BrahMos WORLD INDIA MADHYA PRADESH BHOPAL WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RELIGION SPORTS BUSINESS FUN FACTS ENTERTAINMENT LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE SCIENCE & TECHNOLOGY HEALTH EDUCATION DIASPORA OPINION & INTERVIEW RECIPES DRINKS BIG MEMSAAB 2017 BUDGET 2017 FUNNY VIDEOS VIRAL ON WEB PICTURE STORIES Mahakal Ke Darshan
WTN HINDI ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
logo
Breaking News

...तो क्या गर्मी पड़ने से कोरोना वायरस संक्रमण का असर होगा कम?

Wednesday - March 11, 2020 10:46 am , Category : WTN HINDI
कोरोना वायरस संक्रमण ले चुका है सैकड़ों लोगों की जान
कोरोना वायरस संक्रमण ले चुका है सैकड़ों लोगों की जान

तापमान और कोरोना वायरस के बीच सम्बन्ध को लेकर अलग-अलग दावे

MARCH 11 (WTN) – चीन के वुहान शहर से फैला कोरोना वायरस संक्रमण चीन में सैकड़ों लोगों की जान लेने के बाद दुनिया के अन्य देशों में तबाही मचा रहा है। चीन के अलावा दक्षिण कोरिया, ईरान और इटली जैसे देशों में भी कोरोना वायरस संक्रमण के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है। जहां तक भारत की बात है, तो भारत में भी कोरोना वायरस संक्रमण के कारण कुछ मरीज़ों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लेकिन अभी तक भारत में राहत की बात यह है कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण किसी की भी मौत होने की बात सामने नहीं आई है। हालांकि, चीन में अब कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज़ों की संख्या में कमी दर्ज़ की जा रही है। लेकिन दुनिया के अन्य देशों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं।

जहां तक भारत की बात है, तो भारत में कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर सरकार ने एडवायज़री जारी कर दी है। लेकिन सोशल मीडिया पर कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर एक तथ्य प्रस्तुत किया जा रहा है कि गर्मी बढ़ने के साथ ही कोरोना वायरस संक्रमण का असर कम होता चला जाएगा। हालांकि, इस तरह के दावे का कोई भी वैज्ञानिक आधार नहीं है। लेकिन यदि आप यह सोच रहे हैं कि गर्मी बढ़ने के साथ ही कोरोना वायरस संक्रमण का असर धीरे-धीरे कम होता चला जाएगा, तो आपका सोचना शायद ग़लत साबित हो सकता है। दरअसल, हाल ही में एक रिसर्च में दावा किया गया है कि गर्मी बढ़ने के साथ ही यानी कि तापमान बढ़ने के साथ ही कोरोना वायरस संक्रमण के और भी तेज़ी से फैलने की आशंका हो सकती है।
 
बात करें हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में की गई एक रिसर्च की, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें इस रिसर्च के मुताबिक़, कोरोना वायरस के फैलने का एक मात्र कारण तापमान नहीं है। इस बात को पूरी तरह से नहीं माना जा सकता है कि गर्मी बढ़ने के साथ ही कोरोना वायरस संक्रमण में कमी आ जाएगी। रिसर्च में दावा किया गया है कि अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण का असर कम तापमान वाले इलाक़ों में देखा गया है। लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण गर्मी के मौसम में कैसा व्यवहार करता है, इसके बारे में अभी ज़्यादा जानकारी हासिल नहीं हो सकी है। गर्मी के दिनों में कोरोना वायरस संक्रमण का क्या असर होता है, इसके बारे में जानकारी हासिल करने के लिए अभी तापमान बढ़ने का इंतज़ार करना होगा।

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में हुई इस रिसर्च में बाकायदा सलाह दी गई है कि कोरोना वायरस को लेकर उन देशों को भी पूरी सावधानी बरतना चाहिए, जहां पर तापमान ज़्यादा रहता है या फ़िर तापमान ज़्यादा होने वाला है। ऐसे देशों की सरकारों को इस तथ्य पर पूरी तरह से विश्वास नहीं करना चाहिए कि ज़्यादा तापमान में कोरोना वायरस संक्रमण असरकारक नहीं रहता है। इससे पहले WHO (World Health Organization) यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक्सक्यूटिव डायरेक्टर माइक रायन ने भी आगाह किया था कि कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए सिर्फ़ मौसम के सहारे नहीं रहा जा सकता है। रायन के मुताबिक़, “कोरोना वायरस एक वर्ल्ड हेल्थ इमरजेंसी है, और किसी को भी इस भुलावे में नहीं रहना चाहिए कि गर्मी का मौसम आते ही कोरोना वायरस संक्रमण ख़त्म हो जाएगा। चूंकि अभी इस बात की कोई भी जानकारी नहीं है कि गर्म मौसम में कोरोना वायरस किस तरह से अपना असर दिखाएगा, तो ऐसे में सभी देशों को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए सभी ज़रूरी सावधानियों को अपनाने की ज़रूरत है।”
 
लेकिन वहीं चीन, जहां पर कि कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे ज़्यादा ख़तरनाक रूप को देखा गया है वहां की ग्वांग्झू स्थित सन यात-सेन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कुछ अलग ही तर्क है। इन शोधकर्ताओं का दावा है कि कोरोना वायरस संक्रमण के फैलाव में तापमान की अहम भूमिका है। रिसर्च में दावा किया गया है कि किसी निश्चित तापमान पर कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे तेज़ी से फैलने का ख़तरा ज़्यादा या कम हो सकता है। हालांकि, अपनी रिसर्च में शोधकर्ताओं ने यह नहीं बताया कि कितने तापमान पर कोरोना वायरस सबसे तेज़ी से फैलता है। लेकिन रिसर्च में दावा किया गया है कि कोरोना वायरस तापमान के लिए बेहद सन्वेदनशील है। और ऐसे देशों में जहां पर कि तापमान ज़्यादा है वहां पर कोरोना वायरस संक्रमण के कम तेज़ी से फैलने के आसार हैं। वहीं जिन देशों में तापमान कम रहता है यानी कि सर्दी ज़्यादा पड़ती है वहां पर कोरोना वायरस का संक्रमण ज़्यादा तेज़ी से फैलता है।

अब कौन सा रिसर्च सही है इस पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ़ से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, यह बात सही है कि कोरोना वायरस संक्रमण से मौत के जितने भी केस अभी तक सामने आए हैं, यह सभी केस ऐसे देशों के है जहां पर इस समय तापमान कम है यानी कि वहां पर सर्दी है। जिन देशों में इस समय तापमान ज़्यादा है वहां पर कोरोना वायरस संक्रमण से मौत के मामले अभी तक सामने नहीं आए हैं। लेकिन जब तक यह बात सिद्ध नहीं हो जाती है कि कोरोना वायरस संक्रमण ज़्यादा तापमान वाली जगहों पर कम असरकारक है, भारत जैसे ज़्यादा जनसंख्या वाले और कम स्वास्थ्य सुविधा वाले देश में लोगों को ज़्यादा सतर्कता बरतना ज़रूरी है।