आपकी ग़लती, लापरवाही और लालच के इंतज़ार में इंटरनेट के जालसाज!
Monday - December 2, 2019 10:56 am ,
Category : WTN HINDI
इंटरनेट पर सर्चिंग के दौरान रहें सतर्क और सावधान
यदि की ‘यह’ ग़लती तो ख़ाली हो जाएगा आपका बैंक अकाउण्ट!
DEC 02 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि एक समय था जब पैसों की चोरी प्रत्यक्ष रूप से की जाती थी, लेकिन समय के साथ-साथ चोरी करने का तरीक़ा भी बदल गया है। अब चोरी प्रत्यक्ष तरीक़े के साथ-साथ अप्रत्यक्ष तरीक़े से भी की जा रही है। अप्रत्यक्ष रूप से चोरी से मतलब है कि चोर आपने पास ना आकर डिजिटल तरीक़े से आपके साथ फ्रॉड करते हैं। दरअसल, यदि आप स्मार्टफ़ोन का इस्तेमाल करते हैं और डिटिजल ट्रांजेक्शन के लिए पेटीएम या फ़िर किसी भी तरह के ई-वॉलेट का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आपको सावधान रहते की काफ़ी ज़रूरत है। ऐसा इसलिए, क्योंकि यदि आपने ज़रा सी भी लापरवाही बरती और ग़लती या लालच किया तो आप डिजिटल फ्रॉड का शिकार हो सकते हैं।
दरअसल, जैसा कि आप जानते हैं कि इंटरनेट पर जानकारी हासिल करने और कामकाज की ज़रूरतें पूरा करने के अलावा फ्रॉड करने वालों के लिए आजकल इंटरनेट एक बढ़िया प्लेटफॉर्म बनता जा रहा है। इंटरनेट पर जालसाजी कर फ्रॉड करने वाले ई-वॉलेट का इस्तेमाल करने वाले लोगों की ग़लती, लालच और लापरवाही का फ़ायदा उठाते हैं। आप सोच रहे होंगे कि आख़िर जालसाज यह काम कैसे करते हैं, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जालसाजों के पास फ्रॉड करने के कई तरीक़े होते हैं। लेकिन एक तरीक़ा इन दिनों काफ़ी ज़्यादा इस्तेमाल में लाया जा रहा है, जिसका शिकार काफ़ी लोग हो रहे हैं।
यह नया तरीक़ा है इंटरनेट पर सर्च करने वाले लोगों के साथ फ्रॉड करना। दरअसल, जब भी कोई इंटरनेट यूज़र किसी भी जानकारी को हासिल करने के लिए नेट पर उसके बारे में सर्च करता है, तो इंटरनेट सर्चिंग में उसे और ज़्यादा जानकारी हासिल करने के लिए किसी कम्पनी या सर्विस के मोबाइल नम्बर या वेबसाइट के बारे में पता चलता है। इंटरनेट यूज़ करने वाले इन्हीं नम्बर्स या वेबसाइट के ज़रिये जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। लेकिन यही पर यूज़र्स ग़लती कर जाते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इंटरनेट पर कोई भी जानकारी के लिए सर्चिंग के दौरान मिलने वाले नम्बर्स और वेबसाइट हर बार सही ही हों यह ज़रूरी नहीं है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आजकल जालसाज इंटरनेट पर ग़लत नम्बर और फ्रॉड वेबसाइट की जानकारी डालकर लोगों को अपनी जालसाजी का शिकार बनाते हैं।
जब आप इस तरह के फ्रॉड नम्बर्स पर कॉल करते हैं, तो कॉल रिसीव करने वाला जालसाज सबसे पहले तो प्रोफेशनल तरीक़े से आपसे बातचीत करेगा और आपसे आपके बारे में पूरी जानकारी हासिल करने की कोशिश करेगा। जानकारी हासिल करने के दौरान जालसाज आपसे एक फॉर्म भरने को भी कह सकता है। जैसे ही आप इस फॉर्म को भरते हैं, तो जालसाज आपसे टोकन मनी के तौर पर 10 से 20 रुपये का ट्राजैक्शन करने को कहता है। जैसी ही आप इस तरह का ट्रांजैक्शन करते हैं, तो आपका फ़ोन नम्बर और बैंकिंग सम्बन्धित डिटेल की जानकारी जालसाज को हासिल हो जाती है।
जैसे ही आप टोकन से ट्रांजैक्शन पूरा करते हैं, उधर जालसाज आपका डेटा हासिल कर आपके बैंक अकाउण्ट का इस्तेमाल करने लगता है और आपके अकाउण्ट के ज़रिये ऑनलाइन शॉपिंग कर लेता है या फ़िर मनी ट्रांसफर कर लेता है। दरअसल, जैसे ही आप कोई ट्रांजैक्शन जालसाज के कहे अनुसार करते हैं, तो आपका पूरा डेटा जालसाजों के सर्वर में चला जाता है और वे इसका दुरूपयोग करने लगते हैं।
तो हमारी आपसे गुजारिश है कि इस तरह के फ्रॉड से केवल और केवल आप तब ही बच सकते हैं, जब आप सतर्क रहेंगे और लालच, ग़लती और लापरवाही से बचेंगे। दरअसल, इंटरनेट पर कई जालसाज हैं जो कि फर्जी पहचान के साथ मौजूद रहते हैं। जब भी आप इंटरनेट पर कुछ भी सर्च करते हैं तो नेट सर्चिंग में इन जालसाजों का नम्बर भी आ सकता है। यदि आपने इन नम्बर्स को असली समझकर कॉल किया, तो कॉल रिसीव करने वाले जालसाज आपको अपनी बातों में फुसलाकर आपसे आपकी निजी और बैंक अकाउण्ट सम्बन्धित जानकारी हासिल कर लेते हैं। तो याद रखिये कि आपकी सावधानी और सतर्कता में ही आपके बैंक अकाउण्ट की सुरक्षा है।
DEC 02 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि एक समय था जब पैसों की चोरी प्रत्यक्ष रूप से की जाती थी, लेकिन समय के साथ-साथ चोरी करने का तरीक़ा भी बदल गया है। अब चोरी प्रत्यक्ष तरीक़े के साथ-साथ अप्रत्यक्ष तरीक़े से भी की जा रही है। अप्रत्यक्ष रूप से चोरी से मतलब है कि चोर आपने पास ना आकर डिजिटल तरीक़े से आपके साथ फ्रॉड करते हैं। दरअसल, यदि आप स्मार्टफ़ोन का इस्तेमाल करते हैं और डिटिजल ट्रांजेक्शन के लिए पेटीएम या फ़िर किसी भी तरह के ई-वॉलेट का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आपको सावधान रहते की काफ़ी ज़रूरत है। ऐसा इसलिए, क्योंकि यदि आपने ज़रा सी भी लापरवाही बरती और ग़लती या लालच किया तो आप डिजिटल फ्रॉड का शिकार हो सकते हैं।
दरअसल, जैसा कि आप जानते हैं कि इंटरनेट पर जानकारी हासिल करने और कामकाज की ज़रूरतें पूरा करने के अलावा फ्रॉड करने वालों के लिए आजकल इंटरनेट एक बढ़िया प्लेटफॉर्म बनता जा रहा है। इंटरनेट पर जालसाजी कर फ्रॉड करने वाले ई-वॉलेट का इस्तेमाल करने वाले लोगों की ग़लती, लालच और लापरवाही का फ़ायदा उठाते हैं। आप सोच रहे होंगे कि आख़िर जालसाज यह काम कैसे करते हैं, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जालसाजों के पास फ्रॉड करने के कई तरीक़े होते हैं। लेकिन एक तरीक़ा इन दिनों काफ़ी ज़्यादा इस्तेमाल में लाया जा रहा है, जिसका शिकार काफ़ी लोग हो रहे हैं।
यह नया तरीक़ा है इंटरनेट पर सर्च करने वाले लोगों के साथ फ्रॉड करना। दरअसल, जब भी कोई इंटरनेट यूज़र किसी भी जानकारी को हासिल करने के लिए नेट पर उसके बारे में सर्च करता है, तो इंटरनेट सर्चिंग में उसे और ज़्यादा जानकारी हासिल करने के लिए किसी कम्पनी या सर्विस के मोबाइल नम्बर या वेबसाइट के बारे में पता चलता है। इंटरनेट यूज़ करने वाले इन्हीं नम्बर्स या वेबसाइट के ज़रिये जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। लेकिन यही पर यूज़र्स ग़लती कर जाते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इंटरनेट पर कोई भी जानकारी के लिए सर्चिंग के दौरान मिलने वाले नम्बर्स और वेबसाइट हर बार सही ही हों यह ज़रूरी नहीं है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आजकल जालसाज इंटरनेट पर ग़लत नम्बर और फ्रॉड वेबसाइट की जानकारी डालकर लोगों को अपनी जालसाजी का शिकार बनाते हैं।
जब आप इस तरह के फ्रॉड नम्बर्स पर कॉल करते हैं, तो कॉल रिसीव करने वाला जालसाज सबसे पहले तो प्रोफेशनल तरीक़े से आपसे बातचीत करेगा और आपसे आपके बारे में पूरी जानकारी हासिल करने की कोशिश करेगा। जानकारी हासिल करने के दौरान जालसाज आपसे एक फॉर्म भरने को भी कह सकता है। जैसे ही आप इस फॉर्म को भरते हैं, तो जालसाज आपसे टोकन मनी के तौर पर 10 से 20 रुपये का ट्राजैक्शन करने को कहता है। जैसी ही आप इस तरह का ट्रांजैक्शन करते हैं, तो आपका फ़ोन नम्बर और बैंकिंग सम्बन्धित डिटेल की जानकारी जालसाज को हासिल हो जाती है।
जैसे ही आप टोकन से ट्रांजैक्शन पूरा करते हैं, उधर जालसाज आपका डेटा हासिल कर आपके बैंक अकाउण्ट का इस्तेमाल करने लगता है और आपके अकाउण्ट के ज़रिये ऑनलाइन शॉपिंग कर लेता है या फ़िर मनी ट्रांसफर कर लेता है। दरअसल, जैसे ही आप कोई ट्रांजैक्शन जालसाज के कहे अनुसार करते हैं, तो आपका पूरा डेटा जालसाजों के सर्वर में चला जाता है और वे इसका दुरूपयोग करने लगते हैं।
तो हमारी आपसे गुजारिश है कि इस तरह के फ्रॉड से केवल और केवल आप तब ही बच सकते हैं, जब आप सतर्क रहेंगे और लालच, ग़लती और लापरवाही से बचेंगे। दरअसल, इंटरनेट पर कई जालसाज हैं जो कि फर्जी पहचान के साथ मौजूद रहते हैं। जब भी आप इंटरनेट पर कुछ भी सर्च करते हैं तो नेट सर्चिंग में इन जालसाजों का नम्बर भी आ सकता है। यदि आपने इन नम्बर्स को असली समझकर कॉल किया, तो कॉल रिसीव करने वाले जालसाज आपको अपनी बातों में फुसलाकर आपसे आपकी निजी और बैंक अकाउण्ट सम्बन्धित जानकारी हासिल कर लेते हैं। तो याद रखिये कि आपकी सावधानी और सतर्कता में ही आपके बैंक अकाउण्ट की सुरक्षा है।