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कहीं आप तो नहीं करते रेल टिकिट बुक करते समय ‘यह’ गलती?

Saturday - January 25, 2020 12:58 pm , Category : WTN HINDI
ऑनलाइन टिकिट बुक करते समय फर्जी वेबसाइट से रहें सावधान
ऑनलाइन टिकिट बुक करते समय फर्जी वेबसाइट से रहें सावधान

कहीं टेरर फण्डिंग में तो इस्तेमाल नहीं हो रहा आपकी टिकिट का पैसा?

JAN 25 (WTN) – एक समय था जब ट्रेन में सफ़र के लिए रिज़र्व टिकिट बुक कराने के लिए आपको रिजर्वेशन काउंटर पर अपना क़ीमती समय बर्बाद करना पड़ता था। लेकिन समय के साथ टेक्नोलॉजी में बदलाव हुआ और इंटरनेट के आने से रिज़र्वेशन करना काफ़ी आसान हो गया। अब कोई भी व्यक्ति आसानी से मोबाइल या कम्प्यूटर पर IRCTC (Indian Railway Catering and Tourism Corporation) की वेबसाइट पर अपना टिकिट आसानी से बुक करा सकता है। लेकिन टेक्नोलॉजी के इस दौर में ऑनलाइन तरीक़े से भी लोगों को साथ धोखाधड़ी की जा रही है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, यदि आपने सावधानी नहीं बरती तो आपका पैसा टेरर फण्डिंग में भी इस्तेमाल हो सकता है।
 
बता दें कि IRCTC ने अपने यूजर्स को फ्रॉड करने वालों से सावधान किया है. IRCTC की ओर से जारी बयान के मुताबिक़, कई जालसाज IRCTC की वेबसाइट से मिलती जुलती वेबसाइट बनाकर लोगों के साथ फ्रॉड कर रहे हैं और इस वेबसाइट के ज़रिए पैसा कमाकर इसका इस्तेमाल टेरर फण्डिंग के लिए किया जा रहा है।

वैसे यदि यदि आप भी आईआरसीटीसी की वेबसाइट से टिकिट बुक करते हैं तो यह जानकारी हासिल करना आपके लिए काफ़ी ज़रूरी है कि आख़िर किस तरह से आईआरसीटीसी की फेक वेबसाइट के ज़रिए लोगों के साथ फ्रॉड किया जा रहा है और लोगों की कमाई का पैसा टेरर फण्डिंग में इस्तेमाल हो रहा है।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि IRCTC की वेबसाइट की तरह दिखने वाली वेबसाइट irctctourism.com पूरी तरह से फर्जी है और यह वेबसाइट टूर पैकेज के नाम पर लोगों के साथ फर्जीवाड़ा कर रही है। आईआरसीटीसी की असली वेबसाइट https://www.irctc.co.in नाम से है। दरअसल, फर्जी वेबसाइट चलाने वाले फर्जी वाउचर के नाम पर लोगों से पैसे ऐठ रहे थे। इतना ही नहीं, irctctourism.com वेबसाइट पर दिए गए मोबाइल नम्बर 9999999999 और लैण्ड लाइन नम्बर 916371526046 और email-id irctctours2020@gmail.com तक सब फर्जी है।

इस तरह का फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद IRCTC ने साफ़ कर दिया है कि वेबसाइट irctctourism.com से हमारा कोई लेना-देना नहीं है और वहां पर कोई भी ट्रांजेक्शन करने पर IRCTC ज़िम्मेदार नहीं होगा। लेकिन बात सिर्फ़ फर्जी वेबसाइट तक ही सीमित नहीं है। दरअसल, फर्जी वेबसाइट के ज़रिए पैसा कमाकर इसका इस्तेमाल टेरर फण्डिंग के लिए किया जा रहा था।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले सप्ताह ही आरपीएफ यानी रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) ने  टिकिट की कालाबाज़ारी का पर्दाफाश करते हुए झारखण्ड के रहने वाले गुलाम मुस्तफा को ओडिशा से गिरफ्तार किया था। आरपीएफ ने गुलाम मुस्तफा के साथ ही 27 अन्य लोगों को भी पकड़ा था। इन लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक़, रेल टिकिटों की धांधली कर गुलाम मुस्तफा हर महीने करोड़ों रुपये कमाता था और इन पैसों का इस्तेमाल आतंकी फण्डिंग के लिए करता था।
 
बता दें कि झारखण्ड के गिरीडीह का रहने वाला गुलाम मुस्तफा बेंगलुरु में बैठक कर ई-टिकट फर्जीवाड़ा के एक गिरोह का संचालन कर रहा था। जानकारी के मुताबिक़, गुलाम मुस्तफा आईआरसीटीसी का सिस्टम हैक करता था और इसके जरिए पूरे देश से हर महीने 15 करोड़ रुपये के रेल टिकिटों की कालाबज़ारी होती थी। आश्चर्य की बात यह है कि आरपीएफ ने जब गुलाम मुस्तफा को गिरफ्तार किया तो पता चला कि मुस्तफा का लैपटॉप और मोबाइल पूरी तरह से इन्क्रिप्टेड था।

आरपीएफ के मुताबिक़, अवैध रूप से काटे गए ई-टिकट से आए पैसे मुस्तफा के एजेंट मुस्तफा के खाते में भेजते थे और फ़िर मुस्तफा टेरर फण्डिंग के लिए इन्हें आगे बढ़ाता था। आरपीएफ के अनुसार इस काले कारोबार से होने वाली कमाई कई बार भारत की एक सॉफ्टवेयर कम्पनी में भी इन्वेस्ट की गई है और इस कम्पनी पर पहले से ही सिंगापुर में एक आपराधिक मामला दर्ज़ है और इसकी जांच चल रही है। मुस्तफा का गिरोह हवाला के ज़रिए भी भारत से बाहर विदेशों में रक़म भेजता है। इतना ही नहीं, कई बार इसने बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरंसी के ज़रिए भी पैसे विदेश तक भेजे हैं।

तो हमारी आपको सलाह है कि जब भी रेल टिकिट बुक कराएं तो या तो रेलवे के आधिकारिक टिकिट काउंटर के बुक कराएं या फ़िर आईआरसीसीटी की वैध वेबसाइट से। क्योंकि यदि आपने अनाधिकृत रूप से टिकिट बुक कराया तो हो सकता है कि आपके पैसों का इस्तेमाल टेरर फण्डिंग के लिए हो रहा हो। ऐसे में एक ज़िम्मेदार नागरिक होने के कारण आपकी ज़िम्मेदारी है कि आप हमेशा सही तरीक़े से ही रेल टिकट बुक कराएं जिससे आपके पैसों का सही उपयोग हो सके। जब भी ऑनलाइन टिकिट बुक करें तो आईआरसीटीसी की वेबसाइट की सही तरीक़े से जांच कर लें जिससे आप फ्रॉड लोगों से बच सकें।