अब व्हाट्सएप के ज़रिये भी फ्रॉड करने की कोशिश में हैकर्स
Tuesday - February 18, 2020 3:29 pm ,
Category : WTN HINDI
हैकर्स के पास हैं ऑनलाइन फ्रॉड के कई तरीक़े
ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और शॉपिंग के समय बरतें सावधानी
FEB 18 (WTN) – मोबाइल फ़ोन इस्तेमाल करने के मामले में चीन के बाद भारत दूसरे नम्बर पर है। जानकारी के मुताबिक़ भारत में क़रीब 90 करोड़ मोबाइल फ़ोन यूज़र्स हैं। साल 2016 में जियो की लॉन्चिंग के बाद भारत में स्मार्टफ़ोन यूज़र्स की तादात में तेज़ी से इज़ाफ़ा हुआ, और आज भारत में करोड़ों की तादात में स्मार्टफ़ोन यूज़र्स हैं। सस्ते इंटरनेट प्लॉन्स और करोड़ों लोगों के पास स्मार्टफ़ोन होने के कारण भारत में तेज़ी से डिजिटाइजेशन हो रहा है। एक समय था जब किसी काम को करने के लिए आपको बैंकों या ऑफिसों में लाइनों में लगना पड़ता है, लेकिन अब वहीं काम आसानी से ऑनलाइन हो जाते हैं। वैसे ऑनलाइन तरीक़े से काम करना आसान है, लेकिन यदि ऑनलाइन तरीक़े से काम करने में किसी भी तरह की कोई भी लापरवाही बरती गई, तो इससे आपको आर्थिक नुकसान तक हो सकता है।
भारत में सबसे तेज़ी से डिजिटाइजेशन को बैंकिंग सेक्टर ने अपनाया है। दरअसल, बैंकों के इस क़दम से आम आदमी को काफ़ी सहुलियतें मिली है। बैंक सम्बन्धित जिस काम के लिए पहले बैंकों में लाइनों में लगना पड़ता था, और क़ीमती वक़्त और पैसा बर्बाद करना पड़ता था। लेकिन अब वहीं काम चंद सेकेंड में आसानी से ऑनलाइन हो जाते हैं। पैसा ट्रांसफर करने से लेकर बिल पेमेंट और ऑनलाइन शॉपिंग तक, डिजिटल ट्रांजैक्शन ने लोगों का काम पहले की तुलना में काफ़ी आसान कर दिया है।
लेकिन यदि ऑनलाइन पेमेंट करते समय आपने ग़लती की, या फ़िर लापरवाही दिखाई, तो आपके साथ धोखाधड़ी हो सकती है। ऐसे में ऑनलाइन पेमेंट करते समय काफ़ी सतर्क रहने की ज़रूरत है। जैसा कि आप जानते हैं कि धोखेबाज हमेशा से ही धोखाधड़ी करते आ रहे हैं। ऐसे में अब समय में बदलाव के साथ धोखाधड़ी डिजिटल तरीक़े से हो रही है। आप भी यदि लालच दिखाएंगे या लापरवाही बरतेंगे, तो आपके साथ भी ऑनलाइन फ्रॉड हो सकता है। वैसे आप ऑनलाइन फ्रॉड से बच सकते हैं, लेकिन इसके लिए आपका सतर्क होना काफ़ी ज़रूरी है। आख़िर आप किस तरह से ऑनलाइन धोखाधड़ी से बच सकते हैं? इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।
सबसे पहले तो इस बात का ध्यान रखें कि किसी के भी साथ अपने बैंकिंग डिटेल शेयर ना करें। यानी किसी को भी अपने डेबिट या क्रेडिट की डिटेल और पिन कोड ना बताएं। वहीं यदि नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं, तो कभी भी किसी को भी नेट बैंकिंग की यूजरआई और पासवर्ड ना बताएं। वहीं कोई बैंकिंग ऐप और भीम या कोई अन्य पेमेंट ऐप का इस्तेमाल कर कर रहे हैं, तो इसके पासवर्ड भी किसी को ना बताएं।
पूरी कोशिश करें कि जब भी कोई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करें, तो अपने मोबाइल, लैपटॉप या डेस्कटॉप से ही करें। साथ ही इस बात का भी पूरा ध्यान रखें कि ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते समय इंटरनेट कनेक्शन निजी हो, और इंटरनेट कनेक्शन पासवर्ज से सुरिक्षत हो। पूरी कोशिश करें कि कभी भी साइबर कैफे या फ्री वाई-फाई के ज़रिए ऑनलाइन पेमेंट ना करें।
कई बार आपकी लालच ही आपको मुसीबत में फंसा देती है। दरअसल, देखा गया है कि लॉटरी, ईनाम या फ़िर कोई अन्य तरह का लालच यूज़र्स को ई-मेल, फ़ोन कॉल और मैसेज के ज़रिए दिया जाता है। और यूज़र्स लालच में आकर अपनी बैंक सम्बन्धित जानकारी या व्यक्तिगत जानकारी पूछने पर दे देता है। लेकिन हमारी आपसे गुजारिश है कि कभी भी इस तरह की जानकारी किसी भी को भी ना दें।
कई बार फ्रॉड करने वाले इस तरह के ई-मेल आपको भेजते हैं जैसे यह किसी बैंक या शॉपिंग वेबसाइट की तरफ़ से भेजे गये हैं। इस तरह के ई-मेल पर एक लिंक पर क्लिक करने कहा जाता है। लेकिन जानकारी के लिए बता दें कि फ्रॉड करने वाले इस लिंक के ज़रिये नक़ली वेबसाइट का एड्रेस सेंड करते हैं। जैसे ही आप इस लिंक पर क्लिक करते हैं, तो एक नक़ली वेबसाइट ओपन हो जाती है। इस नक़ली वेबसाइट में जैसे ही आप बैंकिंग और व्यक्तिगत जानकारी भरते हैं, फ्रॉड करने वाले इसके ज़रिये आपके बैंक अकाउंट को हैक कर लेते हैं।
फ्रॉड करने वालों की नज़र में अब व्हाट्सएप भी आ गया है। जानकारी के लिए बता दें कि फ्रॉड करने वाले कई बार एक QR कोड व्हाट्सएप पर शेयर करते हैं। इस कोड के साथ वे मैसेज भेजते हैं कि इस कोड को स्कैन करने पर आपके अकाउंट में पैसे आ जाएंगे। हमारी आपको सलाह है कि कभी भी अनजान नम्बर से आए किसी भी QR कोड को स्कैन ना करें क्योंकि यदि आप ऐसा करते हैं, तो इससे आपका बैंक अकाउंट हैक हो सकता है। वहीं फ्रॉड करने वाले आपको किसी स्क्रीन शेयरिंग App का उपयोग करने के लिए कहते भी कहते हैं। बता दें कि इस तरह के ऐप एक तरह के मालवेयर होते हैं, जो आपके मोबाइल डेटा को थर्ड पार्टी तक पहुंचा देते हैं।
वहीं कुछ हैकर्स फ्रॉड करने के लिए मोबाइल नेटवर्क कम्पनी का कस्टम केयर अधिकारी बनकर आपकी सिम को एक्टिव करने या फ़िर कोई नया फ़ीचर ऐड करने का कहकर आपके सिम कार्ड का नम्बर हासिल कर लेते हैं। याद रखिये कि यदि आपने ऐसा किया तो आपके सिम कार्ड को हैकर्स हैक कर लेंगे, और बैंक से सम्बन्धित सभी ओटीपी उनके पास आने लगेंगी। दरअसल, हैकर्स के पास फ्रॉड करने के कई तरीक़े हैं। ऐसे में आपकी सतर्कता ही आपको हैकर्स की जाल से बचा सकती है। याद रखिए, यदि आप सतर्क हैं, तो हैकर्स आपके साथ धोखाधड़ी किसी भी क़ीमत पर नहीं कर सकते हैं।
FEB 18 (WTN) – मोबाइल फ़ोन इस्तेमाल करने के मामले में चीन के बाद भारत दूसरे नम्बर पर है। जानकारी के मुताबिक़ भारत में क़रीब 90 करोड़ मोबाइल फ़ोन यूज़र्स हैं। साल 2016 में जियो की लॉन्चिंग के बाद भारत में स्मार्टफ़ोन यूज़र्स की तादात में तेज़ी से इज़ाफ़ा हुआ, और आज भारत में करोड़ों की तादात में स्मार्टफ़ोन यूज़र्स हैं। सस्ते इंटरनेट प्लॉन्स और करोड़ों लोगों के पास स्मार्टफ़ोन होने के कारण भारत में तेज़ी से डिजिटाइजेशन हो रहा है। एक समय था जब किसी काम को करने के लिए आपको बैंकों या ऑफिसों में लाइनों में लगना पड़ता है, लेकिन अब वहीं काम आसानी से ऑनलाइन हो जाते हैं। वैसे ऑनलाइन तरीक़े से काम करना आसान है, लेकिन यदि ऑनलाइन तरीक़े से काम करने में किसी भी तरह की कोई भी लापरवाही बरती गई, तो इससे आपको आर्थिक नुकसान तक हो सकता है।
भारत में सबसे तेज़ी से डिजिटाइजेशन को बैंकिंग सेक्टर ने अपनाया है। दरअसल, बैंकों के इस क़दम से आम आदमी को काफ़ी सहुलियतें मिली है। बैंक सम्बन्धित जिस काम के लिए पहले बैंकों में लाइनों में लगना पड़ता था, और क़ीमती वक़्त और पैसा बर्बाद करना पड़ता था। लेकिन अब वहीं काम चंद सेकेंड में आसानी से ऑनलाइन हो जाते हैं। पैसा ट्रांसफर करने से लेकर बिल पेमेंट और ऑनलाइन शॉपिंग तक, डिजिटल ट्रांजैक्शन ने लोगों का काम पहले की तुलना में काफ़ी आसान कर दिया है।
लेकिन यदि ऑनलाइन पेमेंट करते समय आपने ग़लती की, या फ़िर लापरवाही दिखाई, तो आपके साथ धोखाधड़ी हो सकती है। ऐसे में ऑनलाइन पेमेंट करते समय काफ़ी सतर्क रहने की ज़रूरत है। जैसा कि आप जानते हैं कि धोखेबाज हमेशा से ही धोखाधड़ी करते आ रहे हैं। ऐसे में अब समय में बदलाव के साथ धोखाधड़ी डिजिटल तरीक़े से हो रही है। आप भी यदि लालच दिखाएंगे या लापरवाही बरतेंगे, तो आपके साथ भी ऑनलाइन फ्रॉड हो सकता है। वैसे आप ऑनलाइन फ्रॉड से बच सकते हैं, लेकिन इसके लिए आपका सतर्क होना काफ़ी ज़रूरी है। आख़िर आप किस तरह से ऑनलाइन धोखाधड़ी से बच सकते हैं? इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।
सबसे पहले तो इस बात का ध्यान रखें कि किसी के भी साथ अपने बैंकिंग डिटेल शेयर ना करें। यानी किसी को भी अपने डेबिट या क्रेडिट की डिटेल और पिन कोड ना बताएं। वहीं यदि नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं, तो कभी भी किसी को भी नेट बैंकिंग की यूजरआई और पासवर्ड ना बताएं। वहीं कोई बैंकिंग ऐप और भीम या कोई अन्य पेमेंट ऐप का इस्तेमाल कर कर रहे हैं, तो इसके पासवर्ड भी किसी को ना बताएं।
पूरी कोशिश करें कि जब भी कोई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करें, तो अपने मोबाइल, लैपटॉप या डेस्कटॉप से ही करें। साथ ही इस बात का भी पूरा ध्यान रखें कि ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते समय इंटरनेट कनेक्शन निजी हो, और इंटरनेट कनेक्शन पासवर्ज से सुरिक्षत हो। पूरी कोशिश करें कि कभी भी साइबर कैफे या फ्री वाई-फाई के ज़रिए ऑनलाइन पेमेंट ना करें।
कई बार आपकी लालच ही आपको मुसीबत में फंसा देती है। दरअसल, देखा गया है कि लॉटरी, ईनाम या फ़िर कोई अन्य तरह का लालच यूज़र्स को ई-मेल, फ़ोन कॉल और मैसेज के ज़रिए दिया जाता है। और यूज़र्स लालच में आकर अपनी बैंक सम्बन्धित जानकारी या व्यक्तिगत जानकारी पूछने पर दे देता है। लेकिन हमारी आपसे गुजारिश है कि कभी भी इस तरह की जानकारी किसी भी को भी ना दें।
कई बार फ्रॉड करने वाले इस तरह के ई-मेल आपको भेजते हैं जैसे यह किसी बैंक या शॉपिंग वेबसाइट की तरफ़ से भेजे गये हैं। इस तरह के ई-मेल पर एक लिंक पर क्लिक करने कहा जाता है। लेकिन जानकारी के लिए बता दें कि फ्रॉड करने वाले इस लिंक के ज़रिये नक़ली वेबसाइट का एड्रेस सेंड करते हैं। जैसे ही आप इस लिंक पर क्लिक करते हैं, तो एक नक़ली वेबसाइट ओपन हो जाती है। इस नक़ली वेबसाइट में जैसे ही आप बैंकिंग और व्यक्तिगत जानकारी भरते हैं, फ्रॉड करने वाले इसके ज़रिये आपके बैंक अकाउंट को हैक कर लेते हैं।
फ्रॉड करने वालों की नज़र में अब व्हाट्सएप भी आ गया है। जानकारी के लिए बता दें कि फ्रॉड करने वाले कई बार एक QR कोड व्हाट्सएप पर शेयर करते हैं। इस कोड के साथ वे मैसेज भेजते हैं कि इस कोड को स्कैन करने पर आपके अकाउंट में पैसे आ जाएंगे। हमारी आपको सलाह है कि कभी भी अनजान नम्बर से आए किसी भी QR कोड को स्कैन ना करें क्योंकि यदि आप ऐसा करते हैं, तो इससे आपका बैंक अकाउंट हैक हो सकता है। वहीं फ्रॉड करने वाले आपको किसी स्क्रीन शेयरिंग App का उपयोग करने के लिए कहते भी कहते हैं। बता दें कि इस तरह के ऐप एक तरह के मालवेयर होते हैं, जो आपके मोबाइल डेटा को थर्ड पार्टी तक पहुंचा देते हैं।
वहीं कुछ हैकर्स फ्रॉड करने के लिए मोबाइल नेटवर्क कम्पनी का कस्टम केयर अधिकारी बनकर आपकी सिम को एक्टिव करने या फ़िर कोई नया फ़ीचर ऐड करने का कहकर आपके सिम कार्ड का नम्बर हासिल कर लेते हैं। याद रखिये कि यदि आपने ऐसा किया तो आपके सिम कार्ड को हैकर्स हैक कर लेंगे, और बैंक से सम्बन्धित सभी ओटीपी उनके पास आने लगेंगी। दरअसल, हैकर्स के पास फ्रॉड करने के कई तरीक़े हैं। ऐसे में आपकी सतर्कता ही आपको हैकर्स की जाल से बचा सकती है। याद रखिए, यदि आप सतर्क हैं, तो हैकर्स आपके साथ धोखाधड़ी किसी भी क़ीमत पर नहीं कर सकते हैं।