PCMS & RC की शिक्षा और अनुभव से डॉ विशाल पाटील को मिली शानदार सफ़लता
Thursday - December 5, 2019 12:39 pm ,
Category : WTN HINDI
डॉ विशाल पाटील ने AIIMS द्वारा आयोजित परीक्षा में हासिल किया चौथा स्थान
पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के छात्र रहे डॉ विशाल पाटील ने पाया नया मुक़ाम
DEC 05 (WTN) - प्रतिभा कभी भी किसी भी परिचय की मोहताज नहीं होती है। दरअसल, प्रतिभा ख़ुद अपने आप में इतनी सक्षम होती है कि वो अपना परिचय ख़ुद ही करा देती है। कुछ इसी तरह से अपनी प्रतिभा से अपना परिचय कराया है पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में पढ़े डॉ विशाल पाटील ने। PCMS & RC में साल 2014 बैच के MS (General Surgery) के विद्यार्थी रहे डॉ पाटील ने AIIMS द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की MCH entrance exam परीक्षा में चौथा स्थान हासिल किया है। डॉ पाटील को ऋषिकेश स्थित AIIMS में सेशन 2020 के लिए MCH, ट्रामा सर्जरी एण्ड क्रिटिकल केयर में दाख़िला मिला है।
बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉ विशाल पाटील ने अपनी स्कूल की पढ़ाई बालाघाट से और MBBS की पढ़ाई वर्धा के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से पूरी की। डॉ पाटील के मुताबिक़, साल 2014 में PCMS & RC में MS में एडमिशन लेने के बाद से उनकी ज़िन्दगी में काफ़ी सकारात्मकता और बदलाव आए। डॉ पाटील के अनुसार, पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में उन्हें बहुत कुछ सीखने और समझने का मौक़ा मिला। पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में बिताए अपने दिनों के बारे में याद करते हुए डॉ पाटील का कहना है कि यहां पर उन्हें सर्जरी के स्किल्स की बारीक़ियों के बारे में सीखने को मिला, साथ ही यहां पर उन्होंने जाना कि एक डॉक्टर को सर्जरी के दौरान ख़ुद को किस तरह से मानसिक रूप से तैयारी करना चाहिए।
अपनी सफ़लता के लिए डॉ पाटील ने पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के टीचिंग स्टॉफ को पूरा श्रेय दिया है। डॉ पाटील के मुताबिक़, पीपुल्स मेडिकल कॉलेज की फेकल्टी और यहां के अनुभव से उन्हें राष्ट्रीयस्तर की परीक्षा में बेहतरीन करने का मौक़ा मिला। अपनी सफ़लता के लिए डॉ पाटील ने पीपुल्स विश्वविद्यालय की डायरेक्टर मेघा विजयवर्गीय को विशेष रूप से धन्यवाद दिया है। डॉ पाटील के अनुसार पीपुल्स मेडिकल कॉलेज से जो शिक्षा और अनुभाव उन्हें हासिल हुआ है, उसी के कारण वे आज इस मुक़ाम पर हैं। राष्ट्रीय स्तर पर सफ़लता हासिल करने वाले डॉ पाटील के मुताबिक़, PCMS & RC जैसे संस्थानों के कारण ही उन जैसे डॉक्टर्स की प्रतिभा की सही पहचान हासिल हो पाती है और उन्हें अवसर मिल पाते हैं जिससे वे समाज और देश के लिए कुछ बेहतर कर सकें।
अपनी ख़ुद की एक अलग पहचान बनाने वाले डॉक्टर विशाल पाटील के मुताबिक़ जो भी विद्यार्थी डॉक्टर बनना चाहते हैं, उन्हें मैट्रिक पास करने के बाद ही अपना लक्ष्य निश्चित कर लेना चाहिए कि वे मेडिकल लाइन में जाना चाहते हैं। डॉ पाटील के अनुसार मेडिकल एन्ट्रेंस एक्ज़ाम दिनों-दिन काफ़ी कठिन होता जा रहा है, ऐसे में जो भी विद्यार्थी एमबीबीएस करना चाहते हैं उन्हें संकल्प, मेहनत और आत्मविश्वास की काफ़ी ज़रूरत है। अपने अनुभवों के आधार पर डॉ पाटील का कहना है कि सिर्फ़ और सिर्फ़ कड़ी मेहनत से ही सफ़लता हासिल की जा सकती है। डॉ पाटील ने विद्यार्थियों को समझाइश देते हुए कहा है कि कभी भी सफ़लता हासिल करने के लिए शॉर्टकट नहीं अपनाना चाहिए, क्योंकि शॉर्टकट से सिर्फ़ और सिर्फ़ क्षणिक सफ़लता हासिल की जा सकती है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डॉ पाटील के पिता डॉ आर.एल.पाटील ENT स्पेशलिस्ट डॉक्टर हैं, वहीं डॉ पाटील की पत्नी डॉ (श्रीमति) आकांक्षा पाटील ख़ुद एक जानी पहचानी महिला रोग विशेषज्ञ MD (Gynecologist) डॉक्टर हैं। डॉ पाटील ने अपनी सफ़लता के लिए अपनी मां अर्चना पाटील की मेहनत को श्रेय देते हुए कहा कि वे आज जो कुछ भी हैं अपनी मां के आशीर्वाद और प्रेरणा की वजह से ही हैं।
DEC 05 (WTN) - प्रतिभा कभी भी किसी भी परिचय की मोहताज नहीं होती है। दरअसल, प्रतिभा ख़ुद अपने आप में इतनी सक्षम होती है कि वो अपना परिचय ख़ुद ही करा देती है। कुछ इसी तरह से अपनी प्रतिभा से अपना परिचय कराया है पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में पढ़े डॉ विशाल पाटील ने। PCMS & RC में साल 2014 बैच के MS (General Surgery) के विद्यार्थी रहे डॉ पाटील ने AIIMS द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की MCH entrance exam परीक्षा में चौथा स्थान हासिल किया है। डॉ पाटील को ऋषिकेश स्थित AIIMS में सेशन 2020 के लिए MCH, ट्रामा सर्जरी एण्ड क्रिटिकल केयर में दाख़िला मिला है।
बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉ विशाल पाटील ने अपनी स्कूल की पढ़ाई बालाघाट से और MBBS की पढ़ाई वर्धा के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से पूरी की। डॉ पाटील के मुताबिक़, साल 2014 में PCMS & RC में MS में एडमिशन लेने के बाद से उनकी ज़िन्दगी में काफ़ी सकारात्मकता और बदलाव आए। डॉ पाटील के अनुसार, पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में उन्हें बहुत कुछ सीखने और समझने का मौक़ा मिला। पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में बिताए अपने दिनों के बारे में याद करते हुए डॉ पाटील का कहना है कि यहां पर उन्हें सर्जरी के स्किल्स की बारीक़ियों के बारे में सीखने को मिला, साथ ही यहां पर उन्होंने जाना कि एक डॉक्टर को सर्जरी के दौरान ख़ुद को किस तरह से मानसिक रूप से तैयारी करना चाहिए।
अपनी सफ़लता के लिए डॉ पाटील ने पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के टीचिंग स्टॉफ को पूरा श्रेय दिया है। डॉ पाटील के मुताबिक़, पीपुल्स मेडिकल कॉलेज की फेकल्टी और यहां के अनुभव से उन्हें राष्ट्रीयस्तर की परीक्षा में बेहतरीन करने का मौक़ा मिला। अपनी सफ़लता के लिए डॉ पाटील ने पीपुल्स विश्वविद्यालय की डायरेक्टर मेघा विजयवर्गीय को विशेष रूप से धन्यवाद दिया है। डॉ पाटील के अनुसार पीपुल्स मेडिकल कॉलेज से जो शिक्षा और अनुभाव उन्हें हासिल हुआ है, उसी के कारण वे आज इस मुक़ाम पर हैं। राष्ट्रीय स्तर पर सफ़लता हासिल करने वाले डॉ पाटील के मुताबिक़, PCMS & RC जैसे संस्थानों के कारण ही उन जैसे डॉक्टर्स की प्रतिभा की सही पहचान हासिल हो पाती है और उन्हें अवसर मिल पाते हैं जिससे वे समाज और देश के लिए कुछ बेहतर कर सकें।
अपनी ख़ुद की एक अलग पहचान बनाने वाले डॉक्टर विशाल पाटील के मुताबिक़ जो भी विद्यार्थी डॉक्टर बनना चाहते हैं, उन्हें मैट्रिक पास करने के बाद ही अपना लक्ष्य निश्चित कर लेना चाहिए कि वे मेडिकल लाइन में जाना चाहते हैं। डॉ पाटील के अनुसार मेडिकल एन्ट्रेंस एक्ज़ाम दिनों-दिन काफ़ी कठिन होता जा रहा है, ऐसे में जो भी विद्यार्थी एमबीबीएस करना चाहते हैं उन्हें संकल्प, मेहनत और आत्मविश्वास की काफ़ी ज़रूरत है। अपने अनुभवों के आधार पर डॉ पाटील का कहना है कि सिर्फ़ और सिर्फ़ कड़ी मेहनत से ही सफ़लता हासिल की जा सकती है। डॉ पाटील ने विद्यार्थियों को समझाइश देते हुए कहा है कि कभी भी सफ़लता हासिल करने के लिए शॉर्टकट नहीं अपनाना चाहिए, क्योंकि शॉर्टकट से सिर्फ़ और सिर्फ़ क्षणिक सफ़लता हासिल की जा सकती है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डॉ पाटील के पिता डॉ आर.एल.पाटील ENT स्पेशलिस्ट डॉक्टर हैं, वहीं डॉ पाटील की पत्नी डॉ (श्रीमति) आकांक्षा पाटील ख़ुद एक जानी पहचानी महिला रोग विशेषज्ञ MD (Gynecologist) डॉक्टर हैं। डॉ पाटील ने अपनी सफ़लता के लिए अपनी मां अर्चना पाटील की मेहनत को श्रेय देते हुए कहा कि वे आज जो कुछ भी हैं अपनी मां के आशीर्वाद और प्रेरणा की वजह से ही हैं।