कोरोना वायरस की भारत में दस्तक; एहतियातन मोदी सरकार ने उठाया यह ‘बड़ा क़दम’
Tuesday - March 3, 2020 3:50 pm ,
Category : WTN HINDI
25 से ज़्यादा दवाइयों और फॉर्मूलेशन्स के निर्यात पर लगी तत्काल पाबंदी
कोरोना वायरस के चलते मोदी सरकार ने लिया ‘बड़ा फैसला’
MARCH 03 (WTN) – जैसा कि आप जानते ही हैं कि कोरोना वायरस एक महामारी बनकर चीन में तबाही मचा चुका है। कोरोना वायरस के कारण अभी तक चीन में क़रीब 3,000 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं हज़ारों की तादात में लोग कोरोना वायरस के संक्रमण से पीड़ित हैं। कोरोना वायरस संक्रमण सिर्फ़ चीन तक ही सीमित नहीं रहा है। चीन के अलावा दुनिया के अन्य देशों में भी कोरोना वायरस एक क़हर बनकर टूट पड़ा है। चीन के पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया समेत यूरोप के देश इटली और पश्चिम एशिया के देश ईरान में भी कोरोना वायरस के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है।
जहां तक भारत में कोरोना वायरस संक्रमण की बात है, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में भी कोरोना वायरस संक्रमण प्रवेश कर चुका है। दिल्ली और तेलंगाना में कोरोना वायरस संक्रमण के दो मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में कोरोना वायरस के ख़तरे को देखते हुए मोदी सरकार ने 25 से ज़्यादा दवाइयों और फॉर्मूलेशन्स के निर्यात पर तत्काल पाबंदी लगा दी है। सरकार ने ऐसा क़दम इसलिए उठाया है क्योंकि कोरोना वायरस के कारण चीन में दवा फैक्ट्रियों को बंद होने और उत्पादन कम होने से वहां से दवाइयों के रॉ मेटेरियल के प्रोडक्शन में कमी आने की आशंका है।
जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस चीन के वुहान शहर से फैला है। और इसी वुहान शहर में दवाइयों के रॉ मेटेरियल प्रोडक्शन की कई फैक्ट्रिया हैं। अब जबकि वुहान शहर में कोरोना वायरस के कहर के कारण फैक्ट्रियां बंद पड़ी हैं या फिर उत्पादन कम हो रहा है, तो ऐसे में वहां से दवाइयों के रॉ मेटेरियल का निर्यात कर पाने में मुश्किलें आ रही हैं। अब चूंकि चीन से दवाइयों के रॉ मेटेरियल सप्लाई होने में बाधा आ रही है, तो ऐसे में भारत सरकार ने एहतियात कुछ दवाइयों और फॉर्मूलेशन्स के निर्यात पर तत्काल पाबंदी लगा दी है। दवाइयों के निर्यात पर पाबंदी को लेकर DGFT (Directorate General of Foreign Trade) ने मौजूदा निर्यात नीति में बदलाव के लिए बाकायदा एक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
बता दें कि विश्व दवा मार्केट में भारतीय दवा कम्पनियों की काफ़ी साख है। एक रिपोर्ट के मुताबिक़, साल 2018-19 में भारत से दवाओं का कुल निर्यात 1900 करोड़ डॉलर का था। वहीं आपको पढ़कर गर्व महसूस होगा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की मांग के आधार पर डीपीटी और बीसीजी की क़रीब 65 प्रतिशत दवाएं भारत में ही बनती हैं। वहीं खसरा के 90 प्रतिशत टीके भारत में बनते हैं। आपको शायद पता ना हो, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जेनेरिक दवाएं बनाने वाली दुनिया की शीर्ष 20 कम्पनियों में से आठ कम्पनियां भारत की हैं। वहीं बता दें कि भारत से दवा आयात करने वाले देशों में अमेरिका सबसे पहले नम्बर पर आता है। साथ ही भारत से निर्यात होने वाली दवाओं में से 55 प्रतिशत दवाएं उत्तरी अमेरिका और यूरोप को निर्यात होती हैं। जहां तक अफ्रीका की बात है तो वहां के जेनरिक दवाओं के बाज़ार में भारत की साझेदारी 50 प्रतिशत है।
बता दें कि अभी तक कोरोना वायरस का इलाज सम्भव नहीं हो पाया है। इसी के कारण स्वास्थ्य मंत्रालय ने जनता के लिए एक आपातकालीन अधिसूचना जारी की है। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि फिलहाल कोरोना वायरस से बचाव ही इसका इलाज है। जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए हमेशा अपने गले को नम रखना जरूरी है। जब भी प्यास लगे, पानी जरूर पीयें। क्योंकि प्यास लगने पर पानी नहीं पीने से गले की झिल्ली सूख जाती है, और ऐसे में कोरोना वायरस आपके शरीर में 10 मिनट के अन्दर प्रवेश कर सकता है। वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सलाह दी गई है कि हल्का गर्म पानी पीना इस संक्रमण से बचाव में सहायक साबित हो सकता है। साथ ही स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि मार्च के आखिरी तक जब तक कि तापमान में वृद्धि ना हो जाए, भीड़ वाली जगहों पर ना जाएं। ट्रेन और सार्वजनिक परिवहन में ज़रूरत के अनुसार मास्क पहनें। वहीं तले, भुने या मसालेदार भोजन से परहेंज करें और विटामिन सी का सेवन करते रहें।
MARCH 03 (WTN) – जैसा कि आप जानते ही हैं कि कोरोना वायरस एक महामारी बनकर चीन में तबाही मचा चुका है। कोरोना वायरस के कारण अभी तक चीन में क़रीब 3,000 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं हज़ारों की तादात में लोग कोरोना वायरस के संक्रमण से पीड़ित हैं। कोरोना वायरस संक्रमण सिर्फ़ चीन तक ही सीमित नहीं रहा है। चीन के अलावा दुनिया के अन्य देशों में भी कोरोना वायरस एक क़हर बनकर टूट पड़ा है। चीन के पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया समेत यूरोप के देश इटली और पश्चिम एशिया के देश ईरान में भी कोरोना वायरस के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है।
जहां तक भारत में कोरोना वायरस संक्रमण की बात है, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में भी कोरोना वायरस संक्रमण प्रवेश कर चुका है। दिल्ली और तेलंगाना में कोरोना वायरस संक्रमण के दो मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में कोरोना वायरस के ख़तरे को देखते हुए मोदी सरकार ने 25 से ज़्यादा दवाइयों और फॉर्मूलेशन्स के निर्यात पर तत्काल पाबंदी लगा दी है। सरकार ने ऐसा क़दम इसलिए उठाया है क्योंकि कोरोना वायरस के कारण चीन में दवा फैक्ट्रियों को बंद होने और उत्पादन कम होने से वहां से दवाइयों के रॉ मेटेरियल के प्रोडक्शन में कमी आने की आशंका है।
जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस चीन के वुहान शहर से फैला है। और इसी वुहान शहर में दवाइयों के रॉ मेटेरियल प्रोडक्शन की कई फैक्ट्रिया हैं। अब जबकि वुहान शहर में कोरोना वायरस के कहर के कारण फैक्ट्रियां बंद पड़ी हैं या फिर उत्पादन कम हो रहा है, तो ऐसे में वहां से दवाइयों के रॉ मेटेरियल का निर्यात कर पाने में मुश्किलें आ रही हैं। अब चूंकि चीन से दवाइयों के रॉ मेटेरियल सप्लाई होने में बाधा आ रही है, तो ऐसे में भारत सरकार ने एहतियात कुछ दवाइयों और फॉर्मूलेशन्स के निर्यात पर तत्काल पाबंदी लगा दी है। दवाइयों के निर्यात पर पाबंदी को लेकर DGFT (Directorate General of Foreign Trade) ने मौजूदा निर्यात नीति में बदलाव के लिए बाकायदा एक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
बता दें कि विश्व दवा मार्केट में भारतीय दवा कम्पनियों की काफ़ी साख है। एक रिपोर्ट के मुताबिक़, साल 2018-19 में भारत से दवाओं का कुल निर्यात 1900 करोड़ डॉलर का था। वहीं आपको पढ़कर गर्व महसूस होगा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की मांग के आधार पर डीपीटी और बीसीजी की क़रीब 65 प्रतिशत दवाएं भारत में ही बनती हैं। वहीं खसरा के 90 प्रतिशत टीके भारत में बनते हैं। आपको शायद पता ना हो, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जेनेरिक दवाएं बनाने वाली दुनिया की शीर्ष 20 कम्पनियों में से आठ कम्पनियां भारत की हैं। वहीं बता दें कि भारत से दवा आयात करने वाले देशों में अमेरिका सबसे पहले नम्बर पर आता है। साथ ही भारत से निर्यात होने वाली दवाओं में से 55 प्रतिशत दवाएं उत्तरी अमेरिका और यूरोप को निर्यात होती हैं। जहां तक अफ्रीका की बात है तो वहां के जेनरिक दवाओं के बाज़ार में भारत की साझेदारी 50 प्रतिशत है।
बता दें कि अभी तक कोरोना वायरस का इलाज सम्भव नहीं हो पाया है। इसी के कारण स्वास्थ्य मंत्रालय ने जनता के लिए एक आपातकालीन अधिसूचना जारी की है। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि फिलहाल कोरोना वायरस से बचाव ही इसका इलाज है। जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए हमेशा अपने गले को नम रखना जरूरी है। जब भी प्यास लगे, पानी जरूर पीयें। क्योंकि प्यास लगने पर पानी नहीं पीने से गले की झिल्ली सूख जाती है, और ऐसे में कोरोना वायरस आपके शरीर में 10 मिनट के अन्दर प्रवेश कर सकता है। वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सलाह दी गई है कि हल्का गर्म पानी पीना इस संक्रमण से बचाव में सहायक साबित हो सकता है। साथ ही स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि मार्च के आखिरी तक जब तक कि तापमान में वृद्धि ना हो जाए, भीड़ वाली जगहों पर ना जाएं। ट्रेन और सार्वजनिक परिवहन में ज़रूरत के अनुसार मास्क पहनें। वहीं तले, भुने या मसालेदार भोजन से परहेंज करें और विटामिन सी का सेवन करते रहें।