डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने मोदी सरकार की एक ‘नई पहल’
Wednesday - December 11, 2019 10:24 am ,
Category : WTN HINDI
एयरपोर्ट और मॉल्स में भी फास्टैग हो सकता है ‘अनिवार्य‘
अब पार्किंग भुगतान के लिए होगा फास्टैग का इस्तेमाल, बचेगा लोगों का क़ीमती वक़्त
DEC 11 (WTN) – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार अपने एक भाषण में कहा था कि वे समस्याओं को पालने में विश्वास नहीं करते हैं। साफ़ ज़ाहिर है कि प्रधानमंत्री मोदी समस्याओं के जल्द से जल्द समाधान के लिए तैयार रहते हैं, जिससे लोगों को परेशानी का सामना ना करना पड़े। जैसा कि आप जानते हैं कि नेशनल हाईवे पर स्थित टोल प्लाज़ा पर वाहन चालकों को होने वाली परेशानियों को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार ने वाहनों में फास्टैग लगाना अनिवार्य कर दिया है, क्योंकि फास्टैग लगाने से वाहन चालकों के समय और ईंधन दोनों की ही बचत होती है। एक अध्ययन के मुताबिक़, फास्टैग के इस्तेमाल से हर साल देश को करोड़ों रुपयों की बचत होगी।
साफ़ ज़ाहिर है कि फास्टैग अनिवार्य किये जाने से ना केवल लोगों का समय और ईंधन बचेगा, बल्कि इससे टोल प्लाज़ा में टोल टैक्स कलेक्शन में पारदर्शिता भी आएगी और वहीं इससे डिजिटल ट्रांजैक्शन को भी बढ़ावा मिलेगा। टोल प्लाज़ा पर फास्टैग के फ़ायदे को देखते हुए अब मोदी सरकार पार्किंग के लिए भी फास्टैग को अनिवार्य करने की तैयारी में है। इसी कारण से पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर हैदराबाद एयरपोर्ट पर पार्किंग भुगतान में भी फास्टैग के इस्तेमाल की शुरुआत की गई है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस प्रोजेक्ट को फास्टैग 2.0 कहा जा रहा है। इस नये प्रोजेक्ट के तहत पार्किंग भुगतान, पेट्रोल-डीज़ल की ख़रीदी का भुगतान और ई-चालान जैसे काम भी किये जा सकेंगे। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मुताबिक़, इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत दो चरणों में की गई है। इस पायलट प्रोजेक्ट के पहले चरण में सिर्फ़ परीक्षण किया जा रहा है और परीक्षण के दौरान केवल आईसीआईसीआई बैंक के टैग का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं पायलट प्रोजेक्ट के परीक्षण में आईसीआईसीआई बैंक के टैग को शामिल किये जाने के बाद अन्य बैंकों के टैग को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
इस पायलट प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में फास्टैग का इस्तेमाल हैदराबाद एयरपोर्ट पर पार्किंग के उद्देश्य से किया जाएगा। हैदराबाद के बाद इस प्रोजेक्ट की शुरुआत दिल्ली एयरपोर्ट पर की जाएगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पार्किंग के लिए फास्टैग इस्तेमाल किये जाने के मक़सद से कई बैंक, जैसे स्टेट बैंक ऑफ़ इण्डिया, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक और आईडीएफसी बैंक मुम्बई और बेंगलुरु एयरपोर्ट से इस बारे में विस्तृत बातचीत कर रहे हैं। वहीं कुछ बड़े मॉल्स भी फास्टैग 2.0 की शुरुआत कर सकते हैं, जिससे पार्किंग और उससे सम्बन्धित सभी भुगतान डिजिटल तरीक़े से किये जाएंगे।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फास्टैग एक तरह का रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) टैग होता है, जो कि वाहन की विण्डस्क्रीन पर लगा रहता है। वाहनों पर लगे इस टैग को इलेक्ट्रॉनिक तरीक़े से टोल प्लाजा या किसी अन्य जगह पर लगे हुए कैमरे के सेंसर स्कैन कर लेते हैं, जिसके बाद फास्टैग से सम्बन्धित वाहन से कनेक्टेट अकाउण्ट से टोल टैक्स की राशि का भुगतान डिजिटल ट्रांजैक्शन पद्धति से हो जाता है। फास्टैग से भुगतान काफ़ी सरल और तेज़ गति से होता है, जिससे लोगों के समय की काफ़ी बचत होती है और भुगतान के समय किसी भी तरह का विवाद नहीं होता है।
मोदी सरकार चाहती है कि लोगों का क़ीमती वक़्त बर्बाद ना हो और भुगतान के समय किसी भी तरह का विवाद ना हो इसलिए फास्टैग जैसी भुगतान प्रणाली को अनिवार्य किया जा रहा है। फास्टैग के इस्तेमाल से टोल प्लाज़ा पर लोगों को टोल टैक्स के भुगतान के लिए रूकना नहीं पड़ेगा, जिससे लोगों के समय और ईंधन दोनों की ही बचत होगी। वहीं एयरपोर्ट और मॉल्स में भी फास्टैग का इस्तेमाल होने से लोगों का समय बचेगा। अब देखना होगा कि कितनी जल्दी फास्टैग का इस्तेमाल देश के बाक़ी एयरपोर्ट्स और मॉल्स में होने लगेगा, जिससे डिजिटल ट्रांजैक्शन की दिशा में एक और क़दम आगे बढ़ाया जा सके।
DEC 11 (WTN) – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार अपने एक भाषण में कहा था कि वे समस्याओं को पालने में विश्वास नहीं करते हैं। साफ़ ज़ाहिर है कि प्रधानमंत्री मोदी समस्याओं के जल्द से जल्द समाधान के लिए तैयार रहते हैं, जिससे लोगों को परेशानी का सामना ना करना पड़े। जैसा कि आप जानते हैं कि नेशनल हाईवे पर स्थित टोल प्लाज़ा पर वाहन चालकों को होने वाली परेशानियों को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार ने वाहनों में फास्टैग लगाना अनिवार्य कर दिया है, क्योंकि फास्टैग लगाने से वाहन चालकों के समय और ईंधन दोनों की ही बचत होती है। एक अध्ययन के मुताबिक़, फास्टैग के इस्तेमाल से हर साल देश को करोड़ों रुपयों की बचत होगी।
साफ़ ज़ाहिर है कि फास्टैग अनिवार्य किये जाने से ना केवल लोगों का समय और ईंधन बचेगा, बल्कि इससे टोल प्लाज़ा में टोल टैक्स कलेक्शन में पारदर्शिता भी आएगी और वहीं इससे डिजिटल ट्रांजैक्शन को भी बढ़ावा मिलेगा। टोल प्लाज़ा पर फास्टैग के फ़ायदे को देखते हुए अब मोदी सरकार पार्किंग के लिए भी फास्टैग को अनिवार्य करने की तैयारी में है। इसी कारण से पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर हैदराबाद एयरपोर्ट पर पार्किंग भुगतान में भी फास्टैग के इस्तेमाल की शुरुआत की गई है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस प्रोजेक्ट को फास्टैग 2.0 कहा जा रहा है। इस नये प्रोजेक्ट के तहत पार्किंग भुगतान, पेट्रोल-डीज़ल की ख़रीदी का भुगतान और ई-चालान जैसे काम भी किये जा सकेंगे। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मुताबिक़, इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत दो चरणों में की गई है। इस पायलट प्रोजेक्ट के पहले चरण में सिर्फ़ परीक्षण किया जा रहा है और परीक्षण के दौरान केवल आईसीआईसीआई बैंक के टैग का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं पायलट प्रोजेक्ट के परीक्षण में आईसीआईसीआई बैंक के टैग को शामिल किये जाने के बाद अन्य बैंकों के टैग को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
इस पायलट प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में फास्टैग का इस्तेमाल हैदराबाद एयरपोर्ट पर पार्किंग के उद्देश्य से किया जाएगा। हैदराबाद के बाद इस प्रोजेक्ट की शुरुआत दिल्ली एयरपोर्ट पर की जाएगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पार्किंग के लिए फास्टैग इस्तेमाल किये जाने के मक़सद से कई बैंक, जैसे स्टेट बैंक ऑफ़ इण्डिया, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक और आईडीएफसी बैंक मुम्बई और बेंगलुरु एयरपोर्ट से इस बारे में विस्तृत बातचीत कर रहे हैं। वहीं कुछ बड़े मॉल्स भी फास्टैग 2.0 की शुरुआत कर सकते हैं, जिससे पार्किंग और उससे सम्बन्धित सभी भुगतान डिजिटल तरीक़े से किये जाएंगे।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फास्टैग एक तरह का रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) टैग होता है, जो कि वाहन की विण्डस्क्रीन पर लगा रहता है। वाहनों पर लगे इस टैग को इलेक्ट्रॉनिक तरीक़े से टोल प्लाजा या किसी अन्य जगह पर लगे हुए कैमरे के सेंसर स्कैन कर लेते हैं, जिसके बाद फास्टैग से सम्बन्धित वाहन से कनेक्टेट अकाउण्ट से टोल टैक्स की राशि का भुगतान डिजिटल ट्रांजैक्शन पद्धति से हो जाता है। फास्टैग से भुगतान काफ़ी सरल और तेज़ गति से होता है, जिससे लोगों के समय की काफ़ी बचत होती है और भुगतान के समय किसी भी तरह का विवाद नहीं होता है।
मोदी सरकार चाहती है कि लोगों का क़ीमती वक़्त बर्बाद ना हो और भुगतान के समय किसी भी तरह का विवाद ना हो इसलिए फास्टैग जैसी भुगतान प्रणाली को अनिवार्य किया जा रहा है। फास्टैग के इस्तेमाल से टोल प्लाज़ा पर लोगों को टोल टैक्स के भुगतान के लिए रूकना नहीं पड़ेगा, जिससे लोगों के समय और ईंधन दोनों की ही बचत होगी। वहीं एयरपोर्ट और मॉल्स में भी फास्टैग का इस्तेमाल होने से लोगों का समय बचेगा। अब देखना होगा कि कितनी जल्दी फास्टैग का इस्तेमाल देश के बाक़ी एयरपोर्ट्स और मॉल्स में होने लगेगा, जिससे डिजिटल ट्रांजैक्शन की दिशा में एक और क़दम आगे बढ़ाया जा सके।