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जानिए क्यों इटली में कोरोना वायरस से हो रही हैं इतनी मौतें?

Friday - March 20, 2020 1:31 pm , Category : WTN HINDI
इटली में कोरोना वायरस से अभी तक 3,405 लोगों की मौत
इटली में कोरोना वायरस से अभी तक 3,405 लोगों की मौत

इटली की बुज़ुर्ग आबादी है कोरोना वायरस संक्रमण के लिए ‘सॉफ्ट टारगेट’!

MARCH 20 (WTN) – दस हज़ार से ज़्यादा मौतें। जीहां, कोरोना वायरस के कारण पूरी दुनिया में दस हज़ार से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है। चीन के वुहान शहर से फैला कोरोना वायरस संक्रमण 170 से ज़्यादा देशों में फैल चुका है। इस लेख को लिखे जाने तक कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पूरी दुनिया में 10,049 लोगों की जान जा चुकी है। कुछ समय पहले तक कोरोना वायरस के कारण मरने वालों की संख्या चीन में सबसे ज़्यादा थी। लेकिन अब इटली में कोरोना वायरस के कारण मरने वाले लोगों की संख्या सबसे ज़्यादा हो गई है। अभी तक की जानकारी के मुताबिक़, कोरोना वायरस के कारण इटली में 3,405 लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले कुछ दिनों में ही इटली में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में 14.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं बता दें कि कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद इटली में बाक़ी देशों की तुलना में मृत्यु दर 12 प्रतिशत ज़्यादा है।

यूरोप के विकसित देश इटली में सैकड़ों की संख्या में लोगों के कोरोना वायरस से मरने के कारण पूरी दुनिया स्तब्ध है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इटली की स्वास्थ्य सेवाएं विश्व की सबसे अच्छी स्वास्थ्य सेवाओं में से एक मानी जाती हैं, लेकिन इसके बाद भी इटली में कोरोना वायरस के कारण मरने वालों की संख्या चीन से ज़्यादा हो गई है। कोरोना वायरस के कारण पूरी इटली में लॉकडाउन की स्थिति है। जानकारी के लिए बता दें कि इटली में कोरोना वायरस 21 फरवरी से फैलना शुरू हुआ था, जिसके बाद कोरोना वायरस ने इटली में विकराल रूप धारण कर लिया। 19 मार्च के दिन इटली में कोरोना वायरस के कारण 475 लोगों की मौत हुई है, जो कि किसी भी देश में कोरोना वायरस के कारण एक दिन में हुई सबसे ज़्यादा मौते हैं।

आइये आपको बताते हैं कि आख़िर क्या कारण है कि इटली में इतनी तेज़ी से कोरोना वायरस संक्रमण फैल रहा है? जैसा कि आप जानते हैं कि कोरोना वायरस का ख़तरा बुज़ुर्ग लोगों को सबसे ज़्यादा रहता है। साथ ही कोरोना वायरस के कारण वो लोग भी संक्रमित हो रहे हैं जो कि पहले से ही बीमारी हैं, या फिर जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर है। इसी कड़ी में आपको बता दें कि इटली की जनसंख्या में बुज़ुर्ग लोगों की जनसंख्या का प्रतिशत दुनिया में दूसरे नम्बर पर है। आंकड़े बताते हैं कि इटली की 23 प्रतिशत जनसंख्या 65 साल या उससे ज़्यादा आयु के लोगों की है।  

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने जब इटली में कोरोना वायरस के कारण हो रही मौतों पर शोध किया, तो उनके मुताबिक़ इटली में बुज़ुर्ग लोगों की संख्या काफ़ी ज़्यादा है, ऐसे में इटली में बुज़ुर्ग लोग कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। इतना ही नहीं, इटली में युवा वर्ग अपने बुज़ुर्गों के साथ काफ़ी सम्पर्क में रहते हैं। ऐसे में युवाओं के द्वारा बुज़ुर्ग लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो रहे हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक़, अन्य किसी देश की तुलना में इटली की युवा पीढ़ी अपने बुज़ुर्गों के ज़्यादा ही क़रीब है। दरअसल, इटली में ज़्यादातर युवा अपने माता-पिता और दादा-दादी के साथ एक ही घर में रहते हैं, और इटली के ग्रामीण इलाक़ों में तो ऐसा बहुतायत में होता है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि इटली के शहरों में गांवों से युवा रोज़गार के लिए आते जाते हैं। ऐसे में कोरोना वायरस संक्रमण तेज़ी से युवाओं के द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान पर फैलता चला गया। अब जबकि यह युवा घर में अपने बुज़ुर्ग परिजनों के सम्पर्क में आए, तो इटली में तेज़ी से कोरोना वायरस संक्रमण से बुज़ुर्ग लोग संक्रमित होते चले गये। अब जबकि बुज़ुर्गों को कोई ना कोई बीमारी होती ही है और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमज़ोर होती है, ऐसे में कोरोना वायरस के कारण संक्रमित बुज़ुर्गों की इटली में तेज़ी से मौत होने लगी।
 
अब चूंकि इटली में युवाओं में कोरोना वायरस के संक्रमण दिखाई नहीं दिए, ऐसे में युवा अपने घर के बुज़ुर्गों के सम्पर्क में आते चले गये और वहां पर यह संक्रमण बुज़ुर्गों में होता चला गया। जैसा कि आप जानते ही हैं कि कोरोना वायरस के कारण बुज़ुर्गों के संक्रमित होने का ख़तरा सबसे ज़्यादा है, ऐसे में इटली में धीरे-धीरे बुज़ुर्ग कोरोना वायरस से संक्रमित होते चले गये। अब जबकि इटली में कोरोना वायरस के कारण मौतों की संख्या बढ़ती ही जा रही है, ऐसे में इटली में बुज़ुर्गों को आइसोलेट किया जा रहा है। साथ ही पूरी कोशिश की जा रही है कि बुज़ुर्गों के साथ दूरी बनाई जाए, जिससे बुज़ुर्गों को कोरोना वायरस से संक्रमित होने से बचाया जा सके।

एक अन्य रिसर्च के मुताबिक़, इटली में कोरोना वायरस संक्रमण से कुल मरने वालों के 18 प्रतिशत लोगों का मेडिकल रिकॉर्ड देखा गया तो पता चला कि मरने वालों में सिर्फ़ 0.8 प्रतिशत लोग ही ऐसे थे जिन्हें पहले से कोई बीमारी नहीं थी। वहीं कोरोना वायरस संक्रमण से मारे गये आधे से ज़्यादा लोगों को तीन या उससे ज़्यादा बीमारियां थीं, वहीं मरने वाले लोगों में क़रीब 25 प्रतिशत लोग ऐसे थे जो कि एक या दो बीमारियों से ग्रसित थे। तो ऐसे में जबकि कोरोना वायरस संक्रमण से बुज़ुर्ग सबसे ज़्यादा संक्रमित हो रहे हैं। हमारी आपको सलाह है कि अपने घर के बुज़ुर्गों को बाहर ना निकलने दें। साथ ही आप ख़ुद को सुरक्षित और संयमित रखें, जिससे आप कोरोना वायरस से संक्रमित ना हो पाएं और आपके द्वारा यह संक्रमण बुज़ुर्गों तक ना पहुंच पाए।