कोरोना वायरस मामले में चीन की वामपंथी सरकार कर गई ‘बड़ी ग़लती’!
Tuesday - February 4, 2020 4:04 pm ,
Category : WTN HINDI
चीनी में महामारी बना कोरोना वायरस
नियंत्रण में रहता कोरोना वायरस यदि चीन की वामपंथी सरकार नहीं करती ‘यह लापरवाही’!
FEB 04 (WTN) – चीन के वुहान शहर से फैली जानसेवा संक्रामक बीमारी कोरोना वायरस का क़हर पूरी दुनिया में फैलता जा रहा है। जहां तक चीन की बात है, तो अकेले चीन में ही कोरोना वायरस के कारण अभी तक 425 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 20 हज़ार से ज़्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गये हैं। कोरोना वायरस चीन के अलावा दुनिया के अन्य देशों में भी फैल चुका है, ऐसे में विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोरोना वायरस की भयावहता को देखते हुए ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी तक घोषित कर दी है।
वैसे अभी तक कोरोना वायरस से मौत के मामले सिर्फ़ चीन में ही दर्ज़ किये गये थे, लेकिन फिलीपींस में कोरोना वायरस के कारण एक व्यक्ति की मौत के बाद कोरोना वायरस से मौत का डर पूरी दुनिया में फैल गया है। भारत के केरल राज्य में भी कोरोना वायरस संक्रमण से सक्रमित कुछ मरीज़ अस्पताल में भर्ती हैं। लेकिन इस सबके बीच, कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस इता सिर्फ़ और सिर्फ़ इसलिए फैल रहा है, क्योंकि चीन की कम्यूनिस्ट सरकार ने इस बीमारी की सच्चाई को अपने ही देश के लोगों और पूरी दुनिया के सामने छिपाया।
जैसा कि आप जानते हैं कि चीन की कम्यूनिस्ट सरकार में मीडिया पर पाबंदी है, ऐसे में चीन में वो ही ख़बरें पूरी दुनिया के सामने आती हैं, जो कि चीन की सरकार चाहती है। ऐसे में कहा जा रहा है कि चीन में कोरोना वायरस का प्रकोप कहीं ज़्यादा है, और चीन की सरकार पूरी दुनिया के सामने इस सच्चाई को छिपा रही है। इतना ही नहीं, आरोप है कि चीन की सरकार को पहले ही इस बीमारी के बारे में पता चल गया था, लेकिन चीनी सरकार ने इस बात को छिपाया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि वुहान के डॉक्टर्स को दिसम्बर महीने के शुरुआत में ही कोरोना वायरस के संक्रमण का पता चल गया था, और डॉक्टर्स ने चेतावनी भी दी थी कि यह एक महामारी का रूप ले सकता है। लेकिन आरोप है कि लोकल कम्यूनिस्ट पार्टी ने इस जानकारी को छिपाकर रखा।
इतना ही नहीं, इससे भी गम्भीर आरोप हैं कि कुछ डॉक्टर्स ने जब कोरोना वायरस के बारे में जानकारी सार्वजनिक करने की कोशिश की, तो उन्हें ऐसा करने के लिए डांटा तक गया। वहीं एक विदेशी समाचार पत्र के मुताबिक़, कोरोना वायरस के बारे में जानकारी छिपाने के लिए चीन की कम्यूनिस्ट सरकार के दबाव में मृतकों के डेथ सर्टिफिकेट में मौत का कारण कोरोना वायरस की जगह पर सीवियर न्यूमोनिया या वायरल न्यूमोनिया तक लिख दिया गया।
दरअसल, कोरोना वायरस को लेकर वुहान की हेल्थ अथॉरिटी की मीटिंग भी हुई थी, लेकिन वुहान के मेयर का कहना था कि वे 20 जनवरी तक इस बारे में कुछ भी जानकारी प्रकाशित करने की स्थिति में नहीं थे। बता दें कि चीन में उस समय चीनी नए साल की छुट्टियां मनाई जा रही थीं, और इस दौरान बड़ी तादात में विदेश में रहने वाली चीनी नागरिक अपने घर आए थे। वहीं चीन में ही करोड़ों लोग घूमने के लिए पूरे देश में यहां से वहां जा रहे थे। ऐसे में चीनी सरकार ने इस वायरस के बारे में जानकारी छिपाकर अपने ही देश के लोगों की जान को ख़तरे में डाल दिया।
इधर चीन के डॉक्टर्स के अनुसार, चीन की सरकार और वहां के लोगों ने शुरुआती तौर पर कोरोना वायरस के संक्रमण को सीरियस नहीं लिया। डॉक्टर्स के मुताबिक़, कोरोना का वायरस 10 से लेकर 14 दिनों तक इनक्यूबेशन पीरियड में रहता है, और इस दौरान मरीज को संक्रमण का पता नहीं चलता है और वो खुद को स्वस्थ पाता है। यही कारण है कि चीनी लोगों में संक्रमण फैलता रहा, और लोगों को इस बात का पता ही नहीं चला कि वे कोरोना वायरस के शिकार हो चुके हैं। दरअसल, शुरूआत में चीनी लोगों ने कोरोना वायरस के संक्रमण को मामूली सर्दी, खांसी और बुखार समझा, और उनकी यही लापरवाही उनके लिए और अन्य लोगों के लिए जानलेवा साबित हो गई।
ज़ाहिर है कि चीनी सरकार की लापरवाही के कारण कोरोना वायरस पूरी दुनिया के लिए परेशानी का कारण बन गया है। देखते ही देखते तीन सप्ताह में कोरोना वायरस ने चीन को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है। चीन के अर्थशास्त्र के जानकारों के मुताबिक़, कोरोना वायरस से चीन की जीडीपी को बड़ा नुकसान हो रहा है, और कोरोना वायरस के कारण चीन की विकास दर 0.5 से 1.0 प्रतिशत तक घट सकती है। यानी चीन की विकास दर यदि एक प्रतिशत कम होती है, तो इससे चीन की अर्थव्यवस्था को 136 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान होगा।
बता दें कि चीन के वुहान शहर के फूड मार्केट से कथित रूप से फैली इस बीमारी के कारण पूरे चीन में लोग अपने-अपने घरों में बंद होने को मजबूर हो गए हैं, क्योंकि वुहान के अलावा चीन के कई अन्य शहर कोरोना वायरस की चपेट में आ गए हैं। बता दें कि जिस वुहान शहर से कोरोना वायरस फैला है, वहां पर ट्रैवल प्रतिबंध लगने से पहले ही करीब 50 लोख लोग शहर छोड़कर चले गए हैं। कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए चीन के 11 शहरों में यात्रा पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिसके कारण क़रीब 5 करोड़ प्रभावित हुए हैं। बता दें कि अकेले वुहान शहर में ही क़रीब 1.1 करोड़ लोग रहते हैं, और वुहान शहर इस समय लॉक डाउन की स्थिति में है।
जिस तरह से चीन की सरकार ने कोरोना वायरस की छिपाने का प्रयास किया, और चीनी लोगों ने कोरोना वायरस को गम्भीरता से नहीं लिया, ऐसे में कहा जा सकता है कि इन्हीं सब कारणों से कोरोना वायरस चीन में लोगों के लिए जानलेवा बन गया है। इस बीमारी से लड़ने के लिए वैसे तो अब चीन की सरकार युद्धस्तर पर प्रयास कर रही है और सतर्कता बरत रही है, लेकिन यदि यही प्रयास और सतर्कता कोरोना वायरस के बारे में जानकारी हासिल होने के बाद बरती गई होती, तो यह संक्रामक जानलेवा बीमारी पूरी दुनिया में नहीं फैलती
FEB 04 (WTN) – चीन के वुहान शहर से फैली जानसेवा संक्रामक बीमारी कोरोना वायरस का क़हर पूरी दुनिया में फैलता जा रहा है। जहां तक चीन की बात है, तो अकेले चीन में ही कोरोना वायरस के कारण अभी तक 425 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 20 हज़ार से ज़्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गये हैं। कोरोना वायरस चीन के अलावा दुनिया के अन्य देशों में भी फैल चुका है, ऐसे में विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोरोना वायरस की भयावहता को देखते हुए ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी तक घोषित कर दी है।
वैसे अभी तक कोरोना वायरस से मौत के मामले सिर्फ़ चीन में ही दर्ज़ किये गये थे, लेकिन फिलीपींस में कोरोना वायरस के कारण एक व्यक्ति की मौत के बाद कोरोना वायरस से मौत का डर पूरी दुनिया में फैल गया है। भारत के केरल राज्य में भी कोरोना वायरस संक्रमण से सक्रमित कुछ मरीज़ अस्पताल में भर्ती हैं। लेकिन इस सबके बीच, कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस इता सिर्फ़ और सिर्फ़ इसलिए फैल रहा है, क्योंकि चीन की कम्यूनिस्ट सरकार ने इस बीमारी की सच्चाई को अपने ही देश के लोगों और पूरी दुनिया के सामने छिपाया।
जैसा कि आप जानते हैं कि चीन की कम्यूनिस्ट सरकार में मीडिया पर पाबंदी है, ऐसे में चीन में वो ही ख़बरें पूरी दुनिया के सामने आती हैं, जो कि चीन की सरकार चाहती है। ऐसे में कहा जा रहा है कि चीन में कोरोना वायरस का प्रकोप कहीं ज़्यादा है, और चीन की सरकार पूरी दुनिया के सामने इस सच्चाई को छिपा रही है। इतना ही नहीं, आरोप है कि चीन की सरकार को पहले ही इस बीमारी के बारे में पता चल गया था, लेकिन चीनी सरकार ने इस बात को छिपाया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि वुहान के डॉक्टर्स को दिसम्बर महीने के शुरुआत में ही कोरोना वायरस के संक्रमण का पता चल गया था, और डॉक्टर्स ने चेतावनी भी दी थी कि यह एक महामारी का रूप ले सकता है। लेकिन आरोप है कि लोकल कम्यूनिस्ट पार्टी ने इस जानकारी को छिपाकर रखा।
इतना ही नहीं, इससे भी गम्भीर आरोप हैं कि कुछ डॉक्टर्स ने जब कोरोना वायरस के बारे में जानकारी सार्वजनिक करने की कोशिश की, तो उन्हें ऐसा करने के लिए डांटा तक गया। वहीं एक विदेशी समाचार पत्र के मुताबिक़, कोरोना वायरस के बारे में जानकारी छिपाने के लिए चीन की कम्यूनिस्ट सरकार के दबाव में मृतकों के डेथ सर्टिफिकेट में मौत का कारण कोरोना वायरस की जगह पर सीवियर न्यूमोनिया या वायरल न्यूमोनिया तक लिख दिया गया।
दरअसल, कोरोना वायरस को लेकर वुहान की हेल्थ अथॉरिटी की मीटिंग भी हुई थी, लेकिन वुहान के मेयर का कहना था कि वे 20 जनवरी तक इस बारे में कुछ भी जानकारी प्रकाशित करने की स्थिति में नहीं थे। बता दें कि चीन में उस समय चीनी नए साल की छुट्टियां मनाई जा रही थीं, और इस दौरान बड़ी तादात में विदेश में रहने वाली चीनी नागरिक अपने घर आए थे। वहीं चीन में ही करोड़ों लोग घूमने के लिए पूरे देश में यहां से वहां जा रहे थे। ऐसे में चीनी सरकार ने इस वायरस के बारे में जानकारी छिपाकर अपने ही देश के लोगों की जान को ख़तरे में डाल दिया।
इधर चीन के डॉक्टर्स के अनुसार, चीन की सरकार और वहां के लोगों ने शुरुआती तौर पर कोरोना वायरस के संक्रमण को सीरियस नहीं लिया। डॉक्टर्स के मुताबिक़, कोरोना का वायरस 10 से लेकर 14 दिनों तक इनक्यूबेशन पीरियड में रहता है, और इस दौरान मरीज को संक्रमण का पता नहीं चलता है और वो खुद को स्वस्थ पाता है। यही कारण है कि चीनी लोगों में संक्रमण फैलता रहा, और लोगों को इस बात का पता ही नहीं चला कि वे कोरोना वायरस के शिकार हो चुके हैं। दरअसल, शुरूआत में चीनी लोगों ने कोरोना वायरस के संक्रमण को मामूली सर्दी, खांसी और बुखार समझा, और उनकी यही लापरवाही उनके लिए और अन्य लोगों के लिए जानलेवा साबित हो गई।
ज़ाहिर है कि चीनी सरकार की लापरवाही के कारण कोरोना वायरस पूरी दुनिया के लिए परेशानी का कारण बन गया है। देखते ही देखते तीन सप्ताह में कोरोना वायरस ने चीन को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है। चीन के अर्थशास्त्र के जानकारों के मुताबिक़, कोरोना वायरस से चीन की जीडीपी को बड़ा नुकसान हो रहा है, और कोरोना वायरस के कारण चीन की विकास दर 0.5 से 1.0 प्रतिशत तक घट सकती है। यानी चीन की विकास दर यदि एक प्रतिशत कम होती है, तो इससे चीन की अर्थव्यवस्था को 136 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान होगा।
बता दें कि चीन के वुहान शहर के फूड मार्केट से कथित रूप से फैली इस बीमारी के कारण पूरे चीन में लोग अपने-अपने घरों में बंद होने को मजबूर हो गए हैं, क्योंकि वुहान के अलावा चीन के कई अन्य शहर कोरोना वायरस की चपेट में आ गए हैं। बता दें कि जिस वुहान शहर से कोरोना वायरस फैला है, वहां पर ट्रैवल प्रतिबंध लगने से पहले ही करीब 50 लोख लोग शहर छोड़कर चले गए हैं। कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए चीन के 11 शहरों में यात्रा पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिसके कारण क़रीब 5 करोड़ प्रभावित हुए हैं। बता दें कि अकेले वुहान शहर में ही क़रीब 1.1 करोड़ लोग रहते हैं, और वुहान शहर इस समय लॉक डाउन की स्थिति में है।
जिस तरह से चीन की सरकार ने कोरोना वायरस की छिपाने का प्रयास किया, और चीनी लोगों ने कोरोना वायरस को गम्भीरता से नहीं लिया, ऐसे में कहा जा सकता है कि इन्हीं सब कारणों से कोरोना वायरस चीन में लोगों के लिए जानलेवा बन गया है। इस बीमारी से लड़ने के लिए वैसे तो अब चीन की सरकार युद्धस्तर पर प्रयास कर रही है और सतर्कता बरत रही है, लेकिन यदि यही प्रयास और सतर्कता कोरोना वायरस के बारे में जानकारी हासिल होने के बाद बरती गई होती, तो यह संक्रामक जानलेवा बीमारी पूरी दुनिया में नहीं फैलती