रिज़र्व बैंक के नये निर्देशों के बाद कार्ड्स से ट्रांजैक्शन होगा पहले से ज़्यादा सुरक्षित
Wednesday - February 12, 2020 3:13 pm ,
Category : WTN HINDI
सावधानी से करें डेबिट और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल
धोखाधड़ी से बचने डेबिट और क्रेडिट कार्ड के नियमों में हुआ बदलाव
FEB 12 (WTN) – स्वाभाविक है कि किसी ना किसी बैंक में आपका अकाउंट तो होगा ही। और जब बैंक में अकाउंट है, तो आप बैंक के डेबिट कार्ड यानी एटीएम कार्ड और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल भी करते ही होंगे। लेकिन जैसा कि आप जानते हैं कि समय-समय पर डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड के ज़रिये धोखाधड़ी की ख़बरें सामने आती रहती हैं। ऐसे में भारतीय रिज़र्व बैंक डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड से होने वाले ट्रांजैक्शन को पहले से ज़्यादा सुरक्षित और आसान बनाने के लिए नये नियम लेकर आया है। क्या हैं यह नये नियम? और इन नियमों से आपका बैंकिंग ट्रांजैक्शन किस तरह से प्रभावित हो सकता है? आइये इसके बारे में आपको विस्तार से जानकारी देते हैं।
सबसे पहले तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि देश के सबसे बड़े बैंक यानी भारतीय रिज़र्व बैंक ने एक जनवरी 2020 से एटीएम से कैश निकालने को लेकर नये नियम जारी किए थे। बता दें कि अब स्टेट बैंक ऑफ़ इण्डिया ने एटीएम पर वन टाइम पासवर्ड आधारित कैश विदड्रॉल सिस्टम शुरू कर दिया है। इस सिस्टम के तहत रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक एटीएम से 10,000 रुपये से ज़्यादा कैश निकालने के लिए बैंक अकाउंट में रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर एक ओटीपी नम्बर आएगा। इस ओटीपी नम्बर को एन्टर करने के बाद ही एटीएम के कैश निकाला जा सकेगा।
वहीं आने वाले महीने की 16 तारीख़ से यानी 16 मार्च से डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड से जुड़े नये नियम लागू होने जा रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंकों से कहा है कि बैंक अब डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड इश्यू/रीइश्यू करते समय देश में एटीएम और पीओएस टर्मिनल्स पर केवल डॉमेस्टिक कार्ड्स से ट्रांजैक्शंस को ही मंजूरी दें। इसका अर्थ है कि अब जिन लोगों का विदेश आना-जाना नहीं होता है, उन लोगों को अपने बैंक कार्ड पर ओवरसीज ट्रांजैक्शन की सुविधा नहीं मिलेगी।
साथ ही जो बैंक उपभोक्ता विदेश में ट्रांजैक्शंस, ऑनलाइन ट्रांजैक्शंस या कॉन्टैक्टलेस ट्रांजैक्शंस जैसी सुविधाओं का लाभ लेना चाहता है, उन्हें अब बैंक में एक आवेदन देने के बाद ही इस तरह की सुविधाओं का लाभ मिल पाएगा। जानकारी के लिए बता दें कि अभी तक बैंक इन सभी सेवाओं को उपभोक्ता की बिना डिमाण्ड के ही शुरू कर देते हैं। ऐसे में देखा गया है कि कई बार हैकर्स उपभोक्ताओं की ग़लती का फायदा उठाकर इंटरनेशनल लेबल पर फ्राड कर देते हैं। इन्हीं सब आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए रिज़र्व बैंक ने बैंकों को इस तरह के निर्देश जारी किये हैं।
वहीं रिज़र्व बैंक के नये निर्देश के मुताबिक़, जिन लोगों के पास अभी इस तरह के कार्ड हैं वो अपने जोखिम के आधार पर यह तय करेंगे कि वे अपने घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय कार्ड के ट्रांजैक्शन को डिसेबल करना चाहते हैं या नहीं। इसका अर्थ है कि यदि उपभोक्ता चाहे, तो अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड को डिसेबल भी करा सकते हैं। लेकिन ऐसे कार्ड जिनसे अभी तक विदेश में ऑनलाइन ट्रांजैक्शंस और कॉन्टैक्टलेस ट्रांजैक्शंस नहीं हुए हैं, उनमें इन सुविधाओं को बंद करना अनिवार्य होगा।
वहीं अब बैंक के उपभोक्ता किसी भी समय अपने कार्ड को ऑन/ऑफ कर सकते हैं, या वे अपने कार्ड की ट्रांजैक्शन लिमिट में बदलाव कर सकते हैं। ऐसा करने के लिए उपभोक्ता इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल ऐप या फ़िर आईवीआरएस का सहारा ले सकते हैं। लेकिन जानकारी के लिए बता दें कि यह सभी नये नियम प्रीपेड गिफ्ट कार्ड्स और मेट्रो कार्ड्स पर लागू नहीं होंगे।
FEB 12 (WTN) – स्वाभाविक है कि किसी ना किसी बैंक में आपका अकाउंट तो होगा ही। और जब बैंक में अकाउंट है, तो आप बैंक के डेबिट कार्ड यानी एटीएम कार्ड और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल भी करते ही होंगे। लेकिन जैसा कि आप जानते हैं कि समय-समय पर डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड के ज़रिये धोखाधड़ी की ख़बरें सामने आती रहती हैं। ऐसे में भारतीय रिज़र्व बैंक डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड से होने वाले ट्रांजैक्शन को पहले से ज़्यादा सुरक्षित और आसान बनाने के लिए नये नियम लेकर आया है। क्या हैं यह नये नियम? और इन नियमों से आपका बैंकिंग ट्रांजैक्शन किस तरह से प्रभावित हो सकता है? आइये इसके बारे में आपको विस्तार से जानकारी देते हैं।
सबसे पहले तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि देश के सबसे बड़े बैंक यानी भारतीय रिज़र्व बैंक ने एक जनवरी 2020 से एटीएम से कैश निकालने को लेकर नये नियम जारी किए थे। बता दें कि अब स्टेट बैंक ऑफ़ इण्डिया ने एटीएम पर वन टाइम पासवर्ड आधारित कैश विदड्रॉल सिस्टम शुरू कर दिया है। इस सिस्टम के तहत रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक एटीएम से 10,000 रुपये से ज़्यादा कैश निकालने के लिए बैंक अकाउंट में रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर एक ओटीपी नम्बर आएगा। इस ओटीपी नम्बर को एन्टर करने के बाद ही एटीएम के कैश निकाला जा सकेगा।
वहीं आने वाले महीने की 16 तारीख़ से यानी 16 मार्च से डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड से जुड़े नये नियम लागू होने जा रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंकों से कहा है कि बैंक अब डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड इश्यू/रीइश्यू करते समय देश में एटीएम और पीओएस टर्मिनल्स पर केवल डॉमेस्टिक कार्ड्स से ट्रांजैक्शंस को ही मंजूरी दें। इसका अर्थ है कि अब जिन लोगों का विदेश आना-जाना नहीं होता है, उन लोगों को अपने बैंक कार्ड पर ओवरसीज ट्रांजैक्शन की सुविधा नहीं मिलेगी।
साथ ही जो बैंक उपभोक्ता विदेश में ट्रांजैक्शंस, ऑनलाइन ट्रांजैक्शंस या कॉन्टैक्टलेस ट्रांजैक्शंस जैसी सुविधाओं का लाभ लेना चाहता है, उन्हें अब बैंक में एक आवेदन देने के बाद ही इस तरह की सुविधाओं का लाभ मिल पाएगा। जानकारी के लिए बता दें कि अभी तक बैंक इन सभी सेवाओं को उपभोक्ता की बिना डिमाण्ड के ही शुरू कर देते हैं। ऐसे में देखा गया है कि कई बार हैकर्स उपभोक्ताओं की ग़लती का फायदा उठाकर इंटरनेशनल लेबल पर फ्राड कर देते हैं। इन्हीं सब आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए रिज़र्व बैंक ने बैंकों को इस तरह के निर्देश जारी किये हैं।
वहीं रिज़र्व बैंक के नये निर्देश के मुताबिक़, जिन लोगों के पास अभी इस तरह के कार्ड हैं वो अपने जोखिम के आधार पर यह तय करेंगे कि वे अपने घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय कार्ड के ट्रांजैक्शन को डिसेबल करना चाहते हैं या नहीं। इसका अर्थ है कि यदि उपभोक्ता चाहे, तो अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड को डिसेबल भी करा सकते हैं। लेकिन ऐसे कार्ड जिनसे अभी तक विदेश में ऑनलाइन ट्रांजैक्शंस और कॉन्टैक्टलेस ट्रांजैक्शंस नहीं हुए हैं, उनमें इन सुविधाओं को बंद करना अनिवार्य होगा।
वहीं अब बैंक के उपभोक्ता किसी भी समय अपने कार्ड को ऑन/ऑफ कर सकते हैं, या वे अपने कार्ड की ट्रांजैक्शन लिमिट में बदलाव कर सकते हैं। ऐसा करने के लिए उपभोक्ता इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल ऐप या फ़िर आईवीआरएस का सहारा ले सकते हैं। लेकिन जानकारी के लिए बता दें कि यह सभी नये नियम प्रीपेड गिफ्ट कार्ड्स और मेट्रो कार्ड्स पर लागू नहीं होंगे।