अब 'कुछ शर्तों' के साथ विमान में यात्रियों को मिलेगी वाई-फाई की सुविधा
Monday - March 2, 2020 3:35 pm ,
Category : WTN HINDI
मोदी सरकार ने उड़ान के दौरान विमान में वाईफाई सेवा को दी मन्जूरी
विमान में अब यात्रा के दौरान दूर होगी बोरियत, यात्री जल्द उठा सकेंगे वाई-फाई सुविधा का लाभ
MARCH 02 (WTN) – यदि आपने भारत में विमान में यात्री की है, तो विमान में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध ना होने के कारण आपको यात्रा के दौरान कई बार बोरियत महसूस होती होगी। सुरक्षा समेत कई कारणों से विमान में वाई-फाई इंटरनेट सुविधा उपलब्ध नहीं होती है। लेकिन मोदी सरकार ने विमान में वाई-फाई इंटरनेट के मामले में एक ऐतिहासिक फ़ैसला लिया है। मोदी सरकार के इस फ़ैसले के बाद एयरलाइन्स कम्पनियां अपने विमानों में वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध करा सकेंगी। क्या है यह पूरा मामला? आइये इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।
दरअसल, विमान में यात्रा के दौरान अब यात्रियों को नई सुविधा मिलने वाली है। मोदी सरकार ने भारत में संचालित एयरलाइन्स कम्पनियों को उड़ान के दौरान विमान में वाई-फाई सेवाएं मुहैया करने के लिए मन्जूरी दे दी है। जानकारी के मुताबिक़, उड़ान के दौरान इंटरनेट से चलने वाली इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जैसे लैपटॉप, टैबलेट, स्मार्टफ़ोन और स्मार्टवॉच आदि उपकरण जब प्लाइट मोड पर या फ़िर एयरप्लेन मोड पर हों, तो विमान का पायलट उड़ान के दौरान सवार यात्रियों को इनको इस्तेमाल करने के लिए वाई-फाई के ज़रिये इंटरनेट इस्तेमाल करने की अनुमति दे सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में विमान की उडान के दौरान वाई-फाई सेवा उपलब्ध कराने वाला पहला विमान विस्तारा एयरलाइन्स का होगा।
सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने विमान में वाई-फाई सेवा उपलब्ध कराने की सुविधा शुरू करने के लिए विमान अधिनियम, 1937 के नियम 29 बी में बदलाव किया है। इसके अनुसार पायलट इन कमाण्ड उड़ान के दौरान वाई-फाई के ज़रिये यात्रियों को इन्टरनेट के इस्तेमाल की इजाज़त दे सकता है। लेकिन वाई-फाई की सेवा को पायलट उस समय के लिए स्थगित कर सकता है जब मौसम ख़राब हो या फ़िर विजिबिलिटी बहुत कम हो।
आपको बता दें कि विमान अधिनियम 1937 के नियम 29 बी में स्पष्ट कहा गया है कि कोई भी यात्री या फ़िर पायलट विमान में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल नहीं करेगा। लेकिन अब विमान मंत्रालय द्वारा जारी नये नोटफिकेशन के तहत सब रूल 1 के आधार पर पायलट इन कमाण्ड इस सेवा को उपलब्ध करा सकता है। वहीं बता दें कि सिर्फ़ विमानों के लैण्ड करने या रन वे में जब तक हो तब तक इसकी सेवा नहीं देने की बात भी नोटिफिकेशन में स्पष्ट कही गई है। लेकिन वाई-फाई सेवा उपलब्ध कराने के लिए शर्त रखी गई है कि विमान में वाई-फाई का इस्तेमाल करने के दौरान भी यात्री अपनी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को ‘फ्लाइट मोड’ या ‘एयरप्लेन मोड’ में ही रखेंगे।
इसी कड़ी में इससे पहले पिछले महीने टाटा समूह की कम्पनी नेल्को और पैनासॉनिक एवियॉनिक्स कॉरपोरेशन ने भारतीय विमानन क्षेत्र में उड़ान के दौरान ब्रॉडबैण्ड सेवाएं मुहैया कराने के लिए साझेदारी की घोषणा की थी। इस साझेदारी की घोषणा के समय बताया गया था कि विस्तारा एयरलाइंस के साथ इस सेवा की शुरुआत की जाएगी। जानकारी के लिए बता दें कि विस्तारा, टाटा समूह और सिंगापुर एयरलाइंस की संयुक्त कम्पनी है। भारत की एयरलाइन्स कम्पनियों को उड़ान के दौरान वाई-फाई सेवा उपलब्ध कराने की इजाज़त मिलने के बाद आशा की जा रही है कि विस्तारा एयरलाइन्स के बाद अब बाक़ी अन्य विमानन कम्पनियां भी यात्रियों को यात्रा के दौरान वाई-फाई सेवा उपलब्ध कराएंगी।
MARCH 02 (WTN) – यदि आपने भारत में विमान में यात्री की है, तो विमान में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध ना होने के कारण आपको यात्रा के दौरान कई बार बोरियत महसूस होती होगी। सुरक्षा समेत कई कारणों से विमान में वाई-फाई इंटरनेट सुविधा उपलब्ध नहीं होती है। लेकिन मोदी सरकार ने विमान में वाई-फाई इंटरनेट के मामले में एक ऐतिहासिक फ़ैसला लिया है। मोदी सरकार के इस फ़ैसले के बाद एयरलाइन्स कम्पनियां अपने विमानों में वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध करा सकेंगी। क्या है यह पूरा मामला? आइये इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।
दरअसल, विमान में यात्रा के दौरान अब यात्रियों को नई सुविधा मिलने वाली है। मोदी सरकार ने भारत में संचालित एयरलाइन्स कम्पनियों को उड़ान के दौरान विमान में वाई-फाई सेवाएं मुहैया करने के लिए मन्जूरी दे दी है। जानकारी के मुताबिक़, उड़ान के दौरान इंटरनेट से चलने वाली इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जैसे लैपटॉप, टैबलेट, स्मार्टफ़ोन और स्मार्टवॉच आदि उपकरण जब प्लाइट मोड पर या फ़िर एयरप्लेन मोड पर हों, तो विमान का पायलट उड़ान के दौरान सवार यात्रियों को इनको इस्तेमाल करने के लिए वाई-फाई के ज़रिये इंटरनेट इस्तेमाल करने की अनुमति दे सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में विमान की उडान के दौरान वाई-फाई सेवा उपलब्ध कराने वाला पहला विमान विस्तारा एयरलाइन्स का होगा।
सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने विमान में वाई-फाई सेवा उपलब्ध कराने की सुविधा शुरू करने के लिए विमान अधिनियम, 1937 के नियम 29 बी में बदलाव किया है। इसके अनुसार पायलट इन कमाण्ड उड़ान के दौरान वाई-फाई के ज़रिये यात्रियों को इन्टरनेट के इस्तेमाल की इजाज़त दे सकता है। लेकिन वाई-फाई की सेवा को पायलट उस समय के लिए स्थगित कर सकता है जब मौसम ख़राब हो या फ़िर विजिबिलिटी बहुत कम हो।
आपको बता दें कि विमान अधिनियम 1937 के नियम 29 बी में स्पष्ट कहा गया है कि कोई भी यात्री या फ़िर पायलट विमान में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल नहीं करेगा। लेकिन अब विमान मंत्रालय द्वारा जारी नये नोटफिकेशन के तहत सब रूल 1 के आधार पर पायलट इन कमाण्ड इस सेवा को उपलब्ध करा सकता है। वहीं बता दें कि सिर्फ़ विमानों के लैण्ड करने या रन वे में जब तक हो तब तक इसकी सेवा नहीं देने की बात भी नोटिफिकेशन में स्पष्ट कही गई है। लेकिन वाई-फाई सेवा उपलब्ध कराने के लिए शर्त रखी गई है कि विमान में वाई-फाई का इस्तेमाल करने के दौरान भी यात्री अपनी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को ‘फ्लाइट मोड’ या ‘एयरप्लेन मोड’ में ही रखेंगे।
इसी कड़ी में इससे पहले पिछले महीने टाटा समूह की कम्पनी नेल्को और पैनासॉनिक एवियॉनिक्स कॉरपोरेशन ने भारतीय विमानन क्षेत्र में उड़ान के दौरान ब्रॉडबैण्ड सेवाएं मुहैया कराने के लिए साझेदारी की घोषणा की थी। इस साझेदारी की घोषणा के समय बताया गया था कि विस्तारा एयरलाइंस के साथ इस सेवा की शुरुआत की जाएगी। जानकारी के लिए बता दें कि विस्तारा, टाटा समूह और सिंगापुर एयरलाइंस की संयुक्त कम्पनी है। भारत की एयरलाइन्स कम्पनियों को उड़ान के दौरान वाई-फाई सेवा उपलब्ध कराने की इजाज़त मिलने के बाद आशा की जा रही है कि विस्तारा एयरलाइन्स के बाद अब बाक़ी अन्य विमानन कम्पनियां भी यात्रियों को यात्रा के दौरान वाई-फाई सेवा उपलब्ध कराएंगी।