकी गाड़ी के ईंधन की बचत तो होगी ही साथ ही आपका क़ीमती वक़्त भी बचेगा।