चीन की वामपंथी सरकार की ‘क्रूरता’ पर आख़िर क्यों चुप हैं मुस्लिम देश?
Wednesday - February 19, 2020 2:24 pm ,
Category : WTN HINDI
उइगर मुस्लिमों के साथ चीन में हो रहा ‘अमानवीय व्यवहार’
चीन में धर्म के नाम पर मुस्लिमों के साथ हो रहा ‘अत्याचार’
FEB 19 (WTN) – विस्तारवादी मानसिकता वाले देश चीन की वामपंथी सरकार अमानवीय और क्रूर कामों के लिए पूरी दुनिया में कुख्यात है। साल 1989 में लोकतंत्र समर्थित छात्रों के आंन्दोलन को जिस क्रूरता से चीन की वामपंथी सरकार ने दबाया था, उसके बारे में पढ़कर और सुनकर आज भी लोग सिहर उठते हैं। समय-समय पर चीन से ऐसी ख़बरें सामने आती रहती हैं, जिससे पता चलता रहता है कि चीन में मानवाधिकारों का हनन किया जाता है। कहा जाता है कि चीन की वामपंथी सरकार कई तरह के अत्याचार अपने नागरिकों पर करती है, लेकिन चीन में मीडिया पर पाबंदी और सेंसरशिप होने के कारण सही जानकारी चीन से बाहर नहीं आ पाती है। अभी हाल ही में चीन की वामपंथी सरकार ने कोरोना वायरस मामले को छिपाने के लिए जो ग़लती और लापरवाही बरती है, उससे चीन में क़रीब 2,000 लोग मारे गये हैं। इन उदाहरणों से साफ़ ज़ाहिर होता है कि चीन की वामपंथी सरकार के शासन में मानवाधिकार बस एक शब्द मात्र है।
चीन की वामपंथी सरकार के जुल्म के शिकार इन दिनों उइगर मुस्लिम हो रहे हैं। वैसे तो काफ़ी समय से चीन में उइगर मुस्लिमों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है, लेकिन हाल फ़िलहाल में उइगर मुस्लिमों के साथ चीन की वामपंथी सरकार कुछ ज़्यादा ही क्रूरता से पेश आ रही है। चीन सरकार की क्रूरता का ख़ुलासा करने वाला एक बेहद ही सनसनीखेज दस्तावेज़ सामने आया है। इन दस्तावेज़ में ऐसे हज़ारों उइगर मुस्लिमों की जानकारी दर्ज़ है, जिन्हें चीन सरकार ने अपने डिंटेशन सेन्टर में क़ैद करके रखा हुआ है।
वैसे कहने को तो मुस्लिम देश पाकिस्तान के साथ चीन के दोस्ताना सम्बन्थ हैं। और भारत के ख़िलाफ़ हथियार के रूप में पाकिस्तान को चीन हमेशा से ही इस्तेमाल करता रहा है। जो पाकिस्तान मुस्लिमों के नाम पर भारत की आंतरिक राजनीति में दखलंदाजी करता रहता है, वही पाकिस्तान चीन में उइगर मुस्लिमों के साथ हो रहे अत्याचार पर चुप्पी साधे बैठा है। अब यह पूरी दुनिया को पता चलता जा रहा है कि चीन में उइगर मुस्लिमों के साथ ज़्यादती आतंक से निपटने के नाम पर नहीं हो रही है, बल्कि उनके साथ इसलिए अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है क्योंकि वे मुस्लिम हैं।
चीन की वामपंथी सरकार उइगर मुस्लिमों पर इतना अत्याचार कर रही है कि कुछ उइगर मुस्लिम महिलाओं को सिर्फ़ इसलिए डिटेंशन सेन्टर में रखा गया है क्योंकि उन्होंने हिजाब पहना था। इतना ही नहीं, किसी मुस्लिम को सिर्फ़ इसलिए हिरासत में लिया गया है क्योंकि वो दाढ़ी रखता था। चीन की वामपंथी सरकार की क्रूरता के हद तो तब पार हो गई, जब कई व्यक्तियों को सिर्फ़ इसलिए हिरासत में ले लिया गया क्योंकि वे नमाज पढ़ रहे थे। इतना ही नहीं, किसी महिला को तो इसलिए हिरासत में ले लिया गया है कि उसने तीन से ज़्यादा बच्चे पैदा किये हैं।
बता दें कि चीन के सरकारी सिस्टम से लीक हुए इस दस्तावेज़ में शिनजियांग प्रांत में रहने वाले हज़ारों उइगर मुस्लिमों की जानकारी दर्ज़ है। लीक हुए दस्तावेज़ के मुताबिक, चीन की वामपंथी सरकार मुस्लिमों की हर एक गतिविधि पर नज़र रखे हुए है। यानी कि मुस्लिम क्या खाते हैं, कहा पर जाते हैं, किससे मिलते हैं, उनके परिवार में कितने लोग हैं, और वे कहां पर काम करते हैं जैसी हर एक छोटी जानकारी चीन की वामपंथी सरकार के पास है। वैसे कहा जा रहा है कि चीन में मुस्लिमों के साथ हो रहे अत्याचार की जानकारी का एक छोटा हिस्सा ही लीक हुआ है। लीक हुए दस्तावेज़ के मुताबिक़, डिटेंशन सेन्टर में रखे गये लोगों को सिर्फ़ इसलिए निशाना बनाया गया है क्योंकि वे मुस्लिम हैं। डिटेंशन सेन्टर में रखे गये कई लोगों का दावा है कि उनका आतंकवाद या अतिवाद से कोई सम्बन्ध नहीं है, लेकिन उन्हें सिर्फ़ और सिर्फ़ इसलिए डिटेंशन सेन्टर में रखा गया है क्योंकि वे मुस्लिम हैं।
वहीं मुस्लिमों के साथ हो रहे अत्याचारों पर चीन की सरकार का कुछ अलग ही तर्क है। इस बारे में चीन की वामपंथी सरकार का कहना है कि वो शिनजियांग प्रांत में बढ़ते अंसतोष और आतंकवाद की घटनाओं पर काबू पाने और धार्मिक कट्टरता को ख़त्म करने के लिए कार्यक्रम चला रही है। हो सकता है कि शिनजियांग प्रांत में कुछ लोग ऐसे हों, लेकिन ऐसे कार्यक्रम के ज़रिये चीन की वामपंथी सरकार उइगर मुस्लिमों के साथ नाइंसाफ़ी ही कर रही है, और उनके साथ क्ररता की सारे हदें पार कर रही है। साफ़ है कि चीन की सरकार उइगर मुस्लिमों को उनकी धार्मिक मान्यताएं और परम्पराएं नहीं निभाने दे रही है, और ऐसा करने पर उन्हें आतंकवादी या अतिवादी बताकर डिटेंशन सेन्टर में रखा जा रहा है।
चीन की वामपंथी सरकार मुस्लिमों के साथ अमानवीय व्यवहार कर रही है, लेकिन पाकिस्तान, सऊदी अरब, ईरान, मिस्र और मलेशिया जैसे मुस्लिम देश चीन का विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। दरअसल, चीन आज के समय में एक बहुत बड़ी सैन्य और आर्थिक शक्ति है। पाकिस्तान जैसे देश की अर्थव्यवस्था तो चीन के दम पर ही चल रही है। वहीं अन्य मुस्लिम देशों के साथ भी चीन के अच्छे व्यापारिक सम्बन्ध होने के कारण यह मुस्लिम देश चीन के ख़िलाफ़ कुछ भी नहीं बोल रहे हैं। चीन की वामपंथी सरकार उइगर मुस्लिमों के ख़िलाफ़ क्रूरता की सारें हदें पार कर रही है, लेकिन मुस्लिम देश बस ख़ुद का हित देख रहे हैं। दरअसल, चीन की शक्ति के आगे मुस्लिम देशों की हिम्मत नहीं है कि वे चीन का प्रतिकार कर सकें।
FEB 19 (WTN) – विस्तारवादी मानसिकता वाले देश चीन की वामपंथी सरकार अमानवीय और क्रूर कामों के लिए पूरी दुनिया में कुख्यात है। साल 1989 में लोकतंत्र समर्थित छात्रों के आंन्दोलन को जिस क्रूरता से चीन की वामपंथी सरकार ने दबाया था, उसके बारे में पढ़कर और सुनकर आज भी लोग सिहर उठते हैं। समय-समय पर चीन से ऐसी ख़बरें सामने आती रहती हैं, जिससे पता चलता रहता है कि चीन में मानवाधिकारों का हनन किया जाता है। कहा जाता है कि चीन की वामपंथी सरकार कई तरह के अत्याचार अपने नागरिकों पर करती है, लेकिन चीन में मीडिया पर पाबंदी और सेंसरशिप होने के कारण सही जानकारी चीन से बाहर नहीं आ पाती है। अभी हाल ही में चीन की वामपंथी सरकार ने कोरोना वायरस मामले को छिपाने के लिए जो ग़लती और लापरवाही बरती है, उससे चीन में क़रीब 2,000 लोग मारे गये हैं। इन उदाहरणों से साफ़ ज़ाहिर होता है कि चीन की वामपंथी सरकार के शासन में मानवाधिकार बस एक शब्द मात्र है।
चीन की वामपंथी सरकार के जुल्म के शिकार इन दिनों उइगर मुस्लिम हो रहे हैं। वैसे तो काफ़ी समय से चीन में उइगर मुस्लिमों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है, लेकिन हाल फ़िलहाल में उइगर मुस्लिमों के साथ चीन की वामपंथी सरकार कुछ ज़्यादा ही क्रूरता से पेश आ रही है। चीन सरकार की क्रूरता का ख़ुलासा करने वाला एक बेहद ही सनसनीखेज दस्तावेज़ सामने आया है। इन दस्तावेज़ में ऐसे हज़ारों उइगर मुस्लिमों की जानकारी दर्ज़ है, जिन्हें चीन सरकार ने अपने डिंटेशन सेन्टर में क़ैद करके रखा हुआ है।
वैसे कहने को तो मुस्लिम देश पाकिस्तान के साथ चीन के दोस्ताना सम्बन्थ हैं। और भारत के ख़िलाफ़ हथियार के रूप में पाकिस्तान को चीन हमेशा से ही इस्तेमाल करता रहा है। जो पाकिस्तान मुस्लिमों के नाम पर भारत की आंतरिक राजनीति में दखलंदाजी करता रहता है, वही पाकिस्तान चीन में उइगर मुस्लिमों के साथ हो रहे अत्याचार पर चुप्पी साधे बैठा है। अब यह पूरी दुनिया को पता चलता जा रहा है कि चीन में उइगर मुस्लिमों के साथ ज़्यादती आतंक से निपटने के नाम पर नहीं हो रही है, बल्कि उनके साथ इसलिए अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है क्योंकि वे मुस्लिम हैं।
चीन की वामपंथी सरकार उइगर मुस्लिमों पर इतना अत्याचार कर रही है कि कुछ उइगर मुस्लिम महिलाओं को सिर्फ़ इसलिए डिटेंशन सेन्टर में रखा गया है क्योंकि उन्होंने हिजाब पहना था। इतना ही नहीं, किसी मुस्लिम को सिर्फ़ इसलिए हिरासत में लिया गया है क्योंकि वो दाढ़ी रखता था। चीन की वामपंथी सरकार की क्रूरता के हद तो तब पार हो गई, जब कई व्यक्तियों को सिर्फ़ इसलिए हिरासत में ले लिया गया क्योंकि वे नमाज पढ़ रहे थे। इतना ही नहीं, किसी महिला को तो इसलिए हिरासत में ले लिया गया है कि उसने तीन से ज़्यादा बच्चे पैदा किये हैं।
बता दें कि चीन के सरकारी सिस्टम से लीक हुए इस दस्तावेज़ में शिनजियांग प्रांत में रहने वाले हज़ारों उइगर मुस्लिमों की जानकारी दर्ज़ है। लीक हुए दस्तावेज़ के मुताबिक, चीन की वामपंथी सरकार मुस्लिमों की हर एक गतिविधि पर नज़र रखे हुए है। यानी कि मुस्लिम क्या खाते हैं, कहा पर जाते हैं, किससे मिलते हैं, उनके परिवार में कितने लोग हैं, और वे कहां पर काम करते हैं जैसी हर एक छोटी जानकारी चीन की वामपंथी सरकार के पास है। वैसे कहा जा रहा है कि चीन में मुस्लिमों के साथ हो रहे अत्याचार की जानकारी का एक छोटा हिस्सा ही लीक हुआ है। लीक हुए दस्तावेज़ के मुताबिक़, डिटेंशन सेन्टर में रखे गये लोगों को सिर्फ़ इसलिए निशाना बनाया गया है क्योंकि वे मुस्लिम हैं। डिटेंशन सेन्टर में रखे गये कई लोगों का दावा है कि उनका आतंकवाद या अतिवाद से कोई सम्बन्ध नहीं है, लेकिन उन्हें सिर्फ़ और सिर्फ़ इसलिए डिटेंशन सेन्टर में रखा गया है क्योंकि वे मुस्लिम हैं।
वहीं मुस्लिमों के साथ हो रहे अत्याचारों पर चीन की सरकार का कुछ अलग ही तर्क है। इस बारे में चीन की वामपंथी सरकार का कहना है कि वो शिनजियांग प्रांत में बढ़ते अंसतोष और आतंकवाद की घटनाओं पर काबू पाने और धार्मिक कट्टरता को ख़त्म करने के लिए कार्यक्रम चला रही है। हो सकता है कि शिनजियांग प्रांत में कुछ लोग ऐसे हों, लेकिन ऐसे कार्यक्रम के ज़रिये चीन की वामपंथी सरकार उइगर मुस्लिमों के साथ नाइंसाफ़ी ही कर रही है, और उनके साथ क्ररता की सारे हदें पार कर रही है। साफ़ है कि चीन की सरकार उइगर मुस्लिमों को उनकी धार्मिक मान्यताएं और परम्पराएं नहीं निभाने दे रही है, और ऐसा करने पर उन्हें आतंकवादी या अतिवादी बताकर डिटेंशन सेन्टर में रखा जा रहा है।
चीन की वामपंथी सरकार मुस्लिमों के साथ अमानवीय व्यवहार कर रही है, लेकिन पाकिस्तान, सऊदी अरब, ईरान, मिस्र और मलेशिया जैसे मुस्लिम देश चीन का विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। दरअसल, चीन आज के समय में एक बहुत बड़ी सैन्य और आर्थिक शक्ति है। पाकिस्तान जैसे देश की अर्थव्यवस्था तो चीन के दम पर ही चल रही है। वहीं अन्य मुस्लिम देशों के साथ भी चीन के अच्छे व्यापारिक सम्बन्ध होने के कारण यह मुस्लिम देश चीन के ख़िलाफ़ कुछ भी नहीं बोल रहे हैं। चीन की वामपंथी सरकार उइगर मुस्लिमों के ख़िलाफ़ क्रूरता की सारें हदें पार कर रही है, लेकिन मुस्लिम देश बस ख़ुद का हित देख रहे हैं। दरअसल, चीन की शक्ति के आगे मुस्लिम देशों की हिम्मत नहीं है कि वे चीन का प्रतिकार कर सकें।