शादी के नाम पर चीन में धोखा खा रही पाकिस्तान की लड़कियां
Thursday - December 5, 2019 4:03 pm ,
Category : WTN HINDI
पाकिस्तान की लड़कियों से चीन में कराई जा रही वेश्यावृत्ति
अपने ही देश की लड़कियों की तस्करी पर चुप है पाकिस्तान सरकार
DEC 05 (WTN) – विस्तारवादी मानसिकता वाले देश चीन की अमानवीय और नापाक हरकतें समय-समय पर पूरी दुनिया के सामने आती रहती हैं। उइगर मुस्लिमों के ख़िलाफ़ अत्याचार हो या फ़िर हॉन्गकॉन्ग में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बर्बरता, यह सभी बातें साफ़ ज़ाहिर करती हैं कि वामपंथी शासन व्यवस्था वाले देश चीन का मानवता से कोई भी वास्ता नहीं है। इधर चीन पूरी दुनिया के सामने प्रचारित करता फिरता है कि वह पाकिस्तान का क़रीबी दोस्त है और पाकिस्तान के साथ उसके कूटनीतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते काफ़ी मज़बूत हैं, लेकिन सिर्फ़ अपना स्वार्थ सिद्ध करने में माहिर चीन, पाकिस्तान के साथ दोस्ती की आड़ में पाकिस्तान की लड़कियों को शादी के नाम पर वेश्यावृत्ति में उतार रहा है ताकि चीन के पुरुषों को ख़ुश किया जा सके।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सैकड़ों पाकिस्तानी लड़कियां को चीन के पुरुषों को बेच दिया गया है और इन लड़कियों को पाकिस्तान से चीन ले जाया गया है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, पाकिस्तान से 629 लड़कियों और महिलाओं को चीनी लड़कों और पुरुषों की दुल्हन बनाकर बेच दिया गया है। लेकिन इतना सब होने के बाद भी पाकिस्तान की सरकार चुप्पी साधे बैठी है। लड़कियों और महिलाओं के बेचना का मामला तब सामने आया जब इस तरह की एक सूची को पाकिस्तान के जांच दलों ने देश भर में ट्रैफिकिंग यानी कि मानव तस्करी के जाल को तोड़ने के लिए तैयार की थी।
दरअसल, पाकिस्तान में ग़रीब और पिछड़े वर्ग की महिलाओं को चीनी पुरुषों की दुल्हन बनने के लिए बहलाया, फुसलाया और डराया जा रहा है। पहले तो इस तरफ़ किसी का भी कोई भी ध्यान नहीं दिया गया। लेकिन साल 2018 के बाद से मानव तस्करी की चर्चा होने के बाद ट्रैफिकिंग के जाल में फंसी पाकिस्तानी महिलाओं के बारे में पहली बार सटीक आंकड़ा सामने आया है। जानकारी के लिए बता दें कि जून महीने में चीन और पाकिस्तान में चल रहे इन रैकेट्स के सामने आने के बाद जांच तेज़ हुई थी, लेकिन धीरे-धीरे फ़िर से यह सारे रैकेट्, सक्रिय हो गए।
मानव तस्करी की जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान के चीन के साथ सम्बन्धों पर बुरा असर पड़ने की आशंका से सरकारी अधिकारी दबाव में रहते हैं, इसलिए वे ना ही जांच करते हैं और यदि कोई मामला सामने आता भी है तो उस पर उचित कार्रवाई करने से डरते हैं। दरअसल, इसी साल अक्टूबर महीने में फैसलाबाद की एक कोर्ट ने ट्रैफिकिंग के आरोप में फंसे 31 चीनी नागरिकों को छोड़ दिया था। इतना ही नहीं, मानव तस्करी से पीड़ित महिलाओं को शिकायत ना करने कि हिदायत दी जाती है, और जो शिकायत कर चुकी हैं उन्हें शिकायत वापस लेने की धमकी दी जाती है। वहीं डर और धमकी के कारण कई लोगों ने मानव तस्करी के मामलों में गवाही देने से मना कर दिया है या फ़िर वे अपनी गवाही से मुक़र गये हैं।
पाकिस्तान से सरेआम लड़कियों की तस्करी चीन के पुरुषों को हो रही है, लेकिन इतना सब होने के बाद भी पाकिस्तान की सरकार चीन को खुश करने के लिए यह सब कुछ चुपचाप होता देख रही है। मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, मानव तस्करी गिरोह के ख़िलाफ़ काम कर रही पाकिस्तान की केन्द्रीय जांच एजेंसिया के अधिकारियों पर पाकिस्तानी सरकार की तरफ से दबाव बनाया जा रहा है कि वे इन मामलों पर कुछ भी कार्रवाई ना करें। यहां तक कि कई अधिकारियों का ट्रांसफर भी कर दिया गया है। चीन में खुलेआम पाकिस्तानी लड़कियों की तस्करी हो रही है, लेकिन शिकायत करने के बाद भी पाकिस्तान के शासक इस तरफ़ कुछ भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
चीन से करोड़ों डॉलर का क़र्ज़ लिया पाकिस्तान, चीन के सामने इतना डरा हुआ है कि पाकिस्तानी मीडिया में लड़कियों और महिलाओं की तस्करी की ख़बरें छापने और दिखाने पर कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं। साफ़ ज़ाहिर है कि पाकिस्तान में ही पाकिस्तान की लड़कियों की कोई भी मदद नहीं कर रहा है, और पूरा का पूरा रैकेट चीनी पुरुषों को पाकिस्तान लड़कियों सप्लाई करने में लगा हुआ है। वहीं इस बारे में चीन के विदेश मंत्रालय द्वारा चालाकी भरा बयान जारी किया जाता है। चीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा है, “चीन और पाकिस्तान की सरकार अपने लोगों के बीच पारिवारिक सम्बन्ध बनने का समर्थन करती हैं, लेकिन अवैध तरीके से सीमा पार शादियों के लिए जीरो टॉलरेंस है।”
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान की ईसाई समुदाय की लड़कियों को मानव तस्करी करने वाले रैकेट्स के दलाल अपने जाल में फंसाते हैं। योजनाबद्ध तरीक़े से यह दलाल ग़रीब ईसाई लड़कियों और उनके माता-पिता को अमीर चीनी पतियों का लालच देते हैं। अमीर बनने के लालच में कई पाकिस्तानी लड़कियां चीनी पुरुषों से शादी तो कर लेती हैं, लेकिन बाद में चीन में उनसे वेश्यावृत्ति कराई जाती है और तरह-तरह से प्रताड़ित किया जाता है।
पाकिस्तान से खुलेआम लड़कियों की तस्करी चीन में हो रही है, लेकिन पाकिस्तान की सरकार चीनी सरकार के डर के कारण चुप्पी साधे हुए है। वहीं चीन की वामपंथी सरकार भी पूरी दुनिया के सामने बयानबाजी कुछ भी करे, लेकिन हक़ीक़त यही है कि चीन में पाकिस्तान की लड़कियों की तस्करी की जा रही है और उन्हें वेश्यावृत्ति के लिए मज़बूर किया जा रहा है। कहा जा सकता है कि पाकिस्तान और चीन सरकार अपने-अपने स्वार्थ के कारण मानव तस्करी को होता देख रहे हैं। लेकिन इन दोनों ही सरकारों के स्वार्थ के कारण पाकिस्तान की लड़कियों चीन में बेची जा रही हैं और उन्हें उनसे वेश्यावृत्ति कराई जा रही है।
DEC 05 (WTN) – विस्तारवादी मानसिकता वाले देश चीन की अमानवीय और नापाक हरकतें समय-समय पर पूरी दुनिया के सामने आती रहती हैं। उइगर मुस्लिमों के ख़िलाफ़ अत्याचार हो या फ़िर हॉन्गकॉन्ग में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बर्बरता, यह सभी बातें साफ़ ज़ाहिर करती हैं कि वामपंथी शासन व्यवस्था वाले देश चीन का मानवता से कोई भी वास्ता नहीं है। इधर चीन पूरी दुनिया के सामने प्रचारित करता फिरता है कि वह पाकिस्तान का क़रीबी दोस्त है और पाकिस्तान के साथ उसके कूटनीतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते काफ़ी मज़बूत हैं, लेकिन सिर्फ़ अपना स्वार्थ सिद्ध करने में माहिर चीन, पाकिस्तान के साथ दोस्ती की आड़ में पाकिस्तान की लड़कियों को शादी के नाम पर वेश्यावृत्ति में उतार रहा है ताकि चीन के पुरुषों को ख़ुश किया जा सके।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सैकड़ों पाकिस्तानी लड़कियां को चीन के पुरुषों को बेच दिया गया है और इन लड़कियों को पाकिस्तान से चीन ले जाया गया है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, पाकिस्तान से 629 लड़कियों और महिलाओं को चीनी लड़कों और पुरुषों की दुल्हन बनाकर बेच दिया गया है। लेकिन इतना सब होने के बाद भी पाकिस्तान की सरकार चुप्पी साधे बैठी है। लड़कियों और महिलाओं के बेचना का मामला तब सामने आया जब इस तरह की एक सूची को पाकिस्तान के जांच दलों ने देश भर में ट्रैफिकिंग यानी कि मानव तस्करी के जाल को तोड़ने के लिए तैयार की थी।
दरअसल, पाकिस्तान में ग़रीब और पिछड़े वर्ग की महिलाओं को चीनी पुरुषों की दुल्हन बनने के लिए बहलाया, फुसलाया और डराया जा रहा है। पहले तो इस तरफ़ किसी का भी कोई भी ध्यान नहीं दिया गया। लेकिन साल 2018 के बाद से मानव तस्करी की चर्चा होने के बाद ट्रैफिकिंग के जाल में फंसी पाकिस्तानी महिलाओं के बारे में पहली बार सटीक आंकड़ा सामने आया है। जानकारी के लिए बता दें कि जून महीने में चीन और पाकिस्तान में चल रहे इन रैकेट्स के सामने आने के बाद जांच तेज़ हुई थी, लेकिन धीरे-धीरे फ़िर से यह सारे रैकेट्, सक्रिय हो गए।
मानव तस्करी की जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान के चीन के साथ सम्बन्धों पर बुरा असर पड़ने की आशंका से सरकारी अधिकारी दबाव में रहते हैं, इसलिए वे ना ही जांच करते हैं और यदि कोई मामला सामने आता भी है तो उस पर उचित कार्रवाई करने से डरते हैं। दरअसल, इसी साल अक्टूबर महीने में फैसलाबाद की एक कोर्ट ने ट्रैफिकिंग के आरोप में फंसे 31 चीनी नागरिकों को छोड़ दिया था। इतना ही नहीं, मानव तस्करी से पीड़ित महिलाओं को शिकायत ना करने कि हिदायत दी जाती है, और जो शिकायत कर चुकी हैं उन्हें शिकायत वापस लेने की धमकी दी जाती है। वहीं डर और धमकी के कारण कई लोगों ने मानव तस्करी के मामलों में गवाही देने से मना कर दिया है या फ़िर वे अपनी गवाही से मुक़र गये हैं।
पाकिस्तान से सरेआम लड़कियों की तस्करी चीन के पुरुषों को हो रही है, लेकिन इतना सब होने के बाद भी पाकिस्तान की सरकार चीन को खुश करने के लिए यह सब कुछ चुपचाप होता देख रही है। मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, मानव तस्करी गिरोह के ख़िलाफ़ काम कर रही पाकिस्तान की केन्द्रीय जांच एजेंसिया के अधिकारियों पर पाकिस्तानी सरकार की तरफ से दबाव बनाया जा रहा है कि वे इन मामलों पर कुछ भी कार्रवाई ना करें। यहां तक कि कई अधिकारियों का ट्रांसफर भी कर दिया गया है। चीन में खुलेआम पाकिस्तानी लड़कियों की तस्करी हो रही है, लेकिन शिकायत करने के बाद भी पाकिस्तान के शासक इस तरफ़ कुछ भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
चीन से करोड़ों डॉलर का क़र्ज़ लिया पाकिस्तान, चीन के सामने इतना डरा हुआ है कि पाकिस्तानी मीडिया में लड़कियों और महिलाओं की तस्करी की ख़बरें छापने और दिखाने पर कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं। साफ़ ज़ाहिर है कि पाकिस्तान में ही पाकिस्तान की लड़कियों की कोई भी मदद नहीं कर रहा है, और पूरा का पूरा रैकेट चीनी पुरुषों को पाकिस्तान लड़कियों सप्लाई करने में लगा हुआ है। वहीं इस बारे में चीन के विदेश मंत्रालय द्वारा चालाकी भरा बयान जारी किया जाता है। चीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा है, “चीन और पाकिस्तान की सरकार अपने लोगों के बीच पारिवारिक सम्बन्ध बनने का समर्थन करती हैं, लेकिन अवैध तरीके से सीमा पार शादियों के लिए जीरो टॉलरेंस है।”
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान की ईसाई समुदाय की लड़कियों को मानव तस्करी करने वाले रैकेट्स के दलाल अपने जाल में फंसाते हैं। योजनाबद्ध तरीक़े से यह दलाल ग़रीब ईसाई लड़कियों और उनके माता-पिता को अमीर चीनी पतियों का लालच देते हैं। अमीर बनने के लालच में कई पाकिस्तानी लड़कियां चीनी पुरुषों से शादी तो कर लेती हैं, लेकिन बाद में चीन में उनसे वेश्यावृत्ति कराई जाती है और तरह-तरह से प्रताड़ित किया जाता है।
पाकिस्तान से खुलेआम लड़कियों की तस्करी चीन में हो रही है, लेकिन पाकिस्तान की सरकार चीनी सरकार के डर के कारण चुप्पी साधे हुए है। वहीं चीन की वामपंथी सरकार भी पूरी दुनिया के सामने बयानबाजी कुछ भी करे, लेकिन हक़ीक़त यही है कि चीन में पाकिस्तान की लड़कियों की तस्करी की जा रही है और उन्हें वेश्यावृत्ति के लिए मज़बूर किया जा रहा है। कहा जा सकता है कि पाकिस्तान और चीन सरकार अपने-अपने स्वार्थ के कारण मानव तस्करी को होता देख रहे हैं। लेकिन इन दोनों ही सरकारों के स्वार्थ के कारण पाकिस्तान की लड़कियों चीन में बेची जा रही हैं और उन्हें उनसे वेश्यावृत्ति कराई जा रही है।