एटीएम के इस्तेमाल में भूलकर भी ना करें ‘यह ग़लतियां’!
Tuesday - January 14, 2020 3:42 pm ,
Category : WTN HINDI
हैकर्स के निशाने पर हैं एटीएम
कहीं आप तो नहीं निकालते ‘असुरक्षित एटीएम’ से पैसा!
JAN 14 (WTN) – पैसा निकालने के लिए आप एटीएम का इस्तेमाल तो करते ही होंगे। लेकिन यदि आप एटीएम का इस्तेमाल सावधानी से नहीं करते हैं तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आपकी इसी असावधानी के कारण आपका बैंक अकाउंट खाली तक हो सकता है। जी हां पढ़कर चौक ज़रूर गये होंगे आप, लेकिन यह बात सही है कि एटीएम का इस्तेमाल करते समय काफ़ी सावधानी बरतने की ज़रूरत है। सबसे पहले तो हमारी आपको यही सलाह है कि जिस भी एटीएम से आप पैसा निकाल रहे हैं, उसे अच्छी तरह से चेक कर लें कि वो एटीएम सुरक्षित है कि नहीं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एटीएम में सबसे ज़्यादा ख़तरा एटीएम कार्ड की क्लोनिंग से होता है। आप सोच रहे होंगे कि आख़िर यह कार्ड क्लोनिंग क्या होती है? तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कार्ड क्लोनिंग का मतलब होता है कि आपके कार्ड की पूरी जानकारी हासिल कर ठीक वैसा ही नया कार्ड बनवाना। दरअसल, हैकर्स किसी भी यूज़र का डेटा एटीएम मशीन में कार्ड लगाने वाले स्लॉट से चुरा लेते हैं। ऐसा करने के लिए हैकर्स एटीएम मशीन के कार्ड स्लॉट में ऐसी डिवाइस लगा देते हैं जो आपके कार्ड की पूरी जानकारी स्कैन कर लेती है। कार्ड की जानकारी हासिल करने के बाद हैकर्स ब्लुटूथ या किसी अन्य दूसरी वायरलैस डिवाइस से आपका डेटा चुरा लेते हैं।
तो यदि आप कार्ड क्लोनिंग से बचना चाहते हैं तो आपको कुछ सावधानियां रखने की ज़रूरत है। बता दें कि आपके डेबिट कार्ड यानी एटीएम कार्ड का पूरा एक्सेस हासिल करने के लिए हैकर्स के पास आपके डेबिट कार्ड का पिन नम्बर होना ज़रूरी है। दरअसल, हैकर्स पिन नम्बर को किसी कैमरे से ट्रैक कर सकते हैं। इसलिए इससे बचने के लिए आप जब भी एटीएम में अपना पिन नम्बर एंटर करें तो उसे दूसरे हाथ से छुपा लें जिससे उसकी इमेज सीसीटीवी कैमरा में क़ैद ना हो सके।
वहीं जब आप एटीएम में जाएं तो एटीएम के कार्ड स्लॉट पर भी ध्यान देना काफ़ी ज़रूरी है। यदि आपको लगे कि एटीएम कार्ड स्लॉट में कोई छेड़खानी की गई है, या फ़िर स्लॉट ढीला है या कोई और गड़बड़ है तो उस समय उसका इस्तेमाल ना करें। बता दें कि कार्ड स्लॉट के ज़रिये हैकर्स आपके कार्ड की क्लोनिंग करने में कामयाब हो जाते हैं, जिस कारण वे आपके कार्ड की तरह दूसरा कार्ड बना सकते हैं और आपका बैंक अकाउंट खाली कर सकते हैं।
एटीएम से पैसा निकालते समय कार्ड स्लॉट में कार्ड लगाते समय उसमें जलने वाली लाइट पर भी ध्यान देना ज़रूरी है। बता दें कि कार्ड स्लॉट में हरी यानी ग्रीन लाइट जल रही है तो ही एटीएम सुरक्षित है। लेकिन यदि कार्ड स्लॉट में लाल लाइट जल रही है, या फ़िर कोई भी लाइट नहीं जल रही है तो ऐसे एटीएम का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इसमें कुछ गड़बड़ हो सकती है।
एटीएम का इस्तेमाल करते समय यदि आपने इन सावधानियों का पालन किया तो आपके कार्ड की क्लोनिंग होने से बच सकती है। दरअसल, दूरदराज़ के एटीएम हैकर्स के निशाने पर होते हैं जहां पर भीड़भाड़ कम होती है। हमारी आपको सलाह है कि बैंक परिसर में स्थित या फ़िर भीड़ वाले इलाक़े में स्थित एटीएम का इस्तेमाल ही पैसा निकालने के लिए करें, क्योंकि इन जगहों के एटीएम से कार्ड क्लोन करना हैकर्स के लिए काफ़ी मुश्किल है।
JAN 14 (WTN) – पैसा निकालने के लिए आप एटीएम का इस्तेमाल तो करते ही होंगे। लेकिन यदि आप एटीएम का इस्तेमाल सावधानी से नहीं करते हैं तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आपकी इसी असावधानी के कारण आपका बैंक अकाउंट खाली तक हो सकता है। जी हां पढ़कर चौक ज़रूर गये होंगे आप, लेकिन यह बात सही है कि एटीएम का इस्तेमाल करते समय काफ़ी सावधानी बरतने की ज़रूरत है। सबसे पहले तो हमारी आपको यही सलाह है कि जिस भी एटीएम से आप पैसा निकाल रहे हैं, उसे अच्छी तरह से चेक कर लें कि वो एटीएम सुरक्षित है कि नहीं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एटीएम में सबसे ज़्यादा ख़तरा एटीएम कार्ड की क्लोनिंग से होता है। आप सोच रहे होंगे कि आख़िर यह कार्ड क्लोनिंग क्या होती है? तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कार्ड क्लोनिंग का मतलब होता है कि आपके कार्ड की पूरी जानकारी हासिल कर ठीक वैसा ही नया कार्ड बनवाना। दरअसल, हैकर्स किसी भी यूज़र का डेटा एटीएम मशीन में कार्ड लगाने वाले स्लॉट से चुरा लेते हैं। ऐसा करने के लिए हैकर्स एटीएम मशीन के कार्ड स्लॉट में ऐसी डिवाइस लगा देते हैं जो आपके कार्ड की पूरी जानकारी स्कैन कर लेती है। कार्ड की जानकारी हासिल करने के बाद हैकर्स ब्लुटूथ या किसी अन्य दूसरी वायरलैस डिवाइस से आपका डेटा चुरा लेते हैं।
तो यदि आप कार्ड क्लोनिंग से बचना चाहते हैं तो आपको कुछ सावधानियां रखने की ज़रूरत है। बता दें कि आपके डेबिट कार्ड यानी एटीएम कार्ड का पूरा एक्सेस हासिल करने के लिए हैकर्स के पास आपके डेबिट कार्ड का पिन नम्बर होना ज़रूरी है। दरअसल, हैकर्स पिन नम्बर को किसी कैमरे से ट्रैक कर सकते हैं। इसलिए इससे बचने के लिए आप जब भी एटीएम में अपना पिन नम्बर एंटर करें तो उसे दूसरे हाथ से छुपा लें जिससे उसकी इमेज सीसीटीवी कैमरा में क़ैद ना हो सके।
वहीं जब आप एटीएम में जाएं तो एटीएम के कार्ड स्लॉट पर भी ध्यान देना काफ़ी ज़रूरी है। यदि आपको लगे कि एटीएम कार्ड स्लॉट में कोई छेड़खानी की गई है, या फ़िर स्लॉट ढीला है या कोई और गड़बड़ है तो उस समय उसका इस्तेमाल ना करें। बता दें कि कार्ड स्लॉट के ज़रिये हैकर्स आपके कार्ड की क्लोनिंग करने में कामयाब हो जाते हैं, जिस कारण वे आपके कार्ड की तरह दूसरा कार्ड बना सकते हैं और आपका बैंक अकाउंट खाली कर सकते हैं।
एटीएम से पैसा निकालते समय कार्ड स्लॉट में कार्ड लगाते समय उसमें जलने वाली लाइट पर भी ध्यान देना ज़रूरी है। बता दें कि कार्ड स्लॉट में हरी यानी ग्रीन लाइट जल रही है तो ही एटीएम सुरक्षित है। लेकिन यदि कार्ड स्लॉट में लाल लाइट जल रही है, या फ़िर कोई भी लाइट नहीं जल रही है तो ऐसे एटीएम का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इसमें कुछ गड़बड़ हो सकती है।
एटीएम का इस्तेमाल करते समय यदि आपने इन सावधानियों का पालन किया तो आपके कार्ड की क्लोनिंग होने से बच सकती है। दरअसल, दूरदराज़ के एटीएम हैकर्स के निशाने पर होते हैं जहां पर भीड़भाड़ कम होती है। हमारी आपको सलाह है कि बैंक परिसर में स्थित या फ़िर भीड़ वाले इलाक़े में स्थित एटीएम का इस्तेमाल ही पैसा निकालने के लिए करें, क्योंकि इन जगहों के एटीएम से कार्ड क्लोन करना हैकर्स के लिए काफ़ी मुश्किल है।