सावधान ! करेंसी नोट्स के ज़रिये फैल सकता है कोरोना वायरस
Monday - March 9, 2020 3:32 pm ,
Category : WTN HINDI
करेंसी नोट्स के ज़रिये संक्रमण फैलने की रहती है ज़्यादा आशंका
कोरोना वायरस संक्रमण से बचने डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ाने की मांग
MARCH 09 (WTN) – चीन के वुहान शहर से फैला कोरोना वायरस संक्रमण भारत में भी प्रवेश कर चुका है। जैसा कि आप जानते हैं कि कोरोना वायरस चीन में एक महामारी बन चुका है, और कोरोना वायरस के कारण चीन में तीन हज़ार से ज़्यादा लोग मारे चुके हैं। वहीं कोरोना वायरस के कारण चीन में 80 हज़ार से ज़्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। चीन के अलावा दक्षिण कोरिया, इटली और ईरान जैसे देशों में कोरोना वायरस के कारण लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, कोरोना वायरस के सदिग्ध मरीज़ भारत में पाए गये हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि अभी तक भारत में कोरोना वायरस से मौत का मामला सामने नहीं आया है। वैसे भारत सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि कोरोना वायरस संक्रमण भारत में ना फैलने पाए। इसीलिए सरकार ने कुछ देशों के नागरिकों के भारत में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है।
वैसे तो कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के कई उपाय सरकार द्वारा लोगों को बताए जा रहे हैं। संचार माध्यमों के ज़रिये सरकार लोगों को जागरूक कर रही है कि किस तरह से कोरोना वायरस संक्रमण से बचा जा सकता है। लेकिन इस सबके बीच, आशंका जताई जा रही है कि करेंसी नोट्स के ज़रिये भी कोरोना वायरस का संक्रमण फैल सकता है। सबसे पहले तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि करेंसी नोट्स के ज़रिये संक्रमण काफ़ी तेज़ी से फैलता है। जैसा कि आप समझ ही रहे होंगे कि नोट्स कई बार गंदे और संक्रमित हाथों से गुजरते हैं, ऐसे में किसी भी बीमारी के वायरस बड़ी ही आसानी से नोट्स के ज़रिये फैल सकते हैं। ऐसे में जबकि कोरोना वायरस संक्रमण तेज़ी से फैल रहा है, भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में कोरोना वायरस संक्रमण नोट्स के ज़रिये तेज़ी से फैलने की आशंका जताई जा रही है।
इसी आशंका के कारण CAIT (Confederation of All India Traders) ने सरकार को बाकायदा पत्र लिखकर अपील की है कि नोट्स के ज़रिये कोरोना वायरस संक्रमण फैलने की आशंका के कारण सरकार डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ाने पर ज़ोर दे। इतना ही नहीं, CAIT ने सरकार से अपील की है कि सरकार ऐसे नोट्स चलाने पर विचार करे जिनसे संक्रमण का ख़तरा कम हो। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि WHO (World Health Organization) यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कोरोना वायरस संक्रमण के ख़तरे को देखते हुए आर्थिक लेनदेन के लिए करेंसी नोट्स के बजाय डिजिटल ट्रांजैक्शन की सलाह दी है।
वहीं, CAIT ने सरकार से डिजिटल पेमेंट बढ़ाने की अपील करते हुए कहा है कि काग़ज़ के नोट्स के बजाय सरकार को प्लास्टिक के नोट्स चलाने पर विचार करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि काग़ज़ के नोट्स पर बैक्टीरिया और फंगस लगने की ज़्यादा आशंका रहती है। ऐसे में यदि प्लास्टिक नोट्स प्रचलन में होंगे तो इससे बैक्टीरिया और फंगस के नोट्स के ज़रिये फैलने की आशंका कुछ कम होगी। जैसा कि हमने आपको बताया कि ईरान में भी कोरोना वायरस काफ़ी तेज़ी से फैल रहा है, तो ऐसे में ईरान की सरकार ने भी लोगों से ज़्यादा से ज़्यादा डिजिटल ट्रांजैक्शन करने की सलाह दी है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कई शोधों में यह दावा किया गया है कि करेंसी नोट्स पर माइक्रो-ऑर्गेनिज्म होते हैं, और इसी कारण से करेंसी नोट्स से संक्रमण सबसे तेज़ी से फैसला है। वहीं विशेषज्ञों ने कई बार इस बात की चेतावनी भी दी है कि कई तरह की बीमारियों के संक्रमण करेंसी नोट्स के ज़रिये ही फैलते हैं। करेंसी नोट्स से फैलने वाले संक्रमण से मूत्र विसर्जन सम्बन्धित, सांस लेने सम्बन्धित और त्वचा में इन्फेक्शन जैसी बीमारियों के फैलने का ख़तरा ज़्यादा बढ़ जाता है। स्वाभाविक है कि करेंसी एक हाथ से दूसरे हाथ में कई बार ट्रांसफर होती रहती है। ऐसे में करेंसी नोट्स के ज़रिये कोई भी संक्रमण फैलने की सबसे ज़्यादा आशंका रहती है।
वहीं भारत जैसे देश में तो करेंसी नोट्स के ज़रिये संक्रमण फैलने की आशंका और भी ज़्यादा इसलिए है, क्योंकि लोग नोट्स को गिनते समय बार-बार उंगली को अपने मुंह में रखते हैं जिससे चिपके हुए नोट्स आसानी से अलग किये जा सकें, और नोट गिनने में आसानी हो। ऐसे में जबकि नोट्स संक्रमित हो सकते हैं, तो ऐसे में संक्रमित नोट्स को उंगली से छूना और उस उंगली को मुंह में डालना बेहद ही ख़तरनाक है। स्वाभाविक है कि ऐसा करने से बीमारी के वायरस तेज़ी से फैलने की आशंका बढ़ जाती है।
अब जबकि करेंसी नोट्स से संक्रमण फैलने की ज़्यादा आशंका रहती है, तो ऐसे में विशेषज्ञों का सुझाव है कि भारत में पॉलिमर नोट्स का इस्तेमाल शुरू कर देना चाहिए। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कनाड़ा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में पॉलिमर नोट्स का इस्तेमाल किया जाता है। जानकारों के मुताबिक़, काग़ज़ के करेंसी नोट्स की तुलना में पॉलिमर करेंसी नोट्स के ज़रिये संक्रमण फैलने की आशंका कम रहती है। अब जबकि कोरोना वायरस संक्रमण तेज़ी से फैल रहा है, और कोरोना वायरस के कारण सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। ऐसे में करेंसी नोट्स के ज़रिये कोरोना वायरस समेत अन्य बीमारियों के संक्रमण से बचने के लिए हमारी आपको सलाह है कि ज़्यादा से ज़्यादा डिजिटल ट्रांजैक्शन का इस्तेमाल करें। साथ ही कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जो भी उपाय डॉक्टर द्वारा सुझाए जा रहे हैं, उनपर सख़्ती से अमल करें।
MARCH 09 (WTN) – चीन के वुहान शहर से फैला कोरोना वायरस संक्रमण भारत में भी प्रवेश कर चुका है। जैसा कि आप जानते हैं कि कोरोना वायरस चीन में एक महामारी बन चुका है, और कोरोना वायरस के कारण चीन में तीन हज़ार से ज़्यादा लोग मारे चुके हैं। वहीं कोरोना वायरस के कारण चीन में 80 हज़ार से ज़्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। चीन के अलावा दक्षिण कोरिया, इटली और ईरान जैसे देशों में कोरोना वायरस के कारण लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, कोरोना वायरस के सदिग्ध मरीज़ भारत में पाए गये हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि अभी तक भारत में कोरोना वायरस से मौत का मामला सामने नहीं आया है। वैसे भारत सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि कोरोना वायरस संक्रमण भारत में ना फैलने पाए। इसीलिए सरकार ने कुछ देशों के नागरिकों के भारत में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है।
वैसे तो कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के कई उपाय सरकार द्वारा लोगों को बताए जा रहे हैं। संचार माध्यमों के ज़रिये सरकार लोगों को जागरूक कर रही है कि किस तरह से कोरोना वायरस संक्रमण से बचा जा सकता है। लेकिन इस सबके बीच, आशंका जताई जा रही है कि करेंसी नोट्स के ज़रिये भी कोरोना वायरस का संक्रमण फैल सकता है। सबसे पहले तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि करेंसी नोट्स के ज़रिये संक्रमण काफ़ी तेज़ी से फैलता है। जैसा कि आप समझ ही रहे होंगे कि नोट्स कई बार गंदे और संक्रमित हाथों से गुजरते हैं, ऐसे में किसी भी बीमारी के वायरस बड़ी ही आसानी से नोट्स के ज़रिये फैल सकते हैं। ऐसे में जबकि कोरोना वायरस संक्रमण तेज़ी से फैल रहा है, भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में कोरोना वायरस संक्रमण नोट्स के ज़रिये तेज़ी से फैलने की आशंका जताई जा रही है।
इसी आशंका के कारण CAIT (Confederation of All India Traders) ने सरकार को बाकायदा पत्र लिखकर अपील की है कि नोट्स के ज़रिये कोरोना वायरस संक्रमण फैलने की आशंका के कारण सरकार डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ाने पर ज़ोर दे। इतना ही नहीं, CAIT ने सरकार से अपील की है कि सरकार ऐसे नोट्स चलाने पर विचार करे जिनसे संक्रमण का ख़तरा कम हो। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि WHO (World Health Organization) यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कोरोना वायरस संक्रमण के ख़तरे को देखते हुए आर्थिक लेनदेन के लिए करेंसी नोट्स के बजाय डिजिटल ट्रांजैक्शन की सलाह दी है।
वहीं, CAIT ने सरकार से डिजिटल पेमेंट बढ़ाने की अपील करते हुए कहा है कि काग़ज़ के नोट्स के बजाय सरकार को प्लास्टिक के नोट्स चलाने पर विचार करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि काग़ज़ के नोट्स पर बैक्टीरिया और फंगस लगने की ज़्यादा आशंका रहती है। ऐसे में यदि प्लास्टिक नोट्स प्रचलन में होंगे तो इससे बैक्टीरिया और फंगस के नोट्स के ज़रिये फैलने की आशंका कुछ कम होगी। जैसा कि हमने आपको बताया कि ईरान में भी कोरोना वायरस काफ़ी तेज़ी से फैल रहा है, तो ऐसे में ईरान की सरकार ने भी लोगों से ज़्यादा से ज़्यादा डिजिटल ट्रांजैक्शन करने की सलाह दी है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कई शोधों में यह दावा किया गया है कि करेंसी नोट्स पर माइक्रो-ऑर्गेनिज्म होते हैं, और इसी कारण से करेंसी नोट्स से संक्रमण सबसे तेज़ी से फैसला है। वहीं विशेषज्ञों ने कई बार इस बात की चेतावनी भी दी है कि कई तरह की बीमारियों के संक्रमण करेंसी नोट्स के ज़रिये ही फैलते हैं। करेंसी नोट्स से फैलने वाले संक्रमण से मूत्र विसर्जन सम्बन्धित, सांस लेने सम्बन्धित और त्वचा में इन्फेक्शन जैसी बीमारियों के फैलने का ख़तरा ज़्यादा बढ़ जाता है। स्वाभाविक है कि करेंसी एक हाथ से दूसरे हाथ में कई बार ट्रांसफर होती रहती है। ऐसे में करेंसी नोट्स के ज़रिये कोई भी संक्रमण फैलने की सबसे ज़्यादा आशंका रहती है।
वहीं भारत जैसे देश में तो करेंसी नोट्स के ज़रिये संक्रमण फैलने की आशंका और भी ज़्यादा इसलिए है, क्योंकि लोग नोट्स को गिनते समय बार-बार उंगली को अपने मुंह में रखते हैं जिससे चिपके हुए नोट्स आसानी से अलग किये जा सकें, और नोट गिनने में आसानी हो। ऐसे में जबकि नोट्स संक्रमित हो सकते हैं, तो ऐसे में संक्रमित नोट्स को उंगली से छूना और उस उंगली को मुंह में डालना बेहद ही ख़तरनाक है। स्वाभाविक है कि ऐसा करने से बीमारी के वायरस तेज़ी से फैलने की आशंका बढ़ जाती है।
अब जबकि करेंसी नोट्स से संक्रमण फैलने की ज़्यादा आशंका रहती है, तो ऐसे में विशेषज्ञों का सुझाव है कि भारत में पॉलिमर नोट्स का इस्तेमाल शुरू कर देना चाहिए। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कनाड़ा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में पॉलिमर नोट्स का इस्तेमाल किया जाता है। जानकारों के मुताबिक़, काग़ज़ के करेंसी नोट्स की तुलना में पॉलिमर करेंसी नोट्स के ज़रिये संक्रमण फैलने की आशंका कम रहती है। अब जबकि कोरोना वायरस संक्रमण तेज़ी से फैल रहा है, और कोरोना वायरस के कारण सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। ऐसे में करेंसी नोट्स के ज़रिये कोरोना वायरस समेत अन्य बीमारियों के संक्रमण से बचने के लिए हमारी आपको सलाह है कि ज़्यादा से ज़्यादा डिजिटल ट्रांजैक्शन का इस्तेमाल करें। साथ ही कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जो भी उपाय डॉक्टर द्वारा सुझाए जा रहे हैं, उनपर सख़्ती से अमल करें।