आपकी इन ग़लतियों से हैक हो सकता है आपका डेबिट या क्रेडिट कार्ड
Wednesday - January 29, 2020 1:10 pm ,
Category : WTN HINDI
पूरी दुनिया में लाखों लोगों के पेमेंट कार्ड का डेटा हुआ चोरी
डेबिट-क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल के समय बरतें पूरी सावधानी
JAN 29 (WTN) – स्वाभाविक है कि आपका किसी ना किसी बैंक में अकाउंट तो होगा ही, और यदि बैंक में अकाउंट है तो आपके पास बैंक का डेबिट या क्रेडिट कार्ड भी होगा ही। लेकिन यदि आपने अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारी को सहेज कर नहीं रखा, और कार्ड को सही तरीक़े से इस्तेमाल नहीं किया, तो आपके कार्ड की जानकारी लीक हो सकती है। जी हां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दुनियाभर के क़रीब 3 करोड़ से ज़्यादा डेबिट और क्रेडिड कार्ड की जानकारी लीक हो गई है, और इन कार्ड्स का डेटा ऑनलाइन बेचा जा रहा है।
दरअसल, एक अध्ययन के बाद पता चला है कि यूज़र की ग़लती, लालच और लापरवाही के कारण ही कार्ड की जानकारियां लीक होती हैं। दुनिया की एक बड़ी फ्रॉड इंटेलीजेंस कम्पनी जेमिनी एडवाइजरी ने मंगलवार को एक रिपोर्ट जारी कर बताया है कि साल 2019 की अब तक की सबसे बड़ी डेटा चोरी हुई है जिसमें क़रीब 850 स्टोर्स और 3 करोड़ लोगों के पेमेंट रिकॉर्ड को चुरा लिया गया है। इस बार डेटा चोरी में सबसे महत्वपूर्ण ट्रैक-2 डेटा भी चोरी हुआ है जो कि कार्ड के पीछे मैग्नेटिक स्ट्रिप में होता है। बता दें कि इसी मैग्नेटिक स्ट्रिप में यूज़र की प्रोफाइल और लेनदेन की सारी जानकारी होती है।
जेमिनी एडवाइजरी के मुताबिक़, अमेरिकी कम्पनी वावा (Wawa) में इस्तेमाल किए गए कार्ड के डेटा को चुरा लिया गया है। बता दें कि चुराये गये डेटा में कई अमेरिकी वित्तीय संस्थानों के डेटा भी हैं, और यह सभी डेटा ऑनलाइन बिक्री के लिए उपलब्ध है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Wawa एक अमेरिकी कम्पनी हैं, और इसके अमेरिका समेत दुनियाभर में रिटेल स्टोर्स और गैस स्टेशन हैं। साथ ही यह कम्पनी फूड स्टोर्स भी चलाती है।
तो टेक्नोलॉजी के इस दौर में डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए आप डेबिट और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल तो ज़रूर ही करते ही होंगे। लेकिन हमारी आपको सलाह है कि इनका इस्तेमाल करते समय आपको पूरी सावधानी बरतना चाहिए जिससे आप डेटा चोरी होने और हैकर्स से बचे रहेंगे। सबसे पहले तो डेबिट या क्रेडिट कार्ड किसी भी एटीएम या स्वाइप मशीन में इस्तेमाल करते समय यह ध्यान रखें कि कहीं उसमें कोई डिवाइस अलग से अटैच तो नहीं है। वहीं पूरी कोशिश करें कि सुनसान जगह पर स्थित एटीएम का इस्तेमाल ना ही करें।
वहीं ग्राहकों को चाहिए कि जिस डेबिट या क्रेडिट कार्ड से वे ट्रांजेक्शन कर रहे हैं उससे सम्बन्धित बैंक अकाउंट में ज़रूरत के मुताबिक़ ही पैसा रखें यानी ज़्यादा बड़ी रक़म को उस खाते में नहीं रखना चाहिए। समय-समय पर नेट बैंकिंग के ज़रिए या फ़िर बैंकिंग ऐप के ज़रिए अपने अकाउंट को चेक करते रहिए, क्योंकि यदि आपके अकाउंट से आपकी जानकारी के बिना कोई ट्रांजैक्शन हुआ, तो इसकी जानकारी आपको तुरन्त लग जाएगी। जब भी ऑनलाइन पेमेंट करें तो ध्यान रखें कि जिस लिंक से आप पेमेंट कर रहे हैं उसका URL सुरक्षित है या नहीं। ऑनलाइन पेमेंट से पहले URL पर ताले का निशान या सिक्योर लिखा ज़रूर देखें। याद रखिए कि जब भी ऑनलाइन पेमेंट करें तो पेमेंट की वेबसाइट https: से शुरू होना चाहिए।
कभी भी अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड की फ़ोटो मोबाइल फ़ोन में सेव करके ना रखें, और ना ही इस फ़ोटो को कहीं पर शेयर करें। यदि आप ऑनलाइन पेमेंट का ज़्यादा इस्तेमाल करते हैं, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कार्ड की डिटेल ऑनलाइन भरते समय हमेशा ऑटोफिल को डिसेबल रखना चाहिए। वहीं समय-समय पर वेब ब्राउज़र की कैशे मेमोरी डिलीट करते रहना चाहिए। याद रखें कि कभी भी अपने कार्ड को वेबसाइट पर सेव करके नहीं रखना चाहिए। यदि आप सार्वजनिक वाई-फाई का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो पूरी कोशिश करें कि ऐसे में ऑनलाइन ट्रांजैक्शन ना ही करें, क्योंकि सार्वजनिक वाई-फाई के इस्तेमाल के दौरान हैकर्स आपके अकाउंट को हैक कर सकते हैं।
हमारी आपको सलाह है कि समय-समय पर अपने डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, भीम ऐप और बैंकिंग ऐप के पासवर्ड को बदलते रहना चाहिए। बैंक की वेबसाइट या ऑनलाइन शॉपिंग करने के बाद ट्रांजेक्शन पूरा होने पर लॉग-आउट करना नहीं भूलना चाहिए। यदि आप डेस्कटॉप या लैपटॉप का इस्तेमाल ऑनलाइन पेमेंट के लिए करते हैं, तो अपने डेस्कटॉप और लैपटॉप में हमेशा लेटेस्ट और पेड एंटीवायरस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करना चाहिए।
लालच और लापरवाही से बचाव ही आपको डेटा चोरी होने से बचा सकता है, इसलिए लाटरी या ईनाम के लिए आने वाले फर्जी कॉल्स से सावधान रहें। वहीं फिशिंग ई-मेल और फर्जी फोन कॉल्स पर दिये गये लालच से बचकर रहें। कभी भी अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारी किसी को ना दें। जानकारी के लिए बता दें कि कोई भी बैंक, वेबसाइट, इंश्योरेंस कम्पनी या ऐप आपसे आपकी डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारी नहीं मांगते हैं।
वहीं स्वाभाविक है कि आप अपने स्मार्टफोन में बैंकिंग ऐप का इस्तेमाल करते होंगे, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ट्रांजैक्शन से सम्बन्धित किसी भी ऐप की ज़रूरत के हिसाब से ही एक्सेस दें। जो ऐप एसएमएस, कॉल और गैलरी का एक्सेस मांगते हैं, पूरी कोशिश करें कि ऐसे ऐप्स का इस्तेमाल ना करें। लेकिन यदि इस तरह के ऐप्स का इस्तेमाल करना ज़रूरी है, तो उन्हें 'allow once' के लिए एक्सेस दें और अकाउंट वेरिफाई होने के बाद एक्सेस को रद्द कर दें।
JAN 29 (WTN) – स्वाभाविक है कि आपका किसी ना किसी बैंक में अकाउंट तो होगा ही, और यदि बैंक में अकाउंट है तो आपके पास बैंक का डेबिट या क्रेडिट कार्ड भी होगा ही। लेकिन यदि आपने अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारी को सहेज कर नहीं रखा, और कार्ड को सही तरीक़े से इस्तेमाल नहीं किया, तो आपके कार्ड की जानकारी लीक हो सकती है। जी हां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दुनियाभर के क़रीब 3 करोड़ से ज़्यादा डेबिट और क्रेडिड कार्ड की जानकारी लीक हो गई है, और इन कार्ड्स का डेटा ऑनलाइन बेचा जा रहा है।
दरअसल, एक अध्ययन के बाद पता चला है कि यूज़र की ग़लती, लालच और लापरवाही के कारण ही कार्ड की जानकारियां लीक होती हैं। दुनिया की एक बड़ी फ्रॉड इंटेलीजेंस कम्पनी जेमिनी एडवाइजरी ने मंगलवार को एक रिपोर्ट जारी कर बताया है कि साल 2019 की अब तक की सबसे बड़ी डेटा चोरी हुई है जिसमें क़रीब 850 स्टोर्स और 3 करोड़ लोगों के पेमेंट रिकॉर्ड को चुरा लिया गया है। इस बार डेटा चोरी में सबसे महत्वपूर्ण ट्रैक-2 डेटा भी चोरी हुआ है जो कि कार्ड के पीछे मैग्नेटिक स्ट्रिप में होता है। बता दें कि इसी मैग्नेटिक स्ट्रिप में यूज़र की प्रोफाइल और लेनदेन की सारी जानकारी होती है।
जेमिनी एडवाइजरी के मुताबिक़, अमेरिकी कम्पनी वावा (Wawa) में इस्तेमाल किए गए कार्ड के डेटा को चुरा लिया गया है। बता दें कि चुराये गये डेटा में कई अमेरिकी वित्तीय संस्थानों के डेटा भी हैं, और यह सभी डेटा ऑनलाइन बिक्री के लिए उपलब्ध है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Wawa एक अमेरिकी कम्पनी हैं, और इसके अमेरिका समेत दुनियाभर में रिटेल स्टोर्स और गैस स्टेशन हैं। साथ ही यह कम्पनी फूड स्टोर्स भी चलाती है।
तो टेक्नोलॉजी के इस दौर में डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए आप डेबिट और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल तो ज़रूर ही करते ही होंगे। लेकिन हमारी आपको सलाह है कि इनका इस्तेमाल करते समय आपको पूरी सावधानी बरतना चाहिए जिससे आप डेटा चोरी होने और हैकर्स से बचे रहेंगे। सबसे पहले तो डेबिट या क्रेडिट कार्ड किसी भी एटीएम या स्वाइप मशीन में इस्तेमाल करते समय यह ध्यान रखें कि कहीं उसमें कोई डिवाइस अलग से अटैच तो नहीं है। वहीं पूरी कोशिश करें कि सुनसान जगह पर स्थित एटीएम का इस्तेमाल ना ही करें।
वहीं ग्राहकों को चाहिए कि जिस डेबिट या क्रेडिट कार्ड से वे ट्रांजेक्शन कर रहे हैं उससे सम्बन्धित बैंक अकाउंट में ज़रूरत के मुताबिक़ ही पैसा रखें यानी ज़्यादा बड़ी रक़म को उस खाते में नहीं रखना चाहिए। समय-समय पर नेट बैंकिंग के ज़रिए या फ़िर बैंकिंग ऐप के ज़रिए अपने अकाउंट को चेक करते रहिए, क्योंकि यदि आपके अकाउंट से आपकी जानकारी के बिना कोई ट्रांजैक्शन हुआ, तो इसकी जानकारी आपको तुरन्त लग जाएगी। जब भी ऑनलाइन पेमेंट करें तो ध्यान रखें कि जिस लिंक से आप पेमेंट कर रहे हैं उसका URL सुरक्षित है या नहीं। ऑनलाइन पेमेंट से पहले URL पर ताले का निशान या सिक्योर लिखा ज़रूर देखें। याद रखिए कि जब भी ऑनलाइन पेमेंट करें तो पेमेंट की वेबसाइट https: से शुरू होना चाहिए।
कभी भी अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड की फ़ोटो मोबाइल फ़ोन में सेव करके ना रखें, और ना ही इस फ़ोटो को कहीं पर शेयर करें। यदि आप ऑनलाइन पेमेंट का ज़्यादा इस्तेमाल करते हैं, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कार्ड की डिटेल ऑनलाइन भरते समय हमेशा ऑटोफिल को डिसेबल रखना चाहिए। वहीं समय-समय पर वेब ब्राउज़र की कैशे मेमोरी डिलीट करते रहना चाहिए। याद रखें कि कभी भी अपने कार्ड को वेबसाइट पर सेव करके नहीं रखना चाहिए। यदि आप सार्वजनिक वाई-फाई का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो पूरी कोशिश करें कि ऐसे में ऑनलाइन ट्रांजैक्शन ना ही करें, क्योंकि सार्वजनिक वाई-फाई के इस्तेमाल के दौरान हैकर्स आपके अकाउंट को हैक कर सकते हैं।
हमारी आपको सलाह है कि समय-समय पर अपने डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, भीम ऐप और बैंकिंग ऐप के पासवर्ड को बदलते रहना चाहिए। बैंक की वेबसाइट या ऑनलाइन शॉपिंग करने के बाद ट्रांजेक्शन पूरा होने पर लॉग-आउट करना नहीं भूलना चाहिए। यदि आप डेस्कटॉप या लैपटॉप का इस्तेमाल ऑनलाइन पेमेंट के लिए करते हैं, तो अपने डेस्कटॉप और लैपटॉप में हमेशा लेटेस्ट और पेड एंटीवायरस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करना चाहिए।
लालच और लापरवाही से बचाव ही आपको डेटा चोरी होने से बचा सकता है, इसलिए लाटरी या ईनाम के लिए आने वाले फर्जी कॉल्स से सावधान रहें। वहीं फिशिंग ई-मेल और फर्जी फोन कॉल्स पर दिये गये लालच से बचकर रहें। कभी भी अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारी किसी को ना दें। जानकारी के लिए बता दें कि कोई भी बैंक, वेबसाइट, इंश्योरेंस कम्पनी या ऐप आपसे आपकी डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारी नहीं मांगते हैं।
वहीं स्वाभाविक है कि आप अपने स्मार्टफोन में बैंकिंग ऐप का इस्तेमाल करते होंगे, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ट्रांजैक्शन से सम्बन्धित किसी भी ऐप की ज़रूरत के हिसाब से ही एक्सेस दें। जो ऐप एसएमएस, कॉल और गैलरी का एक्सेस मांगते हैं, पूरी कोशिश करें कि ऐसे ऐप्स का इस्तेमाल ना करें। लेकिन यदि इस तरह के ऐप्स का इस्तेमाल करना ज़रूरी है, तो उन्हें 'allow once' के लिए एक्सेस दें और अकाउंट वेरिफाई होने के बाद एक्सेस को रद्द कर दें।