भूलकर भी ना करें टिकटॉक के इस्तेमाल में ‘यह’ ग़लती
Saturday - January 11, 2020 3:58 pm ,
Category : WTN HINDI
आपके टिकटॉक पर है हैकर्स की नज़र
एसएमएस के ज़रिये हैकर्स कर रहे हैं टिकटॉक हैक
JAN 11 (WTN) – दुनिया के दूसरे सबसे बड़े आबादी वाले देश भारत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिकटॉक के प्रति लोगों की दीवानगी किसी से भी छिपी नहीं है। बता दें कि पूरी दुनिया में टिकटॉक के क़रीब 150 करोड़ यूज़र्स हैं, वहीं भारत में भी टिकटॉक यूज़र्स की संख्या करोड़ों में है। अकेले भारत में ही टिकटॉक के क़रीब 30 करोड़ एक्टिव यूज़र्स हैं। लेकिन यदि आप टिकटॉक के ज़रिये मनोरंजन करते हैं, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि टिकटॉक की सिक्युरिटी पर इन दिनों सवाल उठ रहे हैं।
बता दें कि दुनियाभर में पॉपुलर चाइनीज़ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिकटॉक को लेकर अमेरिका में जहां यूज़र्स के डेटा को लेकर चिन्ता ज़ाहिर की जा रही है, वहीं इज़रायल की साइबर सिक्योरिटी फर्म चेक प्वाइंट ने भी टिकटॉक के हैक होने का ख़तरा बताया है। जीहां साइबर सिक्योरिटी रिसर्च फर्म चेक प्वाइंट ने टिकटॉक मोबाइल ऐप में छिपे ख़तरों की पहचान की है। रिसर्च के मुताबिक़, ऐप में मौजूद इन कमज़ोरियों के कारण यूज़र्स के अकाउंट को हैकर्स आसानी से हैक कर सकते हैं और उनकी पर्सनल डीटेल को चुरा सकते हैं।
हालांकि, फर्म का कहना है कि उन्होंने टिकटॉक अथॉरिटीज़ को इस कमज़ोरी के बारे में जानकारी दे दी है और इसका समाधान भी बता दिया है जिससे वे इस समस्या का हल आसानी से निकाल सकें। बता दें कि अपनी रिपोर्ट में चेक प्वाइंट रिसर्च ने बताया है कि हैकर एसएमएस के ज़रिये टिकटॉक अकाउंट को हैक कर सकते हैं। यदि यूज़र्स ने एसएमएस पर आई एक लिंक पर क्लिक किया, तो हैकर को उनके टिकटॉक अकाउंट का कंट्रोल मिल जाता है। इसी लिंक और कंट्रोल की मदद से हैकर्स उनके अकाउंट पर कुछ भी शेयर कर सकते हैं। यानी हैकर्स यूज़र्स के वीडियो को डिलीट कर सकते हैं, अपलोड कर सकते हैं या प्राइवेट वीडियो को पब्लिक कर सकते हैं।
इस बारे में चेक प्वाइंट का कहना है कि टिकटॉक की इसी कमी के कारण यूज़र्स की पर्सनल जानकारी भी लीक हो सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि टिकटॉक की इस कमज़ोरी का कारण टिकटॉक का ही एक सब-डोमेन है। हालांकि, मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, टिकटॉक का कहना है कि वो यूज़र्स के डेटा की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध हैं और अन्य संस्थाओं की तरह विभिन्न सिक्योरिटी रिसर्चर्स को बढ़ावा देता है। वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस बारे में टिकटॉक का कहना है कि सार्वजनिक तौर पर जाने से पहले चेक प्वाइंट ने इसकी पुष्टि की है और हमारी कोशिश है कि इस तरह की सभी दिक्कतें लेटेस्ट अपडेट में दूर हो जाएंगी।
यदि आप भी टिकटॉक का इस्तेमाल करते हैं, तो हमारी आपको यही सलाह है कि किसी भी अनजान और संदिग्ध एसएमएस पर क्लिक ना करें, क्योंकि यदि आपने ग़लती से भी ऐसा किया तो आपकी टिकटॉक की लिंक हैकर्स को मिल जाएगी। और यदि हैकर्स को आपकी टिकटॉक की लिंक मिल गई, तो वह आपके टिकटॉक का दुरुपयोग कर सकते हैं, जिसका खामियाजा आपको उठाना पड़ सकता है। तो हमारी सलाह है कि पहले तो किसी भी संदिग्ध एसएमएस पर क्लिक ना करें, और समय-समय पर अपने टिकटॉक ऐप को अपडेट करते रहें।
JAN 11 (WTN) – दुनिया के दूसरे सबसे बड़े आबादी वाले देश भारत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिकटॉक के प्रति लोगों की दीवानगी किसी से भी छिपी नहीं है। बता दें कि पूरी दुनिया में टिकटॉक के क़रीब 150 करोड़ यूज़र्स हैं, वहीं भारत में भी टिकटॉक यूज़र्स की संख्या करोड़ों में है। अकेले भारत में ही टिकटॉक के क़रीब 30 करोड़ एक्टिव यूज़र्स हैं। लेकिन यदि आप टिकटॉक के ज़रिये मनोरंजन करते हैं, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि टिकटॉक की सिक्युरिटी पर इन दिनों सवाल उठ रहे हैं।
बता दें कि दुनियाभर में पॉपुलर चाइनीज़ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिकटॉक को लेकर अमेरिका में जहां यूज़र्स के डेटा को लेकर चिन्ता ज़ाहिर की जा रही है, वहीं इज़रायल की साइबर सिक्योरिटी फर्म चेक प्वाइंट ने भी टिकटॉक के हैक होने का ख़तरा बताया है। जीहां साइबर सिक्योरिटी रिसर्च फर्म चेक प्वाइंट ने टिकटॉक मोबाइल ऐप में छिपे ख़तरों की पहचान की है। रिसर्च के मुताबिक़, ऐप में मौजूद इन कमज़ोरियों के कारण यूज़र्स के अकाउंट को हैकर्स आसानी से हैक कर सकते हैं और उनकी पर्सनल डीटेल को चुरा सकते हैं।
हालांकि, फर्म का कहना है कि उन्होंने टिकटॉक अथॉरिटीज़ को इस कमज़ोरी के बारे में जानकारी दे दी है और इसका समाधान भी बता दिया है जिससे वे इस समस्या का हल आसानी से निकाल सकें। बता दें कि अपनी रिपोर्ट में चेक प्वाइंट रिसर्च ने बताया है कि हैकर एसएमएस के ज़रिये टिकटॉक अकाउंट को हैक कर सकते हैं। यदि यूज़र्स ने एसएमएस पर आई एक लिंक पर क्लिक किया, तो हैकर को उनके टिकटॉक अकाउंट का कंट्रोल मिल जाता है। इसी लिंक और कंट्रोल की मदद से हैकर्स उनके अकाउंट पर कुछ भी शेयर कर सकते हैं। यानी हैकर्स यूज़र्स के वीडियो को डिलीट कर सकते हैं, अपलोड कर सकते हैं या प्राइवेट वीडियो को पब्लिक कर सकते हैं।
इस बारे में चेक प्वाइंट का कहना है कि टिकटॉक की इसी कमी के कारण यूज़र्स की पर्सनल जानकारी भी लीक हो सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि टिकटॉक की इस कमज़ोरी का कारण टिकटॉक का ही एक सब-डोमेन है। हालांकि, मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, टिकटॉक का कहना है कि वो यूज़र्स के डेटा की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध हैं और अन्य संस्थाओं की तरह विभिन्न सिक्योरिटी रिसर्चर्स को बढ़ावा देता है। वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस बारे में टिकटॉक का कहना है कि सार्वजनिक तौर पर जाने से पहले चेक प्वाइंट ने इसकी पुष्टि की है और हमारी कोशिश है कि इस तरह की सभी दिक्कतें लेटेस्ट अपडेट में दूर हो जाएंगी।
यदि आप भी टिकटॉक का इस्तेमाल करते हैं, तो हमारी आपको यही सलाह है कि किसी भी अनजान और संदिग्ध एसएमएस पर क्लिक ना करें, क्योंकि यदि आपने ग़लती से भी ऐसा किया तो आपकी टिकटॉक की लिंक हैकर्स को मिल जाएगी। और यदि हैकर्स को आपकी टिकटॉक की लिंक मिल गई, तो वह आपके टिकटॉक का दुरुपयोग कर सकते हैं, जिसका खामियाजा आपको उठाना पड़ सकता है। तो हमारी सलाह है कि पहले तो किसी भी संदिग्ध एसएमएस पर क्लिक ना करें, और समय-समय पर अपने टिकटॉक ऐप को अपडेट करते रहें।