भारत में बने मास्क से चीन लड़ेगा कोरोना वायरस संक्रमण के ख़िलाफ़ ‘लड़ाई’!
Saturday - February 1, 2020 3:56 pm ,
Category : WTN HINDI
कोरोना वायरस से बचाने में सक्षम है N-95 मास्क
कोरोना वायरस से निपटने भारत से बड़ी तादात में N-95 मास्क आयात करेगा चीन
FEB 01 (WTN) – चीन के वुहान शहर से फैली संक्रमित बीमारी कोरोना वायरस पूरी दुनिया के लिए चिन्ता का एक कारण बन गई है। जानकारी के मुताबिक़, कोरोनावायरस से अभी तक चीन में ही 259 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 12 हज़ार के क़रीब चीनी नागरिक इस ख़तरनाक वायरस से संक्रमित हैं। कोरोना वायरस की भयावहता को देखते हुए ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोनावायरस के कारण ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दी है। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश चीन कोरोना वायरस की रोकथाम, और उससे संक्रमित मरीज़ों के इलाज के लिए पूरी कोशिश कर रहा है। लेकिन चीन को इस समय भारत से बढ़ी तादात में मास्क आयात करने की ज़रूरत आ पड़ी है।
दरअसल, कोरोना वायरस से लड़ रहे चीन में लोगों को वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए मास्क की कमी सबसे बाधा बन रही है। जानकारी के लिए बता दें कि चीन के पास अभी उस मास्क की कमी है जिस मास्क के ज़रिए कोरोना वायरस से बचा जा सकता है। कोरोना वायरस से बचा सकने वाले मास्क का नाम है N-95 जो कि भारतीय कम्पनियां बड़ी तादात में बनाती हैं। चीन में N-95 मास्क की कमी के चलते चीन ने भारतीय कम्पनियों से इस मास्क की सप्लाई बढ़ाने की मांग की है।
दरअसल, वायरस से लेकर प्रदूषण से बचने के लिए तरह-तरह के मास्क काफ़ी मददगार साबित होते हैं। लेकिन मास्क भी कई तरह के आते हैं। आइये आपको इस तरह के ही कुछ मास्क के बारे में बताते हैं। सबसे पहले आपको बताते हैं सिंगल लेयर मास्क के बारे में, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस मास्क का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल प्रदूषण से बचने के लिए होता है। सिंगल लेयर मास्क सस्ता होता है, और इसकी क़ीमत 25 से 100 रुपये के बीच होती है। लेकिन यह ज़्यादा असरकार नहीं होता है, और यह पीएम 10 या पीएम 2.5 से नहीं बचा पाता है।
प्रदूषण से बचने के लिए ट्रिपल लेयर मास्क भी लगाए जाते हैं। हल्के प्रदूषण से बचने में ट्रिपल लेयर मास्क बहुत कुछ मददगार साबित होते हैं। लेकिन प्रदूषण से पूरी तरह से इससे भी नहीं बचा जा सकता है। चुंकि इसमें तीन लेयर होती हैं इसलिए यह पीएम 10 को रोक सकता है। इस तरह के मास्क को आप धोकर दोबारा इस्तेमाल में ले सकते हैं।
यदि हम सिक्स लेयर मास्क की बात करें, तो सिक्स लेयर मास्क प्रदूषण से काफ़ी ज़्यादा बचाता है। लेकिन यह भी प्रदूषण से बचाव सिर्फ़ 80% तक ही कर सकता है। यह मास्क काफ़ी हद तक पीएम 10 के अलावा पीएम 2.5 से बचाता है। बाज़ार में सिक्स लेयर मास्क की क़ीमत 200 से 1000 रुपये के बीच होती है, और इसे धोकर फ़िर से इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन यह मास्क पहनने पर काफ़ी टाइट होता है, और इसलिए इसे हमेशा पहने रहना मुश्किल होता है। बता दें कि केरल में निपाह वायरस फैलने के दौरान भी एन-95 मास्क का ही इस्तेमाल किया गया था। कहा जाता है कि एन-95 मास्क प्रदूषण से 95 प्रतिशत तक बचाता है।
वहीं N-99 मास्क भी काफ़ी काम का होता है। बता दें कि N-99 मास्क आपको प्रदूषण से 99 प्रतिशत सुरक्षा प्रदान करता है। लेकिन यह मास्क काफ़ी महंगा होता है, और इसकी क़ीमत 1000 रुपये से ज़्यादा होती है। अब आपको बताते हैं R-95, R-99, P-95 और P-99 मास्क के बारे में, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह सभी मास्क काफ़ी महंगे होते हैं, और इनकी क़ीमत 3000 रुपये से ज़्यादा होती है।
अब आप सोच रहे होंगे कि N-95 मास्क में N क्या है? तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि N का मतलब होता है ‘Not Oil Resistant’ यानी इस तरह के मास्क से आप हवा में घुले पार्टिकुलेट से बच सकते हैं, लेकिन तैलीय प्रदूषण से नहीं। वहीं R-95 मास्क में R का मतलब होता है ‘Oil Resistant’ यानी यह मास्क आपको हवा में घुले पार्टिकुलेट मैटर के साथ-साथ तैलीय प्रदूषणकारी तत्वों से भी बचा सकते हैं। वहीं P-95 मास्क में P मतलब होता है ‘Oil Proof’ यानी हवा में घुले पार्टिकुलेट मैटर के साथ-साथ यह मास्क आपको तैलीय प्रदूषणकारी तत्वों से पूरी तरह बचाता है।
FEB 01 (WTN) – चीन के वुहान शहर से फैली संक्रमित बीमारी कोरोना वायरस पूरी दुनिया के लिए चिन्ता का एक कारण बन गई है। जानकारी के मुताबिक़, कोरोनावायरस से अभी तक चीन में ही 259 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 12 हज़ार के क़रीब चीनी नागरिक इस ख़तरनाक वायरस से संक्रमित हैं। कोरोना वायरस की भयावहता को देखते हुए ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोनावायरस के कारण ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दी है। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश चीन कोरोना वायरस की रोकथाम, और उससे संक्रमित मरीज़ों के इलाज के लिए पूरी कोशिश कर रहा है। लेकिन चीन को इस समय भारत से बढ़ी तादात में मास्क आयात करने की ज़रूरत आ पड़ी है।
दरअसल, कोरोना वायरस से लड़ रहे चीन में लोगों को वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए मास्क की कमी सबसे बाधा बन रही है। जानकारी के लिए बता दें कि चीन के पास अभी उस मास्क की कमी है जिस मास्क के ज़रिए कोरोना वायरस से बचा जा सकता है। कोरोना वायरस से बचा सकने वाले मास्क का नाम है N-95 जो कि भारतीय कम्पनियां बड़ी तादात में बनाती हैं। चीन में N-95 मास्क की कमी के चलते चीन ने भारतीय कम्पनियों से इस मास्क की सप्लाई बढ़ाने की मांग की है।
दरअसल, वायरस से लेकर प्रदूषण से बचने के लिए तरह-तरह के मास्क काफ़ी मददगार साबित होते हैं। लेकिन मास्क भी कई तरह के आते हैं। आइये आपको इस तरह के ही कुछ मास्क के बारे में बताते हैं। सबसे पहले आपको बताते हैं सिंगल लेयर मास्क के बारे में, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस मास्क का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल प्रदूषण से बचने के लिए होता है। सिंगल लेयर मास्क सस्ता होता है, और इसकी क़ीमत 25 से 100 रुपये के बीच होती है। लेकिन यह ज़्यादा असरकार नहीं होता है, और यह पीएम 10 या पीएम 2.5 से नहीं बचा पाता है।
प्रदूषण से बचने के लिए ट्रिपल लेयर मास्क भी लगाए जाते हैं। हल्के प्रदूषण से बचने में ट्रिपल लेयर मास्क बहुत कुछ मददगार साबित होते हैं। लेकिन प्रदूषण से पूरी तरह से इससे भी नहीं बचा जा सकता है। चुंकि इसमें तीन लेयर होती हैं इसलिए यह पीएम 10 को रोक सकता है। इस तरह के मास्क को आप धोकर दोबारा इस्तेमाल में ले सकते हैं।
यदि हम सिक्स लेयर मास्क की बात करें, तो सिक्स लेयर मास्क प्रदूषण से काफ़ी ज़्यादा बचाता है। लेकिन यह भी प्रदूषण से बचाव सिर्फ़ 80% तक ही कर सकता है। यह मास्क काफ़ी हद तक पीएम 10 के अलावा पीएम 2.5 से बचाता है। बाज़ार में सिक्स लेयर मास्क की क़ीमत 200 से 1000 रुपये के बीच होती है, और इसे धोकर फ़िर से इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन यह मास्क पहनने पर काफ़ी टाइट होता है, और इसलिए इसे हमेशा पहने रहना मुश्किल होता है। बता दें कि केरल में निपाह वायरस फैलने के दौरान भी एन-95 मास्क का ही इस्तेमाल किया गया था। कहा जाता है कि एन-95 मास्क प्रदूषण से 95 प्रतिशत तक बचाता है।
वहीं N-99 मास्क भी काफ़ी काम का होता है। बता दें कि N-99 मास्क आपको प्रदूषण से 99 प्रतिशत सुरक्षा प्रदान करता है। लेकिन यह मास्क काफ़ी महंगा होता है, और इसकी क़ीमत 1000 रुपये से ज़्यादा होती है। अब आपको बताते हैं R-95, R-99, P-95 और P-99 मास्क के बारे में, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह सभी मास्क काफ़ी महंगे होते हैं, और इनकी क़ीमत 3000 रुपये से ज़्यादा होती है।
अब आप सोच रहे होंगे कि N-95 मास्क में N क्या है? तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि N का मतलब होता है ‘Not Oil Resistant’ यानी इस तरह के मास्क से आप हवा में घुले पार्टिकुलेट से बच सकते हैं, लेकिन तैलीय प्रदूषण से नहीं। वहीं R-95 मास्क में R का मतलब होता है ‘Oil Resistant’ यानी यह मास्क आपको हवा में घुले पार्टिकुलेट मैटर के साथ-साथ तैलीय प्रदूषणकारी तत्वों से भी बचा सकते हैं। वहीं P-95 मास्क में P मतलब होता है ‘Oil Proof’ यानी हवा में घुले पार्टिकुलेट मैटर के साथ-साथ यह मास्क आपको तैलीय प्रदूषणकारी तत्वों से पूरी तरह बचाता है।