एक बार फ़िर सामने आई चीन की वामपंथी सरकार की ‘निर्दयता’
Saturday - February 15, 2020 11:02 am ,
Category : WTN HINDI
कोरोना वायरस संक्रमित मरीज़ों के साथ चीन में हो रही ‘ज़्यादती’
चीन में दिनों-दिन बढ़ती ही जा रही है कोरोना वायरस से मरने वालों की तादात
FEB 15 (WTN) – चीन के वुहान शहर से फैला कोरोना वायरस संक्रमण चीन में महामारी बन गया है। जानकारी के मुताबिक़, अभी तक कोरोना वायरस के कारण चीन में क़रीब 1,523 लोगों की मौत हो गई है, और कोरोना वायरस के कारण क़रीब 66,000 लोग संक्रमित हैं। वैसे कहने को तो चीन की वामपंथी सरकार कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने और ख़त्म करने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास कर रही है, लेकिन चीनी सरकार के कोरोना वायरस से निपटने के तरीक़ों पर सवाल उठने लगे हैं। सबसे पहले तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण इतना भयावह इसलिए हुआ, क्योंकि चीन की वामपंथी सरकार ने इस वायरस के संक्रमण को शुरू में छिपाने की कोशिश की, और इसी कारण से कोरोना वायरस संक्रमण धीरे-धीरे चीन में महामारी बन गया।
लेकिन जैसा कि हमने आपको बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के चीन सरकार के अमानवीय तरीक़ों पर लोग नाराज़गी जता रहे हैं और विरोध कर रहे हैं। दरअसल, इन दिनों सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें कोरोना वायरस के मरीज़ों के साथ चीनी अधिकारी बदसलूकी करते नज़र आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो इन दिनों बहुत वायरल हो रहा है, जिसमें कोरोना वायरस संक्रमण से संदिग्ध एक महिला मरीज़ को एक डिब्बे में बंद कर ट्रक में रख दिया गया है, और बॉक्स में बंद होने के बाद महिला ज़ोर-ज़ोर से चीख रही है। बता दें कि कोरोना वायरस चूंकि संक्रमित बीमारी है, इसलिए चीन सरकार कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों को इलाज के नाम पर अलग जगहों पर रख रही है।
वहीं सोशल मीडिया पर एक अन्य वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें चीनी पुलिस कोरोना वायरस से संक्रमित होने के शक में एक महिला को जबरन हिरासत में ले रही है। वीडियो में नज़र आ रहा है कि कोरोना वायरस से संक्रमण के शक में महिला को उसकी कार से चीन पुलिस जबरदस्ती खींचकर बाहर निकलकर ले जाती है। वहीं एक अन्य वीडियों में नज़र आ रहा है कि कुछ लोगों को पुलिस घरों से घसीटकर ले जा रही है, और लोग इस दौरान पुलिस का ज़ोरदार तरीक़े से विरोध कर रहे हैं। वीडियो के आधार पर दावा किया जा रहा है कि कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों को पुलिस जबरदस्ती पकड़कर ले जा रही है, और ऐसे लोगों को दूर वीरान जगहों पर इलाज के नाम पर बंद किया जा रहा है।
दरअसल, कोरोना वायरस के मामले में शुरू से ही चीन की वामपंथी सरकार का रवैया संदिग्ध रहा है। चीन सरकार का दावा है कि वुहान शहर के एक सीफूड मार्केट से कोरोना वायरस फैला है। लेकिन कुछ विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि कोरोना वायरस वुहान स्थित एक वायरोलॉजी लैब से फैला है, और आरोप है कि चीन की सरकार इस वायरलॉजी लैब में जैविक हथियार बना रही है। हालांकि, इस तरह के गम्भीर आरोपों पर चीन सरकार की तरफ़ से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण फैलने की सबसे पहले जानकारी देने वाले डॉक्टर के साथ जिस तरह का व्यवहार चीन की सरकार ने किया था, उससे साफ़ ज़ाहिर होता है कि चीन सरकार ने शुरू से ही इस मामले में लापरवाही बरती है।
जिस वुहान शहर से कोरोना वायरस संक्रमण फ़ैला है, उस वुहान शहर को चीन सरकार ने बंद सा कर दिया है। यानी कि कोई भी बाहरी व्यक्ति वुहान शहर में प्रवेश नहीं कर सकता है। वहीं वुहान शहर में भी लोगों को निर्देश दिये गये हैं कि वे घर ना निकलें। वुहान शहर में कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के लिए चीनी प्रशासन काफ़ी सख्ती बरत रहा है। प्रशासन के अधिकारी घर-घर जाकर तलाशी ले रहे हैं, और संक्रमित मरीज़ों को बाहर निकालकर उन्हें क्वैरेंटाइन सेन्टर में ले जाया जा रहा है। मरीज़ों के परिजनों का आरोप है कि क्वैरेंटाइन सेन्टर में दवाइयों की कमी है, और वहां पर मरीजों को इलाज़ के नाम पर अकेले छोड़ दिया गया है।
कोरोना वायरस संक्रमण के मामले में चीन की वामपंथी सरकार की ग़लती और लापरवाही का नतीजा ही है कि क़रीब 1,523 लोगों की मौत हो गई है। दरअसल, चीन सरकार को इस संक्रमण के बारे में डॉक्टर्स ने पहले ही बता दिया था, लेकिन सरकार ने इस मामले को छिपाने का प्रयास किया, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर कोई असर ना पड़े। लेकिन चीन की वामपंथी सरकार का यह दांव उलटा पड़ गया, और कोरोना वायरस चीन की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह से प्रभावित कर गया।
कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस के कारण चीन की अर्थव्यवस्था को क़रीब 160 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि कोरोना वायरस के कारण चीन में कृषि और औद्योगिक उत्पादन ठप पड़ गया है, वहीं दुनिया के कई देशों ने चीन के साथ फ़िलहाल व्यापारिक सम्बन्ध स्थगित कर दिये हैं। साफ़ है कि चीन की वामपंथी सरकार द्वारा कोरोना वायरस को शुरू में छिपाना, और फ़िर कोरोना वायरस के फैलने के बाद इससे संक्रमित लोगों के साथ की जा रही ज़्यादती से साफ़ होता है कि चीन की वामपंथी सरकार कितनी निर्दयी है।
FEB 15 (WTN) – चीन के वुहान शहर से फैला कोरोना वायरस संक्रमण चीन में महामारी बन गया है। जानकारी के मुताबिक़, अभी तक कोरोना वायरस के कारण चीन में क़रीब 1,523 लोगों की मौत हो गई है, और कोरोना वायरस के कारण क़रीब 66,000 लोग संक्रमित हैं। वैसे कहने को तो चीन की वामपंथी सरकार कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने और ख़त्म करने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास कर रही है, लेकिन चीनी सरकार के कोरोना वायरस से निपटने के तरीक़ों पर सवाल उठने लगे हैं। सबसे पहले तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण इतना भयावह इसलिए हुआ, क्योंकि चीन की वामपंथी सरकार ने इस वायरस के संक्रमण को शुरू में छिपाने की कोशिश की, और इसी कारण से कोरोना वायरस संक्रमण धीरे-धीरे चीन में महामारी बन गया।
लेकिन जैसा कि हमने आपको बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के चीन सरकार के अमानवीय तरीक़ों पर लोग नाराज़गी जता रहे हैं और विरोध कर रहे हैं। दरअसल, इन दिनों सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें कोरोना वायरस के मरीज़ों के साथ चीनी अधिकारी बदसलूकी करते नज़र आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो इन दिनों बहुत वायरल हो रहा है, जिसमें कोरोना वायरस संक्रमण से संदिग्ध एक महिला मरीज़ को एक डिब्बे में बंद कर ट्रक में रख दिया गया है, और बॉक्स में बंद होने के बाद महिला ज़ोर-ज़ोर से चीख रही है। बता दें कि कोरोना वायरस चूंकि संक्रमित बीमारी है, इसलिए चीन सरकार कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों को इलाज के नाम पर अलग जगहों पर रख रही है।
वहीं सोशल मीडिया पर एक अन्य वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें चीनी पुलिस कोरोना वायरस से संक्रमित होने के शक में एक महिला को जबरन हिरासत में ले रही है। वीडियो में नज़र आ रहा है कि कोरोना वायरस से संक्रमण के शक में महिला को उसकी कार से चीन पुलिस जबरदस्ती खींचकर बाहर निकलकर ले जाती है। वहीं एक अन्य वीडियों में नज़र आ रहा है कि कुछ लोगों को पुलिस घरों से घसीटकर ले जा रही है, और लोग इस दौरान पुलिस का ज़ोरदार तरीक़े से विरोध कर रहे हैं। वीडियो के आधार पर दावा किया जा रहा है कि कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों को पुलिस जबरदस्ती पकड़कर ले जा रही है, और ऐसे लोगों को दूर वीरान जगहों पर इलाज के नाम पर बंद किया जा रहा है।
दरअसल, कोरोना वायरस के मामले में शुरू से ही चीन की वामपंथी सरकार का रवैया संदिग्ध रहा है। चीन सरकार का दावा है कि वुहान शहर के एक सीफूड मार्केट से कोरोना वायरस फैला है। लेकिन कुछ विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि कोरोना वायरस वुहान स्थित एक वायरोलॉजी लैब से फैला है, और आरोप है कि चीन की सरकार इस वायरलॉजी लैब में जैविक हथियार बना रही है। हालांकि, इस तरह के गम्भीर आरोपों पर चीन सरकार की तरफ़ से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण फैलने की सबसे पहले जानकारी देने वाले डॉक्टर के साथ जिस तरह का व्यवहार चीन की सरकार ने किया था, उससे साफ़ ज़ाहिर होता है कि चीन सरकार ने शुरू से ही इस मामले में लापरवाही बरती है।
जिस वुहान शहर से कोरोना वायरस संक्रमण फ़ैला है, उस वुहान शहर को चीन सरकार ने बंद सा कर दिया है। यानी कि कोई भी बाहरी व्यक्ति वुहान शहर में प्रवेश नहीं कर सकता है। वहीं वुहान शहर में भी लोगों को निर्देश दिये गये हैं कि वे घर ना निकलें। वुहान शहर में कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के लिए चीनी प्रशासन काफ़ी सख्ती बरत रहा है। प्रशासन के अधिकारी घर-घर जाकर तलाशी ले रहे हैं, और संक्रमित मरीज़ों को बाहर निकालकर उन्हें क्वैरेंटाइन सेन्टर में ले जाया जा रहा है। मरीज़ों के परिजनों का आरोप है कि क्वैरेंटाइन सेन्टर में दवाइयों की कमी है, और वहां पर मरीजों को इलाज़ के नाम पर अकेले छोड़ दिया गया है।
कोरोना वायरस संक्रमण के मामले में चीन की वामपंथी सरकार की ग़लती और लापरवाही का नतीजा ही है कि क़रीब 1,523 लोगों की मौत हो गई है। दरअसल, चीन सरकार को इस संक्रमण के बारे में डॉक्टर्स ने पहले ही बता दिया था, लेकिन सरकार ने इस मामले को छिपाने का प्रयास किया, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर कोई असर ना पड़े। लेकिन चीन की वामपंथी सरकार का यह दांव उलटा पड़ गया, और कोरोना वायरस चीन की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह से प्रभावित कर गया।
कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस के कारण चीन की अर्थव्यवस्था को क़रीब 160 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि कोरोना वायरस के कारण चीन में कृषि और औद्योगिक उत्पादन ठप पड़ गया है, वहीं दुनिया के कई देशों ने चीन के साथ फ़िलहाल व्यापारिक सम्बन्ध स्थगित कर दिये हैं। साफ़ है कि चीन की वामपंथी सरकार द्वारा कोरोना वायरस को शुरू में छिपाना, और फ़िर कोरोना वायरस के फैलने के बाद इससे संक्रमित लोगों के साथ की जा रही ज़्यादती से साफ़ होता है कि चीन की वामपंथी सरकार कितनी निर्दयी है।