चीन की वामपंथी सरकार की ‘ग़लतियां’ का ‘खामियाजा’ भुगत रही है दुनिया
Wednesday - February 26, 2020 3:15 pm ,
Category : WTN HINDI
चीन के अलावा कई अन्य देशों में कोरोना वायरस से हो रही हैं मौतें
दुनिया के कई देशों में फैला कोरोना वायरस संक्रमण, विश्व स्वास्थ्य संगठन की बढ़ी ‘चिन्ता’
FEB 26 (WTN) – चीन की वामपंथी सरकार की अक्षम्य ग़लती का खामियाजा चीन समेत पूरी दुनिया के लोग भुगत रहे हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि चीन में क़रीब 2,700 लोगों की जान लेने वाला कोरोना वायरस संक्रमण वहां पर एक महामारी बन गया है। चीन सरकार के मुताबिक़, वुहान शहर के एक सीफूड मार्केट से कोरोना वायरस का संक्रमण फैला है। हालांकि, चीन सरकार के इस दावे पर पूरी दुनिया आंख बंदकर विश्वास नहीं कर रही है। दरअसल, कुछ विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि कोरोना वायरस का संक्रमण सीफूड मार्केट से नहीं फैला है। इन रिपोर्ट्स का दावा है कि वुहान स्थित एक वायरोलॉजी लैब में चीन सरकार विध्वंसक जैविक हथियार बना रही थी, और वहीं से कोरोना वायरस का संक्रमण फैला है।
वहीं कहा यह भी जा रहा है कि चीन में कोरोना वायरस के कारण मरने वालों की संख्या तीस हज़ार से ज़्यादा है। लेकिन इस आंकड़े को चीन की वामपंथी सरकार छिपा रही है। दरअसल, चीन से कोरोना वायरस से सम्बन्धित सही ख़बरें पूरी दुनिया के सामने नहीं आ पा रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि चीन में मीडिया पर सेंसरशिप और पाबंदी है। इधर, चीनी लोग अपनी सरकार से नाराज़ हैं क्योंकि कोरोना वायरस संक्रमण को पहले तो वामपंथी सरकार ने छिपाने की कोशिश की। वहीं जब यह संक्रमण बुरी तरह से फैलने लगा, तो सरकार ने इससे बचने की उपाय करने में देरी की।
लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण सिर्फ़ चीन तक ही सीमित नहीं रहा है। चीन के अलावा दुनिया के कई अन्य देशों में भी कोरोना वायरस संक्रमण का क़हर देखा जा रहा है। इसी के मद्देनज़र WHO (World Health Organisation) यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़, यदि जल्द ही कोरोना वायरस पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो दुनिया एक आशंकित महामारी की चपेट में आ सकती है। इस बारे में विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रॉस एडहैनॉम का कहना है, “हालांकि, दुनिया में बड़े पैमाने पर मौतें नहीं देखी जा रही हैं, लेकिन सभी देशों को एक सम्भावित महामारी से जूझने के लिए हर तरह की तैयारी करना चाहिए। वैसे इसे काबू करना अभी मुमकिन दिख रहा है।”
जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस के कारण COVID-19 बीमारी यूरोप में फैलती दिख रही है। पहले तो आपको बता दें कि COVID-19 नाम कोरोना वायरस से होने वाली बीमारी को दिया गया है। इसमें CO का मतलब है कोरोना, VI का मतलब है वायरस, D का मतलब है डिसीज़ और 19 का मतलब साल 2019 है। इस बीमारी के लक्षण सर्दी के कारण होने वाले रोगों और निमोनिया जैसे ही सामान्य रूप से देखे जाते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस संक्रमण के कारण इटली में इससे अभी तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं 220 लोग इससे संक्रमित हुए हैं। इटली के अलावा, फ्रांस, जर्मनी, यूके, स्पेन, फिनलैण्ड, स्वीडन और बेल्जियम में भी कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले सामने आए हैं। बता दें कि चीन और दक्षिण कोरिया के बाद COVID-19 के सबसे ज़्यादा मामले ईरान में देखे गए हैं।
जी हां, खाड़ी के देश ईरान में भी कोरोना वायरस एक बड़ा ख़तरा बनता जा रहा है। जानकारी के मुताबिक़, कोरोना वायरस के कारण ईरान में अभी तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कोरोना वायरस संक्रमण के सम्बन्धित 60 से ज़्यादा केस सामने आ चुके हैं। वहीं दुनिया के सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश अमेरिका में भी कोरोना वायरस दस्तक दे चुका है। जानकारी के मुताबिक, अमेरिका में कोरोना वायरस के 14 नये मामले सामने आए हैं। बता दें कि चीन के वुहान शहर से आए जहाज में सवाल लोगों में से 39 लोगों में पहले से ही कोरोना वायरस के लक्षण देखे गये हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, बुज़ुर्गों और बीमारों को COVID-19 का ख़तरा अन्य लोगों से ज़्यादा है। ऐसे लोगों में COVID-19 बीमारी के गम्भीर रूप से विकसित होने की आशंकाएं ज़्यादा रहती हैं। एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक़, कोरोना वायरस संक्रमण से ग्रसित लोगों में मृत्यु दर 10.5 प्रतिशत है। बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़, डायबिटीज़, कैंसर और सांस सम्बन्धित गम्भीर रोगों के मरीज़ों को कोरोना वायरस संक्रमण से ज़्यादा ख़तरा रहता है। वैसे बच्चों में भी कोरोना वायरस का संक्रमण हो सकता है, लेकिन 9 साल से कम उम्र के बच्चों में अब तक कहीं भी इस तरह के संक्रमण का मामला सामने नहीं आया है।
वहीं रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस संक्रमण महिलाओं की बजाय पुरूषों के लिए ज़्यादा ख़तरनाक साबित हो सकता है। विश्लेषण के बाद रिपोर्ट में दावा किया गया है कि SARS-CoV-2 से संक्रमण के मामलों में मृत्यु दर पुरुषों में 2.8 प्रतिशत है, वहीं महिलाओं में मृत्यु दर 1.7 प्रतिशत है। हालांकि, डेटा के विश्लेषण में इस बात को प्रमुखता से कहा गया है कि यह कहना जल्दबाज़ी होगा कि कोरोना वायरस संक्रमण लिंगभेद करता है। यदि समय रहते चीन की वामपंथी सरकार कोरोना वायरस संक्रमण को नहीं छिपाती और इस पर नियंत्रण हासिल करती, तो इस संक्रमण के कारण सैकड़ों लोगों की जान नहीं जाती।
FEB 26 (WTN) – चीन की वामपंथी सरकार की अक्षम्य ग़लती का खामियाजा चीन समेत पूरी दुनिया के लोग भुगत रहे हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि चीन में क़रीब 2,700 लोगों की जान लेने वाला कोरोना वायरस संक्रमण वहां पर एक महामारी बन गया है। चीन सरकार के मुताबिक़, वुहान शहर के एक सीफूड मार्केट से कोरोना वायरस का संक्रमण फैला है। हालांकि, चीन सरकार के इस दावे पर पूरी दुनिया आंख बंदकर विश्वास नहीं कर रही है। दरअसल, कुछ विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि कोरोना वायरस का संक्रमण सीफूड मार्केट से नहीं फैला है। इन रिपोर्ट्स का दावा है कि वुहान स्थित एक वायरोलॉजी लैब में चीन सरकार विध्वंसक जैविक हथियार बना रही थी, और वहीं से कोरोना वायरस का संक्रमण फैला है।
वहीं कहा यह भी जा रहा है कि चीन में कोरोना वायरस के कारण मरने वालों की संख्या तीस हज़ार से ज़्यादा है। लेकिन इस आंकड़े को चीन की वामपंथी सरकार छिपा रही है। दरअसल, चीन से कोरोना वायरस से सम्बन्धित सही ख़बरें पूरी दुनिया के सामने नहीं आ पा रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि चीन में मीडिया पर सेंसरशिप और पाबंदी है। इधर, चीनी लोग अपनी सरकार से नाराज़ हैं क्योंकि कोरोना वायरस संक्रमण को पहले तो वामपंथी सरकार ने छिपाने की कोशिश की। वहीं जब यह संक्रमण बुरी तरह से फैलने लगा, तो सरकार ने इससे बचने की उपाय करने में देरी की।
लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण सिर्फ़ चीन तक ही सीमित नहीं रहा है। चीन के अलावा दुनिया के कई अन्य देशों में भी कोरोना वायरस संक्रमण का क़हर देखा जा रहा है। इसी के मद्देनज़र WHO (World Health Organisation) यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़, यदि जल्द ही कोरोना वायरस पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो दुनिया एक आशंकित महामारी की चपेट में आ सकती है। इस बारे में विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रॉस एडहैनॉम का कहना है, “हालांकि, दुनिया में बड़े पैमाने पर मौतें नहीं देखी जा रही हैं, लेकिन सभी देशों को एक सम्भावित महामारी से जूझने के लिए हर तरह की तैयारी करना चाहिए। वैसे इसे काबू करना अभी मुमकिन दिख रहा है।”
जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस के कारण COVID-19 बीमारी यूरोप में फैलती दिख रही है। पहले तो आपको बता दें कि COVID-19 नाम कोरोना वायरस से होने वाली बीमारी को दिया गया है। इसमें CO का मतलब है कोरोना, VI का मतलब है वायरस, D का मतलब है डिसीज़ और 19 का मतलब साल 2019 है। इस बीमारी के लक्षण सर्दी के कारण होने वाले रोगों और निमोनिया जैसे ही सामान्य रूप से देखे जाते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस संक्रमण के कारण इटली में इससे अभी तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं 220 लोग इससे संक्रमित हुए हैं। इटली के अलावा, फ्रांस, जर्मनी, यूके, स्पेन, फिनलैण्ड, स्वीडन और बेल्जियम में भी कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले सामने आए हैं। बता दें कि चीन और दक्षिण कोरिया के बाद COVID-19 के सबसे ज़्यादा मामले ईरान में देखे गए हैं।
जी हां, खाड़ी के देश ईरान में भी कोरोना वायरस एक बड़ा ख़तरा बनता जा रहा है। जानकारी के मुताबिक़, कोरोना वायरस के कारण ईरान में अभी तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कोरोना वायरस संक्रमण के सम्बन्धित 60 से ज़्यादा केस सामने आ चुके हैं। वहीं दुनिया के सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश अमेरिका में भी कोरोना वायरस दस्तक दे चुका है। जानकारी के मुताबिक, अमेरिका में कोरोना वायरस के 14 नये मामले सामने आए हैं। बता दें कि चीन के वुहान शहर से आए जहाज में सवाल लोगों में से 39 लोगों में पहले से ही कोरोना वायरस के लक्षण देखे गये हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, बुज़ुर्गों और बीमारों को COVID-19 का ख़तरा अन्य लोगों से ज़्यादा है। ऐसे लोगों में COVID-19 बीमारी के गम्भीर रूप से विकसित होने की आशंकाएं ज़्यादा रहती हैं। एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक़, कोरोना वायरस संक्रमण से ग्रसित लोगों में मृत्यु दर 10.5 प्रतिशत है। बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़, डायबिटीज़, कैंसर और सांस सम्बन्धित गम्भीर रोगों के मरीज़ों को कोरोना वायरस संक्रमण से ज़्यादा ख़तरा रहता है। वैसे बच्चों में भी कोरोना वायरस का संक्रमण हो सकता है, लेकिन 9 साल से कम उम्र के बच्चों में अब तक कहीं भी इस तरह के संक्रमण का मामला सामने नहीं आया है।
वहीं रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस संक्रमण महिलाओं की बजाय पुरूषों के लिए ज़्यादा ख़तरनाक साबित हो सकता है। विश्लेषण के बाद रिपोर्ट में दावा किया गया है कि SARS-CoV-2 से संक्रमण के मामलों में मृत्यु दर पुरुषों में 2.8 प्रतिशत है, वहीं महिलाओं में मृत्यु दर 1.7 प्रतिशत है। हालांकि, डेटा के विश्लेषण में इस बात को प्रमुखता से कहा गया है कि यह कहना जल्दबाज़ी होगा कि कोरोना वायरस संक्रमण लिंगभेद करता है। यदि समय रहते चीन की वामपंथी सरकार कोरोना वायरस संक्रमण को नहीं छिपाती और इस पर नियंत्रण हासिल करती, तो इस संक्रमण के कारण सैकड़ों लोगों की जान नहीं जाती।