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कहीं ख़तरनाक जैविक हथियार तो नहीं बना रहा चीन?

Wednesday - February 5, 2020 10:46 am , Category : WTN HINDI
चीन के मुताबिक़ सीफूड मार्केट से ही फैला है कोरोना वायरस का संक्रमण
चीन के मुताबिक़ सीफूड मार्केट से ही फैला है कोरोना वायरस का संक्रमण

चीन में कोरोना वायरस संक्रमण फैलने के ‘कारण’ पर उठ रहे सवाल!

FEB 05 (WTN) – चीन में फैले जानलेवा कोरोना वायरस संक्रमण के बारे में तो आपने पढ़ा और सुना ही होगा। जहां तक आपको जानकारी है, तो आपको यही पता है कि कोरोना वायरस का संक्रमण चीन के वुहान शहर के एक सीफूड मार्केट से फैला है। लेकिन यदि हम आपसे कहें कि इस संक्रमण के फैलने का कारण कुछ और है, तो आप यह पढ़कर चौक गये होंगे। दरअसल, कोरोना वायरस संक्रमण फैलने का मामला जितना सामान्य दिख रहा है वो इतना सामान्य नहीं है। क्या है कोरोना वायरस फैलने का अन्दर का कारण? आइये आपको विस्तार से बताते हैं।

सबसे पहले तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अभी तक कोरोना वायरस के कारण चीन में क़रीब 500 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं 25 हज़ार से ज़्यादा मरीज़ कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गये हैं। चीन के अलावा दुनिया के अन्य देशों में भी कोरोना वायरस फैल चुका है, और चीन के बाहर कोरोना वायरस से मौत का पहला मामला फिलीपींस में सामने आया है। कोरोना वायरस की भयावहता को देखते हुए ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस को लेकर ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी जारी कर दी है।

वैसे कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस के बारे में काफ़ी पहले चीन की सरकार को पता चल गया था, लेकिन चीन की वामपंथी सरकार ने डॉक्टर्स पर दबाव बनाया कि वे इस सच्चाई को छिपाकर रखें। चीन की वामपंथी सरकार की इसी ग़लती के कारण कोरोना वायरस चीन में महामारी बन गया है। दरअसल, चीनी लोगों ने सर्दी, खांसी और हल्के बुखार के मामलों को सीरियस नहीं लिया, और यही लक्षण कोरोना वायरस के थे। यदि डॉक्टर्स की सलाह चीन की सरकार मान लेती, तो हो सकता था कि कोरोना वायरस चीन में इतने बड़े पैमाने पर नहीं फैलता।

अब जबकि कोरोना वायरस चीन के लिए जानलेवा संकट बन गया है। ऐसे में चीन सरकार की तरफ़ से इसकी रोकथाम के लिए और इससे बचने के लिए कई तरह के प्रयास युद्धस्तर पर किये जा रहे हैं। लेकिन जैसा कि हमने आपको बताया कि चीन की वामपंथी सरकार द्वारा दावा किया जा रहा है कि कोरोना वायरस फ़ैलने का कारण वुहान शहर का सीफूड मार्केट है, लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि कोरोना वायरस सीफूड मार्केट से नहीं, बल्कि वुहान में स्थित चीन की एक प्रयोगशाला से फैला है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस का संक्रमण केन्द्र कहे जा रहे वुहान के हुनान सीफूड मार्केट से 32 किलोमीटर की दूरी पर लेवल-4 सर्टिफाइड 'वुहान इंस्टिट्यूट ऑफ़ वायरलॉजी नैशनल बायोसेफ्टी लैब' स्थित है,जो कि इबोला, निपाह और अन्य घातक वायरसों पर रिसर्च करती है। कहा जा रहा है कि वुहान शहर में कोरोना वायरस हुनान सीफूड मार्केट से नहीं, बल्कि इसी वायरलॉजी लैब से चीन के किसी ग़लत प्रयोग के कारण फैला है। हालांकि, इस तरह के तमाम आरोपों पर चीन की सरकार ने कुछ भी जवाब नहीं दिया है।

जानकारी के लिए बता दें कि एक ऑनलाइन पोर्टल की जांच में भी वायरस की उत्पत्ति को कनाडा और चीनी बायोलॉजिकल वारफेयर प्रोग्राम के दो एजेंट्स से जोड़कर देखा गया है। आरोप तो यह तक लगाए जा रहे हैं कि चीन चोरी से घातक जैविक हथियार बना रहा है। दरअसल, मार्च 2019 में कनाडा की NML (National Microbiology Laboratory) के वायरस से भरे रहस्यमयी जहाज चीन में दिखाई दिए थे। इस घटना के बाद काफ़ी विवाद हुआ था, और बायोफेयर एक्सपर्ट्स ने सवाल किये थे कि आख़िर क्यों कनाडा चीन को ख़तरनाक वायरस भेज रहा है?

इस बारे में National Microbiology Laboratory के वैज्ञानिकों ने कहा था कि ये घातक वायरस बहुत ही ताक़तवर जैव हथियार हो सकते थे। बाद में जांच के बाद पता चला था कि यह घटना National Microbiology Laboratory में काम कर रहे चीनी एजेंट्स से जुड़ी थी, और इसके चार महीने बाद ही जुलाई 2019 में कनाडा की National Microbiology Laboratory ने चीन के वायरलॉजिस्ट के एक समूह को जबरन निकाल दिया था। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि National Microbiology Laboratory कनाडा की एकमात्र लेवल 4 की लैब है, और यह लैब दुनिया की ख़तरनाक बीमारियों जैसे इबोला, सार्स, कोरोना वायरस इत्यादि पर रिसर्च के लिए उत्तरी अमेरिका की अधिकृत चुनिंदा प्रयोगशालाओं में से एक है।
 
जानकारों के मुताबिक़, चीन का बायोसाइंस में बढ़ता निवेश और जीन एडिटिंग के मामले में नैतिक मूल्यों का उल्लंघन इस संदेह को और भी पुख्ता करता है कि चीन अपनी प्रयोगशालाओं में जैविक हथियार बना रहा है। वहीं कहा यह भी जा रहा है कि चीन की वामपंथी सरकार ऐसी कोशिशें भी कर रही है कि वो वायरस से ऐसे घातक जानलेवा जैविक हथियार बना ले, जिसकी वैक्सीन सिर्फ़ उसके पास ही हो।
 
लेकिन मीडिया रिपोट्स में आरोप लगने के बाद चीनी विशेषज्ञों ने कोरोना वायरस को लैब परीक्षणों का नतीजा मानने से इनकार कर दिया है। चीनी वैज्ञानिकों का दावा है कि वुहान शहर में फैला कोरोना वायरस का संक्रमण हुनान सीफूड मार्केट से ही फैला है। चीनी वैज्ञानिकों का कहना है कि वुहान में फैला नया कोरोना वायरस 'चमगादड़ कोरोनोवायरस' से 96 प्रतिशत मिलता-जुलता है। यानी वुहान के नये कोरोना वायरस का स्रोत 18 साल पहले फैले SARS की तरह चमगादड़ ही है।
 
हालांकि, वुहान की वायरलॉजी लैब में जैविक हथियार बनाने के आरोपों पर चीनी सरकार ने चुप्पी साध रखी है, तो वहीं चीनी वैज्ञानिकों का दावा है कि कोरोना वायरस प्राकृतिक रूप से फैला है, और इसके संक्रमण के पीछे किसी भी तरह की कोई भी ग़लती किसी भी लैब में नहीं हुई है। ख़ैर चीन की वामपंथी सरकार पर भरोसा करना मुश्किल है। दअसल, चीन पर सालों से आरोप लगते रहे हैं कि अपनी विस्तारवादी नीति के कारण चीन जैविक हथियार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। कनाड़ा की National Microbiology Laboratory का मामला भी इस तरफ़ इशारा कर रहा है। हालांकि, चीन सरकार का दावा है कि कोरोना वायरस फैलने का कारण वुहान शहर का हुनान सीफूड मार्केट है, लेकिन इस आशंका को भी दरकिनार नहीं किया जा सकता है कि चीन अपनी प्रयोगशालाओं में ख़तरनाक जैविक हथियार बनाने की कोशिशों में लगा हुआ है।