दानिश कनेरिया मामले के बाद भाजपा फ्रंटफुट पर और कांग्रेस बैकफुट पर!
Friday - December 27, 2019 1:11 pm ,
Category : WTN HINDI
पाकिस्तानी खिलाड़ी करते थे दानिश कनेरिया के साथ ‘भेदभाव’
हिन्दू होने के कारण पाकिस्तान टीम में होती थी दानिश कनेरिया के साथ ज़्यादती, शोएब अख़्तर ने किया ख़ुलासा
DEC 27 (WTN) – CAA (Citizenship Amendment Act) यानी नागरिकता संशोधन क़ानून को लेकर विपक्षी पार्टियां केन्द्र सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोले हुए हैं। विपक्षी पार्टियों अपने कुछ अलग ही तर्कों के साथ नागरिकता संशोधन क़ानून का विरोध कर रही हैं और उनका कहना है कि इस क़ानून में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आने वाले मुस्लिमों को क्यों अलग रखा गया है? वहीं दूसरी तरफ़ मोदी सरकार का तर्क है कि नागरिकता क़ानून के ज़रिये इन तीनों देशों में रहने वाले पीड़ित अल्पसंख्यकों को भारत में नागरिकता मिलने का अधिकार मिल जाएगा और उन्हें वहां पर परेशान नहीं होना पड़ेगा और इस क़ानून में उन देशों में रहने वाले सिर्फ़ अल्पसंख्यकों के लिए नागरिकता देने की बात कही गई है।
दरअसल, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग से लेकर दुनिया की कई सामाजिक संस्थाओं ने इस बात की पुष्टि की है पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों और ख़ासकर हिन्दुओं के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता है। भारत के विभाजन के वक़्त पाकिस्तान में बड़ी तादात में हिन्दू रहा करते थे, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिम कट्टरपंथियों की हिंसा के कारण आज पाकिस्तान में 3 प्रतिशत के क़रीब ही हिन्दू आबादी रह गई है। हिन्दू लड़कियों और महिलाओं के साथ ज़्यादती पाकिस्तान में आम बात है। इसी कारण ही मोदी सरकार ने पाकिस्तान में प्रताड़ित हिन्दुओं की बेहतरी के लिए उन्हें भारत की नागरिकता देने का क़ानून बनाया है।
लेकिन पाकिस्तान में हिन्दुओं के साथ कितना भेदभाव किया जाता है इसका ख़ुलासा अब ख़ुद पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ रहे और रावलपिण्डी एक्सप्रेस के नाम से मशहूर शोएब अख़्तर ने किया है। अपनी तेज़ गेंदबाज़ी के चलते बल्लेबाज़ों में ख़ौफ़ पैदा करने वाले शोएब अख़्तर के एक वीडियो में ख़ुलासा हुआ है कि एक हिन्दू होने के कारण पाकिस्तान के पूर्व स्पिन गेंदबाज़ दानिश कनेरिया के साथ पाकिस्तानी क्रिकेट टीम में ज़्यादती होती थी। शोएब अख़्तर के इस ख़ुलासे के बाद भारत की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है और इसके ज़रिये भाजपा अब कांग्रेस पर निशाना साध रही है।
दरअसल, शोएब अख्तर ने अपने एक वीडियो में ख़ुलासा किया है कि पाकिस्तान के क्रिकेट खिलाड़ी दानिश कनेरिया के साथ भेदभाव करते थे और उनके साथ खाना नहीं खाते थे क्योंकि वे (दानिश कनेरिया) एक हिन्दू थे। शोएब अख़्तर के इस ख़ुलासे के बाद ख़ुद दानिश कनेरिया ने ख़ुद इस बात की पुष्टि कर दी है कि उनके साथ पाकिस्तानी क्रिकेट खिलाड़ी ज़्यादती करते थे। दानिश कनेरिया का कहना है कि वे जल्द ही उन खिलाड़ियों का नाम बताएंगे जो उनके साथ इस तरह का बुरा बर्ताव करते थे।
वहीं शोएब अख़्तर के ख़ुलासे के बाद पूर्व क्रिकेटर दानिश कनेरिया का कहना है, “पाकिस्तान के खिलाड़ियों को मेरे साथ खाने में समस्या होती थी, क्योंकि मैं एक हिन्दू खिलाड़ी था। शोएब अख़्तर ने जो कहा है वो सच कहा है और मैं जल्द ही उन खिलाड़ियों के नाम बताऊंगा जो मुझसे बात करना भी पसंद नहीं करते थे, क्योंकि मैं एक हिन्दू था। उस समय इस पर बोलने की मेरी हिम्मत नहीं थी, लेकिन अब मैं बोलूंगा और उन खिलाड़ियों के नाम बताऊंगा।”
शोएब अख़्तर के इस वीडियो के बाद भाजपा अब कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टियों पर आक्रामक हो गई है। भाजपा का आरोप है कि पाकिस्तानी क्रिकेटर दानिश कनेरिया के साथ खाना नहीं खाते थे और उन्हें लगातार परेशान किया जाता था, क्योंकि वो हिन्दू थे। भाजपा का कहना है कि शोएब अख़्तर के वीडियो से ख़ुलासा होता है और इस बात का अन्दाज़ा लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ किस तरह का व्यवहार किया जाता है।
भाजपा ने कांग्रेस समेत विपक्ष को घेरते हुए कहा है कि अगर दानिश कनेरिया जैसे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर के साथ पाकिस्तान में इस तरह का व्यवहार हो रहा है, तो विचार कीजिए कि अन्य ग़ैर मुस्लिमों के साथ किस तरह का व्यवहार होता होगा। ऐसे में अगर नागरिकता संशोधन क़ानून में इन शरणार्थियों को मदद दी जाती है तो इसका कांग्रेसी और वामपंथी क्यों विरोध कर रहे हैं? वहीं भाजपा का कहना है कि नागरिकता संशोधन क़ानून एक मानवीय क़ानून है जो पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यकों को इतनी हिम्मत दे रहा है कि वो अपनी बात कह सकें, लेकिन अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार का कांग्रेसी और वामपंथी विरोध कर रहे हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दानिश कनेरिया पाकिस्तान की ओर से सबसे ज़्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले स्पिन गेंदबाज़ हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में कुल 261 विकेट लिये हैं। कनेरिया ने पाकिस्तान के प्रसिद्ध स्पिन गेंदबाज़ों अब्दुल कादिर, सकलैन मुश्ताक और मुश्ताक अहमद को टेस्ट क्रिकेट में विकेट लेने के मामले में पीछे छोड़ दिया है। दानिश कनेरिया ने पाकिस्तान टीम के लिए 61 टेस्ट मैच खेले हैं। साल 2000 में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले दानिश कनेरिया का नाम फिक्सिंग में आने के बाद उन्हें पाकिस्तान टीम से हटा दिया गया था।
जैसा कि आप जानते हैं कि पाकिस्तान एक मुस्लिम देश है और ऐसे में कुछ ही ग़ैर हिन्दू खिलाड़ी हैं जो कि पाकिस्तान के तरफ़ से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुके हैं। दानिश कनेरिया पाकिस्तानी क्रिकेट टीम की ओर से खेल चुके आख़िरी ग़ैर मुस्लिम खिलाड़ी थे। दानिश कनेरिया से पहले पाकिस्तान से खेलने वाले पहले हिन्दू खिलाड़ी विकेट कीपर अनिल दलपत सोनवारिया थे जो कि दानिश कनेरिया के दूर के रिश्तेदार थे। एक विकेटकीपर बल्लेबाज़ के रूप में अनिल दलपत ने साल 1984 में अपने करियर का आगाज़ किया था, लेकिन एक क्रिकेटर के रूप में वे ज़्यादा सफ़ल नहीं हो सके।
दानिश कनेरिया प्रकरण से एक बार फ़िर से साबित हो जाता है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों और ख़ासकर हिन्दुओं के साथ दोअम दर्जे का व्यवहार किया जाता है। ऐसे में पाकिस्तान में प्रताड़ित हिन्दुओं समेत अन्य अल्पसख्यकों को भारत की नागरिकता देने के लिए ही मोदी सरकार ने नागरिकता संशोधन क़ानून बनाया है, लेकिन कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टियां इस क़ानून का इस आधार पर विरोध कर रही हैं कि यह क़ानून मुस्लिमों के साथ भेदभाव करता है। अब देखना होगा कि दानिश कनेरिया मामले के बाद भारत की विपक्षी पार्टियां नये क़ानून के समर्थन में आती हैं या नहीं?
DEC 27 (WTN) – CAA (Citizenship Amendment Act) यानी नागरिकता संशोधन क़ानून को लेकर विपक्षी पार्टियां केन्द्र सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोले हुए हैं। विपक्षी पार्टियों अपने कुछ अलग ही तर्कों के साथ नागरिकता संशोधन क़ानून का विरोध कर रही हैं और उनका कहना है कि इस क़ानून में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आने वाले मुस्लिमों को क्यों अलग रखा गया है? वहीं दूसरी तरफ़ मोदी सरकार का तर्क है कि नागरिकता क़ानून के ज़रिये इन तीनों देशों में रहने वाले पीड़ित अल्पसंख्यकों को भारत में नागरिकता मिलने का अधिकार मिल जाएगा और उन्हें वहां पर परेशान नहीं होना पड़ेगा और इस क़ानून में उन देशों में रहने वाले सिर्फ़ अल्पसंख्यकों के लिए नागरिकता देने की बात कही गई है।
दरअसल, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग से लेकर दुनिया की कई सामाजिक संस्थाओं ने इस बात की पुष्टि की है पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों और ख़ासकर हिन्दुओं के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता है। भारत के विभाजन के वक़्त पाकिस्तान में बड़ी तादात में हिन्दू रहा करते थे, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिम कट्टरपंथियों की हिंसा के कारण आज पाकिस्तान में 3 प्रतिशत के क़रीब ही हिन्दू आबादी रह गई है। हिन्दू लड़कियों और महिलाओं के साथ ज़्यादती पाकिस्तान में आम बात है। इसी कारण ही मोदी सरकार ने पाकिस्तान में प्रताड़ित हिन्दुओं की बेहतरी के लिए उन्हें भारत की नागरिकता देने का क़ानून बनाया है।
लेकिन पाकिस्तान में हिन्दुओं के साथ कितना भेदभाव किया जाता है इसका ख़ुलासा अब ख़ुद पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ रहे और रावलपिण्डी एक्सप्रेस के नाम से मशहूर शोएब अख़्तर ने किया है। अपनी तेज़ गेंदबाज़ी के चलते बल्लेबाज़ों में ख़ौफ़ पैदा करने वाले शोएब अख़्तर के एक वीडियो में ख़ुलासा हुआ है कि एक हिन्दू होने के कारण पाकिस्तान के पूर्व स्पिन गेंदबाज़ दानिश कनेरिया के साथ पाकिस्तानी क्रिकेट टीम में ज़्यादती होती थी। शोएब अख़्तर के इस ख़ुलासे के बाद भारत की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है और इसके ज़रिये भाजपा अब कांग्रेस पर निशाना साध रही है।
दरअसल, शोएब अख्तर ने अपने एक वीडियो में ख़ुलासा किया है कि पाकिस्तान के क्रिकेट खिलाड़ी दानिश कनेरिया के साथ भेदभाव करते थे और उनके साथ खाना नहीं खाते थे क्योंकि वे (दानिश कनेरिया) एक हिन्दू थे। शोएब अख़्तर के इस ख़ुलासे के बाद ख़ुद दानिश कनेरिया ने ख़ुद इस बात की पुष्टि कर दी है कि उनके साथ पाकिस्तानी क्रिकेट खिलाड़ी ज़्यादती करते थे। दानिश कनेरिया का कहना है कि वे जल्द ही उन खिलाड़ियों का नाम बताएंगे जो उनके साथ इस तरह का बुरा बर्ताव करते थे।
वहीं शोएब अख़्तर के ख़ुलासे के बाद पूर्व क्रिकेटर दानिश कनेरिया का कहना है, “पाकिस्तान के खिलाड़ियों को मेरे साथ खाने में समस्या होती थी, क्योंकि मैं एक हिन्दू खिलाड़ी था। शोएब अख़्तर ने जो कहा है वो सच कहा है और मैं जल्द ही उन खिलाड़ियों के नाम बताऊंगा जो मुझसे बात करना भी पसंद नहीं करते थे, क्योंकि मैं एक हिन्दू था। उस समय इस पर बोलने की मेरी हिम्मत नहीं थी, लेकिन अब मैं बोलूंगा और उन खिलाड़ियों के नाम बताऊंगा।”
शोएब अख़्तर के इस वीडियो के बाद भाजपा अब कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टियों पर आक्रामक हो गई है। भाजपा का आरोप है कि पाकिस्तानी क्रिकेटर दानिश कनेरिया के साथ खाना नहीं खाते थे और उन्हें लगातार परेशान किया जाता था, क्योंकि वो हिन्दू थे। भाजपा का कहना है कि शोएब अख़्तर के वीडियो से ख़ुलासा होता है और इस बात का अन्दाज़ा लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ किस तरह का व्यवहार किया जाता है।
भाजपा ने कांग्रेस समेत विपक्ष को घेरते हुए कहा है कि अगर दानिश कनेरिया जैसे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर के साथ पाकिस्तान में इस तरह का व्यवहार हो रहा है, तो विचार कीजिए कि अन्य ग़ैर मुस्लिमों के साथ किस तरह का व्यवहार होता होगा। ऐसे में अगर नागरिकता संशोधन क़ानून में इन शरणार्थियों को मदद दी जाती है तो इसका कांग्रेसी और वामपंथी क्यों विरोध कर रहे हैं? वहीं भाजपा का कहना है कि नागरिकता संशोधन क़ानून एक मानवीय क़ानून है जो पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यकों को इतनी हिम्मत दे रहा है कि वो अपनी बात कह सकें, लेकिन अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार का कांग्रेसी और वामपंथी विरोध कर रहे हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दानिश कनेरिया पाकिस्तान की ओर से सबसे ज़्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले स्पिन गेंदबाज़ हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में कुल 261 विकेट लिये हैं। कनेरिया ने पाकिस्तान के प्रसिद्ध स्पिन गेंदबाज़ों अब्दुल कादिर, सकलैन मुश्ताक और मुश्ताक अहमद को टेस्ट क्रिकेट में विकेट लेने के मामले में पीछे छोड़ दिया है। दानिश कनेरिया ने पाकिस्तान टीम के लिए 61 टेस्ट मैच खेले हैं। साल 2000 में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले दानिश कनेरिया का नाम फिक्सिंग में आने के बाद उन्हें पाकिस्तान टीम से हटा दिया गया था।
जैसा कि आप जानते हैं कि पाकिस्तान एक मुस्लिम देश है और ऐसे में कुछ ही ग़ैर हिन्दू खिलाड़ी हैं जो कि पाकिस्तान के तरफ़ से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुके हैं। दानिश कनेरिया पाकिस्तानी क्रिकेट टीम की ओर से खेल चुके आख़िरी ग़ैर मुस्लिम खिलाड़ी थे। दानिश कनेरिया से पहले पाकिस्तान से खेलने वाले पहले हिन्दू खिलाड़ी विकेट कीपर अनिल दलपत सोनवारिया थे जो कि दानिश कनेरिया के दूर के रिश्तेदार थे। एक विकेटकीपर बल्लेबाज़ के रूप में अनिल दलपत ने साल 1984 में अपने करियर का आगाज़ किया था, लेकिन एक क्रिकेटर के रूप में वे ज़्यादा सफ़ल नहीं हो सके।
दानिश कनेरिया प्रकरण से एक बार फ़िर से साबित हो जाता है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों और ख़ासकर हिन्दुओं के साथ दोअम दर्जे का व्यवहार किया जाता है। ऐसे में पाकिस्तान में प्रताड़ित हिन्दुओं समेत अन्य अल्पसख्यकों को भारत की नागरिकता देने के लिए ही मोदी सरकार ने नागरिकता संशोधन क़ानून बनाया है, लेकिन कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टियां इस क़ानून का इस आधार पर विरोध कर रही हैं कि यह क़ानून मुस्लिमों के साथ भेदभाव करता है। अब देखना होगा कि दानिश कनेरिया मामले के बाद भारत की विपक्षी पार्टियां नये क़ानून के समर्थन में आती हैं या नहीं?