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क्या आप जानते हैं कोरोना वायरस से जुड़ी ‘यह’ ज़रूरी जानकारियां?

Wednesday - March 11, 2020 1:15 pm , Category : WTN HINDI
कोरोना वायरस से हो चुकी है 4,300 लोगों की मौत
कोरोना वायरस से हो चुकी है 4,300 लोगों की मौत

मनुष्य की त्वचा पर 10 मिनट तक ज़िन्दा रहता है कोरोना वायरस; खाने से पहले हाथ धोना बेहद ज़रूरी
 
MARCH 11 (WTN) – चीन के वुहान शहर के एक सीफूड मार्केट से कथित रूप से फैला कोरोना वायरस संक्रमण चीन में अभी तक 3,158 लोगों की जान ले चुका है। वहीं कोरोना वायरस के कारण चीन में 80 हज़ार से ज़्यादा लोग संक्रमित हैं। चीन के अलावा कोरोना वायरस संक्रमण दुनिया के अन्य देशों में भी कई लोगों की जान ले चुका है। जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस के कारण इटली में अभी तक 631, ईरान में 291 और दक्षिण कोरिया में 61 लोगों की जान जा चुकी है। पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के कारण अभी तक क़रीब 4,300 लोगों की जान जा चुकी है, वहीं कोरोना वायरस के कारण पूरी दुनिया में 1,19,247 लोग संक्रमित हैं। जहां तक भारत की बात है, तो भारत में भी कोरोना वायरस संक्रमण के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। अभी तक भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण 62 लोग अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं। लेकिन राहत की बात यह है कि कोरोना वायरस के कारण भारत में किसी भी तरह मौत नहीं हुई है।

वैसे कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि चीन में कोरोना वायरस के कारण मरने वालों की संख्या और भी ज़्यादा हो सकती है, लेकिन मरने वालों की सही संख्या सामने नहीं आ पा रही है। दरअसल, चीन में मीडिया पर सेन्सरशिप और पाबंदी है। दुनिया को चीन के बारे में वही जानकारी हासिल हो पाती है जो कि चीन की वामपंथी सरकार दुनिया को मुहैया कराती है। वहीं कुछ विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि कोरोना वायरस संक्रमण वुहान शहर के सीफूड मार्केट से नहीं फैला है। मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि वुहान शहर के पास स्थित एक वायरोलॉजी लैब से कोरोना वायरस का संक्रमण फैला है क्योंकि इस लैब में चीन की सरकार के संरक्षण में जनसंहार के ख़तरनाक जैविक हथियार बनाए जा रहे थे। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के दावों पर चीन सरकार ने स्पष्टीकरण नहीं दिया है। लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण का फैलना अभी भी एक रहस्य बना हुआ है।

अब जबकि कोरोना वायरस संक्रमण भारत में भी प्रवेश कर चुका है, तो ऐसे में हम आपको कोरोना वायरस के बारे में विस्तार से बताते हैं। अमेरिका के CDC (Centers for Disease Control and Prevention) के अनुसार, कोरोना वायरस किसी मनुष्य के शरीर से बाहर 9 दिन तक जिन्दा रह सकता है। वहीं कोरोना वायरस किसी धातु पर क़रीब 12 घण्टे तक ज़िन्दा रह सकता है। WHO (World Health Organization) यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़, कोरोना का वायरस मनुष्य की त्वचा पर सिर्फ़ 10 मिनट ही ज़िन्दा रह पाता है। ऐसे में किसी धातु या संक्रमित वस्तु को छूने के बाद अच्‍छे से हाथ धोकर कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आने से बचाव किया जा सकता है।

जहां तक किसी कपड़े पर कोरोना वायरस के ज़िन्दा रहने की बता है, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस कपड़े पर 9 घण्टे तक ज़िन्दा रहता है। हालांकि, कोरोना वायरस संक्रमित कपड़े को 2 घण्टे सूरज की रोशनी में सुखाने पर वायरस ख़त्‍म हो सकता है। वहीं जानकारी के लिए बता दें कि यदि आपके मोबाइल को कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति ने छुआ है, तो आपका मोबाइल भी कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, कोरोना वायरस मोबाइल फ़ोन की स्‍क्रीन पर 48 घण्टे और बैक पैनल के प्‍लास्टिक का होने पर 9 दिन तक ज़िन्दा रह सकता है। वहीं, यदि मोबाइल का बैक पैनल किसी धातु का बना है, तो उस पर कोरोना वायरस 12 घण्टे तक ज़िन्दा बना रह सकता है। इसलिए सलाह दी गई है कि मोबाइल फ़ोन को साफ़ जगह पर रखना चाहिए, और मोबाइल को छूने के बाद अच्छी तरह से हाथ धोकर ही कुछ खाना चाहिए। बता दें कि कोरोना वायरस फर्श पर 9 दिन तक ज़िन्दा रह सकता है। ऐसे में समय-समय पर घर या ऑफिस के फर्श को साफ़ करते रहें।

हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कोरोना वायरस और तापमान के बीच क्या सम्बन्ध है। कुछ रिसर्च का दावा है कि कोरोना वायरस का तापमान से कुछ भी सम्बन्ध नहीं है, और हो सकता है कि तापमान बढ़ने पर कोरोना वायरस तेज़ी से फैले। वहीं कुछ रिसर्च का दावा है कि तापमान बढ़ने पर कोरोना वायरस संक्रमण उतना ज़्यादा असरकार नहीं रहता है। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि तापमान और कोरोना वायरस के बीच क्या कुछ सम्बन्ध है इस बारे में ठोस रूप से अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। यह सही है कि जिन देशों में तापमान ज़्यादा है वहां पर कोरोना वायरस से सम्बन्धित केस फ़िलहाल या तो पाए नहीं गये हैं, या फ़िर जो पाए गये हैं वो विदेश में प्रवास के कारण आए हैं।

वैसे कुछ डॉक्‍टर्स का दावा है कि कोरोना वायरस ज़्यादा तापमान में ज़िन्दा नहीं रह सकता है। जिस जगह का तापमान 35 डिग्री से ज़्यादा पहुंच जाता है, वहां पर कोरोना वायरस अपने आप ख़त्म हो जाता है। दरअसल, डॉक्टर्स अपने इन दावों के पीछे अफ्रीकी देशों का उदाहरण पेश कर रहे हैं, जहां पर कि गर्मी होने के कारण कोरोना वायरस नहीं फैल पाया है। वहीं कोरोना वायरस के संक्रमण से सम्बन्धित विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, कोरोना वायरस से वृद्ध ज़्यादा संक्रमित हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक़, 18 साल से कम उम्र के मामलों में कोरोना वायरस से संक्रमण का प्रतिशत सिर्फ़ 2.4 प्रतिशत ही रहा है। वहीं 70 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों में यह प्रतिशत 8 है। जबकि 80 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों में यह प्रतिशत 14.8 है।