क्या आप जानते हैं 2000 रुपये के नोटों से जुड़ी ‘यह बड़ी’ ख़बर?
Thursday - February 27, 2020 12:36 pm ,
Category : WTN HINDI
नोटबंदी के बाद रिज़र्व बैंक ने जारी किये थे 2000 रुपये के नोट
अब एटीएम से नहीं निकलेंगे 2000 रुपये के नोट!
FEB 27 (WTN) – जैसा कि आप जानते ही हैं कि ऐतिहासिक नोटबंदी के बाद 2000 रुपये के नोट देश में चलन में आए थे। नोटबंदी के बाद जब 2000 रुपये के यह गुलाबी रंग के नोट चलन में आए थे, तो इन नोटों के बारे में कई तरह की बातें कहीं गई थीं। आपको जानकार आश्चर्य होगा कि 2000 रुपये के नोट के बारे में यहां तक कहा गया था कि इसमें कोई ऐसी चिप लगी हुई है, जिससे इन नोटों की लोकेशन की ट्रैस किया जा सकता है। हालांकि, समय के साथ 2000 रुपये के नोट के जुड़ी अधिकांश भ्रांतियां ख़त्म होती चली गईं। लेकिन 2000 रुपये के नोट कभी भी चलन से बंद होने की बातें अभी भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
दरअसल, एक बार फ़िर से 2000 रुपये के नोटों के चलन से बंद होने के बारे में कई तरह की चर्चाएं एक बार फ़िर से शुरू हो गई हैं। आख़िर क्या कारण हैं कि 2000 रुपये के नोटों के बंद होने की बातें एक बार फ़िर लोगों के बीच हो रही हैं? आइये इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इन दिनों बैंकों द्वारा अपने ATM (Automated Teller Machine) में इस तरह की बदलाव किये जा रहे हैं कि इनमें 2000 रुपये के नोटों की जगह पर 500 रुपये के नोटों को रखा जा सके।
साफ़ है कि जब एटीएम में 2000 रुपये के नोटों को रखने वाली जगह पर 500 रुपये के नोटों को रखने की कवायद की जा रही है, तो ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठना लाज़िमी है कि कहीं 2000 रुपये के नोटों को सरकार चलन से बाहर तो नहीं करने जा रही है? मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, पूरे देश में मौजूद क़रीब 2.40 लाख ATM को बड़े पैमाने पर रीकैलिब्रेट करने की कवायद चल रही है। जिसके तहत ATM में अब 2000 रुपये के नोटों को रखने की जगह पर 500 रुपये के नोटों को रखा जा सकेगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ATM के अन्दर नोटों को रखने के लिए आमतौर पर चार कैसेट्स होते हैं। इन चार कैसेट्स में 2000, 500, 200 और 100 रुपये के नोट रखे जाते हैं। लेकिन अब ATM में इन कैसेट्स में नोट रखने के लिए नई व्यवस्था की जा रही है। इस नई व्यवस्था के तहत, अब पहले तीन कैसेट्स में 500 रुपये के नोट रखे जाएंगे। वहीं चौथे कैसेट में 100 या 200 रुपये के नोट रखे जाएंगे। यानी जब ATM से 2000 रुपये के नोट रखने वाली कैसेट हटा दी जाएगी, तो स्वाभाविक है कि एटीएम से 2000 रुपये के नोट नहीं निकलेंगे। वैसे जानकारी के लिए बता दें कि बहुत से ATM में से 2000 के नोट रखने वाली कैसेट को हटा दिया गया है, और आने वाले समय में बाक़ी बची एटीएम से भी 2000 के नोट रखने वाली कैसेट को हटा दिया जाएगा।
लेकिन अब ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या मोदी सरकार 2000 रुपये के नोट चलन से बाहर करने जा रही है? तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फ़िलहाल तो इस तरह का कोई भी फ़ैसला सरकार द्वारा नहीं लिया गया है। दरअसल, इस समय 2000 रुपये के जो भी नोट प्रचलन में हैं वे धीरे-धीरे बैंकों के करेंसी चेस्ट में जा रहे हैं। और हो सकता है कि बैंक 2000 रुपये के नोटों को वापस आरबीआई के पास भेज दे। वैसे सूत्रों के हवाले से ख़बर है कि 2000 रुपये के नोट क़ानूनी रूप से बंद नहीं होंगे। लेकिन इन नोटों को धीरे-धीरे योजनाबद्ध तरीक़े से सर्कुलेशन से बाहर कर दिया जाएगा। यानी यदि आपके पास 2000 रुपये का नोट है, तो आप इस नोट को इस्तेमाल कर सकते हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नवम्बर 2016 में मोदी सरकार द्वारा की गई नोटबंदी के बाद साल 2017 के शुरूआत में आरबीआई 2000 रुपये के नोटों को सर्कुलेशन में लाई थी। भारत के केन्द्रीय बैंक भारतीय रिज़र्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त 2017-18 शुरुआत में कुल प्रचलित बैंक नोट का क़रीब 50 प्रतिशत हिस्सा 2000 रुपये के नोटों का साथ। लेकिन समय के साथ-साथ 2000 रुपये के नोटों की छपाई कम होने और बैंकों द्वारा उन्हें अपने करेंसी चेस्ट में रखने से 2000 रुपये के नोट चलन में कम हो गए। इसी कारण से वित्त वर्ष 2019-20 की शुरूआत में देश में कुल प्रचलित बैंक नोटों में 51 प्रतिशत हिस्सा 500 रुपये के नोटों का हो गया।
वैसे भारतीय बैंकिंग सेक्टर के कुछ जानकारों का पहले से यह कहना था कि सरकार 2000 रुपये के नोटों का चलन क़ानूनी रूप से बंद नहीं करेगी, लेकिन सरकार योजनाबद्ध तरीक़े से 2000 रुपये के नोटों को सर्कुलेशन से बाहर कर देगी। दरअसल, नोटबंदी के बाद 2000 रुपये के नोटों की छपाई इसलिए की गई थी, जिससे 2000 रुपये के बड़े नोटों से करेंसी की कमी की किल्लत को दूर किया जा सके। लेकिन अब जबकि देश में 500 और 200 रुपये के पर्याप्त नोट हैं, वहीं डिजिटल ट्रांजैक्शन के कारण पैसों का नक़द लेनदेन कम हो गया है। ऐसे में 2000 के रुपये के नोटों का सर्कुलेशन सरकार योजनाबद्ध तरीक़े से कम कर रही है।
स्वाभाविक है कि जितने बड़े नोट होंगे, उसी अनुपात में काला धन बढ़ने की आशंका भी बनी रहती है। ज़्यादा बड़ी राशि को बड़े नोटों में आसानी से जमा करके रखा जा सकता है। ऐसे में बड़े नोटों के ज़रिये काला धन जमा करने वालों पर लगाम कसने के लिए मोदी सरकार 2000 रुपये के नोटों को एटीएम से निकालने का विकल्प ख़त्म करने जा रही है, जिससे लोगों के पास 2000 रुपये के नोट जमा ना हो सकें। हालांकि, 2000 के नोटों को क़ानूनी तौर पर बंद नहीं किया जाएगा। वहीं जिन्हें 2000 रुपये के नोटों की ज़रूरत है, वे बैंक में जाकर कैशियर काउन्टर से 2000 रुपये के नोट प्राप्त कर सकते हैं।
FEB 27 (WTN) – जैसा कि आप जानते ही हैं कि ऐतिहासिक नोटबंदी के बाद 2000 रुपये के नोट देश में चलन में आए थे। नोटबंदी के बाद जब 2000 रुपये के यह गुलाबी रंग के नोट चलन में आए थे, तो इन नोटों के बारे में कई तरह की बातें कहीं गई थीं। आपको जानकार आश्चर्य होगा कि 2000 रुपये के नोट के बारे में यहां तक कहा गया था कि इसमें कोई ऐसी चिप लगी हुई है, जिससे इन नोटों की लोकेशन की ट्रैस किया जा सकता है। हालांकि, समय के साथ 2000 रुपये के नोट के जुड़ी अधिकांश भ्रांतियां ख़त्म होती चली गईं। लेकिन 2000 रुपये के नोट कभी भी चलन से बंद होने की बातें अभी भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
दरअसल, एक बार फ़िर से 2000 रुपये के नोटों के चलन से बंद होने के बारे में कई तरह की चर्चाएं एक बार फ़िर से शुरू हो गई हैं। आख़िर क्या कारण हैं कि 2000 रुपये के नोटों के बंद होने की बातें एक बार फ़िर लोगों के बीच हो रही हैं? आइये इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इन दिनों बैंकों द्वारा अपने ATM (Automated Teller Machine) में इस तरह की बदलाव किये जा रहे हैं कि इनमें 2000 रुपये के नोटों की जगह पर 500 रुपये के नोटों को रखा जा सके।
साफ़ है कि जब एटीएम में 2000 रुपये के नोटों को रखने वाली जगह पर 500 रुपये के नोटों को रखने की कवायद की जा रही है, तो ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठना लाज़िमी है कि कहीं 2000 रुपये के नोटों को सरकार चलन से बाहर तो नहीं करने जा रही है? मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, पूरे देश में मौजूद क़रीब 2.40 लाख ATM को बड़े पैमाने पर रीकैलिब्रेट करने की कवायद चल रही है। जिसके तहत ATM में अब 2000 रुपये के नोटों को रखने की जगह पर 500 रुपये के नोटों को रखा जा सकेगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ATM के अन्दर नोटों को रखने के लिए आमतौर पर चार कैसेट्स होते हैं। इन चार कैसेट्स में 2000, 500, 200 और 100 रुपये के नोट रखे जाते हैं। लेकिन अब ATM में इन कैसेट्स में नोट रखने के लिए नई व्यवस्था की जा रही है। इस नई व्यवस्था के तहत, अब पहले तीन कैसेट्स में 500 रुपये के नोट रखे जाएंगे। वहीं चौथे कैसेट में 100 या 200 रुपये के नोट रखे जाएंगे। यानी जब ATM से 2000 रुपये के नोट रखने वाली कैसेट हटा दी जाएगी, तो स्वाभाविक है कि एटीएम से 2000 रुपये के नोट नहीं निकलेंगे। वैसे जानकारी के लिए बता दें कि बहुत से ATM में से 2000 के नोट रखने वाली कैसेट को हटा दिया गया है, और आने वाले समय में बाक़ी बची एटीएम से भी 2000 के नोट रखने वाली कैसेट को हटा दिया जाएगा।
लेकिन अब ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या मोदी सरकार 2000 रुपये के नोट चलन से बाहर करने जा रही है? तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फ़िलहाल तो इस तरह का कोई भी फ़ैसला सरकार द्वारा नहीं लिया गया है। दरअसल, इस समय 2000 रुपये के जो भी नोट प्रचलन में हैं वे धीरे-धीरे बैंकों के करेंसी चेस्ट में जा रहे हैं। और हो सकता है कि बैंक 2000 रुपये के नोटों को वापस आरबीआई के पास भेज दे। वैसे सूत्रों के हवाले से ख़बर है कि 2000 रुपये के नोट क़ानूनी रूप से बंद नहीं होंगे। लेकिन इन नोटों को धीरे-धीरे योजनाबद्ध तरीक़े से सर्कुलेशन से बाहर कर दिया जाएगा। यानी यदि आपके पास 2000 रुपये का नोट है, तो आप इस नोट को इस्तेमाल कर सकते हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नवम्बर 2016 में मोदी सरकार द्वारा की गई नोटबंदी के बाद साल 2017 के शुरूआत में आरबीआई 2000 रुपये के नोटों को सर्कुलेशन में लाई थी। भारत के केन्द्रीय बैंक भारतीय रिज़र्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त 2017-18 शुरुआत में कुल प्रचलित बैंक नोट का क़रीब 50 प्रतिशत हिस्सा 2000 रुपये के नोटों का साथ। लेकिन समय के साथ-साथ 2000 रुपये के नोटों की छपाई कम होने और बैंकों द्वारा उन्हें अपने करेंसी चेस्ट में रखने से 2000 रुपये के नोट चलन में कम हो गए। इसी कारण से वित्त वर्ष 2019-20 की शुरूआत में देश में कुल प्रचलित बैंक नोटों में 51 प्रतिशत हिस्सा 500 रुपये के नोटों का हो गया।
वैसे भारतीय बैंकिंग सेक्टर के कुछ जानकारों का पहले से यह कहना था कि सरकार 2000 रुपये के नोटों का चलन क़ानूनी रूप से बंद नहीं करेगी, लेकिन सरकार योजनाबद्ध तरीक़े से 2000 रुपये के नोटों को सर्कुलेशन से बाहर कर देगी। दरअसल, नोटबंदी के बाद 2000 रुपये के नोटों की छपाई इसलिए की गई थी, जिससे 2000 रुपये के बड़े नोटों से करेंसी की कमी की किल्लत को दूर किया जा सके। लेकिन अब जबकि देश में 500 और 200 रुपये के पर्याप्त नोट हैं, वहीं डिजिटल ट्रांजैक्शन के कारण पैसों का नक़द लेनदेन कम हो गया है। ऐसे में 2000 के रुपये के नोटों का सर्कुलेशन सरकार योजनाबद्ध तरीक़े से कम कर रही है।
स्वाभाविक है कि जितने बड़े नोट होंगे, उसी अनुपात में काला धन बढ़ने की आशंका भी बनी रहती है। ज़्यादा बड़ी राशि को बड़े नोटों में आसानी से जमा करके रखा जा सकता है। ऐसे में बड़े नोटों के ज़रिये काला धन जमा करने वालों पर लगाम कसने के लिए मोदी सरकार 2000 रुपये के नोटों को एटीएम से निकालने का विकल्प ख़त्म करने जा रही है, जिससे लोगों के पास 2000 रुपये के नोट जमा ना हो सकें। हालांकि, 2000 के नोटों को क़ानूनी तौर पर बंद नहीं किया जाएगा। वहीं जिन्हें 2000 रुपये के नोटों की ज़रूरत है, वे बैंक में जाकर कैशियर काउन्टर से 2000 रुपये के नोट प्राप्त कर सकते हैं।