कम्प्यूटर के ज़रिए फैल रहा ‘कोरोना वायरस’ भी है ख़तरनाक!
Monday - February 3, 2020 10:44 am ,
Category : WTN HINDI
वायरस के ज़रिए इंटरनेट यूज़र्स को निशाना बना रहे साइबर क्रिमिनल्स
इंटरनेट पर सावधानी से खोलें कोरोना वायरस से सम्बन्धित फ़ाइल, डेटा हो सकता है चोरी!
FEB 03 (WTN) – चीन के वुहान शहर से फैली संक्रामक बीमारी कोरोना वायरस चीन समेत पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गई है। कोरोना वायरस के कारण अभी तक चीन में 361 लोगों की मौत हो चुकी है वहीं 17 हज़ार से ज़्यादा लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण पाये गये हैं। चुंकि कोरोना वायरस एक संक्रामक बीमारी है, इसलिए चीन के अलावा दुनिया के अन्य देशों में भी कोरोना वायरस धीरे-धीरे फैल रहा है। ऐसे में दुनिया के कई देशों ने अपने नागरिकों को चीन ना जाने की सलाह दी है वहीं कई ऐहतियात के तौर पर कई देशों ने चीन के लिए अपनी उड़ानें तक रद्द कर दी हैं। कोरोना वायरस के ख़तरे और उससे निपटने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस को लेकर ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी तक घोषित कर दी है।
लेकिन यदि हम आपसे कहें कि आपके ई-मेल में आया हुआ कोई मेल या फ़िर इंटरनेट पर खोली गई कोई फ़ाइल कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकती है, तो यह पढ़कर आप चौक गये होंगे! आख़िर क्या है यह पूरा मामला? आइये आपको विस्तार से बताते हैं। दरअसल, साइबर सिक्योरिटी फर्म कासपेरेस्की ने ऐसी एक रिपोर्ट जारी की है जिसके मुताबिक़, इंटरनेट पर कोरोना वायरस को लेकर बहुत सारी जानकारियां और फ़ाइलें भेजी जा रही हैं, और उसमें से कुछ फ़ाइलें ऐसी मिली हैं जिनमें वायरस हैं।
दरअसल, आपके मोबाइल और कम्प्यूटर पर कोरोना वायरस नाम से जो वायरस हमला कर सकता है वो चीन में फैली कोरोना वायरस बीमारी नहीं है। जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस की दहशत के चलते कुछ साइबर क्रिमिनल्स ने कोरोना वायरस नाम से कुछ ऐसी फ़ाइलें भेजना शुरू की हैं जो कि कम्प्यूटर औऱ मोबाइल पर हमला करने वाले ट्रोजन, मालवेयर, और रैनसमयवेयर हैं।
इस बारे में कासपेरेस्की का कहना है, “चीन से फैली कोरोना वायरस बीमारी के बाद कोरोना वायरस के नाम से बहुत सी जानकारियां की फ़ाइल्स इंटरनेट पर मौजूद हैं, और इन फ़ाइल्स में दावा किया जा रहा है कि इनमें कोरना वायरस को लेकर ज़रूर जानकारियां हैं, और आप किस तरह से कोरोना वायरस से बच सकते हैं। लेकिन जानकारी के लिए बता दें कि यह फ़ाइल्स असल में ट्रोजन, मालवेयर, और रैनसमवेयर हैं। जैसे ही आप इन फ़ाइलों को ओपेन करते हैं, तो आपके मोबाइल फ़ोन या कम्प्यूटर को नुकसान हो सकता है।”
जैसा कि आप जानते ही हैं कि इस समय इंटरनेट पर कोरोना वायरस के बारे में काफ़ी सर्च किया जा रहा है। ऐसे में इस सर्चिंग का फ़ायदा साइबर क्रिमिनल्स भी उठा रहे हैं। कई ऐसे मामले देखे गये हैं जिसमें कोरोना वायरस नाम से आई फ़ाइल में ट्रोजन, मालवेयर या रैनसमवेयर थे, इसलिए इंटरनेट यूज़र को इंटरनेट का यूज़ करते समय काफ़ी सावधान रहने की ज़रूरत है। जानकारी के लिए बता दें कि यदि आपने बिना सावधानी के कोरोना वायरस से सम्बन्धित फ़ाइल्स को खोला, तो उनमें मौजूद ट्रोजन, मालवेयर, रैनसमवेयर, और अन्य नुकसानदायक वायरस मोबाइल फ़ोन या कम्प्यूटर को ब्लॉक तक कर सकते हैं, और आपके मोबाइल या कम्प्यूटर से डेटा चुरा सकते हैं।
तो आप जान ही गये होंगे कि कोरोना वायरस के नाम से आ रही फ़ाइल्स और मेल ख़तरनाक भी हो सकते हैं, और इनमें कई तरह के ट्रोजन, मालवेयर, और रैनसमवयेर तक हो सकते हैं। इन ट्रोजन, मालवेयर, और रैनसमवेयर की जानकारी की एक पूरी लिस्ट एंटी वायरस फर्म कासपेरेस्की ने जारी की है, और इनके नाम आप कासपेरेस्की की वेबसाइट पर देख सकते हैं। लेकिन बड़ा सवाल है कि यदि आपके पास इस तरह के ट्रोजन, मालवेयर, और रैनसमवेयर आते हैं, तो आप इनकी पहचान कैसे करेंगे? वैसे एक सामान्य यूज़र के लिए यह पहचान पाना काफ़ी मुश्किल है कि जो फ़ाइल वे ओपेन कर रहे हैं उनमें किस में ट्रोजन, मालवेयर या रैनसमयेवर है।
इस बारे में साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स की सलाह है कि कोरोना वायरस से सम्बन्धित कोई भी फ़ाइल ओपेन करने से पहले फ़ाइल के डिटैल सेक्शन में जाकर उसके बारे में पता कर लेना चाहिए कि ये वर्ड डॉक्युमेंट है या फ़िर पीडीएफ फार्मेट में है या फ़िर वीडियो फार्मेट में है। या फ़िर यह .EXE या .LNK एक्सटेंशन फॉर्म में तो नहीं है। दरअसल, इस तरह की जांच करने के बाद आपको पता चल जाएगा कि कौन सी फ़ाइल आपके काम की है और कौन सी फ़ाइल काम की नहीं है। औऱ यह जानने के बाद आपको पता चल जाएगा कि इन फ़ाइल्स को खोलना आपके मोबाइल फ़ोन और कम्प्यूटर के लिए सुरक्षित रहेगा या नहीं?
FEB 03 (WTN) – चीन के वुहान शहर से फैली संक्रामक बीमारी कोरोना वायरस चीन समेत पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गई है। कोरोना वायरस के कारण अभी तक चीन में 361 लोगों की मौत हो चुकी है वहीं 17 हज़ार से ज़्यादा लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण पाये गये हैं। चुंकि कोरोना वायरस एक संक्रामक बीमारी है, इसलिए चीन के अलावा दुनिया के अन्य देशों में भी कोरोना वायरस धीरे-धीरे फैल रहा है। ऐसे में दुनिया के कई देशों ने अपने नागरिकों को चीन ना जाने की सलाह दी है वहीं कई ऐहतियात के तौर पर कई देशों ने चीन के लिए अपनी उड़ानें तक रद्द कर दी हैं। कोरोना वायरस के ख़तरे और उससे निपटने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस को लेकर ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी तक घोषित कर दी है।
लेकिन यदि हम आपसे कहें कि आपके ई-मेल में आया हुआ कोई मेल या फ़िर इंटरनेट पर खोली गई कोई फ़ाइल कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकती है, तो यह पढ़कर आप चौक गये होंगे! आख़िर क्या है यह पूरा मामला? आइये आपको विस्तार से बताते हैं। दरअसल, साइबर सिक्योरिटी फर्म कासपेरेस्की ने ऐसी एक रिपोर्ट जारी की है जिसके मुताबिक़, इंटरनेट पर कोरोना वायरस को लेकर बहुत सारी जानकारियां और फ़ाइलें भेजी जा रही हैं, और उसमें से कुछ फ़ाइलें ऐसी मिली हैं जिनमें वायरस हैं।
दरअसल, आपके मोबाइल और कम्प्यूटर पर कोरोना वायरस नाम से जो वायरस हमला कर सकता है वो चीन में फैली कोरोना वायरस बीमारी नहीं है। जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस की दहशत के चलते कुछ साइबर क्रिमिनल्स ने कोरोना वायरस नाम से कुछ ऐसी फ़ाइलें भेजना शुरू की हैं जो कि कम्प्यूटर औऱ मोबाइल पर हमला करने वाले ट्रोजन, मालवेयर, और रैनसमयवेयर हैं।
इस बारे में कासपेरेस्की का कहना है, “चीन से फैली कोरोना वायरस बीमारी के बाद कोरोना वायरस के नाम से बहुत सी जानकारियां की फ़ाइल्स इंटरनेट पर मौजूद हैं, और इन फ़ाइल्स में दावा किया जा रहा है कि इनमें कोरना वायरस को लेकर ज़रूर जानकारियां हैं, और आप किस तरह से कोरोना वायरस से बच सकते हैं। लेकिन जानकारी के लिए बता दें कि यह फ़ाइल्स असल में ट्रोजन, मालवेयर, और रैनसमवेयर हैं। जैसे ही आप इन फ़ाइलों को ओपेन करते हैं, तो आपके मोबाइल फ़ोन या कम्प्यूटर को नुकसान हो सकता है।”
जैसा कि आप जानते ही हैं कि इस समय इंटरनेट पर कोरोना वायरस के बारे में काफ़ी सर्च किया जा रहा है। ऐसे में इस सर्चिंग का फ़ायदा साइबर क्रिमिनल्स भी उठा रहे हैं। कई ऐसे मामले देखे गये हैं जिसमें कोरोना वायरस नाम से आई फ़ाइल में ट्रोजन, मालवेयर या रैनसमवेयर थे, इसलिए इंटरनेट यूज़र को इंटरनेट का यूज़ करते समय काफ़ी सावधान रहने की ज़रूरत है। जानकारी के लिए बता दें कि यदि आपने बिना सावधानी के कोरोना वायरस से सम्बन्धित फ़ाइल्स को खोला, तो उनमें मौजूद ट्रोजन, मालवेयर, रैनसमवेयर, और अन्य नुकसानदायक वायरस मोबाइल फ़ोन या कम्प्यूटर को ब्लॉक तक कर सकते हैं, और आपके मोबाइल या कम्प्यूटर से डेटा चुरा सकते हैं।
तो आप जान ही गये होंगे कि कोरोना वायरस के नाम से आ रही फ़ाइल्स और मेल ख़तरनाक भी हो सकते हैं, और इनमें कई तरह के ट्रोजन, मालवेयर, और रैनसमवयेर तक हो सकते हैं। इन ट्रोजन, मालवेयर, और रैनसमवेयर की जानकारी की एक पूरी लिस्ट एंटी वायरस फर्म कासपेरेस्की ने जारी की है, और इनके नाम आप कासपेरेस्की की वेबसाइट पर देख सकते हैं। लेकिन बड़ा सवाल है कि यदि आपके पास इस तरह के ट्रोजन, मालवेयर, और रैनसमवेयर आते हैं, तो आप इनकी पहचान कैसे करेंगे? वैसे एक सामान्य यूज़र के लिए यह पहचान पाना काफ़ी मुश्किल है कि जो फ़ाइल वे ओपेन कर रहे हैं उनमें किस में ट्रोजन, मालवेयर या रैनसमयेवर है।
इस बारे में साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स की सलाह है कि कोरोना वायरस से सम्बन्धित कोई भी फ़ाइल ओपेन करने से पहले फ़ाइल के डिटैल सेक्शन में जाकर उसके बारे में पता कर लेना चाहिए कि ये वर्ड डॉक्युमेंट है या फ़िर पीडीएफ फार्मेट में है या फ़िर वीडियो फार्मेट में है। या फ़िर यह .EXE या .LNK एक्सटेंशन फॉर्म में तो नहीं है। दरअसल, इस तरह की जांच करने के बाद आपको पता चल जाएगा कि कौन सी फ़ाइल आपके काम की है और कौन सी फ़ाइल काम की नहीं है। औऱ यह जानने के बाद आपको पता चल जाएगा कि इन फ़ाइल्स को खोलना आपके मोबाइल फ़ोन और कम्प्यूटर के लिए सुरक्षित रहेगा या नहीं?