यदि ट्विटर पर करते हैं तथ्यों को तोड़ मोड़कर पेश, तो हो जाएं सावधान!
Wednesday - February 5, 2020 3:43 pm ,
Category : WTN HINDI
माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर के हैं करोड़ों यूज़र्स
भ्रामक और ग़लत ख़बरों के ख़िलाफ़ ट्विटर ने उठाया 'बड़ा क़दम'
FEB 05 (WTN) – माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर के बारे में तो आप जानते हो होंगे, और हो सकता है कि आप इसका इस्तेमाल भी करते ही होंगे। ख़ैर जैसा कि आप जानते हैं कि काफ़ी कम समय में ही ट्विटर पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो गया है। और ट्विटर की लोकप्रियता का अन्दाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया के तमाम देशों के राष्ट्राध्यक्ष से लेकर तमाम नामी गिरामी हस्तियां अपनी बात ट्विटर के ज़रिए ही लोगों तक पहुंचाती हैं। तो कहा जा सकता है कि अपने विचार दुनिया के सामने प्रस्तुत करने के लिए ट्विटर एक सशक्त और विश्वसनीय मंच हो गया है।
अब जबकि ट्विटर पूरी दुनिया में विचारों की अभिव्यक्ति का एक सशक्त और विश्वसनीय मंच बन गया है, तो ऐसे में कई बार ट्विटर पर ऐसी पोस्ट भी आती हैं, जो कि भ्रामक या ग़लत जानकारी वाली होती हैं। वैसे समय-समय पर इस तरह की पोस्ट पर काफ़ी विवाद भी हो चुका है, लेकिन इस तरह की पोस्ट को डिलीट करने, और उन्हें पोस्ट करने वालों के अकाउंट को बैन करने तक का काम ट्विटर करता रहता है। लेकिन अब ट्विटर पर कुछ दिनों में ऐसी सुविधा उपलब्ध होगी, जो किसी भ्रामक या ग़लत जानकारी वाले ट्वीट को रिट्वीट करने से पहले यूज़र्स को एक चेतावनी दिखाएगी।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ट्विटर कम्पनी की यह सर्विस अगले महीने 5 मार्च शुरू होने जा रही है। इस सर्विस के बारे में ट्विटर का कहना है कि इस सर्विस का उद्देश्य ऐसी भ्रामक या ग़लत जानकारी को फैलने से रोकना है, जो लोगों के मत को प्रभावित कर सकती है। दरअसल, जल्द ही ट्विटर अपने प्लेटफार्म पर ट्वीट की लेबलिंग करने वाली है। इस पर ट्विटर का दावा है कि कम्पनी ‘भ्रामक या तोड़-मरोड़ कर पेश’ की गई जानकारी की पहचान करेगी, और साथ ही लोगों को ग़लत सूचना देने वाले ऐसे ट्वीट को हटाने के भी क़दम उठाएगी। इतना ही नहीं, भ्रामक जानकारी वाले ट्वीट को साझा करने से पहले यूज़र्स को बाक़ायदा चेतावनी भी जाएगी कि इस तरह के ट्विट को रिट्विट ना करें।
दरअसल, काफ़ी समय से पूरी दुनिया में इस बार पर चर्चा जारी है कि सोशल मीडिया पर तथ्यों को भ्रामक तरीक़े से पेश किया जाता है। वहीं कई बार तथ्य ग़लत होते हैं, या फ़िर तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की जाती है, और इस सबके कारण सोशल मीडिया यूज़र्स के पास सही जानकारी नहीं मिल पाती है। ऐसे में ट्विटर द्वारा भ्रामक जानकारी और ग़लत तथ्यों के ख़िलाफ़ क़दम उठाया जा रहा है।
ट्विटर के मुताबिक़, “यदि किसी ट्वीट में साझा की गई सामग्री फर्जी या छेडछाड़ की हुई लगेगी, तो हम उस ट्वीट पर इसकी सम्भावना की अतिरिक्त जानकारी देंगे। इसका मतलब यह है कि कम्पनी उस ट्वीट पर एक तरह का लेबल लगा सकती है, और ऐसे ट्वीट को दोबारा ट्वीट करने या लाइक करने से पहले यूज़र्स को चेतावनी दिखाई देगी।”
इतना ही नहीं, ट्विटर पर पोस्ट करने, और उस पोस्ट को रिट्विट करने के लिए नियमों में बदलाव किया जाएगा। नए नियमों के मुताबिक़ ऐसे ट्वीट की पहुंच को कम करने की कोशिश की जाएगी, जिनमें भ्रामक या ग़लत जानकारी रहेंगी। इस तरह के ट्विट्स को ‘ज़रूर देखें’ (रिकमेंडेड ट्वीट) के सुझाव से हटाया जा सकता है। साथ ही इस तरह के ट्विट पर अतिरिक्त स्पष्टीकरण या जानकारी भी दी जाएगी कि इस ट्विट को रिट्विट करना है कि नहीं।
वहीं ट्विटर पर किसी वीडियो के भ्रामक होने की जांच के लिए कम्पनी यह देखेगी कि क्या उस वीडियो को इस तरह से तो एडिट नहीं किया गया है कि इससे वीडियो के मूलभाव में बदलाव किया गया है। यानी कम्पनी इस बात की जांच करेगी कि वीडियो को किसी नए फ्रेम में तो नहीं बदला गया है, या फ़िर उसमें आवाज़ को बदला तो नहीं गया है। कम्पनी इस बात की भी जांच करेगी कि ट्विटर पर अपलोड किया गया कोई वीडियो किसी को सुनियोजित रूप से बदनाम करने की साजिश तो नहीं है। कहा जा सकता है कि ट्विटर की इस सर्विस से यूज़र्स यह जान पाएंगे कि ट्विटर पर पोस्ट की कई जानकारी में कितनी सच्चाई है और उसमें तथ्यों को कितना बदला गया है।
FEB 05 (WTN) – माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर के बारे में तो आप जानते हो होंगे, और हो सकता है कि आप इसका इस्तेमाल भी करते ही होंगे। ख़ैर जैसा कि आप जानते हैं कि काफ़ी कम समय में ही ट्विटर पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो गया है। और ट्विटर की लोकप्रियता का अन्दाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया के तमाम देशों के राष्ट्राध्यक्ष से लेकर तमाम नामी गिरामी हस्तियां अपनी बात ट्विटर के ज़रिए ही लोगों तक पहुंचाती हैं। तो कहा जा सकता है कि अपने विचार दुनिया के सामने प्रस्तुत करने के लिए ट्विटर एक सशक्त और विश्वसनीय मंच हो गया है।
अब जबकि ट्विटर पूरी दुनिया में विचारों की अभिव्यक्ति का एक सशक्त और विश्वसनीय मंच बन गया है, तो ऐसे में कई बार ट्विटर पर ऐसी पोस्ट भी आती हैं, जो कि भ्रामक या ग़लत जानकारी वाली होती हैं। वैसे समय-समय पर इस तरह की पोस्ट पर काफ़ी विवाद भी हो चुका है, लेकिन इस तरह की पोस्ट को डिलीट करने, और उन्हें पोस्ट करने वालों के अकाउंट को बैन करने तक का काम ट्विटर करता रहता है। लेकिन अब ट्विटर पर कुछ दिनों में ऐसी सुविधा उपलब्ध होगी, जो किसी भ्रामक या ग़लत जानकारी वाले ट्वीट को रिट्वीट करने से पहले यूज़र्स को एक चेतावनी दिखाएगी।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ट्विटर कम्पनी की यह सर्विस अगले महीने 5 मार्च शुरू होने जा रही है। इस सर्विस के बारे में ट्विटर का कहना है कि इस सर्विस का उद्देश्य ऐसी भ्रामक या ग़लत जानकारी को फैलने से रोकना है, जो लोगों के मत को प्रभावित कर सकती है। दरअसल, जल्द ही ट्विटर अपने प्लेटफार्म पर ट्वीट की लेबलिंग करने वाली है। इस पर ट्विटर का दावा है कि कम्पनी ‘भ्रामक या तोड़-मरोड़ कर पेश’ की गई जानकारी की पहचान करेगी, और साथ ही लोगों को ग़लत सूचना देने वाले ऐसे ट्वीट को हटाने के भी क़दम उठाएगी। इतना ही नहीं, भ्रामक जानकारी वाले ट्वीट को साझा करने से पहले यूज़र्स को बाक़ायदा चेतावनी भी जाएगी कि इस तरह के ट्विट को रिट्विट ना करें।
दरअसल, काफ़ी समय से पूरी दुनिया में इस बार पर चर्चा जारी है कि सोशल मीडिया पर तथ्यों को भ्रामक तरीक़े से पेश किया जाता है। वहीं कई बार तथ्य ग़लत होते हैं, या फ़िर तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की जाती है, और इस सबके कारण सोशल मीडिया यूज़र्स के पास सही जानकारी नहीं मिल पाती है। ऐसे में ट्विटर द्वारा भ्रामक जानकारी और ग़लत तथ्यों के ख़िलाफ़ क़दम उठाया जा रहा है।
ट्विटर के मुताबिक़, “यदि किसी ट्वीट में साझा की गई सामग्री फर्जी या छेडछाड़ की हुई लगेगी, तो हम उस ट्वीट पर इसकी सम्भावना की अतिरिक्त जानकारी देंगे। इसका मतलब यह है कि कम्पनी उस ट्वीट पर एक तरह का लेबल लगा सकती है, और ऐसे ट्वीट को दोबारा ट्वीट करने या लाइक करने से पहले यूज़र्स को चेतावनी दिखाई देगी।”
इतना ही नहीं, ट्विटर पर पोस्ट करने, और उस पोस्ट को रिट्विट करने के लिए नियमों में बदलाव किया जाएगा। नए नियमों के मुताबिक़ ऐसे ट्वीट की पहुंच को कम करने की कोशिश की जाएगी, जिनमें भ्रामक या ग़लत जानकारी रहेंगी। इस तरह के ट्विट्स को ‘ज़रूर देखें’ (रिकमेंडेड ट्वीट) के सुझाव से हटाया जा सकता है। साथ ही इस तरह के ट्विट पर अतिरिक्त स्पष्टीकरण या जानकारी भी दी जाएगी कि इस ट्विट को रिट्विट करना है कि नहीं।
वहीं ट्विटर पर किसी वीडियो के भ्रामक होने की जांच के लिए कम्पनी यह देखेगी कि क्या उस वीडियो को इस तरह से तो एडिट नहीं किया गया है कि इससे वीडियो के मूलभाव में बदलाव किया गया है। यानी कम्पनी इस बात की जांच करेगी कि वीडियो को किसी नए फ्रेम में तो नहीं बदला गया है, या फ़िर उसमें आवाज़ को बदला तो नहीं गया है। कम्पनी इस बात की भी जांच करेगी कि ट्विटर पर अपलोड किया गया कोई वीडियो किसी को सुनियोजित रूप से बदनाम करने की साजिश तो नहीं है। कहा जा सकता है कि ट्विटर की इस सर्विस से यूज़र्स यह जान पाएंगे कि ट्विटर पर पोस्ट की कई जानकारी में कितनी सच्चाई है और उसमें तथ्यों को कितना बदला गया है।