जानिए अब क्यों आसानी से बुक होंगे तत्काल टिकिट?
Wednesday - February 19, 2020 11:41 am ,
Category : WTN HINDI
कई ग़ैरक़ानूनी सॉफ्टवेयर से हो रहे थे तत्काल टिकिट बुक
यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने उठाया ‘बड़ा क़दम’
FEB 19 (WTN) – दिनों-दिन बढ़ती भीड़ के कारण ट्रेनों में आरक्षित टिकिट मिलना काफ़ी मुश्किल होता जा रहा है। वहीं यदि लास्ट मूवमेंट में आपको आरक्षित टिकिट चाहिए वो भी तत्काल में, तो आपको काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बता दें कि तत्काल टिकिट की बुकिंग के लिए कई तरह के सॉफ्टवेयर थे, जिनकी सहायता से टिकिट जल्दी बुक हो जाते थे। और इन्हीं सॉफ्टवेयर्स की सहायता से टिकिट एजेंट जल्दी टिकिट बुक कर लेते थे, लेकिन इस कारण से आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब रेलवे का दावा है कि यात्रियों की सुविधाओं के लिए उसने एक बड़ा क़दम उठाते हुए उन सभी ग़ैरक़ानूनी सॉफ्टवेयर्स और टिकिट एजेंट्स पर कड़ी कार्रवाई की है, जो पहले से ही तत्काल टिकिट्स को ब्लॉक कर लेते थे।
जानकारी के लिए बता दें कि रेलवे ने एक विशेष ऑपरेशन के तहत ग़ैरक़ानूनी सॉफ्टवेयर और टिकिट एजेंट्स पर कार्रवाई की गई है, जो ट्रेन के तत्काल टिकिट्स को ब्लॉक कर देते थे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ANMS, MAC और Jaguar जैसे कई ग़ैरक़ानूनी सॉफ्टवेयर्स की मदद से IRCTC के लॉगिन कैप्चा, बुकिंग कैप्चा और बैंक OTP तक को बाईपास कर लिया जाता था, और इसके बाद तत्काल टिकिट्स की बुकिंग की जाती थी। चूंकि इन सॉफ्टवेयर्स की मदद से तत्काल टिकिट्स को ब्लॉक कर दिया जाता था, तो ऐसे में यात्रियों को आसानी से तत्काल टिकिट नहीं मिल पाता था। बता दें कि आम यूज़र्स के लिए तत्काल टिकिट बुक करने में क़रीब 2.55 मिनिट लगते हैं। लेकिन इन सॉफ्वेयर्स की सहायता से तत्काल टिकिट बुक करने में सिर्फ़ 1.48 मिनिट ही लगते हैं।
दरअसल रेलवे के नियमों के अनुसार, कोई भी एजेंट ग़ैरक़ानूनी रूप से रेलवे टिकिट बुक नहीं कर सकता है। जानकारी के लिए बता दें कि पिछले दो महीनों में आरपीएफ अधिकारियों ने ऐसे क़रीब 60 ग़ैरक़ानूनी एजेंट्स पर कार्रवाई की है, जो कि इन सॉफ्टवेयर्स की मदद से तत्काल टिकिट बुक करते थे। एजेंट्स चूंकि सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते थे, और कम समय में ही टिकिट बुक लेते थे; ऐसे में आम लोगों को तत्काल टिकिट बुक करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
अब रेलवे का दावा है कि एक भी टिकिट ग़ैरक़ानूनी सॉफ्टवेयर की मदद से अब बुक नहीं हो रहा है क्योंकि रेलवे ने इससे जुड़ी सभी परेशानियों को ख़त्म कर दिया है। बता दें कि इन सॉफ्टवेयर्स की मदद से सालाना 50 से 100 करोड़ रुपये का व्यापार किया जाता था। रेलवे का दावा है कि ग़ैरक़ानूनी सॉफ्टवेयर्स पर क़ानूनी कार्रवाई करने से अब आम यात्री आसानी से तत्काल टिकिट बुक करा सकेंगे, और टिकिट बुक करने के लिए यात्रियों को पर्याप्त समय मिल सकेगा।
जानकारी के लिए बता दें कि IRCTC की तत्काल टिकिट सेवा में रेलवे आख़िरी समय तक कुछ टिकिट बचाकर रखता है, और इनकी बुकिंग एक दिन पहले ही खोली जाती है; इस कोटे को ही तत्काल कोटा कहा जाता है। रेल टिकिट बुक कराने वाले IRCTC के पोर्टल के अनुसार, सभी तत्काल टिकिट एक दिन पहले बुक होते हैं। दिन के 10 बजे से सबसे पहले एसी क्लास के तत्काल टिकिट बुक होते हैं। और इसके बाद सुबह 11 बजे से स्लीपर क्लास के तत्काल टिकिट बुक किये जाते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि तत्काल टिकिट कैंसिल कराने पर 100 प्रतिशत रिफण्ड नहीं मिलता है, लेकिन कुछ परिस्थितियां हैं, जिसमें तत्काल टिकिट कैंसिल कराने पर 100 प्रतिशत रिफण्ड के लिए क्लेम किया जा सकता है।
FEB 19 (WTN) – दिनों-दिन बढ़ती भीड़ के कारण ट्रेनों में आरक्षित टिकिट मिलना काफ़ी मुश्किल होता जा रहा है। वहीं यदि लास्ट मूवमेंट में आपको आरक्षित टिकिट चाहिए वो भी तत्काल में, तो आपको काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बता दें कि तत्काल टिकिट की बुकिंग के लिए कई तरह के सॉफ्टवेयर थे, जिनकी सहायता से टिकिट जल्दी बुक हो जाते थे। और इन्हीं सॉफ्टवेयर्स की सहायता से टिकिट एजेंट जल्दी टिकिट बुक कर लेते थे, लेकिन इस कारण से आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब रेलवे का दावा है कि यात्रियों की सुविधाओं के लिए उसने एक बड़ा क़दम उठाते हुए उन सभी ग़ैरक़ानूनी सॉफ्टवेयर्स और टिकिट एजेंट्स पर कड़ी कार्रवाई की है, जो पहले से ही तत्काल टिकिट्स को ब्लॉक कर लेते थे।
जानकारी के लिए बता दें कि रेलवे ने एक विशेष ऑपरेशन के तहत ग़ैरक़ानूनी सॉफ्टवेयर और टिकिट एजेंट्स पर कार्रवाई की गई है, जो ट्रेन के तत्काल टिकिट्स को ब्लॉक कर देते थे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ANMS, MAC और Jaguar जैसे कई ग़ैरक़ानूनी सॉफ्टवेयर्स की मदद से IRCTC के लॉगिन कैप्चा, बुकिंग कैप्चा और बैंक OTP तक को बाईपास कर लिया जाता था, और इसके बाद तत्काल टिकिट्स की बुकिंग की जाती थी। चूंकि इन सॉफ्टवेयर्स की मदद से तत्काल टिकिट्स को ब्लॉक कर दिया जाता था, तो ऐसे में यात्रियों को आसानी से तत्काल टिकिट नहीं मिल पाता था। बता दें कि आम यूज़र्स के लिए तत्काल टिकिट बुक करने में क़रीब 2.55 मिनिट लगते हैं। लेकिन इन सॉफ्वेयर्स की सहायता से तत्काल टिकिट बुक करने में सिर्फ़ 1.48 मिनिट ही लगते हैं।
दरअसल रेलवे के नियमों के अनुसार, कोई भी एजेंट ग़ैरक़ानूनी रूप से रेलवे टिकिट बुक नहीं कर सकता है। जानकारी के लिए बता दें कि पिछले दो महीनों में आरपीएफ अधिकारियों ने ऐसे क़रीब 60 ग़ैरक़ानूनी एजेंट्स पर कार्रवाई की है, जो कि इन सॉफ्टवेयर्स की मदद से तत्काल टिकिट बुक करते थे। एजेंट्स चूंकि सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते थे, और कम समय में ही टिकिट बुक लेते थे; ऐसे में आम लोगों को तत्काल टिकिट बुक करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
अब रेलवे का दावा है कि एक भी टिकिट ग़ैरक़ानूनी सॉफ्टवेयर की मदद से अब बुक नहीं हो रहा है क्योंकि रेलवे ने इससे जुड़ी सभी परेशानियों को ख़त्म कर दिया है। बता दें कि इन सॉफ्टवेयर्स की मदद से सालाना 50 से 100 करोड़ रुपये का व्यापार किया जाता था। रेलवे का दावा है कि ग़ैरक़ानूनी सॉफ्टवेयर्स पर क़ानूनी कार्रवाई करने से अब आम यात्री आसानी से तत्काल टिकिट बुक करा सकेंगे, और टिकिट बुक करने के लिए यात्रियों को पर्याप्त समय मिल सकेगा।
जानकारी के लिए बता दें कि IRCTC की तत्काल टिकिट सेवा में रेलवे आख़िरी समय तक कुछ टिकिट बचाकर रखता है, और इनकी बुकिंग एक दिन पहले ही खोली जाती है; इस कोटे को ही तत्काल कोटा कहा जाता है। रेल टिकिट बुक कराने वाले IRCTC के पोर्टल के अनुसार, सभी तत्काल टिकिट एक दिन पहले बुक होते हैं। दिन के 10 बजे से सबसे पहले एसी क्लास के तत्काल टिकिट बुक होते हैं। और इसके बाद सुबह 11 बजे से स्लीपर क्लास के तत्काल टिकिट बुक किये जाते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि तत्काल टिकिट कैंसिल कराने पर 100 प्रतिशत रिफण्ड नहीं मिलता है, लेकिन कुछ परिस्थितियां हैं, जिसमें तत्काल टिकिट कैंसिल कराने पर 100 प्रतिशत रिफण्ड के लिए क्लेम किया जा सकता है।