...तो ‘इस कारण’ से जल्द महंगे हो सकते हैं चीन में बने स्मार्टफ़ोन और इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स
Friday - February 7, 2020 3:58 pm ,
Category : WTN HINDI
कोरोना वायरस से बुरी तरह प्रभावित हुई चीन की अर्थव्यवस्था
कोरोना वायरस से चीन में नामी कम्पनियों के प्लांट्स हुए बंद, बुरी तरह से उत्पादन हुआ प्रभावित
FEB 07 (WTN) – चीन में फैली जानसेवा संक्रामक बीमारी कोरोना वायरस अब चीन में महामारी बन चुकी है। जानकारी के मुताबिक़, अभी तक कोरोना वायरस के कारण चीन में 636 लोग मारे जा चुके हैं, वहीं क़रीब तीस हज़ार लोग कोरोना वायरस संक्रमण से पीड़ित बताए जा रहे हैं। कोरोना वायरस के कारण चीन की अर्थव्यवस्था को काफ़ी बड़ा झटका लगा है। यदि जल्द ही कोरोना वायरस पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो चीन की अर्थव्यवस्था को क़रीब 135 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है। इतना ही नहीं, चीन में फैले कोरोना वायरस के कारण भारत समेत दुनिया के अन्य देशों में वे उत्पाद महंगे हो सकते हैं, जो कि चीन से आयात किए जाते हैं।
जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस के कारण जल्द ही स्मार्टफ़ोन समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद महंगे हो सकते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि स्मार्टफ़ोन समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स में इस्तेमाल किए जाने वाले कई पार्ट्स चीन में बनते हैं, या चीन में असेम्बल्ड होते हैं। अब जबकि कोरोना वायरस के कारण चीन में कम्पनियों ने उत्पादन बंद किया हुआ है, ऐसे में चीन से निर्यातित वस्तुओं के दाम बढ़ने के आसार हैं। जानकारों के मुताबिक़, चीन में फैले कोरोना वायरस के कारण चीन में बनने वाले पार्ट्स में कमी आ सकती है, और इसी कारण से स्मार्टफ़ोन समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक आइटम की क़ीमतों में जल्द ही इज़ाफ़ा हो सकता है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दुनिया की नामी इलेक्ट्रॉनिक कम्पनियों के चीन में प्लांट हैं। लेकिन कोरोना वायरस के कारण इन कम्पनियों ने एहतियात बरतते हुए या तो अपने प्लांट को कुछ समय के लिए बंद कर दिया है, या प्लांट में उत्पादन को सीमित कर दिया है। ऐसे में जबकि प्लाटंस से उत्पादन प्रभावित होगा, तो मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान जल्द ही महंगे हो सकते हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि यदि 15 फरवरी तक चीन में कोरोना वायरस के कारण इलेक्ट्रॉनिक कम्पनियों के प्लांट्स में उत्पादन प्रभावित रहा, तो हो सकता है कि इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की क़ीमतों में 5 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका के बाद चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। चीन में दुनिया की कई बड़ी कम्पनियों के प्लांट्स हैं, और इन प्लांट्स से उत्पादित माल पूरी दुनिया में सप्लाई होता है। अब जबकि चीन स्थित प्लांट्स में उत्पादन ठप पड़ा हुआ है, तो ऐसे में चीन से पूरी दुनिया को सप्लाई होने वाला माल की डिलेवरी प्रभावित हो सकती है, और माल महंगा हो सकता है। जहां तक भारत की बात है, तो भारत का इलेक्ट्रॉनिक मार्केट चीन में बने हुए सामानों से भरा पड़ा है। भारत में इस्तेमाल किये जाने वाले लगभग हर एण्ड्रॉयड स्मार्टफ़ोन के पार्ट्स चीन में बने हुए हैं। ऐसे में स्मार्टफ़ोन की क़ीमतों में सबसे ज़्यादा इज़ाफ़ा हो सकता है।
वैसे दावा किया जा रहा है कि कोरोना वायरस का टीका इजाद किया जा चुका है, लेकिन जब तक इस टीके की प्रामाणिकता साबित होगी, और यह टीका लोगों को लगाया जाएगा, तब तक चीन की अर्थव्यवस्था को काफ़ी बड़ा झटका लग चुका होगा। वहीं चीन से निर्यातित माल की सप्लाई में रूकावट आने के कारण भारत समेत पूरी दुनिया में मोबाइल समेत इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स महंगे हो जाएंगे। अब देखना होगा कि अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए चीन की सरकार कितने जल्दी कोरोना वायरस पर नियंत्रण पाने में सफल हो पाती है।
FEB 07 (WTN) – चीन में फैली जानसेवा संक्रामक बीमारी कोरोना वायरस अब चीन में महामारी बन चुकी है। जानकारी के मुताबिक़, अभी तक कोरोना वायरस के कारण चीन में 636 लोग मारे जा चुके हैं, वहीं क़रीब तीस हज़ार लोग कोरोना वायरस संक्रमण से पीड़ित बताए जा रहे हैं। कोरोना वायरस के कारण चीन की अर्थव्यवस्था को काफ़ी बड़ा झटका लगा है। यदि जल्द ही कोरोना वायरस पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो चीन की अर्थव्यवस्था को क़रीब 135 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है। इतना ही नहीं, चीन में फैले कोरोना वायरस के कारण भारत समेत दुनिया के अन्य देशों में वे उत्पाद महंगे हो सकते हैं, जो कि चीन से आयात किए जाते हैं।
जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस के कारण जल्द ही स्मार्टफ़ोन समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद महंगे हो सकते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि स्मार्टफ़ोन समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स में इस्तेमाल किए जाने वाले कई पार्ट्स चीन में बनते हैं, या चीन में असेम्बल्ड होते हैं। अब जबकि कोरोना वायरस के कारण चीन में कम्पनियों ने उत्पादन बंद किया हुआ है, ऐसे में चीन से निर्यातित वस्तुओं के दाम बढ़ने के आसार हैं। जानकारों के मुताबिक़, चीन में फैले कोरोना वायरस के कारण चीन में बनने वाले पार्ट्स में कमी आ सकती है, और इसी कारण से स्मार्टफ़ोन समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक आइटम की क़ीमतों में जल्द ही इज़ाफ़ा हो सकता है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दुनिया की नामी इलेक्ट्रॉनिक कम्पनियों के चीन में प्लांट हैं। लेकिन कोरोना वायरस के कारण इन कम्पनियों ने एहतियात बरतते हुए या तो अपने प्लांट को कुछ समय के लिए बंद कर दिया है, या प्लांट में उत्पादन को सीमित कर दिया है। ऐसे में जबकि प्लाटंस से उत्पादन प्रभावित होगा, तो मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान जल्द ही महंगे हो सकते हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि यदि 15 फरवरी तक चीन में कोरोना वायरस के कारण इलेक्ट्रॉनिक कम्पनियों के प्लांट्स में उत्पादन प्रभावित रहा, तो हो सकता है कि इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की क़ीमतों में 5 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका के बाद चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। चीन में दुनिया की कई बड़ी कम्पनियों के प्लांट्स हैं, और इन प्लांट्स से उत्पादित माल पूरी दुनिया में सप्लाई होता है। अब जबकि चीन स्थित प्लांट्स में उत्पादन ठप पड़ा हुआ है, तो ऐसे में चीन से पूरी दुनिया को सप्लाई होने वाला माल की डिलेवरी प्रभावित हो सकती है, और माल महंगा हो सकता है। जहां तक भारत की बात है, तो भारत का इलेक्ट्रॉनिक मार्केट चीन में बने हुए सामानों से भरा पड़ा है। भारत में इस्तेमाल किये जाने वाले लगभग हर एण्ड्रॉयड स्मार्टफ़ोन के पार्ट्स चीन में बने हुए हैं। ऐसे में स्मार्टफ़ोन की क़ीमतों में सबसे ज़्यादा इज़ाफ़ा हो सकता है।
वैसे दावा किया जा रहा है कि कोरोना वायरस का टीका इजाद किया जा चुका है, लेकिन जब तक इस टीके की प्रामाणिकता साबित होगी, और यह टीका लोगों को लगाया जाएगा, तब तक चीन की अर्थव्यवस्था को काफ़ी बड़ा झटका लग चुका होगा। वहीं चीन से निर्यातित माल की सप्लाई में रूकावट आने के कारण भारत समेत पूरी दुनिया में मोबाइल समेत इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स महंगे हो जाएंगे। अब देखना होगा कि अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए चीन की सरकार कितने जल्दी कोरोना वायरस पर नियंत्रण पाने में सफल हो पाती है।