यदि लागू हुआ प्रस्तावित टैक्स स्लैब तो ‘इन लोगों’ को हो सकता है नुकसान
Thursday - January 16, 2020 3:52 pm ,
Category : WTN HINDI
इनकम टैक्स के लिए चार नये टैक्स स्लैब प्रस्तावित
मोदी सरकार के बजट पर टिकी निगाहें, टैक्स स्लैब में हो सकता है परिवर्तन
JAN 16 (WTN) – वित्त वर्ष 2020-21 के लिए दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र और दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाले देश भारत का बजट एक फरवरी को पेश होने वाला है। हर बार की ही तरह इस बार भी लोगों की निगाहें बजट में इनकम टैक्स पर होने वाली घोषणाओं पर टिकी हुई हैं। दरअसल, हर बार बजट से लोगों की उम्मीद रहती है कि इनकम टैक्स से उन्हें कुछ राहत मिले। वैसे समय-समय पर सरकारें इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव करती रहती हैं जिससे आम आदमी को राहत मिल सके। इसी कड़ी में इस बार के बजट से भी लोगों को काफ़ी उम्मीदें हैं कि मोदी सरकार अपने इस बजट में आम लोगों को टैक्स में कुछ राहत दे।
वैसे मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, इस बजट में सरकार की ओर से इनकम टैक्स में मौजूदा तीन टैक्स स्लैब की जगह पर चार टैक्स स्लैब प्रस्तावित करने की सम्भावना है। यदि सही में ऐसा होता है तो इससे किसे लाभ मिलेगा और किसे नुकसान होगा, आइये इसी पर नज़र डालते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि इनकम टैक्स में परिवर्तन के लिए गठित की गई टास्क फोर्स ने अगस्त, 2019 में पेश की गई अपनी रिपोर्ट में चार नये स्लैब का सुझाव दिया है।
टास्क फोर्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, 2.5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये की बीच वार्षिक कमाई वाले व्यक्तियों के लिए 10 प्रतिशत टैक्स रेट प्रस्तावित किया जा सकता है। इसी तरह 10 लाख रुपये से लेकर 20 लाख रुपये के बीच सालाना आय वालों के लिए 20 प्रतिशत, और 20 लाख रुपये से 2 करोड़ रुपये की सालाना आय वालों के लिए 30 प्रतिशत टैक्स का प्रस्ताव लाया जा सकता है। इतना ही नहीं, सालाना दो करोड़ रुपये से अधिक आय वाले लोगों पर 35 प्रतिशत टैक्स दर तय की जा सकती है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फ़िलहाल जो टैक्स स्लैब है उसके अनुसार, 2.5 लाख रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक की सालाना आय पर 5 प्रतिशत टैक्स देना होता है। वहीं 5 लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये सालाना आय पर 20 प्रतिशत की टैक्स दर है। बात करें 10 लाख रुपये या उससे ज़्यादा की सालाना कमाई पर तो इस पर 30 प्रतिशत टैक्स का प्रावधान है।
पिछले साल 1 फरवरी 2019 को जब मोदी सरकार ने अन्तरिम बजट पेश किया था तो तत्कालीन वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने 5 लाख रुपये तक की सालाना कमाई पर रीबेट यानी छूट दी थी। लेकिन बजट प्रस्ताव में साफ़ था कि रीबेट का लाभ तभी मिल सकता है जब रिटर्न भरा जाये। बता दें कि यदि आपकी सालाना कमाई 5 लाख रुपये है और आप रिटर्न नहीं भरते हैं तो आपको आयकर विभाग का नोटिस आ सकता है। टैक्स रीबेट का फ़ायदा उठाने के लिए आपको अपनी वार्षिक इनकम को घोषित करना होगा। आपकी जानकारी के लिये बता दें कि वर्तमान में स्टैण्डर्ड डिडक्शन के अलावा सेक्शन 80C के तहत कुल 2 लाख रुपये की छूट मिलती है।
अब यदि टास्क फोर्स के सुझाव पर टैक्स स्लैब में बदलाव होता है तो इसका सबसे ज़्यादा असर मध्यम वर्ग पर पड़ने वाला है। अब इसमें कुछ टैक्सपेयर्स को फ़ायदा हो सकता है और कुछ टैक्सपेयर्स को नुकसान हो सकता है। दरअसल, जिनकी वार्षिक आय 5 लाख रुपये तक है और जो वर्तमान में 5 प्रतिशत की दर से इनकम टैक्स दे रहे हैं उन्हें सम्भावित नये टैक्स स्लैब से 10 प्रतिशत की दर से टैक्स चुकाना होगा। स्वाभाविक है कि इससे 2.5 से 5 लाख रुपये सालाना कमाई वाले टैक्सपेयर्स के लिए नुकसान होगा।
वहीं सम्भावित नये टैक्स स्लैब से उन टैक्सपेयर्स को राहत मिलेगी जो वर्तमान में 5 लाख से 10 लाख रुपये की वार्षिक कमाई पर 20 प्रतिशत की दर से टैक्स दे रहे हैं। क्योंकि यदि नया टैक्स स्लैब लागू होता है तो यह लोग 10 प्रतिशत टैक्स स्लैब के दायरे में आ जाएंगे। स्वाभाविक है कि इससे 5 से 10 लाख रुपये सालाना इनकम वालों को टैक्स में राहत मिलेगी। वहीं 10 लाख रुपये या उससे ज़्यादा की वार्षिक कमाई वालों के लिए वर्तमान में 30 प्रतिशत की दर से टैक्स लगता है, लेकिन नये स्लैब से उन्हें 20 प्रतिशत की दर से ही टैक्स देना होगा। यानी इससे इस कैटेगरी के लोगों को भी राहत मिलेगी।
साफ़ ज़ाहिर है कि यदि टास्क फोर्स की सिफ़ारिश पर नया स्लैब लागू होता है तो इससे 2.5 से 5 लाख रुपये सालाना इनकम वालों को नुकसान होगा, लेकिन वहीं इससे ज़्यादा सालाना कमाई करने वालों को इससे फ़ायदा ही होगा। अब देखना होगा कि टास्क फोर्स की सिफ़ारिश मानकर मोदी सरकार नया टैक्स स्लैब लागू करती है या नहीं।
JAN 16 (WTN) – वित्त वर्ष 2020-21 के लिए दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र और दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाले देश भारत का बजट एक फरवरी को पेश होने वाला है। हर बार की ही तरह इस बार भी लोगों की निगाहें बजट में इनकम टैक्स पर होने वाली घोषणाओं पर टिकी हुई हैं। दरअसल, हर बार बजट से लोगों की उम्मीद रहती है कि इनकम टैक्स से उन्हें कुछ राहत मिले। वैसे समय-समय पर सरकारें इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव करती रहती हैं जिससे आम आदमी को राहत मिल सके। इसी कड़ी में इस बार के बजट से भी लोगों को काफ़ी उम्मीदें हैं कि मोदी सरकार अपने इस बजट में आम लोगों को टैक्स में कुछ राहत दे।
वैसे मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, इस बजट में सरकार की ओर से इनकम टैक्स में मौजूदा तीन टैक्स स्लैब की जगह पर चार टैक्स स्लैब प्रस्तावित करने की सम्भावना है। यदि सही में ऐसा होता है तो इससे किसे लाभ मिलेगा और किसे नुकसान होगा, आइये इसी पर नज़र डालते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि इनकम टैक्स में परिवर्तन के लिए गठित की गई टास्क फोर्स ने अगस्त, 2019 में पेश की गई अपनी रिपोर्ट में चार नये स्लैब का सुझाव दिया है।
टास्क फोर्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, 2.5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये की बीच वार्षिक कमाई वाले व्यक्तियों के लिए 10 प्रतिशत टैक्स रेट प्रस्तावित किया जा सकता है। इसी तरह 10 लाख रुपये से लेकर 20 लाख रुपये के बीच सालाना आय वालों के लिए 20 प्रतिशत, और 20 लाख रुपये से 2 करोड़ रुपये की सालाना आय वालों के लिए 30 प्रतिशत टैक्स का प्रस्ताव लाया जा सकता है। इतना ही नहीं, सालाना दो करोड़ रुपये से अधिक आय वाले लोगों पर 35 प्रतिशत टैक्स दर तय की जा सकती है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फ़िलहाल जो टैक्स स्लैब है उसके अनुसार, 2.5 लाख रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक की सालाना आय पर 5 प्रतिशत टैक्स देना होता है। वहीं 5 लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये सालाना आय पर 20 प्रतिशत की टैक्स दर है। बात करें 10 लाख रुपये या उससे ज़्यादा की सालाना कमाई पर तो इस पर 30 प्रतिशत टैक्स का प्रावधान है।
पिछले साल 1 फरवरी 2019 को जब मोदी सरकार ने अन्तरिम बजट पेश किया था तो तत्कालीन वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने 5 लाख रुपये तक की सालाना कमाई पर रीबेट यानी छूट दी थी। लेकिन बजट प्रस्ताव में साफ़ था कि रीबेट का लाभ तभी मिल सकता है जब रिटर्न भरा जाये। बता दें कि यदि आपकी सालाना कमाई 5 लाख रुपये है और आप रिटर्न नहीं भरते हैं तो आपको आयकर विभाग का नोटिस आ सकता है। टैक्स रीबेट का फ़ायदा उठाने के लिए आपको अपनी वार्षिक इनकम को घोषित करना होगा। आपकी जानकारी के लिये बता दें कि वर्तमान में स्टैण्डर्ड डिडक्शन के अलावा सेक्शन 80C के तहत कुल 2 लाख रुपये की छूट मिलती है।
अब यदि टास्क फोर्स के सुझाव पर टैक्स स्लैब में बदलाव होता है तो इसका सबसे ज़्यादा असर मध्यम वर्ग पर पड़ने वाला है। अब इसमें कुछ टैक्सपेयर्स को फ़ायदा हो सकता है और कुछ टैक्सपेयर्स को नुकसान हो सकता है। दरअसल, जिनकी वार्षिक आय 5 लाख रुपये तक है और जो वर्तमान में 5 प्रतिशत की दर से इनकम टैक्स दे रहे हैं उन्हें सम्भावित नये टैक्स स्लैब से 10 प्रतिशत की दर से टैक्स चुकाना होगा। स्वाभाविक है कि इससे 2.5 से 5 लाख रुपये सालाना कमाई वाले टैक्सपेयर्स के लिए नुकसान होगा।
वहीं सम्भावित नये टैक्स स्लैब से उन टैक्सपेयर्स को राहत मिलेगी जो वर्तमान में 5 लाख से 10 लाख रुपये की वार्षिक कमाई पर 20 प्रतिशत की दर से टैक्स दे रहे हैं। क्योंकि यदि नया टैक्स स्लैब लागू होता है तो यह लोग 10 प्रतिशत टैक्स स्लैब के दायरे में आ जाएंगे। स्वाभाविक है कि इससे 5 से 10 लाख रुपये सालाना इनकम वालों को टैक्स में राहत मिलेगी। वहीं 10 लाख रुपये या उससे ज़्यादा की वार्षिक कमाई वालों के लिए वर्तमान में 30 प्रतिशत की दर से टैक्स लगता है, लेकिन नये स्लैब से उन्हें 20 प्रतिशत की दर से ही टैक्स देना होगा। यानी इससे इस कैटेगरी के लोगों को भी राहत मिलेगी।
साफ़ ज़ाहिर है कि यदि टास्क फोर्स की सिफ़ारिश पर नया स्लैब लागू होता है तो इससे 2.5 से 5 लाख रुपये सालाना इनकम वालों को नुकसान होगा, लेकिन वहीं इससे ज़्यादा सालाना कमाई करने वालों को इससे फ़ायदा ही होगा। अब देखना होगा कि टास्क फोर्स की सिफ़ारिश मानकर मोदी सरकार नया टैक्स स्लैब लागू करती है या नहीं।