जानिए भारत में क्यों घटा सोने का आयात?
Monday - February 17, 2020 12:44 pm ,
Category : WTN HINDI
सोने के आयात में क़रीब 9 प्रतिशत की गिरावट
‘इन’ कारणों से आने वाले समय में महंगे हो सकते हैं सोने के आभूषण
FEB 17 (WTN) – गोल्ड यानी सोने के प्रति भारतीय महिलाओं की दीवानगी किसी से भी छिपी नहीं है। प्राचीन काल से ही गोल्ड को बढ़िया धन निवेशों में से एक माना गया है। इसी कारण से बड़ी तादात में महिलाएं सोने के गहने बनवाती हैं, जिससे आर्थिक तंगी के समय सोने के यही गहने सहारा बन सकें। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत हर साल 800 से 900 टन सोना आयात करता है। वहीं आकड़ों के मुताबिक़, वित्त वर्ष 2018-19 में भारत ने 31.8 बिलियन डॉलर का सोना आयात किया था। बता दे कि स्विट्जरलैण्ड और चीन के बाद भारत सोना आयात करने वाले देशों की सूची में तीसरे नम्बर पर है। लेकिन यदि हम आपसे कहें कि सोने के प्रति दीवाने देश भारत में सोने के आयात में कमी दर्ज़ की जा रही है, तो यह पढ़कर आप ज़रूर चौक गये होंगे। दरअसल, क्या है यह पूरा मामला? इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।
जानकारी के लिए बता दें कि देश में सोने का आयात चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-जनवरी की अवधि के दौरान क़रीब 9 प्रतिशत घट गया है। जीहां, अप्रैल-जनवरी की अवधि के दौरान भारत ने सिर्फ़ 24.64 अरब डॉलर की क़ीमत का सोना ही आयात किया है। बता दें कि इसी अवधि (अप्रैल-जनवरी) के दौरान वित्त वर्ष 2018-19 में भारत ने 27 अरब डॉलर की क़ीमत के सोने का आयात किया था। हालांकि, इस वित्त वर्ष में सोने का आयात कम होने समेत अन्य कारणों से देश का व्यापार घाटा अप्रैल-जनवरी की अवधि में 133.27 अरब डॉलर ही रहा, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह घाटा 163.27 अरब डॉलर था।
भारत जैसे देश में यदि सोने का आयात कम हो रहा है, तो यह अपने आप में एक काफ़ी आश्चर्यजनक तथ्य है। जानकारी के लिए बता दें कि सोने के आयात में पिछले साल जुलाई से ही गिरावट दर्ज़ की जा रही है। हालांकि, पिछले साल दीवाली के दौरान अक्टूबर और नवम्बर के महीने में इसमें सकारात्मक वृद्धि दर्ज़ की गई। लेकिन दिसम्बर के महीने में क़रीब 4 प्रतिशत, और इस साल जनवरी में सोने के आयात में 31.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज़ की गई है।
जैसा कि हमने आपको बताया कि भारत सोने के सबसे बड़े आयातक देशों में से एक है। भारत में मुख्य रूप से ज्वेलरी उद्योग की मांग को पूरा करने के लिए इतनी ज़्यादा मात्रा में सोना आयात किया जाता है। लेकिन सोने के आयात के कारण भारत सरकार को भारी मात्रा में बहुमूल्य विदेशी मुद्रा ख़र्च करने पड़ती है। ऐसे में सोने के आयात के कारण होने वाले व्यापार घाटा और चालू खाते के घाटे को कम करने के लिए मोदी सरकार ने सोने के आयात पर आयात शुल्क 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत कर दिया है। कहा जा रहा है कि मोदी सरकार के इसी क़दम से सोने के आयात पर प्रभाव पड़ा, और सोने का आयात पहले की तुलना में कम हो गया है।
दरअसल, सरकार द्वारा सोने के आयात पर आयात शुल्क बढ़ाने के कारण इसके व्यापार से जुड़े व्यापारियों को कम मुनाफा हो रहा था। ऐसे में सोने के आयात और आभूषण बनाने के कारोबार से जुड़े बड़े कारोबारियों ने सोने पर ज़्यादा आयात शुल्क लगने के कारण अपनी मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट पड़ोसी देशों में शिफ्ट कर दी है। कहा जा रहा है कि इन देशों में सोने पर आयात शुल्क भारत की तुलना में कम है, वहीं भारत की तुलना में यहां पर मैन्युफैक्चरिंग लागत भी कम है। इसी कारण से सोने के आयात में गिरावट दर्ज़ की जा रही है।
हालांकि, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सोने के आयात में कमी दर्ज़ की गई है, लेकिन सोने के आभूषणों की बिक्री में किसी भी तरह की कोई भी कमी होने के आंकड़े अभी सामने नहीं आए हैं। सोने के आभूषणों की बिक्री तो भारत में लगातार हो रही है, लेकिन सोने पर आयात शुल्क ज़्यादा होने के कारण अब सोने की आभूषण बनाने की बड़ी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स अब पड़ोसी देशों में शिफ्ट हो गई हैं। लेकिन जानकारों का कहना है कि कई कारणों के चलते आने वाले समय में सोने के आभूषण महंगे हो सकते हैं। सबसे पहले तो सोने पर आयात शुल्क बढ़ने के कारण सोने के आभूषणों के दामों पर असर पड़ेगा। वहीं अगले साल से हॉलमार्क अनिवार्य होने से भी सोने के आभूषण महंगे होंगे। इन्हीं सभी परिस्थितियों के कारण आने वाले समय में सोने के आभूषण 5 से 8 प्रतिशत तक महंगे हो सकते हैं।
FEB 17 (WTN) – गोल्ड यानी सोने के प्रति भारतीय महिलाओं की दीवानगी किसी से भी छिपी नहीं है। प्राचीन काल से ही गोल्ड को बढ़िया धन निवेशों में से एक माना गया है। इसी कारण से बड़ी तादात में महिलाएं सोने के गहने बनवाती हैं, जिससे आर्थिक तंगी के समय सोने के यही गहने सहारा बन सकें। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत हर साल 800 से 900 टन सोना आयात करता है। वहीं आकड़ों के मुताबिक़, वित्त वर्ष 2018-19 में भारत ने 31.8 बिलियन डॉलर का सोना आयात किया था। बता दे कि स्विट्जरलैण्ड और चीन के बाद भारत सोना आयात करने वाले देशों की सूची में तीसरे नम्बर पर है। लेकिन यदि हम आपसे कहें कि सोने के प्रति दीवाने देश भारत में सोने के आयात में कमी दर्ज़ की जा रही है, तो यह पढ़कर आप ज़रूर चौक गये होंगे। दरअसल, क्या है यह पूरा मामला? इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।
जानकारी के लिए बता दें कि देश में सोने का आयात चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-जनवरी की अवधि के दौरान क़रीब 9 प्रतिशत घट गया है। जीहां, अप्रैल-जनवरी की अवधि के दौरान भारत ने सिर्फ़ 24.64 अरब डॉलर की क़ीमत का सोना ही आयात किया है। बता दें कि इसी अवधि (अप्रैल-जनवरी) के दौरान वित्त वर्ष 2018-19 में भारत ने 27 अरब डॉलर की क़ीमत के सोने का आयात किया था। हालांकि, इस वित्त वर्ष में सोने का आयात कम होने समेत अन्य कारणों से देश का व्यापार घाटा अप्रैल-जनवरी की अवधि में 133.27 अरब डॉलर ही रहा, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह घाटा 163.27 अरब डॉलर था।
भारत जैसे देश में यदि सोने का आयात कम हो रहा है, तो यह अपने आप में एक काफ़ी आश्चर्यजनक तथ्य है। जानकारी के लिए बता दें कि सोने के आयात में पिछले साल जुलाई से ही गिरावट दर्ज़ की जा रही है। हालांकि, पिछले साल दीवाली के दौरान अक्टूबर और नवम्बर के महीने में इसमें सकारात्मक वृद्धि दर्ज़ की गई। लेकिन दिसम्बर के महीने में क़रीब 4 प्रतिशत, और इस साल जनवरी में सोने के आयात में 31.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज़ की गई है।
जैसा कि हमने आपको बताया कि भारत सोने के सबसे बड़े आयातक देशों में से एक है। भारत में मुख्य रूप से ज्वेलरी उद्योग की मांग को पूरा करने के लिए इतनी ज़्यादा मात्रा में सोना आयात किया जाता है। लेकिन सोने के आयात के कारण भारत सरकार को भारी मात्रा में बहुमूल्य विदेशी मुद्रा ख़र्च करने पड़ती है। ऐसे में सोने के आयात के कारण होने वाले व्यापार घाटा और चालू खाते के घाटे को कम करने के लिए मोदी सरकार ने सोने के आयात पर आयात शुल्क 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत कर दिया है। कहा जा रहा है कि मोदी सरकार के इसी क़दम से सोने के आयात पर प्रभाव पड़ा, और सोने का आयात पहले की तुलना में कम हो गया है।
दरअसल, सरकार द्वारा सोने के आयात पर आयात शुल्क बढ़ाने के कारण इसके व्यापार से जुड़े व्यापारियों को कम मुनाफा हो रहा था। ऐसे में सोने के आयात और आभूषण बनाने के कारोबार से जुड़े बड़े कारोबारियों ने सोने पर ज़्यादा आयात शुल्क लगने के कारण अपनी मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट पड़ोसी देशों में शिफ्ट कर दी है। कहा जा रहा है कि इन देशों में सोने पर आयात शुल्क भारत की तुलना में कम है, वहीं भारत की तुलना में यहां पर मैन्युफैक्चरिंग लागत भी कम है। इसी कारण से सोने के आयात में गिरावट दर्ज़ की जा रही है।
हालांकि, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सोने के आयात में कमी दर्ज़ की गई है, लेकिन सोने के आभूषणों की बिक्री में किसी भी तरह की कोई भी कमी होने के आंकड़े अभी सामने नहीं आए हैं। सोने के आभूषणों की बिक्री तो भारत में लगातार हो रही है, लेकिन सोने पर आयात शुल्क ज़्यादा होने के कारण अब सोने की आभूषण बनाने की बड़ी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स अब पड़ोसी देशों में शिफ्ट हो गई हैं। लेकिन जानकारों का कहना है कि कई कारणों के चलते आने वाले समय में सोने के आभूषण महंगे हो सकते हैं। सबसे पहले तो सोने पर आयात शुल्क बढ़ने के कारण सोने के आभूषणों के दामों पर असर पड़ेगा। वहीं अगले साल से हॉलमार्क अनिवार्य होने से भी सोने के आभूषण महंगे होंगे। इन्हीं सभी परिस्थितियों के कारण आने वाले समय में सोने के आभूषण 5 से 8 प्रतिशत तक महंगे हो सकते हैं।