भारत को एक बार फ़िर से ‘सोने की चिड़िया’ बनाएगा सोनभद्र
Saturday - February 22, 2020 1:07 pm ,
Category : WTN HINDI
भारत के पास है इस वक़्त 626 टन गोल्ड रिज़र्व
...तो भारत के पास होगा दुनिया का दूसरा सबसे ज़्यादा गोल्ड रिज़र्व
FEB 22 (WTN) – जैसा कि आप जानते ही होंगे कि किसी भी देश की आर्थिक प्रगति में सोना यानी गोल्ड का काफ़ी महत्वपूर्ण योगदान होता है। एक समय जब भारत आर्थिक रूप से दुनिया का सबसे सम्पन्न देश था, तब भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दुनिया के लगभग देशों में गोल्ड रिज़र्व का बड़ा महत्व है। साथ ही भारत समेत दुनिया के कई देशों की केन्द्रीय बैंक गोल्ड रिज़र्व के आधार पर ही नोटों की छपाई आदि करती हैं। जहां तक गोल्ड की बात है, तो भारत गोल्ड आयात करने के मामले में चीन के बाद दूसरे स्थान पर आता है। वहीं भारतीय महिलाओं की गोल्ड के प्रति दीवानगी भी किसी से भी छिपी नहीं है। इतना ही नहीं, गोल्ड को भारत में एक बढ़िया निवेश भी माना जाता है। भारत में सदियों से ऐसी सोच रही है कि आर्थिक परेशानी के वक़्त गोल्ड एक सबसे बढ़िया आर्थिक सहारा है।
वैसे जहां तक भारत के गोल्ड रिज़र्व की बात करें, तो भारत दुनिया के उन 10 बड़े देशों में आता है, जिनके पास सबसे ज़्यादा गोल्ड रिज़र्व है। वर्ल्ड गोल्ड काउन्सिल की रिपोर्ट के अनुसार गोल्ड रिज़र्व के मामले में भारत 9वें स्थान पर आता है। बता दें कि भारत के पास क़रीब 626 टन गोल्ड रिज़र्व है। साफ़ है कि जिस देश के पास जितना ज़्यादा गोल्ड रिज़र्व होता है, वह देश उतना ही ज़्यादा आर्थिक रूप से मज़बूत होता है। इसी सन्दर्भ में भारत के लिए एक बहुत बड़ी खुशी की ख़बर सामने आई है। जानकारी के लिए बता दें कि उत्तर प्रदेश के सोनभद्र ज़िले में क़रीब 12 लाख करोड़ रुपये की क़ीमत वाले क़रीब 3,350 टन सोने के भण्डार का पता चला है। ज़ाहिर है कि यदि सोनभद्र ज़िले में सोने के भण्डार मिलने का दावा सही साबित होता है, तो इससे भारत का गोल्ड रिज़र्व 5 गुना ज़्यादा हो जाएगा।
दरअसल, GSI (Geological Survey of India) यानी भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण के सर्वे में सोनभद्र ज़िले की पहाड़ियों में क़रीब तीन हज़ार टन से ज़्यादा सोना दबे होने की सम्भावना व्यक्त की गई है। सर्वे का दावा है कि सोनांचल की पहाड़ी में सोने के अलावा, लोहा, यूरेनियम और अन्य दूसरे खनिज भी दबे हैं। दावा किया जा रहा है कि सोनभद्र ज़िले की पहाड़ियों के नीचे दबी सोने की एक चट्टान तो क़रीब एक किलोमीटर से ज़्यादा लम्बी और 18 मीटर तक गहरी है। बता दें कि सोनभद्र ज़िले में सोने के भण्डार का पता लगाने की कोशिशें अंग्रेजों के समय में भी की गई थीं, लेकिन उस समय इसमें सफ़लता हासिल नहीं हुई। GSI की ताजा रिपोर्ट में हरदी क्षेत्र में 646.15 किलोग्राम सोने काे भण्डार होने की पुष्टि हुई है। तो वहीं सोन पहाड़ी में 2943.25 टन सोने काे भण्डार होने की पुष्टि हुई है।
जिन पहाड़ियों पर सोने के भण्डार मिलने का दावा किया जा रहा है, उसे स्थानीय निवासी अंग्रेजों के समय से ही 'सोन पहाड़ी' के नाम से जानते हैं। बता दें कि साल 2005 में भी यहां पर सोने की खान का पता लगाने की कोशिश की गई थी। हालांकि, उस समय भी शुरुआती जांच में धातु होने की सम्भावना जताई गई थी, लेकिन उस वक़्त धातु के प्रकार और मात्रा के बारे में अंदाज़ा नहीं था कि यहां पर भारी मात्रा में सोना उपलब्ध है। सोनभद्र ज़िले के हरदी में ज़मीन के नीचे सोना होने की पुष्टि होने के बाद सरकार ने इसके खनन को लेकर कवायद शुरू कर दी है। सरकार ने ई-टेंडरिंग के ज़रिए ब्लॉकों की नीलामी के लिए एक सात सदस्यीय टीम का गठन किया है, और क्षेत्र की टैगिंग का काम भी किया जा रहा है।
वैसे यदि भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण का दावा सही साबित होता है, और सोनभद्र ज़िले से क़रीब 3,350 टन सोना खनन में मिलता है, तो गोल्ड रिज़र्व के मामले में भारत दुनिया में दूसरे नम्बर पर आ जाएगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस वक़्त सबसे ज़्यादा गोल्ड रिज़र्व अमेरिका के पास है। बता दें कि अमेरिका के पास क़रीब 8,133 टन सोना है, जो कि उसके कुल विदेशी मुद्रा भण्डार का 76.9 प्रतिशत है। वहीं अमेरिका के बाद दूसरा स्थान जर्मनी का आता है, जिसके पास क़रीब 3366.8 टन गोल्ड रिज़र्व है। वहीं गोल्ड रिज़र्व के मामले में तीसरे नम्बर पर इटली का नम्बर आता है। बता दें कि इटली के पास क़रीब 2451.8 टन सोना है।
दुनिया में सबसे ज़्यादा गोल्ड रिज़र्व के मामले में चौथे स्थान पर फ्रांस है, और फ्रांस के पास इस वक़्त क़रीब 2,436 टन गोल्ड रिज़र्व है। गोल्ड रिज़र्व के मामले में फ्रांस के बाद पांचवें स्थान पर रूस का स्थान आता है। रूस के पास क़रीब 2241.9 टन गोल्ड रिज़र्व है। गोल्ड रिज़र्व के मामले में छठे स्थान पर चीन का नम्बर आता है, और चीन के पास क़रीब 1948.3 टन गोल्ड रिज़र्व है। चीन के बाद सबसे ज़्यादा गोल्ड रिज़र्व स्विट्जरलैण्ड के पास है। स्विट्जरलैण्ड के पास इस समय क़रीब 1,040 टन सोना है। गोल्ड रिज़र्व के मामले में आठवें नम्बर पर जापान का नाम आता है। जापान के पास क़रीब 765.2 टन सोना है।
FEB 22 (WTN) – जैसा कि आप जानते ही होंगे कि किसी भी देश की आर्थिक प्रगति में सोना यानी गोल्ड का काफ़ी महत्वपूर्ण योगदान होता है। एक समय जब भारत आर्थिक रूप से दुनिया का सबसे सम्पन्न देश था, तब भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दुनिया के लगभग देशों में गोल्ड रिज़र्व का बड़ा महत्व है। साथ ही भारत समेत दुनिया के कई देशों की केन्द्रीय बैंक गोल्ड रिज़र्व के आधार पर ही नोटों की छपाई आदि करती हैं। जहां तक गोल्ड की बात है, तो भारत गोल्ड आयात करने के मामले में चीन के बाद दूसरे स्थान पर आता है। वहीं भारतीय महिलाओं की गोल्ड के प्रति दीवानगी भी किसी से भी छिपी नहीं है। इतना ही नहीं, गोल्ड को भारत में एक बढ़िया निवेश भी माना जाता है। भारत में सदियों से ऐसी सोच रही है कि आर्थिक परेशानी के वक़्त गोल्ड एक सबसे बढ़िया आर्थिक सहारा है।
वैसे जहां तक भारत के गोल्ड रिज़र्व की बात करें, तो भारत दुनिया के उन 10 बड़े देशों में आता है, जिनके पास सबसे ज़्यादा गोल्ड रिज़र्व है। वर्ल्ड गोल्ड काउन्सिल की रिपोर्ट के अनुसार गोल्ड रिज़र्व के मामले में भारत 9वें स्थान पर आता है। बता दें कि भारत के पास क़रीब 626 टन गोल्ड रिज़र्व है। साफ़ है कि जिस देश के पास जितना ज़्यादा गोल्ड रिज़र्व होता है, वह देश उतना ही ज़्यादा आर्थिक रूप से मज़बूत होता है। इसी सन्दर्भ में भारत के लिए एक बहुत बड़ी खुशी की ख़बर सामने आई है। जानकारी के लिए बता दें कि उत्तर प्रदेश के सोनभद्र ज़िले में क़रीब 12 लाख करोड़ रुपये की क़ीमत वाले क़रीब 3,350 टन सोने के भण्डार का पता चला है। ज़ाहिर है कि यदि सोनभद्र ज़िले में सोने के भण्डार मिलने का दावा सही साबित होता है, तो इससे भारत का गोल्ड रिज़र्व 5 गुना ज़्यादा हो जाएगा।
दरअसल, GSI (Geological Survey of India) यानी भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण के सर्वे में सोनभद्र ज़िले की पहाड़ियों में क़रीब तीन हज़ार टन से ज़्यादा सोना दबे होने की सम्भावना व्यक्त की गई है। सर्वे का दावा है कि सोनांचल की पहाड़ी में सोने के अलावा, लोहा, यूरेनियम और अन्य दूसरे खनिज भी दबे हैं। दावा किया जा रहा है कि सोनभद्र ज़िले की पहाड़ियों के नीचे दबी सोने की एक चट्टान तो क़रीब एक किलोमीटर से ज़्यादा लम्बी और 18 मीटर तक गहरी है। बता दें कि सोनभद्र ज़िले में सोने के भण्डार का पता लगाने की कोशिशें अंग्रेजों के समय में भी की गई थीं, लेकिन उस समय इसमें सफ़लता हासिल नहीं हुई। GSI की ताजा रिपोर्ट में हरदी क्षेत्र में 646.15 किलोग्राम सोने काे भण्डार होने की पुष्टि हुई है। तो वहीं सोन पहाड़ी में 2943.25 टन सोने काे भण्डार होने की पुष्टि हुई है।
जिन पहाड़ियों पर सोने के भण्डार मिलने का दावा किया जा रहा है, उसे स्थानीय निवासी अंग्रेजों के समय से ही 'सोन पहाड़ी' के नाम से जानते हैं। बता दें कि साल 2005 में भी यहां पर सोने की खान का पता लगाने की कोशिश की गई थी। हालांकि, उस समय भी शुरुआती जांच में धातु होने की सम्भावना जताई गई थी, लेकिन उस वक़्त धातु के प्रकार और मात्रा के बारे में अंदाज़ा नहीं था कि यहां पर भारी मात्रा में सोना उपलब्ध है। सोनभद्र ज़िले के हरदी में ज़मीन के नीचे सोना होने की पुष्टि होने के बाद सरकार ने इसके खनन को लेकर कवायद शुरू कर दी है। सरकार ने ई-टेंडरिंग के ज़रिए ब्लॉकों की नीलामी के लिए एक सात सदस्यीय टीम का गठन किया है, और क्षेत्र की टैगिंग का काम भी किया जा रहा है।
वैसे यदि भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण का दावा सही साबित होता है, और सोनभद्र ज़िले से क़रीब 3,350 टन सोना खनन में मिलता है, तो गोल्ड रिज़र्व के मामले में भारत दुनिया में दूसरे नम्बर पर आ जाएगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस वक़्त सबसे ज़्यादा गोल्ड रिज़र्व अमेरिका के पास है। बता दें कि अमेरिका के पास क़रीब 8,133 टन सोना है, जो कि उसके कुल विदेशी मुद्रा भण्डार का 76.9 प्रतिशत है। वहीं अमेरिका के बाद दूसरा स्थान जर्मनी का आता है, जिसके पास क़रीब 3366.8 टन गोल्ड रिज़र्व है। वहीं गोल्ड रिज़र्व के मामले में तीसरे नम्बर पर इटली का नम्बर आता है। बता दें कि इटली के पास क़रीब 2451.8 टन सोना है।
दुनिया में सबसे ज़्यादा गोल्ड रिज़र्व के मामले में चौथे स्थान पर फ्रांस है, और फ्रांस के पास इस वक़्त क़रीब 2,436 टन गोल्ड रिज़र्व है। गोल्ड रिज़र्व के मामले में फ्रांस के बाद पांचवें स्थान पर रूस का स्थान आता है। रूस के पास क़रीब 2241.9 टन गोल्ड रिज़र्व है। गोल्ड रिज़र्व के मामले में छठे स्थान पर चीन का नम्बर आता है, और चीन के पास क़रीब 1948.3 टन गोल्ड रिज़र्व है। चीन के बाद सबसे ज़्यादा गोल्ड रिज़र्व स्विट्जरलैण्ड के पास है। स्विट्जरलैण्ड के पास इस समय क़रीब 1,040 टन सोना है। गोल्ड रिज़र्व के मामले में आठवें नम्बर पर जापान का नाम आता है। जापान के पास क़रीब 765.2 टन सोना है।