बैंक उपभोक्ताओं को रिज़र्व बैंक ने दी ‘यह बड़ी’ सहूलियत
Friday - January 10, 2020 1:25 pm ,
Category : WTN HINDI
रिज़र्व बैंक ऑफ़ इण्डिया ने वीडियो केवाईसी को दी मन्जूरी
बैंक उपभोक्ताओं को हुई आसानी, अब वीडियो कॉलिंग के ज़रिये हो सकेगी KYC
JAN 10 (WTN) – आपका किसी ना किसी बैंक में खाता तो होगा ही। वहीं यदि बैंक में खाता है, तो आपने KYC (Know Your Customer) भी कराया ही होगा। लेकिन जैसा कि आप जानते हैं कि केवाईसी कराने के लिए आपको बैंक में जाना होता है, लेकिन यदि हम आपस कहें कि अब केवाईसी कराने के लिए बैंक में जाने की ज़रूरत नहीं है, और केवाईसी का काम वीडियो कॉल पर ही हो जाएगा, तो यह पढ़कर चौक गये होंगे आप। जीहां ऐसा ही कुछ अब होने जा रहा है। क्या है यह पूरा मामला, आइये आपको विस्तार से बताते हैं।
दरअसल, भारत के केन्द्रीय बैंक, रिज़र्व बैंक ऑफ़ इण्डिया ने मास्टर केवाईसी (KYC) गाइडलाइन्स में संशोधन किया है। यानी अब केवाईसी की प्रक्रिया मोबाइल वीडियो बातचीत के आधार पर हो सकेगी। केन्द्रीय बैंक द्वारा रेगुलेट किए जाने वाले बैंकों, गैर बैंकिंग वित्तीय कम्पनियों (NBFC), वॉलेट सर्विस प्रोवाइडर्स और अन्य वित्तीय सेवा प्रदान करने वाली कम्पनियों के लिए यह बड़ी राहत की बात है। वहीं बैंकों और बैंकिंग वित्तीय कम्पनियों के ऑफिस से दूर रहने वाले उपभोक्ताओं के लिए भी यह एक बड़ी सहूलियत है। बता दें कि रिज़र्व बैंक ने आधार कार्ड और अन्य ई-दस्तावेज़ों के ज़रिये eKYC और डिजिटल केवाईसी की सुविधा दी है।
बता दें कि रिज़र्व बैंक के इस फ़ैसले से भारतीय बाज़ार उन चुनिंदा बाज़ारों में शामिल हो गया है जहां नियमों में संशोधन कर वीडियो केवाईसी को मंजूरी दी गई है। केवाईसी नियमों में संशोधन के लिए आरबीआई नोटिफिकेशन के अनुसार, केन्द्रीय बैंक ने वीडियो आधारित कस्टमर आइडेंटिफिकेशन प्रॉसेस(VCIP) को ग्राहक अनुमति आधारित वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में पेश किया है जिससे उपभोक्ता की पहचान करना आसान हो जाये।
जानकारी के लिए बता दें कि रिज़र्व बैंक के इस फ़ैसले के बाद दूरदराज के क्षेत्रों में मौजूद फाइनेंशल इंस्टीट्यूशन अधिकारी आधार कार्ड और PAN के साथ ही कुछ सवालों के ज़रिये उपभोक्ता की पहचान कर सकेंगे। बता दे कि वीडियो केवाईसी के लिए उपभोक्ता का भारत में ही होना ज़रूरी है, और यह सुनिश्चित करने के लिए कि वह देश में ही मौजूद है, उपभोक्ता की जियो लोकेशन आदि का सहारा लिया जायेगा।
बता दें कि वीडियो के ज़रिये केवाईसी के लिए काफ़ी शर्तें हैं, जैसे वीडियो कॉल सम्बन्धित बैंक के डोमेन से ही किया जाएगा, न कि व्हाट्सएप या गूगल ड्यूओ जैसे थर्ड पार्टी सोर्स के ज़रिये। बता दें कि बैंकों को वीडियो केवाईसी प्रॉसेस शुरू करने से पहले अपनी ऐप्लिकेशन्स और वेबसाइटों को लिंक करना होगा। रिज़र्व बैंक के नोटिफिकेशन के अनुसार, VCIP की प्रक्रिया बैंकों द्वारा ट्रेन्ड अधिकारियों से ही करवाई जाना चाहिये।
JAN 10 (WTN) – आपका किसी ना किसी बैंक में खाता तो होगा ही। वहीं यदि बैंक में खाता है, तो आपने KYC (Know Your Customer) भी कराया ही होगा। लेकिन जैसा कि आप जानते हैं कि केवाईसी कराने के लिए आपको बैंक में जाना होता है, लेकिन यदि हम आपस कहें कि अब केवाईसी कराने के लिए बैंक में जाने की ज़रूरत नहीं है, और केवाईसी का काम वीडियो कॉल पर ही हो जाएगा, तो यह पढ़कर चौक गये होंगे आप। जीहां ऐसा ही कुछ अब होने जा रहा है। क्या है यह पूरा मामला, आइये आपको विस्तार से बताते हैं।
दरअसल, भारत के केन्द्रीय बैंक, रिज़र्व बैंक ऑफ़ इण्डिया ने मास्टर केवाईसी (KYC) गाइडलाइन्स में संशोधन किया है। यानी अब केवाईसी की प्रक्रिया मोबाइल वीडियो बातचीत के आधार पर हो सकेगी। केन्द्रीय बैंक द्वारा रेगुलेट किए जाने वाले बैंकों, गैर बैंकिंग वित्तीय कम्पनियों (NBFC), वॉलेट सर्विस प्रोवाइडर्स और अन्य वित्तीय सेवा प्रदान करने वाली कम्पनियों के लिए यह बड़ी राहत की बात है। वहीं बैंकों और बैंकिंग वित्तीय कम्पनियों के ऑफिस से दूर रहने वाले उपभोक्ताओं के लिए भी यह एक बड़ी सहूलियत है। बता दें कि रिज़र्व बैंक ने आधार कार्ड और अन्य ई-दस्तावेज़ों के ज़रिये eKYC और डिजिटल केवाईसी की सुविधा दी है।
बता दें कि रिज़र्व बैंक के इस फ़ैसले से भारतीय बाज़ार उन चुनिंदा बाज़ारों में शामिल हो गया है जहां नियमों में संशोधन कर वीडियो केवाईसी को मंजूरी दी गई है। केवाईसी नियमों में संशोधन के लिए आरबीआई नोटिफिकेशन के अनुसार, केन्द्रीय बैंक ने वीडियो आधारित कस्टमर आइडेंटिफिकेशन प्रॉसेस(VCIP) को ग्राहक अनुमति आधारित वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में पेश किया है जिससे उपभोक्ता की पहचान करना आसान हो जाये।
जानकारी के लिए बता दें कि रिज़र्व बैंक के इस फ़ैसले के बाद दूरदराज के क्षेत्रों में मौजूद फाइनेंशल इंस्टीट्यूशन अधिकारी आधार कार्ड और PAN के साथ ही कुछ सवालों के ज़रिये उपभोक्ता की पहचान कर सकेंगे। बता दे कि वीडियो केवाईसी के लिए उपभोक्ता का भारत में ही होना ज़रूरी है, और यह सुनिश्चित करने के लिए कि वह देश में ही मौजूद है, उपभोक्ता की जियो लोकेशन आदि का सहारा लिया जायेगा।
बता दें कि वीडियो के ज़रिये केवाईसी के लिए काफ़ी शर्तें हैं, जैसे वीडियो कॉल सम्बन्धित बैंक के डोमेन से ही किया जाएगा, न कि व्हाट्सएप या गूगल ड्यूओ जैसे थर्ड पार्टी सोर्स के ज़रिये। बता दें कि बैंकों को वीडियो केवाईसी प्रॉसेस शुरू करने से पहले अपनी ऐप्लिकेशन्स और वेबसाइटों को लिंक करना होगा। रिज़र्व बैंक के नोटिफिकेशन के अनुसार, VCIP की प्रक्रिया बैंकों द्वारा ट्रेन्ड अधिकारियों से ही करवाई जाना चाहिये।