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शरीर में होने वाले ‘यह’ परिवर्तन हैं कोरोना वायरस के लक्षण

Thursday - March 19, 2020 1:11 pm , Category : WTN HINDI
कोरोना वायरस संक्रमित होने पर तुरन्त हो जाएं आइसोलेटेड
कोरोना वायरस संक्रमित होने पर तुरन्त हो जाएं आइसोलेटेड

डरें नहीं; कोरोना वायरस का मतलब मौत नहीं!
 
MARCH 19 (WTN) – चीन के वुहान शहर से फैला कोरोना वायरस संक्रमण पूरी दुनिया के लिए इस समय की सबसे बड़ी मुसीबत और चुनौती बन गया है। चीन से फैला कोरोना वायरस संक्रमण दुनिया के 170 से ज़्यादा देशों में फैल चुका है। इस लेख को लिखे जाने तक कोरोना वायरस से अभी तक 8,972 लोगों की मौत हो चुकी है। धीरे-धीरे पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का क़हर बढ़ता ही जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए कई एडवाइज़री जारी की हैं। वहीं कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय भी कर रहे हैं।

सबसे पहले तो आपको बता दें कि यदि कोई व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित हुआ है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि उसकी मौत हो जाएगी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण यदि किसी को हो जाता है तो इसे पहचानने के क्या लक्षण हैं? यदि आप यह सब नहीं जानते हैं, तो हम आपको सभी जानकारी विस्तार से देते हैं।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सामान्य तौर पर कोरोना वायरस यानी COVID-19 के लक्षण आम सर्दी जुकाम के तरह ही होते हैं। वहीं खांसी, बुख़ार और सांस लेने में दिक्कत भी कोरोना वायरस संक्रमण के सामान्य लक्षण हैं। अब चूंकि कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण आम बुख़ार, सर्दी, खांसी और जुकाम की तरह ही होते हैं, इसलिए इस महामारी को पहचानने में लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस के मरीज़ों का अध्ययन करने के बाद वैज्ञानिक अब इस स्टेज में हैं कि वे दिनों के अनुसार यह बताने में सक्षम हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण कैसे उभरते जाते हैं।
 
एक रिसर्च के मुताबिक़, कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले 99 प्रतिशत मरीज़ों के शरीर का तापमान बहुत ज़्यादा बढ़ जाता है। वहीं आधे से ज़्यादा मरीजों में सूखी खांसी और थकान के लक्षण देखे जाते हैं। वहीं एक तिहाई लोगों को सांस लेने में दिक्कत और मांसपेशियों में दर्द की शिकायत होती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि COVID-19 संक्रमण को वैज्ञानिकों ने दो मुख्य चरणों में बांटा है। पहता चरण आमतौर पर सात दिनों का रहता है। जबकि दूसरा चरण क़रीब दो सप्ताह तक रहता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक़, कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित 85 प्रतिशत मरीज़ केवल पहले चरण का ही अनुभव करते हैं। वहीं सात में से एक मरीज़ को पूरे तीन सप्ताह के लक्षणों से गुजरना पड़ता है।
 
कोरोना वायरस यानी COVID-19 से संक्रमित होने पर सबसे पहले मरीज़ को पहले दिन तेज़ बुख़ार आता है। तेज़ बुख़ार आने के साथ ही मरीज़ को थकान महसूस होने लगती है और मांसपेशियों में दर्द होने लगता है। इन सभी लक्षणों के साथ मरीज़ को सूखी खांसी होने लगती है, जो कि कोरोना वायरस संक्रमण का सबसे बड़ा लक्षण है। रिसर्च के मुताबिक़, कोरोना वायरस के कुछ मरीज़ों को एक या दो दिनों में उल्टी या फिर डायरिया की शिकायत भी होती है। इतना ही नहीं, कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति दूसरे ही दिन से बहुत ज़्यादा ख़ुद को थका हुआ महसूस करने लगता है।

कोरोना वायरस संक्रमण का सात दिनों का पहला चरण ख़त्म होने तक क़रीब 85 प्रतिशत मरीज़ों में यह लक्षण कम होने लगते हैं। लेकिन इस दौरान कोरोना वायरस संक्रमित मरीज़ को अकेले रहना चाहिए, और किसी के भी सम्पर्क में नहीं आना चाहिए। इन सात दिनों के दौरान पूरी कोशिश करें कि आप आइसोलेशन में रहें, जिससे आपके द्वारा संक्रमण किसी दूसरे तक ना पहुंच सके।
 
लेकिन यदि मरीज़ को सातवें दिन के बाद भी सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, तो मरीज़ कोरोना वायरस संक्रमण के दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका है। कोरोना वायरस के इस दूसरे चरण में कुछ मरीज़ों को अस्पताल में भर्ती होने की ज़रूरत महसूस हो सकती है। जानकारी के लिए बता दें कि यदि मरीज़ की उम्र ज़्यादा है, उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है या फिर वो कैंसर या डायबिटीज का मरीज़ है तो ऐसे मरीज़ों पर कोरोना वायरस संक्रमण सबसे तेज़ी से वार करता है।

सामान्य तौर पर कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज़ यदि दूसरे चरण में पहुंच जाता है, और मरीज़ की उम्र ज़्यादा है, उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है या फिर वो कैंसर या डायबिटीज का मरीज़ है, तो ऐसे में संक्रमित होने के 17वें दिन के आसपास मरीज़ की मौत तक हो सकती है। लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण के इस चरण में पुहंचकर मरने वाले लोगों की संख्या अभी सिर्फ़ एक से दो प्रतिशत ही है।
 
वैसे यह ज़रूरी नहीं है कि कोरोना वायरस के दूसरे चरण में पहुंचे व्यक्ति की मौत हो ही जाएगी। रिसर्च के मुताबिक़, 20 दिन से ज़्यादा समय तक कोरोना वायरस से संक्रमित रहे कई मरीज़ ठीक हो चुके हैं। ऐसे में हमारी आपको सलाह है कि कोरोना वायरस संक्रमण से किसी भी तरह से घबराने की ज़रूरत नहीं है। कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए ख़ुद को भीड़ वाली जगहों से दूर रखें। हो सके तो ऑफिस का काम घर से ही करें। बार-बार हाथ धोते रहिए। साथ ही आयुर्वेद और योग का सहारा लेकर अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने की कोशिश कीजिए। ध्यान रखिए कि कोरोना वायरस संक्रमण ठीक हो सकता है, बस इसके लिए आपको बेहद सावधानी बरतने की ज़रूरत है।