कोरोना वायरस ने चीन की अर्थव्यवस्था को किया ‘चौपट’
Friday - February 14, 2020 11:04 am ,
Category : WTN HINDI
चीन की अर्थव्यवस्था कोरोना वायरस से बुरी तरह प्रभावित
चीन की वामपंथी सरकार की ग़लती का खामियाजा भुगत रही चीन की अर्थव्यवस्था
FEB 14 (WTN) – चीन के वुहान शहर से फैला कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण चीन में महामारी बनकर लोगों की जान ले रहा है। चीन सरकार से मिली जानकारी के मुताबिक़, अभी तक कोरोना वायरस से क़रीब 1500 लोग मारे जा चुके हैं, वहीं कोरोना वायरस संक्रमण से क़रीब 63,000 से ज़्यादा लोग संक्रमित हैं। बता दें कि वुहान समेत चीन के कई शहर लॉक डाउन हो चुके हैं, यानि इन शहरों में लोग घरों से नहीं निकल रहे हैं। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण चीन में फैक्ट्रियां, संयंत्र और उद्योग कई दिनों से बंद पड़े हैं। वहीं कोरोना वायरस संक्रमण से डर के कारण चीन से साथ कई देशों ने आयात और निर्यात सीमित कर दिया है। इन्हीं सब कारणों से चीन की अर्थव्यवस्था बुरी तरह से हिल गई है।
कोरोना वायरस संक्रमण की चीन में इतनी दहशत है कि लगभग सभी कम्पनियों के कर्मचारी डर के कारण ऑफिस नहीं आ रहे हैं, और ये लोग घरों से नहीं निकल रहे हैं। स्वाभाविक है कि कर्मचारियों के ऑफिस ना आने से कम्पनियों के उत्पादन पर काफ़ी असर पड़ा है। दरअसल, चीन में कोरोना वायरस संक्रमण फैलने के बाद से देश के एक बड़े हिस्से में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। सरकारी विभागों से लेकर निजी कम्पनियों तक में काम करने वाले लोग अपने-अपने घरों से ही काम कर रहे हैं। चुंकि कोरोना वायरस एक व्यक्ति से दूसरा व्यक्ति में संक्रमित होता है, इसलिए चीन सरकार ने लोगों को एक जगह पर जमा नहीं होने की सलाह दी है।
वहीं चीन में स्कूल और कॉलेज मार्च तक के लिए बंद कर दिये गये हैं। इतना ही नहीं, चीन में स्थित विभिन्न संग्रहालयों, सांस्कृतिक स्थलों, पर्यटन स्थलों को भी बंद कर दिया है। यहां तक की कई जगहों पर तो कई अस्पताल भी बंद हैं। बता दें कि चीन के वुहान और हुबेई प्रांत में कोरोना वायरस से पीड़ित सबसे अधिक मरीज पाए गए हैं, जिसके बाद सख्त क़दम उठाते हुए सरकार ने इस शहर में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। कोरोना वायरस का इतना ख़ौफ है कि चीन के कई शहरों में सड़कें और मॉल्स ख़ाली हैं, जहां पर कभी हज़ारों की तादात में लोग जुटते थे।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। चीन का दुनिया के लगभग सभी देशों के साथ व्यापार होता है। ऐसे में चीन में कोरोना वायरस के कारण उत्पादन प्रभावित होने से एक बार फ़िर से दुनियाभर के बाज़ारों में मंदी छा गई है। जहां तक भारत की बात है, तो भारत के चीन के साथ करोड़ों डॉलर के व्यापारिक सम्बन्ध हैं। लेकिन कोरोना वायरस के कारण चीन में कृषि उत्पादन समेत औद्योगिक उत्पादन प्रभावित होने से भारतीय बाज़ार में भी मंदी छा गई है। बता दें कि चीन में उत्पादन प्रभावित होने से पाम तेल के दाम में भारी गिरावट आई है, जिससे भारत में तमाम तेल-तिलहनों में मंदी छा गई है। लेकिन इस कारण से भारत में किसानों की परेशानी बढ़ेगी, क्योंकि रबी सीजन की फसल सरसों और अन्य तिलहन फसलों का किसानों को उचित दाम नहीं मिल पाएगा।
कोरोना वायरस संक्रमण की दहशत के कारण चीन का वाहन उद्योग भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। एक जानकारी के मुताबिक़, चीन में साल 2020 में अभी तक ऑटोमोबाइल सेक्टर में कम से कम 10 लाख यूनिट की कम बिक्री हुई है। आंकड़ों के मुताबिक़, चीन में जनवरी के महीने में वाहनों की सालाना बिक्री 18 प्रतिशत घटकर 19 लाख 40 हजार यूनिट रह गई है। वहीं नई ऊर्जा वाले वाहनों की बिक्री 54.4 प्रतिशत घटकर केवल 44,000 यूनिट रह गई। जानकारी के लिए बता दें कि चीन से भारत समेत दुनिया के कई देशों को दवा बनाने के लिए कच्चा माल सप्लाई किया जाता था। लेकिन चीन की तमाम बड़ी दवा कम्पनियां वुहान शहर में स्थित हैं, और कोरोना वायरस के कारण फ़िलहाल उन कम्पनियों में ताला लगा हुआ है। ऐसे में चीन की दवा कम्पनियों को भी घाटे का सामना करना पड़ रहा है।
एक अनुमान के मुताबिक़, कोरोना वायरस संक्रमण के कारण चीन की अर्थव्यवस्था को क़रीब 150 अरब डॉलर का नुकसान शुरुआती दौर में हो सकता है। कोरोना वायरस संक्रमण चीन में इतना ज़्यादा फैल गया है कि इसके कारण चीन की आर्थिक विकास दर में 1 से 1.5 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। दरअसल, चीन की वामपंथी सरकार की ग़लती और लापरवाही के कारण ही कोरोना वायरस संक्रमण इतना ज़्यादा फैल गया है। चुंकि चीन में मीडिया पर पाबंदी और सेंसरशिप है, ऐसे में कोरोना वायरस से सम्बन्धित सही ख़बरें पूरी दुनिया को पता नहीं चल पा रही हैं।
लेकिन कुछ विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि चीन में कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों की संख्या 30,000 से ज़्यादा है। और यह संक्रमण चीन में एक लाख से ज़्यादा लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है। लेकिन यदि समय रहते कोरोना वायरस संक्रमण पर चीन ने नियंत्रण नहीं पाया, तो आने वाले समय में चीन के साथ हो रहा विदेशी व्यापार सबसे निचले स्तर पर आ जाएगा, ऐसे में चीन की अर्थव्यवस्था के लिए यह एक बहुत बड़ा झटका होगा। चीन की अर्थव्यवस्था में निर्यात का बहुत बड़ा योगदान है, ऐसे में यदि निर्यात सीमित या बंद होता होता है, तो इसे चीन की अर्थव्यवस्था को इतना बड़ा नुकसान होगा जिसकी भरपाई करने के लिए चीन को काफ़ी समय लगेगा।
FEB 14 (WTN) – चीन के वुहान शहर से फैला कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण चीन में महामारी बनकर लोगों की जान ले रहा है। चीन सरकार से मिली जानकारी के मुताबिक़, अभी तक कोरोना वायरस से क़रीब 1500 लोग मारे जा चुके हैं, वहीं कोरोना वायरस संक्रमण से क़रीब 63,000 से ज़्यादा लोग संक्रमित हैं। बता दें कि वुहान समेत चीन के कई शहर लॉक डाउन हो चुके हैं, यानि इन शहरों में लोग घरों से नहीं निकल रहे हैं। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण चीन में फैक्ट्रियां, संयंत्र और उद्योग कई दिनों से बंद पड़े हैं। वहीं कोरोना वायरस संक्रमण से डर के कारण चीन से साथ कई देशों ने आयात और निर्यात सीमित कर दिया है। इन्हीं सब कारणों से चीन की अर्थव्यवस्था बुरी तरह से हिल गई है।
कोरोना वायरस संक्रमण की चीन में इतनी दहशत है कि लगभग सभी कम्पनियों के कर्मचारी डर के कारण ऑफिस नहीं आ रहे हैं, और ये लोग घरों से नहीं निकल रहे हैं। स्वाभाविक है कि कर्मचारियों के ऑफिस ना आने से कम्पनियों के उत्पादन पर काफ़ी असर पड़ा है। दरअसल, चीन में कोरोना वायरस संक्रमण फैलने के बाद से देश के एक बड़े हिस्से में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। सरकारी विभागों से लेकर निजी कम्पनियों तक में काम करने वाले लोग अपने-अपने घरों से ही काम कर रहे हैं। चुंकि कोरोना वायरस एक व्यक्ति से दूसरा व्यक्ति में संक्रमित होता है, इसलिए चीन सरकार ने लोगों को एक जगह पर जमा नहीं होने की सलाह दी है।
वहीं चीन में स्कूल और कॉलेज मार्च तक के लिए बंद कर दिये गये हैं। इतना ही नहीं, चीन में स्थित विभिन्न संग्रहालयों, सांस्कृतिक स्थलों, पर्यटन स्थलों को भी बंद कर दिया है। यहां तक की कई जगहों पर तो कई अस्पताल भी बंद हैं। बता दें कि चीन के वुहान और हुबेई प्रांत में कोरोना वायरस से पीड़ित सबसे अधिक मरीज पाए गए हैं, जिसके बाद सख्त क़दम उठाते हुए सरकार ने इस शहर में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। कोरोना वायरस का इतना ख़ौफ है कि चीन के कई शहरों में सड़कें और मॉल्स ख़ाली हैं, जहां पर कभी हज़ारों की तादात में लोग जुटते थे।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। चीन का दुनिया के लगभग सभी देशों के साथ व्यापार होता है। ऐसे में चीन में कोरोना वायरस के कारण उत्पादन प्रभावित होने से एक बार फ़िर से दुनियाभर के बाज़ारों में मंदी छा गई है। जहां तक भारत की बात है, तो भारत के चीन के साथ करोड़ों डॉलर के व्यापारिक सम्बन्ध हैं। लेकिन कोरोना वायरस के कारण चीन में कृषि उत्पादन समेत औद्योगिक उत्पादन प्रभावित होने से भारतीय बाज़ार में भी मंदी छा गई है। बता दें कि चीन में उत्पादन प्रभावित होने से पाम तेल के दाम में भारी गिरावट आई है, जिससे भारत में तमाम तेल-तिलहनों में मंदी छा गई है। लेकिन इस कारण से भारत में किसानों की परेशानी बढ़ेगी, क्योंकि रबी सीजन की फसल सरसों और अन्य तिलहन फसलों का किसानों को उचित दाम नहीं मिल पाएगा।
कोरोना वायरस संक्रमण की दहशत के कारण चीन का वाहन उद्योग भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। एक जानकारी के मुताबिक़, चीन में साल 2020 में अभी तक ऑटोमोबाइल सेक्टर में कम से कम 10 लाख यूनिट की कम बिक्री हुई है। आंकड़ों के मुताबिक़, चीन में जनवरी के महीने में वाहनों की सालाना बिक्री 18 प्रतिशत घटकर 19 लाख 40 हजार यूनिट रह गई है। वहीं नई ऊर्जा वाले वाहनों की बिक्री 54.4 प्रतिशत घटकर केवल 44,000 यूनिट रह गई। जानकारी के लिए बता दें कि चीन से भारत समेत दुनिया के कई देशों को दवा बनाने के लिए कच्चा माल सप्लाई किया जाता था। लेकिन चीन की तमाम बड़ी दवा कम्पनियां वुहान शहर में स्थित हैं, और कोरोना वायरस के कारण फ़िलहाल उन कम्पनियों में ताला लगा हुआ है। ऐसे में चीन की दवा कम्पनियों को भी घाटे का सामना करना पड़ रहा है।
एक अनुमान के मुताबिक़, कोरोना वायरस संक्रमण के कारण चीन की अर्थव्यवस्था को क़रीब 150 अरब डॉलर का नुकसान शुरुआती दौर में हो सकता है। कोरोना वायरस संक्रमण चीन में इतना ज़्यादा फैल गया है कि इसके कारण चीन की आर्थिक विकास दर में 1 से 1.5 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। दरअसल, चीन की वामपंथी सरकार की ग़लती और लापरवाही के कारण ही कोरोना वायरस संक्रमण इतना ज़्यादा फैल गया है। चुंकि चीन में मीडिया पर पाबंदी और सेंसरशिप है, ऐसे में कोरोना वायरस से सम्बन्धित सही ख़बरें पूरी दुनिया को पता नहीं चल पा रही हैं।
लेकिन कुछ विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि चीन में कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों की संख्या 30,000 से ज़्यादा है। और यह संक्रमण चीन में एक लाख से ज़्यादा लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है। लेकिन यदि समय रहते कोरोना वायरस संक्रमण पर चीन ने नियंत्रण नहीं पाया, तो आने वाले समय में चीन के साथ हो रहा विदेशी व्यापार सबसे निचले स्तर पर आ जाएगा, ऐसे में चीन की अर्थव्यवस्था के लिए यह एक बहुत बड़ा झटका होगा। चीन की अर्थव्यवस्था में निर्यात का बहुत बड़ा योगदान है, ऐसे में यदि निर्यात सीमित या बंद होता होता है, तो इसे चीन की अर्थव्यवस्था को इतना बड़ा नुकसान होगा जिसकी भरपाई करने के लिए चीन को काफ़ी समय लगेगा।