कहीं आप तो नहीं करते बैंक सम्बन्धित काम के लिए मोबाइल फ़ोन में ‘यह’ ग़लतियां
Friday - January 24, 2020 10:43 am ,
Category : WTN HINDI
हैकर्स के निशाने पर है आपका बैंक अकाउंट
सम्भलकर रखें मोबाइल में बैंक सम्बन्धित जानकारियां
JAN 24 (WTN) – टेक्नोलॉजी के इस दौर में आप बैंक सम्बन्धित कामों के लिए नेट बैंकिंग या फ़िर बैंकिंग ऐप्स का इस्तेमाल तो करते ही होंगे। जीहां जैसा कि आपने ख़ुद अनुभव किया होगा कि बैंक के जिन कामों के लिए पहले आपका काफ़ी वक़्त लाइन में लगकर ख़राब होता था, अब बैंक के वही लगभग सभी काम ऑनलाइन हो जाते हैं। मोबाइल इंटरनेट क्रान्ति आने और स्मार्टफ़ोन की तादात बढ़ने के बाद देश में बैंकिंग सम्बन्धित काम ऑनलाइन ही ज़्यादा हो रहे हैं। लेकिन जैसे-जैसे बैंकिंग के ऑनलाइन काम बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे ऑनलाइन यूज़र्स के साथ जालसाजी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। पर जानकारी के लिए बता दें कि इस तरह के क़रीब 95 प्रतिशत मामलों में यूज़र्स का लालच, उसकी ग़लती और लापरवाही ही ज़िम्मेदार रहती है।
वैसे यदि आप बैंकिंग सम्बन्धित काम ऑनलाइन तरीक़े से करते हैं तो आपका सतर्क रहना काफ़ी ज़रूरी है। यदि आप सतर्क नहीं रहते हैं तो हैकर्स आपके बैंक अकाउंट में सेंध लगा सकते हैं और आपको आर्थिक हानि हो सकती है। दरअसल, बैंकिंग फ्रॉड से बचने का एक ही तरीक़ा है, और वह तरीक़ा है ख़ुद यूज़र की सतर्कता। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डेबिट और क्रेडिट कार्ड डिटेल्स और PIN के जरिए बिना जानकारी के ट्रांजैक्शन के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। इसलिए हमारी आपको सलाह है कि अपने डेबिट और क्रेडिट कार्ड और PIN को हमेशा सुरक्षित रखें और इसे किसी को भी नहीं बताएं।
सबसे पहले तो हमारी आपको सलाह है कि आप अपने बैंक अकाउंट या ऑनलाइन बैंकिंग की जानकारी को मोबाइल फ़ोन में सेव करके नहीं रखें। और यदि रख रहे हैं तो किसी ऐसे फोल्डर में रखें जिसे ओपन करने के लिए कोडवर्ड की ज़रूरत पड़ती है। वहीं यदि आप इस तरह की जानकारी मोबाइल फ़ोन में सुरक्षित रख रहे हैं तो हमारी आपको सलाह है कि इस तरह की जानकारी को गूगल ड्राइव मे सेव करके रखें, जिससे यदि आपका मोबाइल फ़ोन गुम जाता है या फ़िर चोरी हो जाता है तो आप कहीं और से लॉग इन करके उस फाइल को डिलिट कर सकते हैं।
दरअसल, बिना किसी सुरक्षा के बैंक अकाउंट नम्बर, पासवर्ड, डेबिट और क्रेडिट कार्ड का नम्बर या फिर इसकी तस्वीर खींचकर मोबाइल फ़ोन में रखना ख़तरे से ख़ाली नहीं है। यदि आपका फ़ोन गुम हो गया या चोरी हो गया या फ़िर आपके फ़ोन को किसी ने हैक कर लिया तो आपकी बैंकिंग सम्बन्धित सारी जानकारी लीक हो सकती है। वहीं बैंकिंग सम्बन्धित जानकारी लीक होने से हैकर्स आपकी जानकारी के बिना आपके बैंक अकाउंट से ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। इसलिए बैंकिंग सम्बन्धित जानकारियों को एक सेफ फोल्डर में ही सेव करके रखें।
अपने डेबिट या एटीएम कार्ड और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल हमेशा ख़ुद ही करें। कभी भी किसी दूसरे को अपने डेबिट और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल ना करने दें। साथ ही कभी भी अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड की डिटेल को किसी के साथ भी शेयर नहीं करना चाहिए। यदि आप अपने कार्ड की जानकारी किसी के साथ शेयर करते हैं तो आपके बैंक अकाउंट की पूरी जानकारी लीक हो सकती है और जानकारी लीक होने से फ्रॉड करने वाले आपकी जानकारी के बिना आपके बैंक अकाउंट से लेन-देन कर सकते हैं।
वहीं पूरी सावधानी बरतें और किसी को भी बैंक ट्रांजैक्शन के दौरान आए OTP (One-Time Password), पिन नम्बर, क्रेडिट या डेबिट कार्ड का CVV नम्बर कभी ना बताएं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हैकर्स यूज़र्स से इस तरह की जानकारी हासिल करने के बाद ही ज़्यादातार फ्रॉड करते हैं। वहीं कभी भी किसी भी तरह के ऐसे फ़ोन कॉल पर विश्वास ना करें जिसमें आपसे बैंक का नाम लेकर आपसे आपके बैंक अकाउंट, ओटीपी, पिन नम्बर, क्रेडिट या डेबिट कार्ड की जानकारी मांगी जाती है। दरअसल, फ्रॉड करने वाले फ़ोन बैंकिंग ऑफिसर बनकर बैंक उपभोक्ताओं से कई तरह की जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं, जिससे इस तरह की जानकारी हासिल कर वे आपके बैंक अकाउंट का इस्तेमाल कर सकें।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोई भी बैंक या रिज़र्व बैंक, बैंक उपभोक्ता से फ़ोन पर ऐसी कोई भी जानकारी नहीं मांगता है जो कि सिर्फ़ और सिर्फ़ बैक उपभोक्ता के ही पास होना ज़रूरी है। बैंक कभी भी अपने उपभोक्ता को कॉल करके उसके डेबिट या क्रेडिट कार्ड का पासवर्ड और सीवीवी नम्बर, यूपीआई पास कोड, इंटरनेट बैंकिंग का पासवर्ड, डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारी, ओटीपी और अन्य जानकारी नहीं पूछता है। यदि आपके पास इस तरह का कोई भी कॉल आता है तो आप इस कॉल को रिकॉर्ड करें और इसकी किसी भी बात पर अमल ना करें। इस तरह के फर्जी कॉल की जानकारी तुरन्त ही नज़दीकी पुलिस स्टेशन और सम्बन्धित बैंक की शाखा में दें। याद रखिए कि आपकी सावधानी में ही आपकी सुरक्षा है।
JAN 24 (WTN) – टेक्नोलॉजी के इस दौर में आप बैंक सम्बन्धित कामों के लिए नेट बैंकिंग या फ़िर बैंकिंग ऐप्स का इस्तेमाल तो करते ही होंगे। जीहां जैसा कि आपने ख़ुद अनुभव किया होगा कि बैंक के जिन कामों के लिए पहले आपका काफ़ी वक़्त लाइन में लगकर ख़राब होता था, अब बैंक के वही लगभग सभी काम ऑनलाइन हो जाते हैं। मोबाइल इंटरनेट क्रान्ति आने और स्मार्टफ़ोन की तादात बढ़ने के बाद देश में बैंकिंग सम्बन्धित काम ऑनलाइन ही ज़्यादा हो रहे हैं। लेकिन जैसे-जैसे बैंकिंग के ऑनलाइन काम बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे ऑनलाइन यूज़र्स के साथ जालसाजी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। पर जानकारी के लिए बता दें कि इस तरह के क़रीब 95 प्रतिशत मामलों में यूज़र्स का लालच, उसकी ग़लती और लापरवाही ही ज़िम्मेदार रहती है।
वैसे यदि आप बैंकिंग सम्बन्धित काम ऑनलाइन तरीक़े से करते हैं तो आपका सतर्क रहना काफ़ी ज़रूरी है। यदि आप सतर्क नहीं रहते हैं तो हैकर्स आपके बैंक अकाउंट में सेंध लगा सकते हैं और आपको आर्थिक हानि हो सकती है। दरअसल, बैंकिंग फ्रॉड से बचने का एक ही तरीक़ा है, और वह तरीक़ा है ख़ुद यूज़र की सतर्कता। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डेबिट और क्रेडिट कार्ड डिटेल्स और PIN के जरिए बिना जानकारी के ट्रांजैक्शन के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। इसलिए हमारी आपको सलाह है कि अपने डेबिट और क्रेडिट कार्ड और PIN को हमेशा सुरक्षित रखें और इसे किसी को भी नहीं बताएं।
सबसे पहले तो हमारी आपको सलाह है कि आप अपने बैंक अकाउंट या ऑनलाइन बैंकिंग की जानकारी को मोबाइल फ़ोन में सेव करके नहीं रखें। और यदि रख रहे हैं तो किसी ऐसे फोल्डर में रखें जिसे ओपन करने के लिए कोडवर्ड की ज़रूरत पड़ती है। वहीं यदि आप इस तरह की जानकारी मोबाइल फ़ोन में सुरक्षित रख रहे हैं तो हमारी आपको सलाह है कि इस तरह की जानकारी को गूगल ड्राइव मे सेव करके रखें, जिससे यदि आपका मोबाइल फ़ोन गुम जाता है या फ़िर चोरी हो जाता है तो आप कहीं और से लॉग इन करके उस फाइल को डिलिट कर सकते हैं।
दरअसल, बिना किसी सुरक्षा के बैंक अकाउंट नम्बर, पासवर्ड, डेबिट और क्रेडिट कार्ड का नम्बर या फिर इसकी तस्वीर खींचकर मोबाइल फ़ोन में रखना ख़तरे से ख़ाली नहीं है। यदि आपका फ़ोन गुम हो गया या चोरी हो गया या फ़िर आपके फ़ोन को किसी ने हैक कर लिया तो आपकी बैंकिंग सम्बन्धित सारी जानकारी लीक हो सकती है। वहीं बैंकिंग सम्बन्धित जानकारी लीक होने से हैकर्स आपकी जानकारी के बिना आपके बैंक अकाउंट से ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। इसलिए बैंकिंग सम्बन्धित जानकारियों को एक सेफ फोल्डर में ही सेव करके रखें।
अपने डेबिट या एटीएम कार्ड और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल हमेशा ख़ुद ही करें। कभी भी किसी दूसरे को अपने डेबिट और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल ना करने दें। साथ ही कभी भी अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड की डिटेल को किसी के साथ भी शेयर नहीं करना चाहिए। यदि आप अपने कार्ड की जानकारी किसी के साथ शेयर करते हैं तो आपके बैंक अकाउंट की पूरी जानकारी लीक हो सकती है और जानकारी लीक होने से फ्रॉड करने वाले आपकी जानकारी के बिना आपके बैंक अकाउंट से लेन-देन कर सकते हैं।
वहीं पूरी सावधानी बरतें और किसी को भी बैंक ट्रांजैक्शन के दौरान आए OTP (One-Time Password), पिन नम्बर, क्रेडिट या डेबिट कार्ड का CVV नम्बर कभी ना बताएं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हैकर्स यूज़र्स से इस तरह की जानकारी हासिल करने के बाद ही ज़्यादातार फ्रॉड करते हैं। वहीं कभी भी किसी भी तरह के ऐसे फ़ोन कॉल पर विश्वास ना करें जिसमें आपसे बैंक का नाम लेकर आपसे आपके बैंक अकाउंट, ओटीपी, पिन नम्बर, क्रेडिट या डेबिट कार्ड की जानकारी मांगी जाती है। दरअसल, फ्रॉड करने वाले फ़ोन बैंकिंग ऑफिसर बनकर बैंक उपभोक्ताओं से कई तरह की जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं, जिससे इस तरह की जानकारी हासिल कर वे आपके बैंक अकाउंट का इस्तेमाल कर सकें।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोई भी बैंक या रिज़र्व बैंक, बैंक उपभोक्ता से फ़ोन पर ऐसी कोई भी जानकारी नहीं मांगता है जो कि सिर्फ़ और सिर्फ़ बैक उपभोक्ता के ही पास होना ज़रूरी है। बैंक कभी भी अपने उपभोक्ता को कॉल करके उसके डेबिट या क्रेडिट कार्ड का पासवर्ड और सीवीवी नम्बर, यूपीआई पास कोड, इंटरनेट बैंकिंग का पासवर्ड, डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारी, ओटीपी और अन्य जानकारी नहीं पूछता है। यदि आपके पास इस तरह का कोई भी कॉल आता है तो आप इस कॉल को रिकॉर्ड करें और इसकी किसी भी बात पर अमल ना करें। इस तरह के फर्जी कॉल की जानकारी तुरन्त ही नज़दीकी पुलिस स्टेशन और सम्बन्धित बैंक की शाखा में दें। याद रखिए कि आपकी सावधानी में ही आपकी सुरक्षा है।