महिला सुरक्षा के मामले में सबसे असुरक्षित देश बन गया है भारत!
Tuesday - December 3, 2019 10:42 am ,
Category : WTN HINDI
भारत में दिनों-दिन बढ़ती ही जा रही हैं दुष्कर्म की वारदातें
महिलाओं को सुरक्षा देने में असफ़ल साबित होता भारतीय समाज
DEC 03 (WTN) – किसी भी देश की क़ानून व्यवस्था कितनी अच्छी है, इस बात का पता उस देश में महिलाओं की सुरक्षा और आज़ादी से लगाया जा सकता है। जिस देश में महिलाएं जितनी ज़्यादा सुरक्षित और आज़ाद हैं, उस देश की क़ानून व्यवस्था को उतना ही बेहतर कहा जा सकता है। भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में महिलाओं की सुरक्षा हमेशा से ही चिन्ता का एक कारण रही है। दिल्ली के दर्दनाक निर्भया केस से लेकर हैदराबाद में वेटनरी डॉक्टर की गैंगरेप और हत्या के मामले दर्शाते हैं कि भारत में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।
थॉमसन रॉयटर्स फाउण्डेशन (Thomson Reuters Foundation) द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक़, भारत पूरी दुनिया में महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित देश है। जीहां जिस देश में देवियों की पूजा की जाती है, उसी भारत देश में महिलाएं पूरी दुनिया में सबसे ज़्यादा असुरक्षित हैं। रॉयटर्स फाउण्डेशन द्वारा किये गये सर्वे में कुल 193 देशों को शामिल किया गया है, जो कि संयुक्त राष्ट्र संघ के सदस्य देश हैं। क़रीब 600 विशेषज्ञों ने इस सर्वे और स्टडी में शिरकत की। इस सर्वे के मुताबिक़ भारत में महिलाओं के साथ दुष्कर्म, महिलाओं की तस्करी और घरेलू हिंसा के मामले सबसे ज़्यादा होते हैं। रॉयटर्स फाउण्डेशन ने दुनिया के 193 देशों में सर्वे किया है और ऐसे 10 देशों की सूची जारी की है, जहां पर महिलाए सबसे ज़्यादा असुरक्षित हैं।
जैसा कि हमने आपको बताया कि भारत दुनिया में महिलाओं के लिए सबसे ज़्यादा असुरक्षित देश है। भारत के बाद इस सूची में अफगानिस्तान का नम्बर आता है। अफगानिस्तान में भी महिलाओं के साथ काफ़ी अत्याचार किया जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अफगानिस्तान में क़रीब 80 प्रतिशत महिलाएं अशिक्षित हैं। तालिबान के आतंक से पीड़ित इस देश की 50 प्रतिशत से ज़्यादा लड़कियों की शादी वयस्क होने से पहले ही कर दी जाती है। रिपोर्ट के मुताबिक़, अफगानिस्तान में क़रीब 75 प्रतिशत महिलाओं की जबरन शादी कर दी जाती है। वहीं अफगानिस्तान में क़रीब 90 प्रतिशत महिलाओं के साथ मारपीट होती है।
अफगानिस्तान के बाद इस सर्वे में महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार के मामलों में सीरिया, सोमालिया और फिर सऊदी अरब का नम्बर आता है। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि सऊदी अरब में तो महिलाओं की हालत इतनी पिछड़ी रही है कि उन्हें वोट देने का अधिकार ही साल 2015 से मिला है। वहीं साल 2018 में सऊदी अरब में महिलाओं को पहली बार ड्राइविंग का इज़ाज़त मिली है। लेकिन सऊदी अरब में अभी भी गार्डियनशिप सिस्टम लागू है। इस सिस्टम के तहत कोई भी महिला जीवनभर अपने पुरुष अभिभावक की मर्ज़ी के बिना कोई भी काम नहीं कर सकती है। यह पुरुष अभिभावक महिला का पिता, पति, बेटा या भाई कोई भी हो सकता है।
सर्वे के मुताबिक़, महिलाओं के लिए पाकिस्तान छठवां सबसे असुरक्षित देश है। पाकिस्तान में घरेलू हिंसा, ऑनर किलिंग और अल्पसंख्यक महिलाओं पर हिंसा के मामले सबसे ज़्यादा होते हैं। इसके अलावा यहां पर महिलाओं के ख़िलाफ़ एसिड अटैक की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। पाकिस्तान में हर साल क़रीब 750 महिलाओं पर एसिड अटैक की घटनाएं सामने आती हैं।
पाकिस्तान के बाद सर्वे के मुताबिक़ महिलाओं के लिए सबसे लिए ज़्यादा असुरक्षित देश है डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो। मध्य अफ्रीका का यह देश पर्यटन के मामले में तो काफ़ी आगे है, लेकिन यहां पर महिलाओं की हालत काफ़ी भयावह और चिन्ताजनक है। साल 1960 में बेल्जियम से आज़ाद होने के बाद भी इस देश में महिलाओं की सुरक्षा अभी भी चिन्ताजनक स्तर पर है। अमेरिकन जर्नल ऑफ़ पब्लिक हेल्थ की एक रिपोर्ट के अनुसार, कांगो में हर दिन क़रीब 1,150 महिलाओं के साथ दुष्कर्ष की वारदात होती हैं।
अफ्रीकी देश कांगो के बाद यमन और नाइज़ीरिया में भी महिलाओं की हालत बद से बदतर है। यह दोनों ही देश महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा में काफ़ी आगे हैं। जानकारी के मुताबिक़ इन देशों में ग़रीबी के कारण 90 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं एनिमिया का शिकार रहती हैं। वहीं इन देशों में महिलाओं के ख़िलाफ़ घरेलू हिंसा और महिलाओं की सेक्स स्लेवरी आम बात है।
इस सर्वे की सूची में सबसे ज़्यादा आश्चर्यजनक नाम अमेरिका का है। जीहां दुनिया की सुपर पावर कहे जाने वाले विकसित देश अमेरिका में भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। पश्चिमी देशों में अमेरिका अकेला ऐसा देश है, जिसका नाम थॉमसन फाउंडेशन ने इस सूची में रखा है और इसकी वजह यहां हुआ #MeToo कैम्पेन माना जा रहा है। हालांकि, कई अन्य बातें भी इस देश को इस सूची में दसवें नम्बर पर रखती हैं, क्योंकि अमेरिका में महिलाओं के ख़िलाफ़ घरेलू हिंसा और दुष्कर्म की वारदातें बढ़ती ही जा रही हैं।
हो सकता है कि रॉयटर्स फाउण्डेशन द्वारा कराए गये सर्वे और उसके द्वारा जारी की गई सूची पर भारत समेत कई देश प्रश्न खड़ा करें। लेकिन हक़ीक़त यही है कि महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा और दुष्कर्म के मामले दिनों-दिन बढ़ते ही जा रहे हैं। जहां तक भारत जैसे देश की बात हैं, तो यहां पर यौन इच्छाओं को पूरा करने के लिए दुष्कर्म जैसे घटनाएं सामने आ रही हैं।
सस्ते इंटरनेट और हर हाथ में स्मार्टफ़ोन होने के बाद अश्लील वीडियो सामग्री आजकल आसानी से सुलभ है, ऐसे में अपनी यौन कुठाओं को पूरा करने के लिए दुष्कर्म, छेड़छाड़ और महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा के मामले दिनों-दिन बढ़ते ही जा रहे हैं। लेकिन अब भारत में महिलाओं की मांग है कि महिलाओं के ख़िलाफ़ घट रही इस तरह की घटनाओं में आरोपियों को सख़्त से सख़्त सज़ा मिलना ही चाहिए, जिससे आने वाले समय में कोई भी इस तरह की वारदात को अन्जाम देने से पहले कई बार सोचे।
DEC 03 (WTN) – किसी भी देश की क़ानून व्यवस्था कितनी अच्छी है, इस बात का पता उस देश में महिलाओं की सुरक्षा और आज़ादी से लगाया जा सकता है। जिस देश में महिलाएं जितनी ज़्यादा सुरक्षित और आज़ाद हैं, उस देश की क़ानून व्यवस्था को उतना ही बेहतर कहा जा सकता है। भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में महिलाओं की सुरक्षा हमेशा से ही चिन्ता का एक कारण रही है। दिल्ली के दर्दनाक निर्भया केस से लेकर हैदराबाद में वेटनरी डॉक्टर की गैंगरेप और हत्या के मामले दर्शाते हैं कि भारत में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।
थॉमसन रॉयटर्स फाउण्डेशन (Thomson Reuters Foundation) द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक़, भारत पूरी दुनिया में महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित देश है। जीहां जिस देश में देवियों की पूजा की जाती है, उसी भारत देश में महिलाएं पूरी दुनिया में सबसे ज़्यादा असुरक्षित हैं। रॉयटर्स फाउण्डेशन द्वारा किये गये सर्वे में कुल 193 देशों को शामिल किया गया है, जो कि संयुक्त राष्ट्र संघ के सदस्य देश हैं। क़रीब 600 विशेषज्ञों ने इस सर्वे और स्टडी में शिरकत की। इस सर्वे के मुताबिक़ भारत में महिलाओं के साथ दुष्कर्म, महिलाओं की तस्करी और घरेलू हिंसा के मामले सबसे ज़्यादा होते हैं। रॉयटर्स फाउण्डेशन ने दुनिया के 193 देशों में सर्वे किया है और ऐसे 10 देशों की सूची जारी की है, जहां पर महिलाए सबसे ज़्यादा असुरक्षित हैं।
जैसा कि हमने आपको बताया कि भारत दुनिया में महिलाओं के लिए सबसे ज़्यादा असुरक्षित देश है। भारत के बाद इस सूची में अफगानिस्तान का नम्बर आता है। अफगानिस्तान में भी महिलाओं के साथ काफ़ी अत्याचार किया जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अफगानिस्तान में क़रीब 80 प्रतिशत महिलाएं अशिक्षित हैं। तालिबान के आतंक से पीड़ित इस देश की 50 प्रतिशत से ज़्यादा लड़कियों की शादी वयस्क होने से पहले ही कर दी जाती है। रिपोर्ट के मुताबिक़, अफगानिस्तान में क़रीब 75 प्रतिशत महिलाओं की जबरन शादी कर दी जाती है। वहीं अफगानिस्तान में क़रीब 90 प्रतिशत महिलाओं के साथ मारपीट होती है।
अफगानिस्तान के बाद इस सर्वे में महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार के मामलों में सीरिया, सोमालिया और फिर सऊदी अरब का नम्बर आता है। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि सऊदी अरब में तो महिलाओं की हालत इतनी पिछड़ी रही है कि उन्हें वोट देने का अधिकार ही साल 2015 से मिला है। वहीं साल 2018 में सऊदी अरब में महिलाओं को पहली बार ड्राइविंग का इज़ाज़त मिली है। लेकिन सऊदी अरब में अभी भी गार्डियनशिप सिस्टम लागू है। इस सिस्टम के तहत कोई भी महिला जीवनभर अपने पुरुष अभिभावक की मर्ज़ी के बिना कोई भी काम नहीं कर सकती है। यह पुरुष अभिभावक महिला का पिता, पति, बेटा या भाई कोई भी हो सकता है।
सर्वे के मुताबिक़, महिलाओं के लिए पाकिस्तान छठवां सबसे असुरक्षित देश है। पाकिस्तान में घरेलू हिंसा, ऑनर किलिंग और अल्पसंख्यक महिलाओं पर हिंसा के मामले सबसे ज़्यादा होते हैं। इसके अलावा यहां पर महिलाओं के ख़िलाफ़ एसिड अटैक की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। पाकिस्तान में हर साल क़रीब 750 महिलाओं पर एसिड अटैक की घटनाएं सामने आती हैं।
पाकिस्तान के बाद सर्वे के मुताबिक़ महिलाओं के लिए सबसे लिए ज़्यादा असुरक्षित देश है डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो। मध्य अफ्रीका का यह देश पर्यटन के मामले में तो काफ़ी आगे है, लेकिन यहां पर महिलाओं की हालत काफ़ी भयावह और चिन्ताजनक है। साल 1960 में बेल्जियम से आज़ाद होने के बाद भी इस देश में महिलाओं की सुरक्षा अभी भी चिन्ताजनक स्तर पर है। अमेरिकन जर्नल ऑफ़ पब्लिक हेल्थ की एक रिपोर्ट के अनुसार, कांगो में हर दिन क़रीब 1,150 महिलाओं के साथ दुष्कर्ष की वारदात होती हैं।
अफ्रीकी देश कांगो के बाद यमन और नाइज़ीरिया में भी महिलाओं की हालत बद से बदतर है। यह दोनों ही देश महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा में काफ़ी आगे हैं। जानकारी के मुताबिक़ इन देशों में ग़रीबी के कारण 90 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं एनिमिया का शिकार रहती हैं। वहीं इन देशों में महिलाओं के ख़िलाफ़ घरेलू हिंसा और महिलाओं की सेक्स स्लेवरी आम बात है।
इस सर्वे की सूची में सबसे ज़्यादा आश्चर्यजनक नाम अमेरिका का है। जीहां दुनिया की सुपर पावर कहे जाने वाले विकसित देश अमेरिका में भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। पश्चिमी देशों में अमेरिका अकेला ऐसा देश है, जिसका नाम थॉमसन फाउंडेशन ने इस सूची में रखा है और इसकी वजह यहां हुआ #MeToo कैम्पेन माना जा रहा है। हालांकि, कई अन्य बातें भी इस देश को इस सूची में दसवें नम्बर पर रखती हैं, क्योंकि अमेरिका में महिलाओं के ख़िलाफ़ घरेलू हिंसा और दुष्कर्म की वारदातें बढ़ती ही जा रही हैं।
हो सकता है कि रॉयटर्स फाउण्डेशन द्वारा कराए गये सर्वे और उसके द्वारा जारी की गई सूची पर भारत समेत कई देश प्रश्न खड़ा करें। लेकिन हक़ीक़त यही है कि महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा और दुष्कर्म के मामले दिनों-दिन बढ़ते ही जा रहे हैं। जहां तक भारत जैसे देश की बात हैं, तो यहां पर यौन इच्छाओं को पूरा करने के लिए दुष्कर्म जैसे घटनाएं सामने आ रही हैं।
सस्ते इंटरनेट और हर हाथ में स्मार्टफ़ोन होने के बाद अश्लील वीडियो सामग्री आजकल आसानी से सुलभ है, ऐसे में अपनी यौन कुठाओं को पूरा करने के लिए दुष्कर्म, छेड़छाड़ और महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा के मामले दिनों-दिन बढ़ते ही जा रहे हैं। लेकिन अब भारत में महिलाओं की मांग है कि महिलाओं के ख़िलाफ़ घट रही इस तरह की घटनाओं में आरोपियों को सख़्त से सख़्त सज़ा मिलना ही चाहिए, जिससे आने वाले समय में कोई भी इस तरह की वारदात को अन्जाम देने से पहले कई बार सोचे।