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TRAI ने दिया बड़ा झटका, 31 दिसम्बर 2020 तक जारी रहेगा इंटरकनेक्ट यूजर चार्ज (IUC)

Wednesday - December 18, 2019 11:07 am , Category : WTN HINDI
यूज़र्स को देना होगा 6 प्रति मिनट इंटरकनेक्ट यूजर चार्ज
यूज़र्स को देना होगा 6 प्रति मिनट इंटरकनेक्ट यूजर चार्ज

अन्य नेटवर्क पर मुफ़्त कॉलिंग की सुविधा पर TRAI ने फ़िलहाल लगाया ब्रेक!

DEC 18 (WTN) – रिलायंस जियो की भारत में लॉन्चिग के बाद से भारतीय दूरसंचार सेक्टर में एक क्रान्ति सी आ गई थी। फ्री कॉलिंग और सस्ते इंटरनेट डेटा के कारण भारत में मोबाइल फ़ोन की बिक्री में तेज़ी से इज़ाफ़ा हुआ था। रिलांयस जियो की फ्री कॉलिंग और सस्ते डेटा की मार्केटिंग से बाक़ी टेलीकॉम कम्पनियों को काफ़ी नुकसान उठाना पड़ रहा था, जिसके बाद यह कम्पनियां भी फ्री कॉलिंग और सस्ता डेटा प्लान अपने यूज़र्स को देने के लिए बाध्य हुईं। फ्री कॉलिंग और सस्ते डेटा का भारत में मोबाइल यूज़र्स ने काफ़ी समय तक इस्तेमाल किया, लेकिन अब एक नेटवर्क से दूसरी नेटवर्क पर फ्री कॉलिंग की सुविधा यूज़र्स को मिलना बंद हो गई है।

जैसा कि आप जानते हैं कि सभी मोबाइल कम्पनियों ने अपने नेटवर्क पर तो कॉलिंग को मुफ़्त रखा है, लेकिन अन्य नेटवर्क पर कॉलिंग करने के लिए चार्ज देना पड़ रहा है। टेलीकॉम की भाषा में इसे इंटरकनेक्ट यूजर चार्ज (IUC) कहा जाता है। कुछ समय पहले यह चर्चा थी कि आईयूसी कुछ दिनों बाद ख़त्म हो जाएगा और पहले की तरह फ़िर से एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क पर फ्री कॉलिंग की सुविधा शुरू हो जाएगी।
 
लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ट्राई यानी भारतीय दूरसंचार विनायमक प्राधिकरण ने 31 दिसम्बर, 2020 तक 6 पैसा इंटरकनेक्ट यूजर चार्ज जारी रखने का फ़ैसला लिया है। यानी साफ़ है कि 31 दिसम्बर, 2020 तक आईयूसी चार्ज ज़ीरो नहीं होने वाला है। दरअसल, टेलीकॉम नीतियां का निर्धारण ट्राई यानि TRAI (Telecom Regulatory Authority of India) के अधिकार क्षेत्र में आता है और ट्राई ही भारत में दूरसंचार नीतियों की समीक्षा और निर्धारण करता है।
 
ट्राई के फ़ैसले के बाद साफ़ ज़ाहिर है कि टेलीकॉम कम्पनियां अब 31 दिसम्बर, 2020 तक आईयूसी लगा सकती हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एक टेलीकॉम कम्पनी किसी दूसरी टेलीकॉम कम्पनी के नेटवर्क पर कॉल टर्मिनेट करने के लिए 6 पैसा प्रति मिनट IUC देती हैं। जब किसी एक टेलीकॉम कम्पनी का यूज़र किसी दूसरी टेलीकॉम कम्पनी के नेटवर्क पर कॉल करता है, तब उसे IUC चार्ज देना होता है। अभी तक इंटरकनेक्ट यूजर चार्जेस (IUC) को कोई भी टेलीकॉम कम्पनी अपने यूज़र्स से अलग से नहीं वसूलती थी और यह टैरिफ प्लान में ही शामिल होता था।

लेकिन अब जियो समेत अन्य टेलीकॉम कम्पनियां अपने यूज़र्स से ही आईयूसी चार्ज वसूल रही हैं। यानी कि 31 दिसम्बर 2020 तक अब ग्राहकों को अपने नेटवर्क से अलग किसी अन्य नेटवर्क पर कॉल करने पर कम से कम 6 पैसा प्रति मिनट का चार्ज तो देना ही होगा। जहां तक आईयूसी की बात है तो सितम्बर 2017 तक आईयूसी की दर 14 पैसे प्रति मिनट थी, लेकिन 1 अक्टूबर 2017 से इसे घटाकर 6 पैसे प्रति मिनट कर दिया गया है। समय-समय पर कयास लगाए जा रहे थे कि ट्राई 1 जनवरी 2020 से आईयूसी को ख़त्म कर सकती है, लेकिन ट्राई ने ऐसा ना करके आईयूसी को 31 दिसम्बर 2020 तक के लिए बढ़ा दिया है।
 
ट्राई द्वारा आईयूसी को 31 दिसम्बर 2020 तक बढ़ाने के फ़ैसले से रिलायंस जियो और उसके यूज़र्स के लिए एक झटके के तौर पर देखा जा रहा है। जियो को उम्मीद थी कि नये साल की शुरूआत से ही आईयूसी को ख़त्म कर दिया जाएगा, जिससे यूज़र्स को अन्य नेटवर्क पर भी फ्री कॉलिंग का फ़ायदा मिलेगा लेकिन ट्राई ने आईयूसी को फ़िलहाल ख़त्म या कम करने के बजाये उसे एक साल के लिए और बढ़ा दिया है। दरअसल, इस समय मार्केट में रिलांयस जियो के सबसे ज़्यादा यूज़र्स हैं, ऐसे में इन यूज़र्स को अन्य नेटवर्क पर कॉलिंग के लिए 6 पैसा प्रति मिनट का आईयूसी देना होगा जो कि यूज़र्स के लिए महंगा साबित होगा।