कोरोना वायरस की दहशत ने ‘बदल’ दी सदियों पुरानी परम्पराएं!
Wednesday - March 11, 2020 3:50 pm ,
Category : WTN HINDI
बेंजामिन नेतन्याहू ने की अभिवादन के लिए 'नमस्ते' करने की अपील
कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए दुनिया को पसंद आ रहा अभिवादन का भारतीय तरीक़ा ‘नमस्ते’
MARCH 11 (WTN) – चीन में महामारी बनने और सैकड़ों लोगों की जान लेने के बाद कोरोना वायरस संक्रमण का कहर दुनिया के अन्य देशों में हो रहा है। इटली, ईरान और दक्षिण कोरिया में कोरोना वायरस के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है। वहीं भारत में भी कोरोना वायरस संक्रमण के कारण कुछ लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़, कोरोना वायरस से बचाव का सबसे पहला तरीक़ा यह है कि बाहरी लोगों के सम्पर्क में कम से कम आया जाए। यानी कि साफ़ है कि पूरी कोशिश की जाए कि लोगों को छूने से बचा जाए। अब जबकि कोरोना वायरस पूरी दुनिया में अभी तक 4,300 लोगों की जान ले चुका है, तो ऐसे में दुनिया भर के लोग एक दूसरे सम्पर्क में आने बच रहे हैँ। ऐसे में पूरी दुनिया में एकदूसरे को अभिवादन करने का तरीक़ा भी बदल गया है, वहीं कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पूरी दुनिया में सदियों से चली आ रही कई परम्पराएं भी बदल गई हैं।
जीहां, कोरोना वायरस के दहशत के कारण दुनिया के कई देशों में लोगों से मिलने के तरीक़ा बदल रहा है। पूरी दुनिया में अब भारतीयों का दोनों हाथ जोड़कर अभिवादन करने का 'नमस्कार' करने का तरीक़ा लोकप्रिय और प्रचलित होता जा रहा है। कोरोना वायरस के कारण भारतीय परम्परा के अनुसार दोनों हाथ जोड़कर अभिवादन का तरीक़ा अपनाने की बात अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सबसे पहले इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने की थी। इज़रायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए अपने देशवासियों को अभिवादन का भारतीय तरीक़ा अपनाते हुए 'नमस्ते' करने की सलाह दी है। वहीं जहां तक भारत की बात है, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली में भी कई जगहों पर सरकार ने विज्ञापन के ज़रिये लोगों से अपील की है कि वे अभिवादन के लिए गले लगाने, किस करने या फ़िर हाथ मिलाने से परहेज करें, और दूर से ही हैलो कहें या फ़िर हाथ जोड़कर अभिवादन करें।
जैसा कि आप जानते हैं कि चीन के वुहान शहर से कोरोना वायरस संक्रमण फैला है, और चीन में तीन हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत कोरोना वायरस से हो चुकी है। ऐसे में कोरोना वायरस की भयावहता को देखते हुए चीन के कई इलाक़ों में हाईअलट जारी है। चीन की राजधानी बीजिंग में लाल रंग के बड़े-बड़े होर्डिंग्स पर लिखा गया है कि एकदूसरे से हाथ ना मिलाएं, और इसकी जगह अभिवादन के लिए अपने ही दोनों हाथों को आपस में मिलाएं।
वहीं यूरोप के देश फ्रांस में भी लोग अभिवादन के लिए एक दूसरे के सम्पर्क में आने से बच रहे हैं। जानकारी के लिए बता दें कि फ्रांस में लोग हाथ मिलाकर या 'डबल चीक किस' के ज़रिये एकदूसरे का अभिवादन करते हैं। लेकिन फ्रांस के लोगों में कोरोना वायरस की ऐसी दहशत है कि फ्रांस के लोग अभिवादन के अपने पारम्परिक तरीक़ों को छोड़कर एकदूसरे को दूर से ही हेलो कह रहे हैं या फिर हाथ जोड़कर एक दूसरे का अभिवादन कर रहे हैं।
इधर दक्षिण अमेरिका के सबसे बड़े देश ब्राजील के स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने यहां पर लोगों को सुझाव दिया है कि पारम्परिक ड्रिंक शिमारो को पीते समय अपनी स्ट्रॉ किसी के साथ शेयर ना करें। साथ ही ब्राजील में लोगों से अपील की गई है कि वे अभिवादन के लिए ना 'किस' ना करें और ना ही हाथ मिलाएं। वहीं जापान में अभिवादन के लिए लोग एक दूसरे से हाथ मिलने के बजाय अभिवादन के अपने पारम्परिक तरीक़े को तरजीह दे रहे हैं। अब जापान में लोग एकदूसरे से मिलने पर पारम्परिक तरीक़े से झुककर अभिवादन कर रहे हैं।
वहीं कोरोना वायरस से कारण यूरोपीय देश स्पेन में मदर मैरी की प्रतिमा को 'किस' सदियों करने की पुरानी परम्परा भी बदल दी गई है। जानकारी के लिए बता दें कि स्पेन में हर साल 12 अप्रैल से ईस्टर फेस्टिवल शुरू हो जाता है, और इस दौरान मदर मैरी की प्रतिमा को 'किस' करने की सदियों पुरानी परम्परा रही है। लेकिन कोरोना वायरस के कारण इस बार अभी से ही मदर मैरी की प्रतिमा को 'किस' करने पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। वहीं, यूरोपीय देश रोमानिया में भी कोरोना वायरस के कारण परम्पराएं बदल रही हैं। जानकारी के लिए बता दें कि रोमानिया में हर साल मार्टिसर फेस्टिवल धूमधाम से मनाया जाता है। इस फेस्टिवल में लोग मिलने पर एकदूसरे को फूल देते हैं और 'किस' करते हैं। लेकिन कोरोना वायरस के कारण रोमानिया की सरकार ने इस बार इस फेस्टिवल में 'किस' करने पर पाबंदी लगा दी है। सरकार ने लोगों को सुझाव दिया है कि वे इस बार सिर्फ़ फूल बांटे।
वहीं, यूरोपीय देश पोलैण्ड में एक परम्परा के तहत कई लोग एक ही ब्रेड शेयर करते हैं। इस परम्परा के तहत लोग ब्रेड को हाथ से तोड़ने के बजाय सीधे मुंह से खा लेते हैं। लेकिन कोरोना वायरस की दहशत के कारण अब इस परम्परा में भी बदलाव कर दिया गया है। वहीं पौलैण्ड में लोगों को चर्च में आते और जाते हुए पवित्र पानी से हाथ धोने के बजाय सिर्फ़ क्रॉस का साइन बनाने को कहा गया है।
कोरोना वायरस के कारण न्यूज़ीलैंड की सदियों पुरानी माओरी परम्परा की एक प्रथा पर भी रोक लगा दी गई है। जानकारी के लिए बता दें कि माओरी परम्परा के तहत लोग एक दूसरे से मिलने पर एकदूसरे की नाक दबाते हैं। लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण फैलने की दहशत के कारण अब लोगों को हिदायत दी जा रही है कि माओरी परम्परा में स्वागत करते हुए सिर्फ़ माओरी गीत सुनाएं। ऑस्ट्रेलिया की बात करे तो वहां पर भी कोरोना वायरस संक्रमण के कारण लोग एक दूसरे से हाथ मिलाने से बच रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में अब लोग अभिवादन के लिए हाथ मिलाने की बजाय एकदूसरे की पीठ या कंधा थपथपाने की पुरानी परम्परा अपना रहे हैं। वहीं एशियाई देश यूनाइटेड अरब अमीरात और क़तर में लोग नाक से नाक जोड़कर एकदूसरे का अभिवादन करते हैं। लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण की दहशत के कारण अब इन दोनों ही देशों में लोग एकदूसरे से दूर से ही मिलकर अभिवादन कर रहे हैं।
MARCH 11 (WTN) – चीन में महामारी बनने और सैकड़ों लोगों की जान लेने के बाद कोरोना वायरस संक्रमण का कहर दुनिया के अन्य देशों में हो रहा है। इटली, ईरान और दक्षिण कोरिया में कोरोना वायरस के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है। वहीं भारत में भी कोरोना वायरस संक्रमण के कारण कुछ लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़, कोरोना वायरस से बचाव का सबसे पहला तरीक़ा यह है कि बाहरी लोगों के सम्पर्क में कम से कम आया जाए। यानी कि साफ़ है कि पूरी कोशिश की जाए कि लोगों को छूने से बचा जाए। अब जबकि कोरोना वायरस पूरी दुनिया में अभी तक 4,300 लोगों की जान ले चुका है, तो ऐसे में दुनिया भर के लोग एक दूसरे सम्पर्क में आने बच रहे हैँ। ऐसे में पूरी दुनिया में एकदूसरे को अभिवादन करने का तरीक़ा भी बदल गया है, वहीं कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पूरी दुनिया में सदियों से चली आ रही कई परम्पराएं भी बदल गई हैं।
जीहां, कोरोना वायरस के दहशत के कारण दुनिया के कई देशों में लोगों से मिलने के तरीक़ा बदल रहा है। पूरी दुनिया में अब भारतीयों का दोनों हाथ जोड़कर अभिवादन करने का 'नमस्कार' करने का तरीक़ा लोकप्रिय और प्रचलित होता जा रहा है। कोरोना वायरस के कारण भारतीय परम्परा के अनुसार दोनों हाथ जोड़कर अभिवादन का तरीक़ा अपनाने की बात अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सबसे पहले इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने की थी। इज़रायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए अपने देशवासियों को अभिवादन का भारतीय तरीक़ा अपनाते हुए 'नमस्ते' करने की सलाह दी है। वहीं जहां तक भारत की बात है, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली में भी कई जगहों पर सरकार ने विज्ञापन के ज़रिये लोगों से अपील की है कि वे अभिवादन के लिए गले लगाने, किस करने या फ़िर हाथ मिलाने से परहेज करें, और दूर से ही हैलो कहें या फ़िर हाथ जोड़कर अभिवादन करें।
जैसा कि आप जानते हैं कि चीन के वुहान शहर से कोरोना वायरस संक्रमण फैला है, और चीन में तीन हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत कोरोना वायरस से हो चुकी है। ऐसे में कोरोना वायरस की भयावहता को देखते हुए चीन के कई इलाक़ों में हाईअलट जारी है। चीन की राजधानी बीजिंग में लाल रंग के बड़े-बड़े होर्डिंग्स पर लिखा गया है कि एकदूसरे से हाथ ना मिलाएं, और इसकी जगह अभिवादन के लिए अपने ही दोनों हाथों को आपस में मिलाएं।
वहीं यूरोप के देश फ्रांस में भी लोग अभिवादन के लिए एक दूसरे के सम्पर्क में आने से बच रहे हैं। जानकारी के लिए बता दें कि फ्रांस में लोग हाथ मिलाकर या 'डबल चीक किस' के ज़रिये एकदूसरे का अभिवादन करते हैं। लेकिन फ्रांस के लोगों में कोरोना वायरस की ऐसी दहशत है कि फ्रांस के लोग अभिवादन के अपने पारम्परिक तरीक़ों को छोड़कर एकदूसरे को दूर से ही हेलो कह रहे हैं या फिर हाथ जोड़कर एक दूसरे का अभिवादन कर रहे हैं।
इधर दक्षिण अमेरिका के सबसे बड़े देश ब्राजील के स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने यहां पर लोगों को सुझाव दिया है कि पारम्परिक ड्रिंक शिमारो को पीते समय अपनी स्ट्रॉ किसी के साथ शेयर ना करें। साथ ही ब्राजील में लोगों से अपील की गई है कि वे अभिवादन के लिए ना 'किस' ना करें और ना ही हाथ मिलाएं। वहीं जापान में अभिवादन के लिए लोग एक दूसरे से हाथ मिलने के बजाय अभिवादन के अपने पारम्परिक तरीक़े को तरजीह दे रहे हैं। अब जापान में लोग एकदूसरे से मिलने पर पारम्परिक तरीक़े से झुककर अभिवादन कर रहे हैं।
वहीं कोरोना वायरस से कारण यूरोपीय देश स्पेन में मदर मैरी की प्रतिमा को 'किस' सदियों करने की पुरानी परम्परा भी बदल दी गई है। जानकारी के लिए बता दें कि स्पेन में हर साल 12 अप्रैल से ईस्टर फेस्टिवल शुरू हो जाता है, और इस दौरान मदर मैरी की प्रतिमा को 'किस' करने की सदियों पुरानी परम्परा रही है। लेकिन कोरोना वायरस के कारण इस बार अभी से ही मदर मैरी की प्रतिमा को 'किस' करने पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। वहीं, यूरोपीय देश रोमानिया में भी कोरोना वायरस के कारण परम्पराएं बदल रही हैं। जानकारी के लिए बता दें कि रोमानिया में हर साल मार्टिसर फेस्टिवल धूमधाम से मनाया जाता है। इस फेस्टिवल में लोग मिलने पर एकदूसरे को फूल देते हैं और 'किस' करते हैं। लेकिन कोरोना वायरस के कारण रोमानिया की सरकार ने इस बार इस फेस्टिवल में 'किस' करने पर पाबंदी लगा दी है। सरकार ने लोगों को सुझाव दिया है कि वे इस बार सिर्फ़ फूल बांटे।
वहीं, यूरोपीय देश पोलैण्ड में एक परम्परा के तहत कई लोग एक ही ब्रेड शेयर करते हैं। इस परम्परा के तहत लोग ब्रेड को हाथ से तोड़ने के बजाय सीधे मुंह से खा लेते हैं। लेकिन कोरोना वायरस की दहशत के कारण अब इस परम्परा में भी बदलाव कर दिया गया है। वहीं पौलैण्ड में लोगों को चर्च में आते और जाते हुए पवित्र पानी से हाथ धोने के बजाय सिर्फ़ क्रॉस का साइन बनाने को कहा गया है।
कोरोना वायरस के कारण न्यूज़ीलैंड की सदियों पुरानी माओरी परम्परा की एक प्रथा पर भी रोक लगा दी गई है। जानकारी के लिए बता दें कि माओरी परम्परा के तहत लोग एक दूसरे से मिलने पर एकदूसरे की नाक दबाते हैं। लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण फैलने की दहशत के कारण अब लोगों को हिदायत दी जा रही है कि माओरी परम्परा में स्वागत करते हुए सिर्फ़ माओरी गीत सुनाएं। ऑस्ट्रेलिया की बात करे तो वहां पर भी कोरोना वायरस संक्रमण के कारण लोग एक दूसरे से हाथ मिलाने से बच रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में अब लोग अभिवादन के लिए हाथ मिलाने की बजाय एकदूसरे की पीठ या कंधा थपथपाने की पुरानी परम्परा अपना रहे हैं। वहीं एशियाई देश यूनाइटेड अरब अमीरात और क़तर में लोग नाक से नाक जोड़कर एकदूसरे का अभिवादन करते हैं। लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण की दहशत के कारण अब इन दोनों ही देशों में लोग एकदूसरे से दूर से ही मिलकर अभिवादन कर रहे हैं।