भारतीय ऑटो इण्डस्टी पर अब कोरोना वायरस का ‘क़हर’
Friday - February 14, 2020 12:57 pm ,
Category : WTN HINDI
चीन से ऑटो पार्ट्स की सप्लाई हुई प्रभावित
एक बार फ़िर संकट में भारतीय ऑटो सेक्टर, चीन से पार्ट्स की सप्लाई हुई प्रभावित
FEB 14 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि वैश्विक आर्थिक सुस्ती के कारण सबसे पहले और सबसे ज़्यादा भारत की ऑटो मोबाइल इण्डस्ट्री प्रभावित हुई थी। आर्थिक सुस्ती के कारण क़रीब 18 महीनों तक भारतीय ऑटो सेक्टर में बिक्री में गिरावट का दौर जारी रहा। अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर समेत कई कारणों से भारतीय ऑटो सेक्टर में ऐतिहासिक मंदी देखी गई। लेकिन अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड डील होने के बाद आशा की जा रही थी कि एक बार फ़िर से भारतीय ऑटो इण्डस्ट्री में उछाल आएगा, लेकिन चीन में फैले कोरोना वायरस संक्रमण के कारण एक बार फ़िर से भारतीय ऑटो सेक्टर में मंदी की आशंका गहरा गई है।
फिच सोल्यूशन एजेंसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, साल 2020 में भारत में वाहनों के उत्पादन में 8.3 प्रतिशत की कमी आ सकती है, और ऐसा चीन में फैले कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हो सकता है। एजेंसी ने आशंका जताई है कि यदि कोरोना वायरस संक्रमण भारत में फैलता है, तो इससे भारत में बनने वाले वाहनों में कमी आ सकती है। जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस एक संक्रामित बीमारी है, और यह संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। ऐसे में चीन में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए फैक्ट्रियां और प्लांट्स बंद हैं, जिससे लोग एक जगह पर एकत्रित ना हों और संक्रमण ना फैले। कोरोना वायरस संक्रमण ना फैले इसलिए चीन में लोगों को घर से नहीं निकलने के निर्देश दिये गये हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की तुलना में भारत का हेल्थ केयर सिस्टम कमज़ोर है, और यदि कोरोना वायरस संक्रमण भारत में फैलता है, तो इसे रोकने की पूरी तैयारी भारत में अभी नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि यदि कोरोना वायरस संक्रमण भारत में फैलता है, तो चीन की तुलना में यह भारत में ज़्यादा फैलेगा। यदि भारत में कोरोना वायरस फैलता है, तो इससे भारत में भी ऑटो सेक्टर के प्लांट्स कुछ दिनों के लिए बंद हो सकते हैं। ऐसे में स्वाभाविक है कि गाड़ियों के उत्पादन में कमी दर्ज़ की जा सकती है।
लेकिन अभी जबकि चीन में कोरोना वायरस फैला हुआ है, ऐसे में भारतीय ऑटो इण्डस्ट्री को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के लिए बता दें कि चूंकि भारत काफ़ी मात्रा में ऑटो पार्ट्स चीन से आयात करता है, ऐसे में चीन में उत्पादन कम होने से भारत में कार मैन्युफैक्चरिंग में 8.3 प्रतिशत की कमी आ सकती है। बता दें कि आर्थिक सुस्ती से भारतीय अर्थव्यवस्था पूरी तरह से नहीं निकल पायी है। ऐसे में अभी भी गाड़ियों की डिमाण्ड कम है, और इसी कारण से गाड़ियों का उत्पादन कम हो रहा है। बता दें कि भारत चीन से क़रीब 30 से 40 प्रतिशत तक ऑटो पार्ट्स की सप्लाई करता है। यदि चीन में ऑटो पार्ट्स का उत्पादन प्रभावित होता है, तो स्वाभाविक है कि इससे भारत में गाड़ियों का उत्पादन प्रभावित होगा।
धीरे-धीरे भारतीय अर्थव्यवस्था आर्थिक सुस्ती से उबर रही है, और इसमें सबसे ज़्यादा राहत ऑटो सेक्टर को है। लेकिन जैसा कि चीन में फैले कोरोना वायरस के कारण ऑटो पार्ट्स की सप्लाई प्रभावित हो रही है, तो ऐसे में स्वाभाविक है कि इससे भारत में गाड़ियों का उत्पादन प्रभावित होगा। लेकिन यदि कोरोना वायरस संक्रमण भारत में दस्तक देता है, तो आशंका जताई जा रही है कि गाड़ियों की बिक्री और उत्पादन में काफ़ी गिरावट दर्ज़ होगी, जो कि आर्थिक सुस्ती के बाद भारतीय ऑटो इण्डस्ट्री के लिए एक बहुत बड़ी चोट होगी।
FEB 14 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि वैश्विक आर्थिक सुस्ती के कारण सबसे पहले और सबसे ज़्यादा भारत की ऑटो मोबाइल इण्डस्ट्री प्रभावित हुई थी। आर्थिक सुस्ती के कारण क़रीब 18 महीनों तक भारतीय ऑटो सेक्टर में बिक्री में गिरावट का दौर जारी रहा। अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर समेत कई कारणों से भारतीय ऑटो सेक्टर में ऐतिहासिक मंदी देखी गई। लेकिन अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड डील होने के बाद आशा की जा रही थी कि एक बार फ़िर से भारतीय ऑटो इण्डस्ट्री में उछाल आएगा, लेकिन चीन में फैले कोरोना वायरस संक्रमण के कारण एक बार फ़िर से भारतीय ऑटो सेक्टर में मंदी की आशंका गहरा गई है।
फिच सोल्यूशन एजेंसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, साल 2020 में भारत में वाहनों के उत्पादन में 8.3 प्रतिशत की कमी आ सकती है, और ऐसा चीन में फैले कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हो सकता है। एजेंसी ने आशंका जताई है कि यदि कोरोना वायरस संक्रमण भारत में फैलता है, तो इससे भारत में बनने वाले वाहनों में कमी आ सकती है। जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस एक संक्रामित बीमारी है, और यह संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। ऐसे में चीन में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए फैक्ट्रियां और प्लांट्स बंद हैं, जिससे लोग एक जगह पर एकत्रित ना हों और संक्रमण ना फैले। कोरोना वायरस संक्रमण ना फैले इसलिए चीन में लोगों को घर से नहीं निकलने के निर्देश दिये गये हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की तुलना में भारत का हेल्थ केयर सिस्टम कमज़ोर है, और यदि कोरोना वायरस संक्रमण भारत में फैलता है, तो इसे रोकने की पूरी तैयारी भारत में अभी नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि यदि कोरोना वायरस संक्रमण भारत में फैलता है, तो चीन की तुलना में यह भारत में ज़्यादा फैलेगा। यदि भारत में कोरोना वायरस फैलता है, तो इससे भारत में भी ऑटो सेक्टर के प्लांट्स कुछ दिनों के लिए बंद हो सकते हैं। ऐसे में स्वाभाविक है कि गाड़ियों के उत्पादन में कमी दर्ज़ की जा सकती है।
लेकिन अभी जबकि चीन में कोरोना वायरस फैला हुआ है, ऐसे में भारतीय ऑटो इण्डस्ट्री को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के लिए बता दें कि चूंकि भारत काफ़ी मात्रा में ऑटो पार्ट्स चीन से आयात करता है, ऐसे में चीन में उत्पादन कम होने से भारत में कार मैन्युफैक्चरिंग में 8.3 प्रतिशत की कमी आ सकती है। बता दें कि आर्थिक सुस्ती से भारतीय अर्थव्यवस्था पूरी तरह से नहीं निकल पायी है। ऐसे में अभी भी गाड़ियों की डिमाण्ड कम है, और इसी कारण से गाड़ियों का उत्पादन कम हो रहा है। बता दें कि भारत चीन से क़रीब 30 से 40 प्रतिशत तक ऑटो पार्ट्स की सप्लाई करता है। यदि चीन में ऑटो पार्ट्स का उत्पादन प्रभावित होता है, तो स्वाभाविक है कि इससे भारत में गाड़ियों का उत्पादन प्रभावित होगा।
धीरे-धीरे भारतीय अर्थव्यवस्था आर्थिक सुस्ती से उबर रही है, और इसमें सबसे ज़्यादा राहत ऑटो सेक्टर को है। लेकिन जैसा कि चीन में फैले कोरोना वायरस के कारण ऑटो पार्ट्स की सप्लाई प्रभावित हो रही है, तो ऐसे में स्वाभाविक है कि इससे भारत में गाड़ियों का उत्पादन प्रभावित होगा। लेकिन यदि कोरोना वायरस संक्रमण भारत में दस्तक देता है, तो आशंका जताई जा रही है कि गाड़ियों की बिक्री और उत्पादन में काफ़ी गिरावट दर्ज़ होगी, जो कि आर्थिक सुस्ती के बाद भारतीय ऑटो इण्डस्ट्री के लिए एक बहुत बड़ी चोट होगी।