भारत के ‘इस’ पड़ोसी देश में पैसों के बदले मिलती है नागरिकता!
Monday - December 23, 2019 3:48 pm ,
Category : WTN HINDI
निवेश के ज़रिये हासिल की जा सकती है बांग्लादेश की नागरिकता
5 लाख अमेरिकी डॉलर निवेश कर कोई भी बन सकता है बांग्लादेश का नागरिक
DEC 23 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि भारत में विपक्षी पार्टियां नागरिकता संशोधन क़ानून का विरोध कर रही हैं, जबकि केन्द्र की मोदी सरकार इस क़ानून के ज़रिये पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में रह रहे धार्मिक अल्पसंख्यकों को मानवता के आधार पर भारतीय नागरिकता देने की बात कह रही है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दुनिया के कई देशों में नागरिकता से सम्बन्धित कई तरह के अलग-अलग क़ानून हैं। उदाहरण के तौर पर इज़राइल में सिर्फ़ यहूदी धर्म को मानने वालों को ही नागरिकता पाने का अधिकार है। वहीं आपको जानकार आश्चर्य होगा कि भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में कोई भी व्यक्ति सिर्फ़ पैसों के ज़रिये वहां की नागरिकता हासिल कर सकता है!
जी हां यह पढ़कर आप चौक गये होंगे, लेकिन सच यही है कि यदि आपके पास पैसा है तो आप बांग्लादेश की नागरिकता ख़रीद सकते हैं वो भी बिल्कुल वैध तरीक़े से बांग्लादेश के क़ानून के अनुसार। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बांग्लादेश सरकार की नागरिकता के क़ानून के मुताबिक़, एक निश्चित मात्रा में सिर्फ़ निवेश के ज़रिये ही बांग्लादेश की नागरिकता हासिल की जा सकती है। नागरिकता का यह नया क़ानून बांग्लादेश ने साल 2017 में बनाया है। इसके मुताबिक़ अगर बांग्लादेश में कोई व्यक्ति तय राशि में निवेश करता है, तो बांग्लादेश की सरकार उस व्यक्ति को वहां के स्थायी निवासी होने का प्रमाणपत्र देने के साथ-साथ नागरिकता भी दे सकती है। यानी बांग्लादेश में कोई भी विदेशी निवेश करके वहां का स्थायी निवासी या नागरिक बन सकता है।
दरअसल, बांग्लादेश की सरकार ने देश में निवेश बढ़ाने के लिए इस तरह का क़ानून बनाया है कि कोई भी विदेशी व्यक्ति बांग्लादेश में निवेश करके वहां की नागरिकता हासिल कर सकता है। बांग्लादेश के नये नागरिकता क़ानून के अनुसार, यदि कोई विदेशी व्यक्ति बांग्लादेश में 75 हज़ार यूएस डॉलर का निवेश गैर-प्रत्यावर्तनीय निधि में करता है, तो वह विदेशी व्यक्ति बांग्लादेश का स्थायी निवासी माना जाएगा और उसे बांग्लादेश के स्थायी निवासियों वाली सुविधाएं हासिल होंगी। 75 हज़ार अमेरिकी डॉलर के निवेश के बाद वो व्यक्ति जब तक चाहे बांग्लादेश में रह सकता है और कितनी भी बार बांग्लादेश आ या जा सकता है, क्योंकि उसे बांग्लादेश आने जाने के लिए वीज़ा की ज़रूरत नहीं होगी।
वहीं बांग्लादेश के नये नागरिकता क़ानून के मुताबिक़ यदि कोई विदेशी व्यक्ति बांग्लादेश में कम से कम 5 लाख अमेरिकी डॉलर का निवेश करता है, तो वह व्यक्ति बांग्लादेश की नागरिकता हासिल करने के योग्य माना जाएगा। यानी यदि आपको बांग्लादेश की नागरिकता चाहिये तो आप 5 लाख अमेरिकी डॉलर का निवेश कर बांग्लादेश के नागरिक बन सकते हैं। वहीं यदि कोई विदेशी व्यक्ति बांग्लादेश में 10 लाख अमेरिकी डॉलर बांग्लादेश किसी अधिकृत फायनेंसियल इंस्टीट्यूशन में ट्रांसफर करता है, तो वो भी बांग्लादेश की नागरिकता के योग्य माना जाएगा।
दरअसल, बांग्लादेश अपने यहा पर निवेश को बढ़ावा दे रहा है और इसी को ध्यान में रखते हुए बांग्लादेश की सरकार ने ऐसा क़ानून बनाया है। बांग्लादेश की सरकार का सोचना है कि बांग्लादेश में योग्य निवेशकर्ताओं और उद्यमियों को इस तरीक़े से आमंत्रित किया जा सकता है और इससे देश के विकास को गति मिल सकेगी। हालांकि, बांग्लादेश ऐसा पहला देश नहीं है जो कि पैसों या निवेश के आधार पर विदेशियों को नागरिकता प्रदान करता है। अमेरिका और ब्रिटेन से लेकर यूरोप के कई देश हैं, जो कि अपने यहां निवेश के आधार पर नागरिकता देने का वादा करते हैं।
DEC 23 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि भारत में विपक्षी पार्टियां नागरिकता संशोधन क़ानून का विरोध कर रही हैं, जबकि केन्द्र की मोदी सरकार इस क़ानून के ज़रिये पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में रह रहे धार्मिक अल्पसंख्यकों को मानवता के आधार पर भारतीय नागरिकता देने की बात कह रही है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दुनिया के कई देशों में नागरिकता से सम्बन्धित कई तरह के अलग-अलग क़ानून हैं। उदाहरण के तौर पर इज़राइल में सिर्फ़ यहूदी धर्म को मानने वालों को ही नागरिकता पाने का अधिकार है। वहीं आपको जानकार आश्चर्य होगा कि भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में कोई भी व्यक्ति सिर्फ़ पैसों के ज़रिये वहां की नागरिकता हासिल कर सकता है!
जी हां यह पढ़कर आप चौक गये होंगे, लेकिन सच यही है कि यदि आपके पास पैसा है तो आप बांग्लादेश की नागरिकता ख़रीद सकते हैं वो भी बिल्कुल वैध तरीक़े से बांग्लादेश के क़ानून के अनुसार। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बांग्लादेश सरकार की नागरिकता के क़ानून के मुताबिक़, एक निश्चित मात्रा में सिर्फ़ निवेश के ज़रिये ही बांग्लादेश की नागरिकता हासिल की जा सकती है। नागरिकता का यह नया क़ानून बांग्लादेश ने साल 2017 में बनाया है। इसके मुताबिक़ अगर बांग्लादेश में कोई व्यक्ति तय राशि में निवेश करता है, तो बांग्लादेश की सरकार उस व्यक्ति को वहां के स्थायी निवासी होने का प्रमाणपत्र देने के साथ-साथ नागरिकता भी दे सकती है। यानी बांग्लादेश में कोई भी विदेशी निवेश करके वहां का स्थायी निवासी या नागरिक बन सकता है।
दरअसल, बांग्लादेश की सरकार ने देश में निवेश बढ़ाने के लिए इस तरह का क़ानून बनाया है कि कोई भी विदेशी व्यक्ति बांग्लादेश में निवेश करके वहां की नागरिकता हासिल कर सकता है। बांग्लादेश के नये नागरिकता क़ानून के अनुसार, यदि कोई विदेशी व्यक्ति बांग्लादेश में 75 हज़ार यूएस डॉलर का निवेश गैर-प्रत्यावर्तनीय निधि में करता है, तो वह विदेशी व्यक्ति बांग्लादेश का स्थायी निवासी माना जाएगा और उसे बांग्लादेश के स्थायी निवासियों वाली सुविधाएं हासिल होंगी। 75 हज़ार अमेरिकी डॉलर के निवेश के बाद वो व्यक्ति जब तक चाहे बांग्लादेश में रह सकता है और कितनी भी बार बांग्लादेश आ या जा सकता है, क्योंकि उसे बांग्लादेश आने जाने के लिए वीज़ा की ज़रूरत नहीं होगी।
वहीं बांग्लादेश के नये नागरिकता क़ानून के मुताबिक़ यदि कोई विदेशी व्यक्ति बांग्लादेश में कम से कम 5 लाख अमेरिकी डॉलर का निवेश करता है, तो वह व्यक्ति बांग्लादेश की नागरिकता हासिल करने के योग्य माना जाएगा। यानी यदि आपको बांग्लादेश की नागरिकता चाहिये तो आप 5 लाख अमेरिकी डॉलर का निवेश कर बांग्लादेश के नागरिक बन सकते हैं। वहीं यदि कोई विदेशी व्यक्ति बांग्लादेश में 10 लाख अमेरिकी डॉलर बांग्लादेश किसी अधिकृत फायनेंसियल इंस्टीट्यूशन में ट्रांसफर करता है, तो वो भी बांग्लादेश की नागरिकता के योग्य माना जाएगा।
दरअसल, बांग्लादेश अपने यहा पर निवेश को बढ़ावा दे रहा है और इसी को ध्यान में रखते हुए बांग्लादेश की सरकार ने ऐसा क़ानून बनाया है। बांग्लादेश की सरकार का सोचना है कि बांग्लादेश में योग्य निवेशकर्ताओं और उद्यमियों को इस तरीक़े से आमंत्रित किया जा सकता है और इससे देश के विकास को गति मिल सकेगी। हालांकि, बांग्लादेश ऐसा पहला देश नहीं है जो कि पैसों या निवेश के आधार पर विदेशियों को नागरिकता प्रदान करता है। अमेरिका और ब्रिटेन से लेकर यूरोप के कई देश हैं, जो कि अपने यहां निवेश के आधार पर नागरिकता देने का वादा करते हैं।