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अब दिन में सस्ती तो रात को महंगी मिलेगी बिजली!

Thursday - January 23, 2020 1:01 pm , Category : WTN HINDI
दिन और रात के लिए बिजली की अलग-अलग दरों को मिली मंजूरी
दिन और रात के लिए बिजली की अलग-अलग दरों को मिली मंजूरी

जल्द लगेंगे स्मार्ट मीटर, दिन और रात में बिजली खपत का अलग-अलग होगा आंकलन
 
JAN 23 (WTN) – बिजली के बिना आधुनिक जीवनशैली की कल्पना ही नहीं की जा सकती है। लगातार 24 घण्टे बिजली की सप्लाई आज की सबसे बड़ी ज़रूरतों में से एक ज़रूरत है। लेकिन जैसा कि आप जानते हैं कि मोदी सरकार के प्रयासों से बिजली की उपलब्धता तो लगभग 24 घण्टे होने लगी है, लेकिन बिजली के दाम पर हमेशा से ही राजनीति होती आई है। विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक दल बिजली सस्ती देने का और यहां तक कि कुछ यूनिट मुफ़्त बिजली देने तक का वादा करते रहते हैं। वहीं महंगी बिजली और बिजली के बढ़े हुए बिल हमेशा से ही चुनावों में एक बड़ा मुद्दा रहे हैं।
 
लेकिन यदि हम आपसे कहें कि बिजली के रेट अब सुबह, दोपहर और रात में बिजली की खपत के अनुसार तय होंगे तो यह पढ़कर आप चौक गए होंगे कि क्या ऐसा सम्भव है? तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सुबह, दोपहर और रात को बिजली की अलग-अलग दरें तय करने का रास्ता साफ़ हो गया है, और आने वाले समय में आपको सुबह, दोपहर और रात में बिजली का इस्तेमाल करने पर स्लाट के हिसाब से बिजली के अलग-अलग रेट चुकाने पड़ें। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, दिन और रात में बिजली की अलग-अलग दरों के ऊर्जा मंत्रालय के प्रस्ताव को प्रधानमंत्री कार्यालय से सहमति मिल गई है और इसे दो महीने में लागू करने की प्लानिंग का निर्देश दिया गया है।
 
दरअसल, ऊर्जा मंत्रालय के प्रस्ताव के मुताबिक़ एक ही दिन में बिजली की कई दरें तय की जा सकती हैं। पूरे 24 घण्टे में बिजली की अलग-अलग दरें डिमाण्ड और सप्लाई के हिसाब से तय की जाएंगी। यानी सुबह, दोपहर और शाम के वक़्त डिमाण्ड और सप्लाई के हिसाब से बिजली की दरें तय होंगी। जानकारी के लिए बता दें कि ऊर्जा मंत्रालय ने TOD (Time of Day) का एक प्रस्ताव तैयार किया था, और इसी प्रस्ताव के आधार पर बिजली की दरें सुबह, दोपहर और रात के हिसाब से अलग-अलग तय होंगी। वैसे फ़िलहाल इस प्रस्ताव को प्रधानमंत्री कार्यालय से सहमति मिल गई है और जल्द ही इस बिल को कैबिनेट की औपचारिक मंजूरी मिल जाएगी।

बता दें कि पावर और रिनुएबल एनर्जी सेक्टर से सम्बन्धित इंफ्रास्ट्रक्चर की एक समीक्षा बैठक आयोजित हुई थी और उस बैठक में इस बात पर फैसला किया गया था, और यह सुनिश्चित किया गया था कि सभी तरह के उपभोक्ताओं (डोमेस्टिक और इण्डस्ट्रियल) के लिए इस प्रस्ताव का लागू किया जाए। इस प्रस्ताव को लागू करने के लिए ऊर्जा मंत्रालय को कहा गया है कि अगले दो महीने के अन्दर इसे किस तरह से लागू करना है इसके लिए राज्यों के साथ सहमति बनाई जाए।
 
वैसे इस प्रस्ताव में कहा गया है कि फ़िलहाल यह सुनिश्चित किया जाए कि अभी जो टैरिफ हैं, उसमें किसी भी तरह की कोई भी वृद्धि ना हो। वैसे लोगों में आशंका है कि दिन और रात में बिजली की अलग-अलग दरें तय करने से उन्हें बिजली का ज़्यादा बिल चुकाना पड़ सकता है, लेकिन इसके विपरित सरकार का दावा है कि चूंकि दिन में सोलर एनर्जी की उपलब्धता ज़्यादा होती है इसलिए उपभोक्ताओं को दिन में सस्ती बिजली मिलेगी। जहां तक राज्यों की बात है तो बता दें कि जो राज्य इस योजना को लागू करेंगे उन्हें कई तरह के इन्सेन्टिव दिए जाएंगे। साथ ही जो राज्य इस योजना को लागू नहीं करेंगे उनको केन्द्र की तरफ़ से दी जाने वाली सहायता में कटौती की जा सकती है।

इस व्यवस्था को लागू करने के लिए खेती को छोड़कर अन्य सभी प्रतिष्ठानों और आवासीय परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। इन स्मार्ट मीटर में इस तरह का सॉफ्टवेयर इन्सटॉल किया गया है कि यह मीटर टाइम सेटिंग करने के बाद अलग-अलग टाइम स्लाट के हिसाब से बिजली की खपत की रीडिंग करेंगे। नए मीटर लगने के बाद दिन और रात की बिजली खपत की अलग-अलग गणना होगी और फ़िर उसी हिसाब से बिजली का बिल आएगा। कहा जा रहा है कि दिन में बिजली सस्ती रहेगी और रात में बिजली महंगी रहेगी, क्योंकि रात में बिजली की खपत ज़्यादा होती है।
 
दिन और रात में बिजली की अलग-अलग दरों से वैसे तो घरेलू उपभोक्ताओं को कुछ ज़्यादा फ़र्क नहीं पड़ने वाला है, लेकिन फैक्ट्री और मिलों पर इसका असर पड़ेगा। जानकारी के लिए बता दें कि दिन और रात में बिजली की अलग-अलग खपत को रीड करने वाले स्मार्ट मीटर को लगाने के लिए केन्द्र सरकार ने तीन साल का समय दिया है। अब देखना होगा कि कितनी राज्य सरकारें इस व्यवस्था पर अपनी सहमति देती हैं, और वहीं यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो कहीं यह उपभोक्ताओं के लिए महंगी साबित ना हो।