तो अब आपके पर्यटन का ख़र्च उठाएगी मोदी सरकार!
Wednesday - January 29, 2020 4:00 pm ,
Category : WTN HINDI
मोदी सरकार ने की "देखो अपना देश" कार्यक्रम की शुरूआत
देश में पर्यटन को बढ़ावा देने मोदी सरकार ने शुरू की एक अनूठी योजना
JAN 29 (WTN) – यदि आप देश के पर्यटक स्थलों पर घूमने की इच्छा रखते हैं, तो केन्द्र सरकार आपके घूमने का ख़र्चा उठाने जा रही है। स्वाभाविक है कि यह पढ़कर आप चौक गये होंगे, लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि देश के लोगों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र सरकार ने भारतीय यात्रियों के लिए एक विशेष कार्यक्रम की शुरुआत की है। क्या है यह कार्यक्रम और इसका लाभ आप कैसे उठा सकते हैं, इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।
दरअसल, केन्द्र की मोदी सरकार ने “देखो अपना देश” कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम के तहत साल 2022 तक अपने गृह प्रदेश को छोड़कर बाक़ी अन्य प्रदेशों में 15 पर्यटन स्थलों की यात्रा आप एक साल के अन्दर करते हैं, तो इस यात्रा का ख़र्च सरकार उठाएगी। इस पूरे कार्यक्रम की जानकारी पर्यटन मंत्रालय की वेबसाइट पर दी गई है। इस योजना के तहत, एक साल में देश के 15 स्थलों पर जाने वाले पर्यटकों को अपनी यात्रा का ख़र्च और फ़ोटो पर्यटन मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा जिसके बाद सरकार आपकी यात्रा में ख़र्च का भुगतान करेगी। बता दें कि यह योजना साल 2022 तक ही लागू रहेगी।
इस योजना के तहत आप अपनी यात्रा कभी भी शुरू करें, लेकिन 15 पर्यटन स्थलों की यात्रा एक साल में पूरी करना ज़रूरी है। एक साल की अवधि में अपने गृह राज्य को छोड़कर पूरे देश में किन्हीं भी 15 पर्यटन स्थलों पर घूमने के बाद अपनी यात्रा के ख़र्च का विवरण और पर्टयन स्थलों पर खिची गई फ़ोटो को पर्यटन मंत्रालय की वेबसाइट https://pledge.mygov.in/my-country/ पर अपलोड करना होगा। इस योजना का उद्देश्य लोगों में पर्यटन के प्रति जागरुकता फैलाना है। हालांकि, सरकार पर्यटन के ख़र्चों को आर्थिक लाभ के लिए नहीं बल्कि प्रोत्साहन राशि के रूप में दे रही है।
दरअसल, सरकार चाहती है देश में पर्टयन को बढ़ावा मिले। भारत में पर्यटन के ज़रिए लाखों लोगों को रोज़गार मिलता है। ऐसे में मोदी सरकार की मंशा है कि जब लोग पर्यटन स्थलों पर घूमने जाएंगे, तो वहां पर शॉपिंग से लेकर होटल बुकिंग और ट्रांसपोर्टेशन पर पैसा ख़र्चा करेंगे जिसके कारण पैसा मार्केट में आएगा। इस तरह सरकार चाहती है कि लोग घूमने और शॉपिंग में पैसा ख़र्च करें जिससे देश की अर्थव्यवस्था में पैसों का प्रवाह बना रहे। बता दें कि दुनिया के कई ऐसे देश हैं जहां पर पर्यटन के कारण होने वाली आय का जीडीपी में अच्छा खासा योगदान रहता है। मोदी सरकार की भी यही मंशा है कि भारत में भी पर्यटन का जीडीपी में योगदान बढ़े। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत की जीडीपी में पर्यटन की 9.2 प्रतिशत की हिस्सेदारी है और पर्यटन से भारत को क़रीब 17 लाख करोड़ रुपये की आय होती है।
वहीं इस कार्यक्रम का एक अन्य उद्देश्य है कि पर्यटन के जरिए लोग देश के विभिन्न जगहों पर घूमें और इन जगहों के बारे में जानें। दरअसल, भारत में धार्मिक पर्यटन के बारे में तो जनता काफ़ी जागरुक है, लेकिन ऐतिहासिक स्थलों पर घूमने के लिए अभी भी लोग कम ही जाते हैं। भारत के हर राज्य में कई ऐतिहासिक पर्यटन स्थल हैं जिनके बारे में दूसरे राज्य को लोग कम ही जानते हैं। ऐसे में सरकार की मंशा है कि लोग ज़्यादा से ज़्यादा घूमने निकले और देश की विविध संस्कृति के बारे में जानें जिससे देश के लोगों के बीच आपसी सम्पर्क बढ़े।
JAN 29 (WTN) – यदि आप देश के पर्यटक स्थलों पर घूमने की इच्छा रखते हैं, तो केन्द्र सरकार आपके घूमने का ख़र्चा उठाने जा रही है। स्वाभाविक है कि यह पढ़कर आप चौक गये होंगे, लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि देश के लोगों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र सरकार ने भारतीय यात्रियों के लिए एक विशेष कार्यक्रम की शुरुआत की है। क्या है यह कार्यक्रम और इसका लाभ आप कैसे उठा सकते हैं, इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।
दरअसल, केन्द्र की मोदी सरकार ने “देखो अपना देश” कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम के तहत साल 2022 तक अपने गृह प्रदेश को छोड़कर बाक़ी अन्य प्रदेशों में 15 पर्यटन स्थलों की यात्रा आप एक साल के अन्दर करते हैं, तो इस यात्रा का ख़र्च सरकार उठाएगी। इस पूरे कार्यक्रम की जानकारी पर्यटन मंत्रालय की वेबसाइट पर दी गई है। इस योजना के तहत, एक साल में देश के 15 स्थलों पर जाने वाले पर्यटकों को अपनी यात्रा का ख़र्च और फ़ोटो पर्यटन मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा जिसके बाद सरकार आपकी यात्रा में ख़र्च का भुगतान करेगी। बता दें कि यह योजना साल 2022 तक ही लागू रहेगी।
इस योजना के तहत आप अपनी यात्रा कभी भी शुरू करें, लेकिन 15 पर्यटन स्थलों की यात्रा एक साल में पूरी करना ज़रूरी है। एक साल की अवधि में अपने गृह राज्य को छोड़कर पूरे देश में किन्हीं भी 15 पर्यटन स्थलों पर घूमने के बाद अपनी यात्रा के ख़र्च का विवरण और पर्टयन स्थलों पर खिची गई फ़ोटो को पर्यटन मंत्रालय की वेबसाइट https://pledge.mygov.in/my-country/ पर अपलोड करना होगा। इस योजना का उद्देश्य लोगों में पर्यटन के प्रति जागरुकता फैलाना है। हालांकि, सरकार पर्यटन के ख़र्चों को आर्थिक लाभ के लिए नहीं बल्कि प्रोत्साहन राशि के रूप में दे रही है।
दरअसल, सरकार चाहती है देश में पर्टयन को बढ़ावा मिले। भारत में पर्यटन के ज़रिए लाखों लोगों को रोज़गार मिलता है। ऐसे में मोदी सरकार की मंशा है कि जब लोग पर्यटन स्थलों पर घूमने जाएंगे, तो वहां पर शॉपिंग से लेकर होटल बुकिंग और ट्रांसपोर्टेशन पर पैसा ख़र्चा करेंगे जिसके कारण पैसा मार्केट में आएगा। इस तरह सरकार चाहती है कि लोग घूमने और शॉपिंग में पैसा ख़र्च करें जिससे देश की अर्थव्यवस्था में पैसों का प्रवाह बना रहे। बता दें कि दुनिया के कई ऐसे देश हैं जहां पर पर्यटन के कारण होने वाली आय का जीडीपी में अच्छा खासा योगदान रहता है। मोदी सरकार की भी यही मंशा है कि भारत में भी पर्यटन का जीडीपी में योगदान बढ़े। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत की जीडीपी में पर्यटन की 9.2 प्रतिशत की हिस्सेदारी है और पर्यटन से भारत को क़रीब 17 लाख करोड़ रुपये की आय होती है।
वहीं इस कार्यक्रम का एक अन्य उद्देश्य है कि पर्यटन के जरिए लोग देश के विभिन्न जगहों पर घूमें और इन जगहों के बारे में जानें। दरअसल, भारत में धार्मिक पर्यटन के बारे में तो जनता काफ़ी जागरुक है, लेकिन ऐतिहासिक स्थलों पर घूमने के लिए अभी भी लोग कम ही जाते हैं। भारत के हर राज्य में कई ऐतिहासिक पर्यटन स्थल हैं जिनके बारे में दूसरे राज्य को लोग कम ही जानते हैं। ऐसे में सरकार की मंशा है कि लोग ज़्यादा से ज़्यादा घूमने निकले और देश की विविध संस्कृति के बारे में जानें जिससे देश के लोगों के बीच आपसी सम्पर्क बढ़े।