कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने अपनाएं ‘यह’ उपाय
Friday - January 31, 2020 1:07 pm ,
Category : WTN HINDI
चीन से भारत पहुंचा कोरोना वायरस संक्रमण
ख़तरनाक हुआ कोरोना वायरस, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने घोषित की ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी
JAN 31 (WTN) – चीन के वुहान शहर से फ़ैला घातक नोवल कोरोना वायरस भारत में भी अपनी दस्तक दे चुका है। बता दें कि केरल में एक छात्रा के कोरोना वायरस से संक्रमित होने का मामला सामने आया है जो कि अभी हाल ही में चीन से लौटकर आई है। इधर, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखकर ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दी है। बात करें चीन की, तो चीन में कोरोना वायरस की वजह से अभी तक दो सौ से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं वायरस के संक्रमण के दो हज़ार नए मामले सामने आए हैं। ऐसे में जबकि कोरोना वायरस ने भारत में भी दस्तक दे दी है, इस वायरस के संक्रमण से बचने के लिए काफ़ी एहतियात बरतने की ज़रूरत है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन और डॉक्टर्स ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए कुछ ज़रूरी ऐहतियात बरतने की सलाह दी है। यदि कोरोना वायरस से बचने के उपाय किये गये, तो इसके संक्रमण से बचा जा सकता है। लेकिन बता दें कि एक बार संक्रमण होने के बाद इसका इलाज मुश्किल है, क्योंकि डॉक्टर्स का कहना है कि अभी तक नोवल कोरोना वायरस से बचाव के लिए कोई दवा ईज़ाद नहीं हुई है।
वैसे जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस परिवार के ज़्यादातर वायरस नुकसानदायक नहीं होते हैं। वैसे यदि कोई व्यक्ति सामान्य कोरोना वायरस की चपेट में आता है, तो तीन दिन से लेकर एक हफ्ते में वो ठीक हो जाता है। लेकिन कोरोना वायरस परिवार में छह सदस्य ऐसे रहे हैं जिन्हें जानलेवा कहा जाता है। अब नोवल कोरोना वायरस 2019 इस परिवार का सातवां घातक सदस्य है। इन्हीं घातक वायरस से सार्स और मर्स जैसी बीमारियां फैली हैं।
जहां तक नोवल कोरोना वायरस - 2019 के लक्षण की बात है, तो शुरू में तो इसके लक्षण सामान्य ही होते हैं, लेकिन बाद में इसके लक्षण तेज़ी से दिखने लगते हैं। कोरोना वायरस के शुरुआती संकेत हैं कि इसमें पहले सांस लेने में थोड़ी तकलीफ़ होती है, साथ ही खांसी आती है और नाक से पानी बहता है। कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले में शुरुआत बुखार से होती है जिसके बाद सूखी खांसी आती है, और सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। धीरे-धीरे नोवल कोरोना वायरस फेफड़ों को गम्भीर रूप से क्षतिग्रस्त करता है, और इसके बाद रोगी की हालत बिगड़ जाती है, क्योंकि यह वायरस श्वसन तंत्र पर असर डालता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस से प्रभावित इलाक़ों में लोगों को कुछ ऐहतियात बरतने की सलाह दी है। सबसे पहले तो दिन में कई बार साबुन से हाथ धोना चाहिए। पूरी कोशिश करें कि अपने हाथों से आंख, नाक और मुंह को बार-बार नहीं छुएं। रोग प्रतिरोधिक क्षमता बढ़ाने वाले पदार्थों का सेवन करें। यदि खांसी या छींक आती है, तो ऐसे में अपने मुंह और नाक को अच्छी तरह से ढंककर रखें। यदि खांसी या जुकाम होता है, तो ऐसे में तुरन्त ही डॉक्टर को दिखाएं। पूरी कोशिश करें कि सांस की परेशानी से संक्रमित मरीज़ के पास जाने से बचें, लेकिन यदि उसके पास जाना ही पड़ रहा है, तो मास्क लगाकर जाएं। यदि कोरोना वायरस से बचना है, तो कच्चे या आधे पके मांस को खाने से बचें। घर की और अपने शरीर की नियमित रूप से साफ़-सफ़ाई करें।
JAN 31 (WTN) – चीन के वुहान शहर से फ़ैला घातक नोवल कोरोना वायरस भारत में भी अपनी दस्तक दे चुका है। बता दें कि केरल में एक छात्रा के कोरोना वायरस से संक्रमित होने का मामला सामने आया है जो कि अभी हाल ही में चीन से लौटकर आई है। इधर, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखकर ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दी है। बात करें चीन की, तो चीन में कोरोना वायरस की वजह से अभी तक दो सौ से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं वायरस के संक्रमण के दो हज़ार नए मामले सामने आए हैं। ऐसे में जबकि कोरोना वायरस ने भारत में भी दस्तक दे दी है, इस वायरस के संक्रमण से बचने के लिए काफ़ी एहतियात बरतने की ज़रूरत है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन और डॉक्टर्स ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए कुछ ज़रूरी ऐहतियात बरतने की सलाह दी है। यदि कोरोना वायरस से बचने के उपाय किये गये, तो इसके संक्रमण से बचा जा सकता है। लेकिन बता दें कि एक बार संक्रमण होने के बाद इसका इलाज मुश्किल है, क्योंकि डॉक्टर्स का कहना है कि अभी तक नोवल कोरोना वायरस से बचाव के लिए कोई दवा ईज़ाद नहीं हुई है।
वैसे जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस परिवार के ज़्यादातर वायरस नुकसानदायक नहीं होते हैं। वैसे यदि कोई व्यक्ति सामान्य कोरोना वायरस की चपेट में आता है, तो तीन दिन से लेकर एक हफ्ते में वो ठीक हो जाता है। लेकिन कोरोना वायरस परिवार में छह सदस्य ऐसे रहे हैं जिन्हें जानलेवा कहा जाता है। अब नोवल कोरोना वायरस 2019 इस परिवार का सातवां घातक सदस्य है। इन्हीं घातक वायरस से सार्स और मर्स जैसी बीमारियां फैली हैं।
जहां तक नोवल कोरोना वायरस - 2019 के लक्षण की बात है, तो शुरू में तो इसके लक्षण सामान्य ही होते हैं, लेकिन बाद में इसके लक्षण तेज़ी से दिखने लगते हैं। कोरोना वायरस के शुरुआती संकेत हैं कि इसमें पहले सांस लेने में थोड़ी तकलीफ़ होती है, साथ ही खांसी आती है और नाक से पानी बहता है। कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले में शुरुआत बुखार से होती है जिसके बाद सूखी खांसी आती है, और सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। धीरे-धीरे नोवल कोरोना वायरस फेफड़ों को गम्भीर रूप से क्षतिग्रस्त करता है, और इसके बाद रोगी की हालत बिगड़ जाती है, क्योंकि यह वायरस श्वसन तंत्र पर असर डालता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस से प्रभावित इलाक़ों में लोगों को कुछ ऐहतियात बरतने की सलाह दी है। सबसे पहले तो दिन में कई बार साबुन से हाथ धोना चाहिए। पूरी कोशिश करें कि अपने हाथों से आंख, नाक और मुंह को बार-बार नहीं छुएं। रोग प्रतिरोधिक क्षमता बढ़ाने वाले पदार्थों का सेवन करें। यदि खांसी या छींक आती है, तो ऐसे में अपने मुंह और नाक को अच्छी तरह से ढंककर रखें। यदि खांसी या जुकाम होता है, तो ऐसे में तुरन्त ही डॉक्टर को दिखाएं। पूरी कोशिश करें कि सांस की परेशानी से संक्रमित मरीज़ के पास जाने से बचें, लेकिन यदि उसके पास जाना ही पड़ रहा है, तो मास्क लगाकर जाएं। यदि कोरोना वायरस से बचना है, तो कच्चे या आधे पके मांस को खाने से बचें। घर की और अपने शरीर की नियमित रूप से साफ़-सफ़ाई करें।