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कोरोना वायरस के कारण चीन में भी हुई ‘नोटबंदी’!

Monday - February 17, 2020 11:00 am , Category : WTN HINDI
चीन में नोटों के ज़रिये भी कोरोना वायरस फैलने की आशंका
चीन में नोटों के ज़रिये भी कोरोना वायरस फैलने की आशंका

कोरोना वायरस से बचने चीन में हज़ारों करोड़ रुपये की करेंसी की जाएगी नष्ट
 

FEB 17 (WTN) – नवम्बर, 2016 में मोदी सरकार द्वारा नोटबंदी के ऐतिहासिक फैसले के बारे में तो सभी जानते ही हैं। नोटबंदी के कारण पहले से प्रचलित 500 और 1,000 रुपये के नोटों का प्रचलन समाप्त कर दिया गया था, और लोगों को 500 और 1,000 रुपये के नोटों को बैंकों में जमा करना पड़ा था। अब ऐसा ही कुछ कोरोना वायरस संक्रमण की मार झेल रहे चीन में होने जा रहा है। दरअसल, चीन में कोरोना वायरस के कारण नोटबंदी की ही तरह एक बड़ा फैसला वहां की सरकार ने लिया है। क्या है यह पूरा मामला? आइये इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।

जैसा कि आप जानते ही हैं कि चीन के वुहान शहर से फैला कोरोना वायरस संक्रमण चीन में महामारी बनकर चीनी सरकार को अरबों डॉलर का नुकसान करा चुका है। वहीं कोरोना वायरस के कारण अभी तक चीन में क़रीब 1,800 लोगों की मौत हो गई है, और क़रीब 71,000 लोग इससे संक्रमित बताए जा रहे हैं। कोरोना वायरस के कारण लोगों की मौत और संक्रमण के आंकड़े चीन सरकार द्वारा जारी किये गये हैं, इसलिए इन पर विदेशी मीडिया ज़्यादा भरोसा नहीं कर रही है।

दरअसल, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चीन में मीडिया पर पाबंदी और सेंसरशिप है। ऐसे में चीन में घटित किसी भी घटना की वो ही जानकारी पूरी दुनिया को हासिल हो पाती है, जो कि चीन की वामपंथी सरकार पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत करती है। वैसे कई मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि चीन में कोरोना वायरस के कारण मरने वालों की तादात क़रीब 30,000 है, लेकिन चीन की वामपंथी सरकार इस सच्चाई को पूरी दुनिया के सामने छिपा रही है।

लेकिन जैसा कि हमने आपको पहले बताया कि कोरोना वायरस के कारण चीन की अर्थव्यवस्था को काफ़ी बड़ा झटका लगा है। बता दें कि कोरोना वायरस के कारण चीन के साथ कई देशों ने व्यापारिक गतिविधियां फ़िलहाल स्थगित कर दी हैं। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि चीन को क़रीब 145 अरब डॉलर का नुकसान कोरोना वायरस के कारण हो सकता है। लेकिन कोरोना वायरस के कारण चीन सरकार के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। और यह चुनौती है हज़ारों करोड़ रुपये के कोरोना वायरस से संक्रमित नोटों को नष्ट करना, और नये नोटों को बाज़ार में चलाना।

दरअसल, कोरोना वायरस संक्रमण से अपने नागरिकों को बचाने के साथ ही चीन की सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती है कोरोना वायरस संक्रमित लोगों के हाथों से बाज़ार में आए संक्रमित नोटों को ठिकाने लगाना। वैसे तो चीन सरकार ने आनन-फानन में लाखों करोड़ की अपने करेंसी को बदल दिया है। वहीं अब चीन सरकार वुहान शहर समेत कोरोना वायरस संक्रमित अन्य शहरों के मार्केट में आए नोटों को नष्ट करने के मिशन में जुटी हुई है।
 
चीन से मिली जानकारी के मुताबिक़, बाज़ार में आए काग़ज़ के सारे नोटों को चीन की सेन्ट्रल बैंक, पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना, बर्बाद कर देगी। बता दें कि बैंक के पास यह करेंसी नोट बाज़ारों, अस्पतालों, ट्रेनों,और बसों से एकत्रित करने के बाद आए हैं। हालांकि, अभी तक इस बात का पता नहीं चल सका है कि चीन की सेन्ट्रल बैंक कितनी राशि के नोटों को नष्ट करने वाली है। जानकारी के लिए बात दें कि चीन की सेन्ट्रल बैंक ने 17 जनवरी से अभी तक पूरे देश में 600 बिलियन युआन यानी क़रीब 6.11 लाख करोड़ रुपये के नये नोट पूरे देश में जारी किए हैं। इनमें से 4 बिलियन युआन यानी क़रीब 28,581 करोड़ रुपये के नये नोट तो कोरोना वायरस से सबसे ज़्यादा प्रभावित वुहान शहर में भेजे गये हैं।

कोरोना वायरस के कारण नोटों के द्वारा संक्रमण फ़ैलने की आशंका के कारण चीन की सेन्ट्रल बैंक सबसे पहले तो बाज़ार में पहले से प्रचलित नोटों को नष्ट करेगी। इसके बाद जनवरी के बाद से बाज़ार में भेजे गये नोटों को जमा करके उन्हें क्वारंटीन (Quarantine) किया जाएगा। नोटों को क्वारंटीन करने के लिए उनकी अल्ट्रवायलेट किरणों से सफ़ाई की जाएगी, इसके बाद ही इन नोटों को बाज़ार में सर्कुलेट होने भेजा जाएगा। कोरोना वायरस से संक्रमित नोटों को नष्ट किया जा सके, इसके लिए चीन की सेन्ट्रल बैंक ने सभी लोगों से गुजारिश की है कि वे काग़ज़ के पुराने नोट बैंक में जमा करा दें, जिससे उन्हें नष्ट किया जा सके या या क्वारंटीन किया जा सके।