जानिए शरीर को ‘कैसे-कैसे’ दर्द देता है कोरोना वायरस?
Saturday - March 21, 2020 11:16 am ,
Category : WTN HINDI
कोरोना वायरस से अभी तक 11,405 लोगों की मौत
सिर्फ़ सर्दी, खांसी ही नहीं बल्कि कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर झेलना पड़ती हैं कई अन्य परेशानियां
MARCH 21 (WTN) – चीन के वुहान शहर से फैला कोरोना वायरस संक्रमण पूरी दुनिया के लिए इस समय सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। कोरोना वायरस का संक्रमण दुनिया के 170 से ज़्यादा देशों में फैल चुका है। इस लेख को लिखे जाने तक पूरी दुनिया में कोरोना वायरस से 11,405 लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना वायरस के कारण यूरोप के देश इटली में अभी तक सबसे ज़्यादा 4,032 लोगों की मौत हो चुकी है। जहां तक भारत की बात है, तो भारत में भी धीरे-धीरे कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। इस लेख को लिखे जाने तक भारत में कोरोना वायरस से 5 लोगों की मौत हो चुकी है, और 258 लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं।
जहां तक पूरी दुनिया की बात है, तो पूरी दुनिया में अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण के 2,76,170 केस सामने आ चुके हैं। ऐसा नहीं है कि जिन्हें कोरोना वायरस संक्रमण हुआ है उन सभी की मौत हो गई है। जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस से संक्रमित हज़ारों लोग ठीक भी हो चुके हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि सर्दी, खांसी, शरीर में दर्द और तेज़ बुख़ार कोरोना वायरस के सामान्य लक्षण हैं। लेकिन जो लोग कोरोना वायरस संक्रमण से ठीक हो चुके हैं, उनके मुताबिक़ कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद उन्हें कई तरह की शारीरिक परेशानियों को झेलना पड़ा है।
कोरोना वायरस संक्रमण से ठीक हो चुके ऐसे ही कुछ लोगों के अनुभव के बारे में हम आपको बताते हैं। कोरोना वायरस संक्रमण से ठीक हो चुके वुहान शहर के एक युवक के मुताबिक़, कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद साइनस की तरह तेज़ दर्द होता है। यह तेज़ दर्द नाक के ऊपर और सिर में हर समय होता रहता है। युवक के मुताबिक़, जब वो कोरोना वायरस से संक्रमित था तो उसे कान में हमेशा दबाव जैसा कुछ महसूस होता था। हालांकि, कोरोना वायरस से संक्रमित रहे चुके इस युवक ने लोगों को कान में होने वाली चुभन से मुक्ति पाने के लिए ईयरबड का इस्तेमाल ना करने की सलाह दी है। वुहान शहर के इस युवक के मुताबिक़, कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर आंखों में तेज़ जलन होती है और ऐसा महसूस होता है कि जैसे कि आप धुएं के बीच में खड़े हैं।
कोरोना वायरस संक्रमण से ठीक हो चुके एक अन्य व्यक्ति के मुताबिक़, उसके सिर में भी तेज़ दर्द होता था, लेकिन यह दर्द सामान्य सर्दी-जुकाम में होने वाले सिर दर्द से तेज़ था। युवके के अनुसार, कोरोना वायरस संक्रमण का टेस्ट पॉजिटिव आने पर तुरन्त ही डॉक्टर के सलाह से आइसोलेटड होना सबसे बेहतर विकल्प है। वहीं इटली के एक युवक के अनुसार, कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर उसके गले में दर्द होता था और थूक में बार-बार बलगम आता था। युवक के मुताबिक़, कोरोना वायरस से संक्रमित होने के दौरान उसका गला काफ़ी सूज गया था।
वहीं कोरोना वायरस से पीड़ित एक महिला के मुताबिक़, कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद उसे जुकाम और बुख़ार के अलावा कई तरह की अन्य शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ा। महिला के अनुसार, कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद उसके घुटने, कलाई, कंधा और कोहनी का हिस्सा हमेशा दुखता रहता था। इतना ही नहीं, कभी-कभी तो सिर में तेज़ दर्द भी होता था।
कोरोना वायरस से संक्रमित रहे थाइलैण्ड के एक युवक के मुताबिक़, कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद उसके फेफड़ों से हमेशा पेपर बैग बजने जैसी आवाज़ें आती रहती थीं। बता दें कि इस तरह की समस्या आमतौर पर निमोनिया होने पर महसूस की जाती हैं। दरअसल, ऐसा तब होता है जब इंसान के फेफड़ों में हवा भरने वाली जगह पर बलगम जम जाता है। युवक के मुताबिक़, संक्रमित होने के बाद उसे काफ़ी थकावट महसूस होती थी और कुछ भी खाने का मन नहीं करता था।
MARCH 21 (WTN) – चीन के वुहान शहर से फैला कोरोना वायरस संक्रमण पूरी दुनिया के लिए इस समय सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। कोरोना वायरस का संक्रमण दुनिया के 170 से ज़्यादा देशों में फैल चुका है। इस लेख को लिखे जाने तक पूरी दुनिया में कोरोना वायरस से 11,405 लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना वायरस के कारण यूरोप के देश इटली में अभी तक सबसे ज़्यादा 4,032 लोगों की मौत हो चुकी है। जहां तक भारत की बात है, तो भारत में भी धीरे-धीरे कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। इस लेख को लिखे जाने तक भारत में कोरोना वायरस से 5 लोगों की मौत हो चुकी है, और 258 लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं।
जहां तक पूरी दुनिया की बात है, तो पूरी दुनिया में अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण के 2,76,170 केस सामने आ चुके हैं। ऐसा नहीं है कि जिन्हें कोरोना वायरस संक्रमण हुआ है उन सभी की मौत हो गई है। जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस से संक्रमित हज़ारों लोग ठीक भी हो चुके हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि सर्दी, खांसी, शरीर में दर्द और तेज़ बुख़ार कोरोना वायरस के सामान्य लक्षण हैं। लेकिन जो लोग कोरोना वायरस संक्रमण से ठीक हो चुके हैं, उनके मुताबिक़ कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद उन्हें कई तरह की शारीरिक परेशानियों को झेलना पड़ा है।
कोरोना वायरस संक्रमण से ठीक हो चुके ऐसे ही कुछ लोगों के अनुभव के बारे में हम आपको बताते हैं। कोरोना वायरस संक्रमण से ठीक हो चुके वुहान शहर के एक युवक के मुताबिक़, कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद साइनस की तरह तेज़ दर्द होता है। यह तेज़ दर्द नाक के ऊपर और सिर में हर समय होता रहता है। युवक के मुताबिक़, जब वो कोरोना वायरस से संक्रमित था तो उसे कान में हमेशा दबाव जैसा कुछ महसूस होता था। हालांकि, कोरोना वायरस से संक्रमित रहे चुके इस युवक ने लोगों को कान में होने वाली चुभन से मुक्ति पाने के लिए ईयरबड का इस्तेमाल ना करने की सलाह दी है। वुहान शहर के इस युवक के मुताबिक़, कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर आंखों में तेज़ जलन होती है और ऐसा महसूस होता है कि जैसे कि आप धुएं के बीच में खड़े हैं।
कोरोना वायरस संक्रमण से ठीक हो चुके एक अन्य व्यक्ति के मुताबिक़, उसके सिर में भी तेज़ दर्द होता था, लेकिन यह दर्द सामान्य सर्दी-जुकाम में होने वाले सिर दर्द से तेज़ था। युवके के अनुसार, कोरोना वायरस संक्रमण का टेस्ट पॉजिटिव आने पर तुरन्त ही डॉक्टर के सलाह से आइसोलेटड होना सबसे बेहतर विकल्प है। वहीं इटली के एक युवक के अनुसार, कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर उसके गले में दर्द होता था और थूक में बार-बार बलगम आता था। युवक के मुताबिक़, कोरोना वायरस से संक्रमित होने के दौरान उसका गला काफ़ी सूज गया था।
वहीं कोरोना वायरस से पीड़ित एक महिला के मुताबिक़, कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद उसे जुकाम और बुख़ार के अलावा कई तरह की अन्य शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ा। महिला के अनुसार, कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद उसके घुटने, कलाई, कंधा और कोहनी का हिस्सा हमेशा दुखता रहता था। इतना ही नहीं, कभी-कभी तो सिर में तेज़ दर्द भी होता था।
कोरोना वायरस से संक्रमित रहे थाइलैण्ड के एक युवक के मुताबिक़, कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद उसके फेफड़ों से हमेशा पेपर बैग बजने जैसी आवाज़ें आती रहती थीं। बता दें कि इस तरह की समस्या आमतौर पर निमोनिया होने पर महसूस की जाती हैं। दरअसल, ऐसा तब होता है जब इंसान के फेफड़ों में हवा भरने वाली जगह पर बलगम जम जाता है। युवक के मुताबिक़, संक्रमित होने के बाद उसे काफ़ी थकावट महसूस होती थी और कुछ भी खाने का मन नहीं करता था।